बेंगलूरु/दक्षिण भारत
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येडियुरप्पा ने अपने मंत्रिमंडल में शामिल मंत्रियों के विभागों के बंटवारे को लेकर किसी भी तरह का कोई अंसतोष होने से साफ तौर पर इंकार करते हुए कहा है कि उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता प्रदेश की जनता को सुशासन प्रदान करना है। इसलिए उनका पूरा ध्यान इस पर ही केन्द्रित है। मंगलवार को यहॉं संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि मैंने जिस दिन मुख्यमंत्री पद की शपथ ली उस दिन से ही बिना समय गंवाये राज्य के अधिकांश बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया है। राज्य के लोगों की आकांक्षाओं, अपेक्षाओं और उनकी जरूरतों को पूरा करने को भाजपा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि सरकार में शामिल सभी लोगों को राज्य के विकास के लिए काम करने में अपना हाथ बंटाना है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि राज्य के बाढ़ प्रभावित लोगोें की मदद और उनके पुनर्वास के लिए केन्द्र सरकार शीघ्र ही पर्याप्त धनराशि जारी करेगी। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए आगे आये उद्योगपतियों, राज्य सरकार के कर्मचारियों, मठ प्रमुखों तथा अन्य लोगों का आभार व्यक्त किया। इससे पूर्व, दिन में मुख्यमंत्री येडियुरप्पा ने शहर में स्थित जेएसएस एज्यूकेशनल इंस्टीट्यूशंस के परिसर में ईशा फाउण्डेशन के प्रमुख जग्गी वासुदेव तथा सुत्तूर मठ के श्री देशिकेन्द्र स्वामी जी से मुलाकात की, जहॉं संतों के द्वारा मुख्यमंत्री प्राकृतिक आपदा राहत कोष के लिए एक करोड़ रुपये की धनराशि दान की गई। इस अवसर पर ईशा फाउण्डेशन के प्रमुख जग्गी वासुदेव ने मुख्यमंत्री राहत कोष में पचास लाख रुपये की धनराशि दान की।