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                <title>Dakshin Bharat Rashtramat</title>
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                <description>RSS Feed of Dakshin Bharat Rashtramat</description>
                
                            <item>
                <title>ईरान ने शांति वार्ता को लेकर अमेरिका को नया प्रस्ताव भेजा</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @IRIMFA_SPOX X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76450/iran-sent-a-new-proposal-to-america-regarding-peace-talks"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-09/iran2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लाहौर/दक्षिण भारत।</strong> ईरान ने शांति वार्ता पर बने गतिरोध को तोड़ने के प्रयास में वॉशिंगटन को एक 'बहु-स्तरीय प्रस्ताव' भेजा है। इस घटनाक्रम से परिचित एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार को यह बात कही।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए ईरान की ओर से दिए गए नए प्रस्ताव से वे अब भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया है कि वॉशिंगटन ऐसे किसी भी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करेगा, जिसमें तेहरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकने की पुख्ता गारंटी शामिल न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान युद्ध, जो 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों से शुरू हुआ था, 8 अप्रैल से रुका हुआ है और तब से इस्लामाबाद में शांति वार्ता का एक दौर हो चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बातचीत में एक बड़ी अड़चन बना हुआ है, जहां ईरान युद्धविराम के हिस्से के तौर पर तेल की वैश्विक ढुलाई के इस अहम रास्ते को फिर से खोलने का प्रस्ताव दे रहा है, वहीं अमेरिका इस बात पर ज़ोर दे रहा है कि किसी भी समझौते में तेहरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा ज़रूर शामिल होना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि ईरान का नया प्रस्ताव तनाव कम करने का एक चरणबद्ध ढांचा है, जिसका मकसद तत्काल संघर्ष प्रबंधन को तेहरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रहे ज़्यादा जटिल और लंबे समय से चले आ रहे विवाद से अलग करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'योजना का पहला हिस्सा तनाव कम करने के लिए तत्काल उपायों पर केंद्रित है। ईरान ने रणनीतिक होर्मुज़ जलडमरूमध्य और उसके आसपास तनाव कम करने की इच्छा जताई है, बशर्ते वॉशिंगटन भी अपनी सैन्य मौजूदगी कम करके और आर्थिक दबाव, जिसमें ईरानी तेल निर्यात पर लगी पाबंदियां भी शामिल हैं, में ढील देकर इसका जवाब दे।'</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी का मानना ​​है कि तेहरान ठोस बातचीत में उतरने से पहले विश्वास-निर्माण के कदमों को अनिवार्य मानता है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'दूसरी बात यह है कि ईरान समुद्री व्यापार और तेल के प्रवाह की बहाली को परमाणु वार्ताओं से अलग करने की कोशिश कर रहा है; उसका तर्क है कि उसकी परमाणु गतिविधियों से जुड़ी किसी भी बाध्यकारी प्रतिबद्धता से पहले आर्थिक सामान्यीकरण होना चाहिए।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 16:09:59 +0530</pubDate>
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                <title>प. बंगाल में इस बार तृणकां या भाजपा? सबको मतगणना का बेसब्री से इंतजार</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AITCofficial FB Page और BJP4India X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76449/this-time-in-west-bengal-whether-trc-or-bjp-everyone"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/tmc-bjp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत।</strong> पश्चिम बंगाल में एक महीने से ज़्यादा समय तक चली ज़ोरदार चुनावी मुहिम के बाद सोमवार को फ़ैसले का दिन है। राज्य बेसब्री से इंतज़ार कर रहा है कि क्या तृणकां सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रख पाएगी या फिर भाजपा कोई ऐतिहासिक कामयाबी हासिल करते हुए पहली बार यहां सत्ता पर काबिज़ होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">जैसे ही सुबह 8 बजे ईवीएम खुलेंगी, सीपीआई(एम) और कांग्रेस दोनों उतनी ही बेसब्री से नतीजों का इंतज़ार करेंगी। साल 2021 के चुनावों में पूरी तरह से सफ़ाया हो जाने और पांच साल तक हाशिए पर रहने के बाद, अब वे राज्य के चुनावी नक्शे में अपनी खोई हुई जगह वापस पाने की उम्मीद कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यभर के 77 केंद्रों पर वोटों की गिनती होगी, जिसके लिए सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं। वहीं, ज़ोरदार राजनीतिक माहौल 294 सीटों वाले सदन की 293 सीटों के नतीजों की घोषणा के लिए मंच तैयार कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना ज़िले के पूरे फलता निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव रद्द कर दिए और इसका कारण बड़ी संख्या में मतदान केंद्रों पर मतदान के दौरान गंभीर चुनावी अपराध और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">उस सीट पर दोबारा मतदान और मतगणना क्रमशः 21 मई और 24 मई को होंगे। राज्य में दो चरणों में हुए चुनाव 29 अप्रैल को समाप्त हो गए, जिसमें आज़ादी के बाद से राज्य में अब तक की सबसे ज़्यादा 92.47 प्रतिशत वोटिंग हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण 24 परगना के 15 बूथों पर शनिवार को पुनर्मतदान संपन्न हो गया, जिसमें लगभग 87 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव खत्म होने के बाद भी राज्य का राजनीतिक माहौल काफी तीखा बना रहा, जिससे नतीजों की घोषणा से पहले लोगों में ज़बरदस्त उत्सुकता है। वहीं दोनों मुख्य दावेदार— तृणकां और भाजपा—अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त होने का दावा कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के चलते, जिसमें ज़मीन पर 2.5 लाख से ज़्यादा केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवान तैनात थे, और साथ ही राज्य पुलिस बल में भी पूरी तरह से फेरबदल किया गया था, चुनावी हिंसा न्यूनतम स्तर पर रही और पिछले कुछ दशकों के राज्य के चुनावी इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि किसी की मौत की कोई खबर नहीं आई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 13:20:45 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>चुनाव आयोग ने तमिलनाडु में मतदान के आंकड़े जारी किए</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: ECI FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76448/election-commission-released-voting-figures-in-tamil-nadu"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-10/eci.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई/दक्षिण भारत। </strong>चुनाव आयोग ने 23 अप्रैल को हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए मतदाताओं की संख्या जारी की है। यह 4.8 करोड़ है।</p>
<p style="text-align:justify;">निर्वाचन आयोग की ओर से शनिवार देर रात जारी एक बयान में कहा गया कि 4,87,98,833 वोट डाले गए। इसमें बताया गया कि इनमें से 2,52,59,596 महिला मतदाता और 2,35,34,720 पुरुष मतदाता थे।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रांसजेंडर मतदाताओं की संख्या 4,517 थी। तदनुसार, कुल मतदाता मतदान 85.10 प्रतिशत रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने कहा कि करूर निर्वाचन क्षेत्र में सबसे ज़्यादा 93.41 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जिसके बाद सेलम ज़िले के वीरपांडी निर्वाचन क्षेत्र का नंबर आया, जहां 93.36 प्रतिशत मतदान हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">कन्याकुमारी ज़िले के किलियूर में सबसे कम 71.26 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को हुए थे और वोटों की गिनती 4 मई को सुबह 8 बजे से होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्यभर में 62 निर्धारित मतगणना केंद्रों पर सभी 75,064 मतदान केंद्रों के वोटों की गिनती, डाक मतपत्रों के साथ की जाएगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>तमिलनाडु</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 10:35:54 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>दिल्ली: रिहायशी इमारत में लगी आग, 9 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76447/fire-breaks-out-in-delhi-residential-building-9-dead"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-10/blast.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> रविवार तड़के पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार स्थित एक रिहायशी इमारत में आग लगने से कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना विवेक विहार फेज़-1 में एक चार-मंज़िला इमारत में सुबह करीब 3:48 बजे रिपोर्ट की गई, जिसके बाद पुलिस, दमकल और आपदा प्रबंधन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, आग ने इमारत की दूसरी, तीसरी और चौथी मंज़िल पर बने फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके बाद बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">आग लगने का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'आग बुझाने के अभियान के दौरान परिसर से लगभग 10 से 15 लोगों को बचाया गया। उनमें से दो, जिन्हें मामूली चोटें आई थीं, को गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया गया।'</p>
