कांग्रेस विधायक दल के तेलंगाना राष्ट्र समिति में विलय के विरोध में कांग्रेस के कई नेताओं ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में धरना दिया था।
कांग्रेस विधायक दल के तेलंगाना राष्ट्र समिति में विलय के विरोध में कांग्रेस के कई नेताओं ने गुरुवार को विधानसभा परिसर में धरना दिया था।

हैदराबाद/भाषा। तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) ने कांग्रेस के 12 विधायकों के तेलंगाना में सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल हो जाने के कदम को शुक्रवार को यह कहते हुए सही ठहराया कि उन्होंने अपने राजनीतिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए ऐसा किया है। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी की अगुवाई वाली पार्टी को अपने खेमे को साथ नहीं रख पाने के लिए जिम्मेदार ठहराया है।

विधानसभा के अध्यक्ष पोचाराम श्रीनिवास रेड्डी ने 12 कांग्रेस विधायकों को सत्तारूढ़ पार्टी के सदस्य के तौर पर बृहस्पतिवार को मान्यता दी। कांग्रेस को जबर्दस्त झटका देते हुए इन विधायकों ने खुद को टीआरएस में शामिल कि‍ए जाने का अनुरोध किया था।

टीआरएस के प्रवक्ता आबिद रसूल खान ने दावा किया था कि 12 विधायकों ने मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की अगुवाई वाली पार्टी का हिस्सा बनना तय किया है। साथ ही कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी की सरकार के विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं और मतदाताओं के प्रति सकारात्मकता देख उन्होंने यह निर्णय किया।

खान ने कहा, तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष एन उत्तम कुमार रेड्डी की तरफ से धन-बल के प्रयोग, जबर्दस्ती करने या ब्लैकमेल करने के आरोप (इन विधायकों को अपने खेमे में करने के लिए).. महज कांग्रेस पार्टी की कमजोरी को दिखाते हैं जो अपने खुद के विधायकों को रोक कर नहीं रख पाई

उन्होंने कहा, ये विधायक स्कूली छात्र नहीं हैं। उन्होंने मीडिया से कहा है कि उन्होंने यह फैसला कार्यक्रमों…कल्याण, सुशासन और टीआरएस के प्रति सकारात्मकता की वजह से लिया है। खान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस न सिर्फ राज्य में बल्कि पूरे देश में नेतृत्वहीन एवं दिशाहीन हो गई है और बिखर रही है।

LEAVE A REPLY

sixteen − 8 =