बचाव कार्य में जुटे राहतकर्मी। फोटो: एएनआई।
बचाव कार्य में जुटे राहतकर्मी। फोटो: एएनआई।

बेंगलूरु/भाषा। कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव एवं राहत अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। वहीं बारिश के थोड़ा रुकने से प्रभावित इलाकों में पानी का स्तर कम हुआ है।

अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि स्थिति के बेहतर होने के साथ ही लापता लोगों की तलाश और फंसे लोगों को निकालने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ने और वहां से पानी छोड़े जाने के कारण बांधों के आसपास के क्षेत्रों में सावधानी बरती जा रही है। बाढ़ या भूस्खलन के कारण बाधित हुए मार्गों को साफ करने का काम भी शुरू कर दिया गया है।

कर्नाटक में 17 जिलों के 80 तालुक बारिश और बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य सरकार ने रविवार शाम मृतक आंकड़ा 40 और लापता लोगों की संख्या 14 बताई थी।

रविवार शाम से कुल 5,81,702 फंसे लोगों को निकाला गया है। वहीं 1,168 राहत शिविरों में 3,27,354 लोगों ने पनाह ली है। 50,000 से अधिक जानवरों को भी बचाया गया है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस येडियुरप्पा सोमवार को दक्षिण कन्नड़ तथा मैसूरू जिले के प्रभावित इलाकों का दौरा करके राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लेंगे। वह अधिकारियों के साथ बैठक भी करेंगे।

येडियुरप्पा ने रविवार को कहा था कि प्राथमिक आकलन के अनुसार राज्य को बाढ़ से करीब 10,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है और राज्य सरकार ने केन्द्र से तुरंत 3,000 करोड़ रुपए की सहायता राशि देने की मांग की है।

गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी उत्तर कर्नाटक के बाढ़ प्रभावित इलाकों का क्रमश: रविवार और शनिवार को हवाई निरीक्षण किया था।

दमकल एवं आपात सेवाएं, राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और सेना राज्य में बचाव एवं राहत अभियान में जुटी है। भारतीय वायुसेना के चार हेलीकॉप्टरों और नौसेना के एक हेलीकॉप्टर की भी सहायता ली जा रही है।