<p style="text-align:justify;">आग बुझाने के लिए कुल 12 दमकल गाड़ियों को सेवा में लगाया गया, जबकि दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीमों ने बचाव और लोगों को सुरक्षित निकालने के प्रयासों में सहायता की। </p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि कई घंटों के बाद आग पर काबू पा लिया गया। पुलिस ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के प्रयास जारी हैं। घटना की जांच और कार्यवाही जारी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 03 May 2026 09:24:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगाल में मतगणना: तृणकां को उच्चतम न्यायालय से लगा झटका, क्या बोली भाजपा?</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @BJP4India X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76446/counting-of-votes-in-bengal-tmc-got-a-blow-from"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2022-12/bjp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत।</strong> भाजपा के वरिष्ठ नेता अमित मालवीय ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तैनाती पर चुनाव आयोग के आदेश में दखल देने से उच्चतम न्यायालय का इनकार, चुनावी प्रक्रिया पर शक पैदा करने की कोशिशों के खिलाफ एक 'साफ़ संदेश' है।</p>
<p style="text-align:justify;">उच्चतम न्यायालय ने शनिवार को कहा कि पश्चिम बंगाल में वोटों की गिनती के लिए केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तैनाती से जुड़े चुनाव आयोग के एक सर्कुलर के खिलाफ तृणकां की याचिका को कलकत्ता उच्च न्यायालय द्वारा खारिज किए जाने को चुनौती देने वाली तृणकां की अर्जी पर अब और किसी आदेश की ज़रूरत नहीं है।<br /> <br />भाजपा नेता ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'एक और कानूनी झटके में, उच्चतम न्यायालय ने दखल देने से इन्कार कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को वोटों की गिनती की निगरानी की ड्यूटी से बाहर रखे जाने को चुनौती देते हुए न्यायालय का रुख किया था और तत्काल सुनवाई की मांग की थी।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'इस याचिका को स्वीकार करने से इन्कार एक साफ़ संदेश देता है- गिनती की प्रक्रिया की निष्पक्षता को प्रभावित करने या उस पर संदेह पैदा करने की कोशिशों को आसानी से मान्यता नहीं मिलेगी। एक और दिन, ममता बनर्जी के लिए एक और न्यायिक झटका।'<br /> <br />मालवीय की टिप्पणियों पर तृणकां की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।</p>
<p style="text-align:justify;">जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की एक विशेष पीठ ने कहा कि चुनाव आयोग मतगणना कर्मियों का चयन कर सकता है और उसके 13 अप्रैल के सर्कुलर को गलत नहीं कहा जा सकता।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग ने कहा कि सर्कुलर में यह बात बिल्कुल साफ़ है कि इसमें केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों का मिला-जुला रूप होगा और तृणमूल कांग्रेस की किसी भी गड़बड़ी की आशंका बेबुनियाद है।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोग ने न्यायालय को आश्वासन दिया कि सर्कुलर को पूरी तरह से लागू किया जाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 14:43:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>जम्मू में पुल ढहा: मलबे से 3 शव और एक घायल व्यक्ति को निकाला गया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76445/three-bodies-and-one-injured-person-pulled-out-from-bridge"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-10/doctor.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जम्मू/दक्षिण भारत।</strong> जम्मू के बाहरी इलाके में 12 घंटे तक चले तलाशी अभियान के दौरान बचाव कर्मियों ने आंशिक रूप से ढहे एक पुराने पुल के मलबे से तीन शव और एक घायल व्यक्ति को बाहर निकाला। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">शुक्रवार को बंतलाब के थुथर इलाके में पुल का एक हिस्सा ढहने के कुछ ही देर बाद, एक घायल मज़दूर को बचा लिया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी आधी रात को घटनास्थल पर पहुंचे और दो इंजीनियरों को निलंबित करने का आदेश दिया। सरकार ने इस घटना की जांच के लिए एक समिति भी गठित की है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों के अनुसार, मज़दूर पुल पर रिटेनिंग वॉल और नींव डालने का काम कर रहे थे, जो पिछले साल अचानक आई बाढ़ में क्षतिग्रस्त हो गया था। अचानक उसका एक हिस्सा ढह गया, जिससे चार मज़दूर उसमें फंस गए।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस, सेना, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल और अग्निशमन तथा आपातकालीन विभाग ने तत्काल बचाव अभियान शुरू कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि बचाव दलों ने सबसे पहले एक मज़दूर को बाहर निकाला, जिसकी पहचान तरसेम लाल के रूप में हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि खोज और बचाव अभियान आज सुबह समाप्त हो गया। घटनास्थल से तीन शव बरामद किए गए हैं। दो अन्य लोगों को घायल अवस्था में बचाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि 12 घंटे तक चले तलाशी अभियान के दौरान शव बरामद किए गए। यह अभियान पूरी रात फ्लडलाइट्स की रोशनी में चलता रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">घायल दो लोगों में फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग के डिविजनल फायर ऑफिसर मोहम्मद जफ़र भी शामिल थे, जिन्हें बचाव अभियान के दौरान एक चट्टान से चोट लगी थी। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री चौधरी को आधी रात को घटनास्थल पर पहुंचने के बाद घटना के बारे में जानकारी दी गई।<br /> <br />उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'मैंने सहायक अधिशासी अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को निलंबित करने का आदेश दिया है। मैंने इंजीनियर-इन-चीफ को अधिशासी अभियंता को अटैच करने के निर्देश भी जारी किए हैं।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 11:51:49 +0530</pubDate>
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                <title>प. बंगाल: दो विधानसभा सीटों के 15 बूथों पर हो रहा दोबारा मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: Election Commission of India X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76444/re-polling-is-taking-place-in-15-booths-of-two-assembly"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-03/eci3.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत।</strong> पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना ज़िले के दो विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर शनिवार को मतदान शुरू हुआ। चुनाव आयोग ने एक दिन पहले ही चुनावी धांधली की रिपोर्ट मिलने के बाद इन बूथों पर दोबारा मतदान का आदेश दिया था। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">मगराहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के 11 मतदान केंद्रों और डायमंड हार्बर के चार मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान का आदेश दिया गया। अधिकारी ने बताया कि मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक जारी रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इन दो विधानसभा क्षेत्रों में मतदान राज्य चुनावों के दूसरे चरण में 29 अप्रैल को हुआ था। चुनाव आयोग के अधिकारी ने बताया कि दोबारा मतदान का आदेश दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के रिटर्निंग अधिकारियों और पर्यवेक्षकों से मिली रिपोर्टों तथा महत्त्वपूर्ण परिस्थितियों पर आधारित था।</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा ने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली दोनों विधानसभा सीटों के कुछ मतदान केंद्रों पर बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली का आरोप लगाया था। इस लोकसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व तृणकां के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोग ने ज़मीनी स्तर पर आरोपों की सच्चाई की जांच करने के लिए अपने विशेष पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को नियुक्त किया था। इस बीच, आयोग शनिवार को फालता विधानसभा क्षेत्र में दोबारा मतदान पर फैसला करेगा।<br /> <br />पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच दो चरणों - 23 अप्रैल और 29 अप्रैल - में संपन्न हुए। मतगणना 4 मई को होगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 10:02:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>ऐसे दूर करें चूल्हे की चिंता</title>
