राष्ट्रीय टीम के साथ जाने से इनकार करने के लिए बर्खास्तगी की बात अस्वीकार्य: महेश भूपति

नई दिल्ली/भाषा। महेश भूपति का कहना है कि डेविस कप टीम की कप्तानी से हटाये जाने से उन्हें कोई परेशानी नहीं है लेकिन राष्ट्रीय टीम के प्रति कर्तव्य का पालन नहीं करने का टेनिस महासंघ का आरोप उन्हें अस्वीकार्य है। भारतीय टेनिस इतिहास के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक भूपति ने कहा कि पाकिस्तान में खेलने के लिए वह कभी उपलब्ध नहीं थे। अब यह मैच इस्लामाबाद की जगह तटस्थ स्थान पर आयोजित कराया जायेगा।
एआईटीए ने भूपति की जगह पूर्व डेविस कप खिलाड़ी रोहित राजपाल को कप्तान बनाया है। भूपति ने प्रेस ट्रस्ट को दिये इंटरव्यू में कहा, मैं 12 ग्रैंड स्लैम जीतने और देश के लिए 25 साल तक खेलने के बाद किसी को यह कहने की इजाजत नहीं दूंगा कि मुझे इसलिए हटाया गया कि मैंने राष्ट्रीय टीम के प्रति अपना फर्ज नहीं निभाया। उन्होंने कहा, मुझे हटाये जाने से कोई दिक्कत नहीं है। वे कह सकते थे कि अब नया कप्तान होना चाहिये। लेकिन कोई यह नहीं कह सकता कि मैंने देश के प्रति फर्ज निभाने से इनकार किया। मेरा मानना था कि पाकिस्तान जाना सुरक्षित नहीं है और आईटीएफ ने भी यह माना। अगर इसकी सजा मुझे और खिलाड़ियों को दी जा रही है तो यह नहीं चलेगा। भूपति का बतौर कप्तान कार्यकाल अप्रैल 2017 में शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि एआईटीए ने उन्हें यह बताना भी जरूरी नहीं समझा कि उन्हें कप्तानी से हटाया जा रहा है। उन्होंने कहा, मुझे एआईटीए से यह सूचना तो मिलनी चाहिये थी कि अब मैं कप्तान नहीं हूं। मुझे सिर्फ इतना बताया गया कि रोहित को इस्लामाबाद जाने में कोई परेशानी नहीं है। यह तटस्थ स्थान पर मुकाबला खेले जाने के फैसले के घंटों पहले हुआ।