बांग्लादेश में रोहिंग्याओं का एक कैंप
बांग्लादेश में रोहिंग्याओं का एक कैंप

ढाका/एपी। बांग्लादेश के दूरसंचार नियामक निकाय ने ऑपरेटरों से देश के दक्षिण-पूर्व में बेतरतीबी से फैले हुए शिविरों में सुरक्षा खतरे और फोन के गैर-कानूनी इस्तेमाल का हवाला देते हुए मोबाइल सेवाएं बंद करने को कहा है। इन शिविरों में म्यांमार से भागे हुए हजारों रोहिंग्या शरणार्थी रह रहे हैं।

बांग्लादेश दूरसंचार नियामक आयोग के प्रवक्ता जाकिर हुसैन खान ने कहा कि उन्होंने ऑपरेटरों से सात दिन के भीतर आदेश पर जवाब देने के लिए कहा है। उन्होंने फोन पर कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा की वजहों से यह फैसला लिया गया है।

उन्होंने कहा, हम यह देखकर हैरान रह गए कि रोहिंग्या शरणार्थी गैर-कानूनी तरीके से मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं और हमें स्थिति स्पष्ट नहीं है।

यह पूछे जाने पर कि देश किस तरह के सुरक्षा खतरे का सामना कर रहा है, इस पर खान ने कहा कि शिविरों में हाल के एक सर्वेक्षण से पता चला कि वहां सेलफोन गैर-कानूनी तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि ऐसी रिपोर्टें हैं कि वहां ऐसे लोग मौजूद हैं जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हालांकि उन्होंने विस्तृत जानकारी नहीं दी।

हाल के महीनों में कुछ शरणार्थियों के म्यामां से अवैध मादक पदार्थ की तस्करी में शामिल होने की चिंताओं के बीच 40 से अधिक रोहिंग्याओं की मौत हो गई है।

पिछले महीने सत्तारूढ़ पार्टी के एक सदस्य की इस इलाके में हत्या कर दी गई और पुलिस ने इस हत्या के लिए रोहिंग्या को जिम्मेदार ठहराया।