                                    <description><![CDATA[जब भी समस्याएं आईं, भारत ने उनका समाधान ढूंढ़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76443/how-to-get-rid-of-stove-worries"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-05/new-lpg.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी से चाय की दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंटों पर अतिरिक्त आर्थिक भार आ गया है। यह आखिरकार ग्राहकों को ही उठाना पड़ेगा। इससे बाहर खाना-पीना महंगा हो जाएगा। पश्चिम एशिया में हिंसा का असर हमारी जेब पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार की तीखी आलोचना हो रही है, जो होनी ही थी। इस समय सरकार किसी भी पार्टी या गठबंधन की होती, वह कीमत में बढ़ोतरी के फैसले को ज्यादा दिनों तक नहीं टाल सकती थी। यह हमारे लिए थोड़ा मुश्किल समय है, जिसका हमें मिलकर मुकाबला करना होगा। हमें इस विश्वास के साथ आगे बढ़ना होगा कि आवश्यकता आविष्कार की जननी है। पूर्व में, जब भी समस्याएं आईं, भारत ने उनका समाधान ढूंढ़ा। उससे हमारा देश और मजबूत हुआ। ऐसे समय में ही हमारी शक्तियों और क्षमताओं का पता चलता है। पश्चिम एशिया में संकट कब टलेगा और कब भड़केगा, इसकी गारंटी कोई नहीं दे सकता। हमें आत्मनिर्भरता का रास्ता ढूंढ़ना होगा। हमें इतना समर्थ बनना होगा कि दुनिया में कहीं भी लड़ाई हो, हमारे घरों और प्रतिष्ठानों के चूल्हे जलते रहें। पहले, इसके लिए एक साल की ठोस योजना बनानी होगी। जिन घरों और प्रतिष्ठानों तक पीएनजी कनेक्शन पहुंचाना संभव हो, वहां काम शुरू किया जाए, उसे बड़े स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। इससे एलपीजी सिलेंडर आपूर्ति प्रणाली पर दबाव कम होगा। गांवों में ईंधन के कई विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। वहां ऐसे चूल्हों की जरूरत है, जो धुआं कम से कम पैदा करें और आंच ज्यादा से ज्यादा दें। मिट्टी के परंपरागत चूल्हों की वापसी नहीं होनी चाहिए। उनके साथ लोगों का भावनात्मक जुड़ाव हो सकता है, लेकिन उन पर खाना बनाने में बहुत दिक्कत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">हमारे वैज्ञानिकों को ग्रामीण क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए ऐसा ईंधन और ऐसा चूल्हा विकसित करना चाहिए, जो पर्यावरण और घर के बजट, दोनों के लिए अनुकूल हों। ऐसे कुछ विकल्प सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन पर विदेशों में बहुत काम हो रहा है। धातु से बने चूल्हों में छोटा पंखा लगाकर बेहतरीन इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों का काम आसान हो सकता है। वे एलपीजी सिलेंडरों पर कम निर्भर होंगे। अगर ग्रामीण क्षेत्र में एक सामान्य परिवार सालभर में 10 सिलेंडरों का इस्तेमाल करता है और वह पर्यावरण के लिए अनुकूल दूसरे ईंधन एवं चूल्हे का इस्तेमाल करने लग जाए तो उसके द्वारा एलपीजी खपत आधी या चौथाई हो सकती है। इस गैस की आपूर्ति शहरों में की जा सकती है। वहां भी ऐसे विकल्प ढूंढ़ने होंगे, जो एलपीजी पर निर्भरता में कमी लाएं। शहरों में इंडक्शन चूल्हे के इस्तेमाल को प्रोत्साहित किया जाए। इसके साथ ही विद्युत आपूर्ति तंत्र को मजबूत किया जाए, ताकि वह इंडक्शन चूल्हों की विद्युत खपत को बर्दाश्त कर सके। सरकार को एक विशेष योजना के तहत विद्युत उत्पादन बढ़ाना चाहिए। सुबह और शाम, जब खाना बनाया जाता है, तब विद्युत यूनिट के शुल्क में छूट दी जाए। जब लोगों को पता चलेगा कि इंडक्शन चूल्हा काफी सस्ता पड़ता है तो वे घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का कम इस्तेमाल करेंगे। अगर उक्त योजना के अनुसार, शहरों के हर घर में इंडक्शन चूल्हा इस्तेमाल होने लगे तो भारत सालाना करोड़ों एलपीजी सिलेंडरों की बचत कर सकता है। ये सिलेंडर दुकानों, होटलों और रेस्टोरेंटों में काम लिए जा सकते हैं। भारत पर सूर्यदेव की अपार कृपा है। दुर्भाग्य से, हमने इस वरदान को पहचानने में बहुत देर कर दी। आज हर घर को सौर ऊर्जा से जोड़ने की जरूरत है। साथ ही, सोलर कुकर बहुत क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। हमारे पास इतने संसाधन मौजूद हैं, जिनका सही इस्तेमाल करें तो रसोईघर के ईंधन के लिए विदेशों की ओर देखना ही न पड़े।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 02 May 2026 09:08:35 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>वाणिज्यिक गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी 'चुनावी बिल': राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: rahulgandhi FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76442/increase-in-price-of-commercial-gas-cylinder-election-bill-rahul"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-09/rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>कांग्रेस ने शुक्रवार को वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि यह एक 'चुनावी बिल' है और अगला 'हमला' पेट्रोल और डीज़ल पर होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने चेतावनी दी थी कि चुनावों के बाद महंगाई की मार पड़ेगी। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, 'कह दिया था- चुनाव के बाद महंगाई की गर्मी आएगी।'</p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद कहा, 'आज वाणिज्यिक गैस सिलेंडर 993 रुपए महंगा (हो गया है)। एक ही दिन में सबसे बड़ी बढ़ोतरी। यह चुनावी बिल है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'फरवरी से अब तक: 1,380 रुपए की बढ़ोतरी (हुई है)- सिर्फ़ 3 महीनों में 81 प्रतिशत का इज़ाफ़ा (हुआ है)।'</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने कहा, 'चायवाला, ढाबा, होटल, बेकरी, हलवाई - हर किसी की रसोई पर बोझ बढ़ा है। और इसका असर आपकी थाली पर भी पड़ेगा। पहला वार गैस पर, अगला वार पेट्रोल-डीज़ल पर।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 15:40:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अप्रैल में जीएसटी संग्रह बढ़कर रिकॉर्ड 2.43 लाख करोड़ रु. के उच्च स्तर पर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[रिफंड एडजस्ट करने के बाद जीएसटी संग्रह 7.3 प्रतिशत बढ़ा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76441/gst-collection-rises-to-record-high-of-rs-243-lakh"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2022-11/currency.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> अप्रैल में कुल जीएसटी संग्रह 8.7 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.43 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, अब तक का सबसे ज़्यादा संग्र​ह पिछले साल अप्रैल में दर्ज किया गया था, जो 2.23 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा था।</p>
<p style="text-align:justify;">घरेलू लेन-देन से कुल राजस्व 4.3 प्रतिशत बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा हो गया, जबकि अप्रैल 2026 में आयात से जीएसटी संग्रह में ज़बरदस्त 25.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 57,580 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।</p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल के दौरान रिफंड 19.3 प्रतिशत बढ़कर 31,793 करोड़ रुपए हो गया। रिफंड एडजस्ट करने के बाद, जीएसटी संग्रह 7.3 प्रतिशत बढ़कर लगभग 2.11 लाख करोड़ रुपए हो गया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 12:09:46 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>मप्र क्रूज़ बोट हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हुई</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76440/death-toll-in-mp-cruise-boat-accident-increases-to-9"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-06/ambulance.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>जबलपुर/दक्षिण भारत।</strong> बरगी बांध हादसे में मृतकों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर नौ हो गई। बचाव दल ने पांच और लोगों के शव बरामद किए हैं। ये लोग उस क्रूज बोट पर सवार थे जो मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित जलाशय में पलट गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">मीडिया से बात करते हुए, मध्य प्रदेश के पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा, 'गुरुवार को चार शव बरामद किए गए, जबकि बचाव अभियान के दौरान तड़के पांच शव मिले, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर नौ हो गई।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि अब तक 22 लोगों को बचाया जा चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने कहा कि मामले की गहन जांच की जाएगी और जीवित बचे लोगों में से एक द्वारा उठाए गए 'लाइफ़ जैकेट' के मुद्दे की भी जांच की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">लोधी ने कहा कि लापता लोगों का पता लगाने के लिए बचाव अभियान पूरी तेज़ी से चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि गुरुवार शाम को अचानक तूफ़ान की चपेट में आने के बाद, 29 यात्रियों और दो क्रू सदस्यों को लेकर जा रही एक क्रूज़ बोट बरगी बांध में पलट गई।</p>
