बेंगलूरु/दक्षिण भारत
कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष दिनेश गुंडूराव ने मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा द्वारा अपने मंत्रिमंडल में तीन उप-मुख्यमंत्रियों को शामिल करने की मंगलवार को आलोचना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने अपने राजनीतिक हित साधने के लिए तीन उपमुख्यमंत्री बनाए हैं। यह राज्य की जनता के हित साधने के लिए नहीं किया गया है। उन्होंने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कर्नाटक में भाजपा के राजनीतिक हितों का ध्यान रखते हुए उप मुख्यमंत्रियों के पद सृजित किए गए हैं न कि लोगों के हितों का ख्याल रखा गया है। राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की परेशानियां दूर करने में यह सरकार पूरी तरह से विफल रही है, इसकी निंदा करते हुए कि राव ने कहा, राज्य सरकार बाढ़ राहत कार्यों को पूरा करने के लिए केंद्रीय सहायता प्राप्त करने में पूरी तरह से विफल रही है। केंद्रीय गृह मंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा किया लेकिन प्रधानमंत्री ने राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगों की दुर्दशा पर कोई शब्द नहीं कहा।
वहीं, बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए विपक्षी कांग्रेस पार्टी को विश्वास में नहीं लेने के लिए राज्य सरकार से नाराजगी जताते हुए राव ने कहा, राज्य सरकार की ओर से इस तरह की प्राकृतिक आपदा के परिदृश्य में विपक्षी दलों की अनदेखी करना गैर-जरूरी था। उन्होंने कहा कि केपीसीसी ने बाढ़ से हुए नुकसान का अध्ययन करने के लिए पूर्व मंत्रियों की अध्यक्षता में चार दलों का गठन किया और उनसे रिपोर्ट प्राप्त की। उन्होंने कहा, हमारी योजना कर्नाटक के राज्यपाल वजूभाई वाला के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपने की है। उन्होंने केंद्र सरकार से हाल ही में आई बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विस्थापित लोगों के पुनर्वास के लिए पर्याप्त धनराशि जारी करने की अपील की है।
बाढ़ की स्थिति से निपटने में राज्य सरकार की विफलता के खिलाफ केपीसीसी ने एक दिन के धरने का भी फैसला किया है। इसमें गुरुवार को पार्टी के वरिष्ठ नेता भाग लेंगे। केपीसीसी अध्यक्ष कहा, अगर राज्य सरकार ने इस स्थिति पर आंख मूंदे रहती है तो केपीसीसी यह मुद्दा नई दिल्ली तक ले जाने और केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए जंतर मंतर के पास धरना देने से नहीं हिचकेगी।
दिनेश गुंडूराव ने कर्नाटक में मंत्रियों को पोर्टफोलियो आवंटन को लेकर हंगामे का जिक्र करते हुए कहा, भाजपा की सरकार हमारी उम्मीदों से जल्दी ही गिर जाएगी। मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान केंद्रीय भाजपा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर, पूर्व उपमुख्यमंत्री आर अशोक और केएस ईश्वरप्पा सहित कई वरिष्ठ नेताओं को उचित विभाग नहीं सौंपे। यदि उनमें कोई आत्मसम्मान होता तो उन्हें यह अपमान स्वीकार नहीं करना चाहिए था और कैबिनेट में बने रहना चाहिए था।