तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी

चेन्नई/भाषा। तमिलनाडु सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई कदमों की घोषणा की है। इसमें विदेश से लौटे लोगों के घरों पर पृथक् रहने के बारे में स्टिकर चिपकाने तथा सरकारी अस्पतालों में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों के लिए अलग से 9,000 से अधिक बिस्तर और 560 वेंटिलेटरों की व्यवस्था जैसे कदम शामिल हैं।

वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने राज्य विधानसभा से कहा कि वायरस रोधी पहल के लिए राज्य आपदा राहत कोष से 500 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। यह शुरुआती रकम से 60 करोड़ रुपए अधिक है।

दूसरे देशों से वापस आए लोग घर में ही पृथक् रहें, इस बात को सुनिश्चित करने के प्रयास के तहत उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह ऐसे लोगों के घरों के दरवाजों पर ‘पृथक् रहने के बारे में सूचना’ चिपकाएं। उन्होंने कहा कि घर में पृथक् रह रहे लोगों के बारे में सूचना पुलिस, स्थानीय निकायों और क्षेत्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ साझा की जानी चाहिए ताकि लोग ऐसे लोगों के संपर्क में नहीं आएं।

फिलहाल दूसरे देशों से लौट रहे लोग जिनमें कोरोना वायरस के संक्रमण के कोई लक्षण नहीं हैं, उनसे एहतियात के तौर पर 14 दिन के लिये घर में पृथक रहने को कहा गया है। विदेश से लौटे लोगों और उनके संपर्क में आए लोगों की कड़ी निगरानी की वकालत करते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि सार्वजनिक भलाई को ध्यान में रखते हुए उनके स्व-एकांतवास के संबंध में निगरानी की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सोमवार को उनके द्वारा की गई समीक्षा बैठक में ये निर्देश जारी किए। राज्य में कोरोना वायरस से नौ लोग संक्रमित हैं, जहां मंगलवार को शाम छह बजे से बंदी लागू होगी। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में 92,406 अंत: रोगी बिस्तरों में से 9,266 को पृथक् बिस्तरों में तब्दील किया गया है और यह संख्या आवश्यकता के आधार पर बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सघन निगरानी कक्ष सुविधा के लिए सरकारी अस्पतालों के लिए 560 वेंटिलेटरों की व्यवस्था की गई है।