<p style="text-align:justify;">बरगी बांध जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बनाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि लापता यात्रियों की तलाश और बचाव अभियान पूरी रात जारी रहा, जिसमें सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी शामिल हुईं।<br /> <br />उन्होंने कहा कि क्रूज़ बोट को पानी से बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक क्रेनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज़ हवाओं के कारण पानी में हलचल बढ़ गई, जिससे नाव पर सवार कई लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और चालक दल से नाव को वापस किनारे की ओर ले जाने को कहा।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, क्रू इन चीखों को सुन नहीं पाया और नाव बहकर आगे निकल गई और फिर पलट गई। उन्होंने बताया कि कुछ स्थानीय लोगों ने रस्सी की मदद से लाइफ जैकेट पहने यात्रियों को बचाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:33:35 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हुई भारी वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें अपरिवर्तित रहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76439/huge-increase-in-the-price-of-commercial-lpg-cylinder"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-04/gas.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में शुक्रवार को अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई। 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 993 रुपए बढ़ा दी गई। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में हो रही बढ़ोतरी की वजह से, यह लगातार तीसरी मासिक वृद्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;">19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत, जिसका इस्तेमाल होटल और रेस्टोरेंट जैसी जगहों पर होता है, अब दिल्ली में बढ़कर रिकॉर्ड 3,071.5 रुपए हो गई है, जबकि पहले इसकी कीमत 2,078.50 रुपए थी। </p>
<p style="text-align:justify;">कीमतें पिछली बार 1 अप्रैल को प्रति सिलेंडर 195.50 रुपए बढ़ाई गई थीं। उससे पहले, 1 मार्च को 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतें 114.5 रुपए बढ़ी थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">तीन बार की बढ़ोतरी में, वाणिज्यिक एलपीजी की दरें 1,303 रुपए बढ़ गई हैं। घरेलू कुकिंग गैस की कीमतें अपरिवर्तित रहीं। घरेलू एलपीजी की कीमतों में आखिरी बार 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 913 रुपए है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय मानकों और विनिमय दर के आधार पर एटीएफ और एलपीजी की कीमतों में संशोधन करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाओं में बाधा आने के बाद, वैश्विक तेल की कीमतें लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:02:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नेग के नाम पर मनमानी क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[कई जगह किन्नरों की हरकतें मर्यादा को पार चुकी हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76438/why-arbitrariness-in-the-name-of-neg"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-05/al-high.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने किन्नर समुदाय के सदस्यों द्वारा मांगलिक अवसरों पर बधाई या नेग मांगे जाने की प्रथा के बारे में अत्यंत महत्त्वपूर्ण निर्णय दिया है। किन्नरों के पास ऐसा कोई कानूनी अधिकार नहीं है, जिसके तहत वे किसी से जबर्दस्ती रुपए या तोहफे मांग सकें। हाल के वर्षों में ऐसे मामले काफी चर्चा में रहे हैं, जब किन्नर समुदाय के कुछ सदस्यों द्वारा लोगों से अभद्रता की गई। कई बार तो ऐसी मांगें अप्रिय घटनाओं का रूप ले लेती हैं। पिछले साल मार्च में एक मामला देशभर में काफी चर्चा में रहा था, जब मध्य प्रदेश के विदिशा जिले में चलती ट्रेन में किन्नरों के समूह ने एक युवक को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार डाला था। युवक का अपराध सिर्फ इतना था कि उसने किन्नरों को रुपए नहीं दिए थे। कोई व्यक्ति अपनी मेहनत की कमाई यूं ही किसी को क्यों दे? क्या किन्नर समुदाय का सदस्य होने मात्र से किसी को यह अधिकार मिल जाता है कि वह दूसरों की कमाई में अपना हिस्सा मांगे? कई जगह किन्नरों की हरकतें मर्यादा को पार चुकी हैं। जब कोई व्यक्ति उन्हें शालीनतापूर्वक मना करता है तो उससे अभद्रता करते हैं। उसके आपत्ति जताने पर धमकाते हैं, अश्लील संकेत करते हैं। अगर किन्नरों का पूरा झुंड होता है तो उस व्यक्ति पर हावी होने की कोशिश करते हैं। क्या यह ज्यादती नहीं है? किसी व्यक्ति को क्या अधिकार है कि वह दूसरों से ऐसा व्यवहार करे? यह सब बंद होना चाहिए। किन्नर भी इन्सान हैं। उन्हें गरिमापूर्वक जीवन जीने और कमाने का अधिकार है। इससे कोई इन्कार नहीं कर सकता, लेकिन उनमें से जो सदस्य रुपए-तोहफे मांगने के लिए मनमानी पर उतर आता है, वह सरासर गलत है।</p>
<p style="text-align:justify;">सिर्फ इस आधार पर कि किन्नर समुदाय के लोग वर्षों से बधाई या नेग मांगते आ रहे हैं, यह उनका कानूनी अधिकार नहीं हो जाता है। लोग अपनी खुशी से कुछ दे देते हैं, यह अलग बात है। इस तथ्य को आधार बनाकर लोगों पर धौंस जमाने को उचित नहीं ठहराया जा सकता है। इससे टकराव बढ़ता है। कई बार भयानक नतीजे निकलते हैं। कुछ साल पहले पश्चिम बंगाल के मालदा जिले का एक मामला सुर्खियों में रहा था। वहां किन्नरों ने एक नवजात को करीब तीन घंटे तक अपने पास रखा और ढोल बजाते रहे। वे इस बात पर अड़ गए थे कि मोटी रकम मिलेगी, तो ही बच्चा वापस देंगे। बच्चे के माता-पिता उनकी मांग पूरी नहीं कर सकते थे। इस दौरान बच्चे की तबीयत बिगड़ गई और उसने दम तोड़ दिया। मध्य प्रदेश के भोपाल शहर में किन्नर समुदाय के सदस्यों ने एक परिवार से नेग मांगने के नाम पर बहुत अभद्रता की। जब परिवार ने मांगी गई रकम देने से इन्कार किया तो किन्नर नहीं माने। वे अश्लील हरकतें करने लगे। आखिर में पांच हजार रुपए लिए और महिला की सोने की बाली उतरवा ली। जयपुर के सिंधी कैंप इलाके में एक युवक बस से उतरा। अचानक एक किन्नर ने उसे परेशान करना शुरू कर दिया। उसने युवक की जेब से रुपए निकाल लिए। क्या यह लूट-खसोट नहीं है? युवक ने दूसरी जेब में भी कुछ रुपए रखे थे। अगर वे किन्नर की भेंट चढ़ जाते तो उसके पास किराया तक न बचता। कई ट्रेनों में किन्नरों की खूब मनमानी चलती है। अगर कोई व्यक्ति उन्हें रुपए देने से इन्कार करता है तो उसे जमकर खरी-खोटी सुनाते हैं और अपमानित करते हैं। क्या टिकट लेने के बाद ट्रेन में ऐसा अनुभव होना उस यात्री के अधिकारों का हनन नहीं है? इस संबंध में रेलवे प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिएं। किन्नर समुदाय के सदस्यों की भी जिम्मेदारी है कि वे अन्य लोगों की तरह कोई हुनर सीखें और अपना कामकाज करते हुए सम्मानजनक तरीके से जीवन बिताएं। किसी को परेशान न करें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 08:58:59 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक में 'फिलहाल' मुख्यमंत्री बदले जाने की संभावना से इन्कार किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: IndianNationalCongress FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76437/mallikarjun-kharge-ruled-out-the-possibility-of-change-of-chief"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/mallikarjun-kharge.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कलबुर्गी/दक्षिण भारत। </strong>एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि कर्नाटक में 'अभी' मुख्यमंत्री पद पर कोई बदलाव नहीं होगा और राज्य में नेतृत्व का मुद्दा जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह बयान पार्टी और राजनीतिक हलकों में चल रहीं उन अटकलों के बीच आया है, जिनके अनुसार 4 मई के बाद नेतृत्व में बदलाव और कैबिनेट में फेरबदल को लेकर कोई फ़ैसला लिया जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">यह फ़ैसला तब लिए जाने की बात हो रही है, जब चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजे, और साथ ही कर्नाटक की दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे घोषित हो जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि उन्हें 'पदोन्नत' किया जाए। उनका यह आग्रह उस कथित सत्ता-साझाकरण समझौते के अनुरूप है, जो पार्टी के साल 2023 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के समय मुख्यमंत्री सिद्दरामय्या के साथ हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने गृह मंत्री जी परमेश्वर के उस बयान के जवाब में कहा, जिसमें उन्होंने खरगे को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी, 'आप (मीडिया), वे (परमेश्वर) और शीर्ष पर बैठे लोग कहते हैं कि अगर मैं (मुख्यमंत्री) बनूं तो बेहतर होगा, लेकिन किस्मत से कहीं ज़्यादा, मेरी विचारधारा और अब तक पार्टी के प्रति मेरी सेवा को देखते हुए, मेरे बारे में फ़ैसले सोनिया गांधी ही लेती हैं।' </p>
<p style="text-align:justify;">यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'लेकिन, अब यह सवाल उठता ही नहीं है। यहां पहले से ही मुख्यमंत्री हैं। अगर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मुझे मिलकर किसी बदलाव की दिशा में कोई फ़ैसला लेना है, तो इसमें कुछ समय लगेगा। चलिए, इंतज़ार करते हैं और देखते हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रहीं अटकलों के बीच, परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अगर अनुभवी वरिष्ठ राजनेता खरगे मुख्यमंत्री बनते हैं, तो सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में हर कोई उनका स्वागत करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 13:37:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एग्जिट पोल महत्त्वपूर्ण नहीं, एलडीएफ सत्ता में लौटेगा: केरल के मंत्री रियास</title>
                                    <description><![CDATA[PAMuhammadRiyas FB Page Profile Pic]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76436/exit-poll-is-not-important-ldf-will-return-to-power"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/pa-mohamed-riyas.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोझिकोड/दक्षिण भारत।</strong> केरल के पर्यटन मंत्री एवं बेपोर विधानसभा सीट से एलडीएफ के उम्मीदवार पीए मोहम्मद रियास ने गुरुवार को कहा कि उन्हें एग्जिट पोल की कोई परवाह नहीं है, क्योंकि साल 2021 में भी उनकी हार की भविष्यवाणी की गई थी, लेकिन वे 82,000 वोटों के रिकॉर्ड शेयर के साथ जीते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">रियास ने यहां एक टीवी चैनल से बात करते हुए यह भी कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) तीसरी बार सत्ता में लौटेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उनकी यह प्रतिक्रिया एग्जिट पोल्स के उस अनुमान के एक दिन बाद आई है, जिसमें कहा गया था कि केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ सत्ता में आएगा।</p>
<p>पर्यटन मंत्री ने कहा कि जब से उन्हें साल 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए बेपोर से उम्मीदवार बनाया गया था, तब से ही उन्होंने कहा था कि इस बार उन्हें 82,000 से अधिक वोट मिलेंगे।</p>
<p>रियास ने कहा कि कांग्रेस के भीतर काफी आपसी कलह है, उनके शासन में सांप्रदायिक मुद्दे बढ़ेंगे और भ्रष्टाचार बेकाबू हो जाएगा, इसलिए लोग चाहते हैं कि एलडीएफ सत्ता में वापस आए।</p>
<p>उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर हमले मार्क्सवाद-विरोधी राजनीति का हिस्सा थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>केरल</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 11:22:25 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री मोदी का जाति जनगणना में देरी करने का पूरा इरादा है: कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @Jairam_Ramesh X account
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76435/prime-minister-modi-has-every-intention-of-delaying-the-caste"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/letter.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि सरकार द्वारा जाति जनगणना की घोषणा किए हुए पूरा एक साल बीत चुका है, लेकिन यह जनगणना कैसे की जाएगी, इसके विवरण का अभी भी इंतजार है। साथ ही पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस प्रक्रिया में देरी करने का पूरा इरादा है।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ठीक एक साल पहले, मोदी सरकार ने घोषणा की थी कि आगामी जनगणना में पूरी आबादी की जातिगत गणना को शामिल किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस नाटकीय यू-टर्न से जुड़ी हालिया घटनाक्रम इस प्रकार है:</p>
<p style="text-align:justify;">21 जुलाई, 2021 को, गृह मंत्री ने लोकसभा में भाजपा सांसद रक्षा निखिल खडसे (जो अब स्वयं मंत्री हैं) द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा था कि भारत सरकार ने नीतिगत तौर पर जाति-वार जनसंख्या की गणना न करने का निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">21 सितंबर, 2021 को, मोदी सरकार ने उच्चतम न्यायालय में रिट याचिका (सिविल) संख्या 841/2021 के संबंध में एक हलफनामा दायर किया, जिसमें कहा गया कि जाति-वार जनसंख्या की गणना करने का न्यायालय का कोई भी निर्देश, मोदी सरकार द्वारा पहले ही लिए जा चुके नीतिगत निर्णय में हस्तक्षेप करने के समान होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">16 अप्रैल, 2023 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर, नियमित जनगणना के हिस्से के तौर पर एक अद्यतन जाति जनगणना की मांग की। 28 अप्रैल, 2024 को, एक टेलीविज़न इंटरव्यू में, प्रधानमंत्री ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि जाति जनगणना की उसकी मांग 'शहरी नक्सल' सोच की सूचक है।</p>
<p style="text-align:justify;">जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को अपने आरोप के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व से माफ़ी मांगनी चाहिए। इससे भी ज़्यादा ज़रूरी बात यह है कि उन्हें भारत की जनता को यह स्पष्टीकरण देना चाहिए कि 30 अप्रैल, 2025 को जाति जनगणना की घोषणा करते समय उन्होंने अपने मन को 'शहरी नक्सल' विचारधारा से दूषित क्यों होने दिया?</p>
<p style="text-align:justify;">जयराम रमेश ने कहा कि पूरा एक साल बीत चुका है। यह जाति-गणना किस प्रकार की जाएगी, इस संबंध में विस्तृत जानकारी का अभी भी इंतज़ार है। विपक्षी दलों और राज्य सरकारों के साथ तो कोई संवाद हुआ ही नहीं है, इस विषय के विशेषज्ञों के साथ बातचीत की तो बात ही दूर है।</p>
<p style="text-align:justify;">जयराम रमेश ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष ने 5 मई, 2025 को जाति जनगणना के मुद्दे पर प्रधानमंत्री को एक बार फिर पत्र लिखा था। उस पत्र की प्राप्ति की सूचना तक नहीं दी गई। उस पत्र में उठाए गए मुद्दे आज भी पूरी तरह से प्रासंगिक हैं। वास्तव में, संसद के हाल ही में संपन्न विशेष सत्र के बाद तो ये मुद्दे और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं, जिसमें यह स्पष्ट हो गया था कि प्रधानमंत्री का जाति जनगणना में देरी करने का पूरा इरादा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 10:48:05 +0530</pubDate>
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                <title>पश्चिम बंगाल ने मतदान में बना दिया बड़ा रिकॉर्ड!</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: ECI FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76434/west-bengal-made-a-big-record-in-voting"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-10/eci.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>चुनाव आयोग ने बताया कि पश्चिम बंगाल में दो चरणों में हुए विधानसभा चुनावों में 92.47 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डालकर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। आज़ादी के बाद राज्य में यह अब तक का सबसे ज़्यादा मतदान है।</p>
<p style="text-align:justify;">साल 2013 में, त्रिपुरा में विधानसभा चुनाव में अब तक की सबसे अधिक 93.61 प्रतिशत मतदान दर दर्ज की गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">शाम 7.45 बजे तक, पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में मतदान प्रतिशत 91.66 रहा। 23 अप्रैल को हुए चुनावों के पहले चरण में मतदान प्रतिशत 93.19 था। दोनों चरणों में कुल मतदान प्रतिशत 92.47 प्रतिशत रहा। पश्चिम बंगाल में 6.81 करोड़ मतदाता हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, राज्य में सबसे अधिक मतदान साल 2011 के विधानसभा चुनावों में 84.72 प्रतिशत रहा था। </p>
<p style="text-align:justify;">दूसरे चरण में, महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में थोड़ी ज़्यादा रही। चुनाव आयोग के अनुसार, कुल महिला मतदाताओं में से 92.28 प्रतिशत ने मतदान किया, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 91.07 प्रतिशत रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पर टिप्पणी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'आज़ादी के बाद से पश्चिम बंगाल में अब तक के सबसे ज़्यादा मतदान प्रतिशत के लिए, चुनाव आयोग राज्य के हर मतदाता को सलाम करता है।'</p>
<p style="text-align:justify;">9 अप्रैल को, असम और पुड्डुचेरी ने क्रमशः 85.38 प्रतिशत और 89.83 प्रतिशत मतदान दर्ज करके अपनी अब तक की सबसे अधिक चुनावी भागीदारी के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।<br /> <br />आयोग के अनुसार, इससे पहले तमिलनाडु में मतदान में सबसे ज़्यादा भागीदारी 78.29 प्रतिशत (साल 2011 में) थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 09:45:13 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>कितने खरे उतरेंगे एग्जिट पोल?</title>
                                    <description><![CDATA[चुनाव नतीजों के ज्यादा नजदीक रहने वाले एग्जिट पोल की विश्वसनीयता बढ़ेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76433/how-accurate-will-the-exit-polls-be"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/exit.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">केरल, असम, तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल ने कई नेताओं की धड़कनें बढ़ा दी हैं। वैसे तो ये महज अनुमान हैं, लेकिन इनसे हवा के रुख का कुछ हद तक पता चल जाता है। सबसे ज्यादा चर्चा में पश्चिम बंगाल के एग्जिट पोल हैं, जहां तृणकां और भाजपा में जबर्दस्त टक्कर दिखाई दे रही है। कुछ एग्जिट पोल तृणकां के, वहीं कुछ भाजपा के मजबूत प्रदर्शन का अनुमान लगा रहे हैं। दोनों पार्टियां खुद की जीत को लेकर बड़ा दावा कर रही हैं। यह स्वाभाविक है। इस बार प. बंगाल में जैसा चुनावी माहौल था, जिस तरह रिकॉर्ड मतदान हुआ, उसके आधार पर यह अनुमान लगाना गलत नहीं होगा कि जिस पार्टी को जनता-जनार्दन का आशीर्वाद मिलेगा, भरपूर ही मिलेगा। जो जीतेगा, वह भारी बहुमत से जीतेगा। जो हारेगा, वह करारी शिकस्त चखेगा। अगर प. बंगाल में भाजपा 'कमल' खिलाने में कामयाब रही तो उसके कार्यकर्ताओं का जोश दुगुना हो जाएगा। पार्टी के राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय नेतृत्व की क्षमता पर भरोसा बढ़ेगा। इसका संदेश दूर तक जाएगा। इससे भाजपा और राजग को आगामी लोकसभा चुनावों में मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलेगी। साथ ही, विपक्ष के लिए 'खतरे की घंटी' होगी कि उसके तमाम आरोपों को जनता ने नकार दिया। भाजपा का विस्तार होने के द्वार खुलेंगे। उस स्थिति में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता में निश्चित रूप से बढ़ोतरी होगी। अगर प. बंगाल में फिर एक बार तृणकां की सरकार आ गई तो ममता बनर्जी का सियासी कद बढ़ेगा। इससे यह संदेश जाएगा कि भाजपा को टक्कर देने का दम सिर्फ तृणकां में है। विपक्ष में यह मांग तेज हो सकती है कि आगामी लोकसभा चुनाव ममता बनर्जी के नेतृत्व में लड़ा जाए। प. बंगाल में तृणकां की जीत से विपक्ष को नई ऊर्जा मिल सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">असम में हिमंत बिस्वा सरमा के आक्रामक चुनाव अभियान की झलक एग्जिट पोल में भी दिखाई दे रही है। उनमें सीटों की संख्या अलग-अलग बताई जा रही है, लेकिन इस बिंदु पर सभी एकमत हैं कि भाजपा की सरकार बन सकती है। एग्जिट पोल से केरल में यूडीएफ, तमिलनाडु में द्रमुक और पुड्डुचेरी में भाजपा उत्साहित है। हाल के वर्षों में एग्जिट पोल कई बार सही तो कई बार गलत साबित हुए हैं। साल 2022 में गुजरात और हिमाचल प्रदेश में एग्जिट पोल काफी हद तक सही साबित हुए थे। साल 2023 में छत्तीसगढ़ में कांटे की टक्कर का अनुमान था, लेकिन भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया था। उसी साल मध्य प्रदेश में सीटों का अनुमान सटीक नहीं रहा था। राजस्थान में भाजपा की जीत का अनुमान सही साबित हुआ था। साल 2024 में हरियाणा में एग्जिट पोल गलत साबित हुए थे। उनमें कांग्रेस की वापसी का अनुमान लगाया गया था, जबकि नतीजों में भाजपा अपनी सत्ता बचाने में सफल रही थी। झारखंड और महाराष्ट्र में एग्जिट पोल सही साबित हुए थे। दिल्ली में भी पिछले विधानसभा चुनाव के नतीजे एग्जिट पोल से कुछ अलग रहे थे। आम आदमी पार्टी का प्रदर्शन वैसा नहीं रहा था, जैसा एग्जिट पोल में दावा किया गया था। साल 2024 के लोकसभा चुनाव नतीजों ने भी एग्जिट पोल करने वालों को तगड़ा झटका दिया था। वास्तव में, जब एग्जिट पोल के लिए डेटा लिया जाता है तो हर व्यक्ति सही-सही जानकारी नहीं देता। जिस इलाके से डेटा लिया जाता है, उसमें कुल जनसंख्या के थोड़े-से हिस्से को शामिल किया जाता है। कई लोग बताते कुछ और हैं, वोट कहीं और दे आते हैं। अपने एसी-कक्ष में बैठकर डेटा विश्लेषण के आधार पर सीटों का अनुमान लगाने वाले 'बुद्धिजीवी' उस समय हैरान रह जाते हैं, जब नतीजे कुछ और आते हैं। जनता के मन की थाह पाना इतना आसान नहीं है। जो एग्जिट पोल चुनाव नतीजों के ज्यादा नजदीक रहेगा, उसकी विश्वसनीयता बढ़ेगी। बाकी सबके अनुमान मीम बनाने के काम आएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 09:23:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एग्जिट पोल: तृणकां या भाजपा, इस बार बंगाल में किसकी सरकार? </title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AITCofficial FB Page और BJP4India X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76432/exit-poll-tmc-or-bjp-whose-government-will-be-in"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2022-12/tmc-.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे एवं अंतिम चरण का मतदान होने के बाद बुधवार शाम को विभिन्न समूहों ने एग्जिट पोल जारी किए। राज्य में तृणकां और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पी-मार्क के एग्जिट पोल के अनुसार, तृणकां को 118-138, भाजपा को 150-175 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस, लेफ्ट और अन्य का प्रदर्शन कमजोर होने का अनुमान है। मैट्रिज के एग्जिट पोल के अनुसार, तृणकां को 125-140, भाजपा को 146-161, कांग्रेस को 0, लेफ्ट को 0, अन्य को 6-10 सीटें मिल सकती हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">पीपल्स पल्स के एग्जिट पोल में तृणकां को 117-187, भाजपा को 95-110, कांग्रेस को 1-3, लेफ्ट को 0-1, अन्य को 0 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। चाणक्य स्ट्रेटजीज का एग्जिट पोल कहता है कि तृणकां को 130-140, भाजपा को 150-160, कांग्रेस को 0, लेफ्ट को 0, अन्य को 6-10 सीटें मिल सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, असम में सभी एग्जिट पोल भाजपा की सरकार बनने का अनुमान लगा रहे हैं। एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा को 88-100, कांग्रेस को 24-36 और अन्य के खाते में 0 सीटें आ सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पोल ऑफ एग्जिट पोल्स के अनुसार, भाजपा को 92, कांग्रेस को 29, अन्य को 4 सीटें मिल सकती हैं। मैट्रिज के एग्जिट पोल की मानें तो भाजपा को 85-95, कांग्रेस को 25-32, अन्य को 6-12 सीटें मिल सकती हैं। पीपल्स पल्स के एग्जिट पोल में भी भाजपा को मजबूत दिखाया गया है। इसके अनुसार, भाजपा को 68-72, कांग्रेस को 22-26, अन्य को 11-15 सीटें मिल सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">केरल में यूडीएफ के सत्ता में आने की संभावना जताई गई है। एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार, एलडीएफ को 49-62, यूडीएफ को 78-90, भाजपा को 0-3, अन्य को 0 सीटें मिल सकती हैं। मैट्रिज के एग्जिट पोल में एलडीएफ को 60-65, यूडीएफ को 75-85, भाजपा को 3-5, अन्य को 0 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। पीपल्स पल्स के एग्जिट पोल्स के अनुसार, एलडीएफ को 55-65, यूडीएफ को 70-85, भाजपा को 0-3, अन्य को 0 सीटें मिल सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">तमिलनाडु में द्रमुक के ही सत्ता में वापस आने का अनुमान लगाया गया है। मैट्रिज के एग्जिट पोल के अनुसार, द्रमुक+ को 122-132, अन्नाद्रमुक+ को 87-110, टीवीके को 10-12, अन्य को 0-6 सीटें मिलने का अनुमान है। पीपल्स पल्स के एग्जिट पोल में द्रमुक+ को 125-145, अन्नाद्रमुक+ को 65-80, टीवीके को 18-24, अन्य को 2-6 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुड्डुचेरी से भाजपा के लिए अच्छी खबर है। एक्सिस माई इंडिया का एग्जिट पोल कहता है कि यहां भाजपा+ को 16-20, कांग्रेस+ को 6-8 और अन्य को 3-7 सीटें मिल सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि एग्जिट पोल एक अनुमान होता है। अंतिम ​परिणाम मतगणना के बाद आएंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 19:15:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>डबल इंजन सरकार में शिलान्यास होता है, तय समय में लोकार्पण भी होता है: प्रधानमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @BJP4India X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76431/foundation-stone-is-laid-in-double-engine-government-and-inauguration"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/prime-minister.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हरदोई/दक्षिण भारत। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जैसे माँ गंगा हजारों वर्षों से उप्र की और इस देश की जीवनरेखा रही हैं, वैसे ही आधुनिक प्रगति के इस दौर में उनके समीप से गुजरता यह एक्सप्रेस-वे उप्र के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे खुशी है कि उप्र सरकार ने इस एक्सप्रेस-वे का नाम मां गंगा के नाम पर रखा है। इसमें विकास का हमारा विजन भी झलकता है और हमारी विरासत के भी दर्शन होते हैं। मैं उप्र के करोड़ों लोगों को गंगा एक्सप्रेस-वे की बधाई देता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले छह-सात दशक में जो नहीं हुआ, जिसकी कल्पना भी मुश्किल थी, वैसे निर्भीक वातावरण में बंगाल में इस बार मतदान हो रहा है। लोग भयमुक्त होकर वोट दे रहे हैं। यह देश के संविधान और देश के मजबूत होते लोकतंत्र का पुण्य प्रतीक है। मैं बंगाल की जनता का आभार व्यक्त करता हूं कि वह अपने अधिकार के प्रति इतनी सजग है और बड़ी संख्या में मतदान कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि आज लोकतंत्र के उत्सव का भी एक अहम दिन है। बंगाल में इस समय दूसरे चरण का मतदान हो रहा है और जो खबरें आ रही हैं, उससे पता चलता है कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है। पहले चरण की तरह ही जनता वोट देने के लिए बड़ी संख्या में घरों से निकल रही है, लंबी-लंबी कतारों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ समय पहले, जब बिहार में चुनाव हुए तो भाजपा-राजग ने प्रचंड जीत दर्ज की थी, एक इतिहास रच दिया था। अभी कल ही गुजरात में महानगर पालिका, नगर पालिका, जिला पंचायतें, नगर पंचायतें, तहसील पंचायत ... इन सब के चुनाव के नतीजे आए हैं। 80 से 85 प्रतिशत नगरपालिका और पंचायत भाजपा ने जीत ली हैं। मुझे विश्वास है कि इन पांच राज्यों के चुनाव में भी भाजपा ऐतिहासिक जीत की हैट्रिक लगाने जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि 4 मई के नतीजे विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करेंगे। देश के विकास की गति को नई ऊर्जा से भरेंगे। कुछ ही दिन पहले मुझे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के लोकार्पण का अवसर मिला था। तब मैंने कहा था कि ये नए बनते एक्सप्रेसवे विकसित होते भारत की हस्तरेखाएं हैं, और ये आधुनिक हस्तरेखाएं, आज भारत के उज्ज्वल भविष्य का जयघोष कर रही हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि अब वो दौर चला गया, जब एक सड़क के लिए दशकों तक इंतजार करना पड़ता था। एक बार घोषणा हो गई तो वर्षों तक फाइलें चलती थीं। चुनाव के लिए पत्थर लग जाते थे, उसके बाद सरकारें आती-जाती रहती थीं, लेकिन काम का कुछ अता-पता नहीं लगता था। कभी-कभी पुरानी फाइलें ढूंढ़ने के लिए बड़े-बड़े अफसरों को दो-दो साल तक मेहनत करनी पड़ती थी। डबल इंजन सरकार में शिलान्यास भी होता है और तय समय में लोकार्पण भी होकर रहता है। गंगा एक्सप्रेसवे उप्र के एक छोर को दूसरे छोर से तो जोड़ता ही है। यह एनसीआर की असीम संभावनाओं को भी करीब लाएगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 13:17:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>गुरुग्राम: कई स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिली</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76430/many-schools-in-gurugram-received-bomb-threats"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-06/hacker.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गुरुग्राम/दक्षिण भारत। </strong>गुरुग्राम के कई स्कूलों को बुधवार सुबह बम की धमकी वाले फर्जी ईमेल मिले, जिसके बाद पुलिस ने स्कूलों के परिसरों में तलाशी अभियान शुरू किया।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि श्रीराम, एमिटी और एचडीएफसी स्कूल समेत कम से कम 10 स्कूलों को सुबह 8:33 बजे धमकी भरे ईमेल मिले, जब कक्षाएं पहले ही शुरू हो चुकी थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि स्कूल प्रशासन को सुबह करीब 9 बजे धमकियों के बारे में पता चला और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि स्कूलों ने तत्काल आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू कर दिए, जिनमें से कई ने छुट्टी घोषित कर दी और अभिभावकों से अपने बच्चों को सुरक्षित घर ले जाने को कहा।</p>
<p style="text-align:justify;">बड़ी संख्या में परेशान माता-पिता स्कूलों के बाहर इकट्ठे हो गए, क्योंकि पुलिस और बम निरोधक टीमें मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू कर दी। अधिकारी ने बताया, 'सुबह से अब तक करीब 10 स्कूलों ने बम की धमकी के मामले में पुलिस से संपर्क किया है। पुलिस की टीमें सतर्क हैं और सभी परिसरों में तलाशी अभियान जारी है।'</p>
<p style="text-align:justify;">जनवरी के बाद से यह तीसरी बार है जब स्कूलों को बम की झूठी धमकियां मिली हैं। मार्च में, शहर के कम से कम एक दर्जन स्कूलों को बम की धमकी वाले ईमेल मिले थे, जो बाद में झूठे निकले।</p>
<p style="text-align:justify;">इसी तरह, 28 जनवरी को 13 स्कूलों को ईमेल के ज़रिए बम की झूठी धमकियां मिलीं, जिसके चलते अधिकारियों को कैंपस खाली करवाने पड़े और क्लासें रद्द करनी पड़ीं। उस समय गुरुग्राम के करीब एक दर्जन प्राइवेट स्कूलों को ईमेल के ज़रिए बम की धमकियां मिली थीं, जिन्हें बाद में पुलिस टीमों की घंटों की तलाशी के बाद झूठा करार दिया गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:50:31 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बंगाल चुनाव: तृणकां के राज्यसभा सांसद डेरेक ने प्रधानमंत्री को दी यह चुनौती</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: derekobrienmp FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76429/bengal-elections-trc-rajya-sabha-mp-derek-gave-this-challenge"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/derek-o&#039;brien.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत।</strong> तृणकां के राज्यसभा सांसद डेरेक ओ'ब्रायन ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती दी कि अगर पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी से हार जाती है, तो वे अपने पद से इस्तीफा दे दें।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वीडियो संदेश में, ओ'ब्रायन ने दावा किया कि मोदी ने राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर खुद को भाजपा के चेहरे के तौर पर पेश किया है, और उन्हें यह चुनौती स्वीकार करने की हिम्मत दिलाई। </p>
<p style="text-align:justify;">तृणकां सांसद ने कहा, 'आपने खुद ही ऐलान किया था कि बंगाल की सभी 294 सीटों पर आप ही उम्मीदवार हैं। बड़ी-बड़ी बातें करना बंद कीजिए और इस चुनौती को स्वीकार कीजिए। 4 मई को, जब ममता बनर्जी और तृणकां बंगाल में जीत हासिल करेंगे, तो प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देने की हिम्मत दिखाइए।'</p>
<p style="text-align:justify;">ये टिप्पणियां राज्य में चल रहे विधानसभा चुनावों के बीच सत्ताधारी तृणकां और भाजपा के बीच जारी सियासी टकराव के माहौल में आई हैं। पश्चिम बंगाल में ज़बर्दस्त चुनावी टक्कर के बीच, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे तौर पर एक राजनीतिक चुनौती दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण में जैसे-जैसे मतदान आगे बढ़ रहा है, वैसे ही बयानबाज़ी तेज़ होती जा रही है। </p>
<p style="text-align:justify;">ओ'ब्रायन ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर एक तीखी पोस्ट के ज़रिए राज्य में प्रधानमंत्री के चुनाव प्रचार को निशाना बनाया। इससे पहले दिन में, प्रधानमंत्री मोदी ने मतदाताओं से अपील करते हुए इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ज़्यादा से ज़्यादा भागीदारी का आग्रह किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने एक पोस्ट में कहा, 'आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। मैं आज मतदान करने वाले सभी लोगों से आग्रह करता हूं कि वे रिकॉर्ड संख्या में वोट डालें... यह बेहद ज़रूरी है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा शक्ति बड़ी संख्या में मतदान के लिए आगे आएं।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 12:11:17 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ममता बनर्जी ने भबानीपुर में मतदान केंद्रों का दौरा किया, केंद्रीय बलों पर लगाया यह आरोप</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: MamataBanerjeeOfficial FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76428/mamta-banerjee-visited-polling-booths-in-bhabanipur-and-made-this"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-02/mamata-banerjee.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत। </strong>पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को अपने भबानीपुर विधानसभा क्षेत्र में कई मतदान केंद्रों का दौरा किया, जहां मतदान चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय बल और चुनाव पर्यवेक्षक भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">भबानीपुर विधानसभा क्षेत्र ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़ है, जहां उनका मुकाबला विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी से है। इसे नंदीग्राम के एक प्रतीकात्मक 'रीमैच' (दोबारा मुकाबले) के तौर पर देखा जा रहा है, जहां साल 2021 के विधानसभा चुनावों में सुवेंदु ने उन्हें हराया था।</p>
<p style="text-align:justify;">तृणकां प्रमुख, जो आमतौर पर मतदान के दिन दोपहर को अपने कालीघाट स्थित आवास से निकलकर मित्रा इंस्टीट्यूशन स्कूल में अपना वोट डालती हैं, इस बार सुबह 8 बजे से पहले ही बाहर निकल गईं और निर्वाचन क्षेत्र के कई मतदान केंद्रों का दौरा किया, जिनमें दक्षिण कोलकाता के चेतला इलाके के केंद्र भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">बाद में, वे भबानीपुर के चक्रबेरिया में एक मतदान केंद्र के बाहर बैठीं और पत्रकारों से बात करते हुए अनियमितताओं का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने भाजपा पर केंद्रीय बलों और पर्यवेक्षकों के ज़रिए मतदान प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।</p>
<p style="text-align:justify;">ममता बनर्जी ने कहा, 'बाहर से कई पर्यवेक्षक आए हैं और वे भाजपा के निर्देशों के अनुसार काम कर रहे हैं। लोगों को अपना वोट डालना है। क्या इस तरह से मतदान हो सकता है?' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तृणकां के सभी झंडे पहले ही हटा दिए गए थे, और दावा किया कि बाहरी लोग मतदान प्रक्रिया में दखल दे रहे थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'वे वार्ड नंबर 70 के पार्षद को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। वे हमारे सभी लड़कों को उठा ले जा रहे हैं। अभिषेक और मैं पूरी रात जागते रहे।' बनर्जी ने दावा किया कि राज्य के बाहर से कुछ लोग निर्वाचन क्षेत्र में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, भाजपा ने उनके आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि सत्ताधारी दल अपने प्रति जनता के गुस्से को भांपकर भ्रम पैदा करने की कोशिश कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वहीं, अभिषेक बनर्जी ने ज़ोर देकर कहा कि तृणकां साल 2021 की तुलना में ज़्यादा सीटों पर जीत हासिल करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 10:10:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प. बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण में 142 सीटों के लिए हो रहा मतदान</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: ECI FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76427/voting-is-going-on-for-142-seats-in-the-last"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-10/eci.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत।</strong> पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दूसरे और अंतिम चरण में बुधवार को 142 सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई। इस दौरान सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतज़ाम किए गए और यह मुकाबला बेहद अहम है, जिससे यह तय होगा कि क्या सत्ताधारी तृणकां दक्षिणी ज़िलों पर अपना दबदबा बनाए रख पाएगी या भाजपा राज्य में सत्ता के दरवाज़े खोलने में कामयाब होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">सुबह 7 बजे मतदान शुरू हुआ, जिसमें कोलकाता, हावड़ा, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, नदिया, हुगली और पुरबा बर्धमान, ये वे ज़िले हैं जो मिलकर राज्य का राजनीतिक और चुनावी केंद्र बनाते हैं, के बूथों के बाहर मतदाताओं की कतारें लग गईं।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले चरण के विपरीत, जिसमें भाजपा ने उत्तरी बंगाल में अपनी बढ़त को बचाने की कोशिश की थी, अंतिम चरण में लड़ाई सीधे तौर पर तृणकां के सबसे मज़बूत गढ़ में पहुंच गई है। साल 2021 में, सत्ताधारी पार्टी ने इन 142 सीटों में से 123 सीटें जीती थीं, जबकि भाजपा को सिर्फ़ 18 और आईएसएफ को एक सीट मिली थी।<br /> <br />इस मुकाबले का केंद्र भवानीपुर है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का राजनीतिक गढ़, जहां प्रतिष्ठा की इस लड़ाई में उनका सामना नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी से हो रहा है। इसे नंदीग्राम के मुकाबले का एक प्रतीकात्मक रीमैच माना जा रहा है, जहां साल 2021 में सुवेंदु ने ममता को हराया था।</p>
<p style="text-align:justify;">इस चरण में कुल 3.21 करोड़ मतदाता, जिनमें 1.57 करोड़ महिलाएं और 792 तीसरे लिंग के मतदाता शामिल हैं, अपना वोट डालने के पात्र हैं। मतदान 41,001 केंद्रों पर हो रहा है, जिनमें से सभी वेबकास्टिंग निगरानी के अंतर्गत हैं।</p>
<p>चुनाव आयोग ने सात ज़िलों में केंद्रीय बलों की 2,321 कंपनियां तैनात की हैं, जिनमें कोलकाता में सबसे ज़्यादा 273 कंपनियां तैनात की गई हैं।</p>
<p>कुल 142 सामान्य पर्यवेक्षक, 95 पुलिस पर्यवेक्षक और 100 व्यय पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं, जबकि मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए कैमरों से लैस ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। 23 अप्रैल को पहले चरण में 93.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था, जो राज्य में अब तक का सबसे ज़्यादा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 09:49:40 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>आदतें सुधारें, देश को स्वच्छ बनाएं</title>
                                    <description><![CDATA[लोग सुविधाएं शानदार चाहते हैं, लेकिन आदतों में सुधार नहीं करना चाहते]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76426/improve-habits-make-the-country-clean"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/clean-india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिक्किम में स्वच्छता की स्थिति पर टिप्पणी कर इस राज्य के निवासियों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया है। अक्सर सिक्किम की साफ सड़कों और निर्मल हवाओं की चर्चा सोशल मीडिया पर होती है। यहां लोगों ने स्वच्छता का आदर्श स्तर कायम रखा है, जो प्रशंसनीय है। सिक्किम के निवासियों ने दिखा दिया है कि स्वच्छता सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। यह हम सबकी जिम्मेदारी है। अगर हम किसी जगह को स्वच्छ और सुंदर बनाना चाहते हैं तो सिक्किम के लोगों से बहुत कुछ सीख सकते हैं। भारत में कई लोग जब किसी जगह की स्वच्छता और सुंदरता की तारीफ करते हैं तो कहते हैं, 'वह जगह इतनी सुंदर थी ... जैसे फिल्मों में दिखाते हैं ... ऐसा लग ही नहीं रहा था कि हम इंडिया में हैं!' क्या स्वच्छ और सुंदर जगह सिर्फ विदेश में हो सकती है? क्या भारत में किसी जगह को स्वच्छ रख पाना असंभव है? जब कभी स्वच्छता की बात होती है तो कहा जाता है कि 'भारत में इस वजह से कचरे के ढेर लगे हुए हैं, क्योंकि यहां जनसंख्या बहुत बढ़ गई है।' अगर भारत में 140 करोड़ लोग हैं तो सफाई करने के लिए 280 करोड़ हाथ भी हैं। इस तरह तो हमारा देश पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा स्वच्छ होना चाहिए! वास्तव में गंदगी के लिए ज्यादा जनसंख्या को जिम्मेदार ठहरा देना एकपक्षीय दृष्टिकोण है। स्वच्छता को आदत बना दिया जाए तो जनसंख्या बहुत बड़ा वरदान बन सकती है। हमारे आस-पास ऐसे लोग दिख जाएंगे, जो गंदगी फैलाने को अपना अधिकार समझते हैं, जहां उनका मन करता है, वहां थूक देते हैं, फलों-सब्जियों के छिलके बिखेर देते हैं ... उसके बाद शिकायत करते हैं कि देश में सफाई नहीं है। क्या गंदगी फैलाने वाले लोग विदेश से चले आ रहे हैं?</p>
<p style="text-align:justify;">अगर कोई व्यक्ति किसी को स्वच्छता का महत्त्व समझाते हुए गंदगी फैलाने से रोकता है तो उसके साथ हिंसक घटना भी हो सकती है। एक सोसाइटी में रहने वाले कुछ परिवार बासी खाना और फलों-सब्जियों के छिलके ऐसी जगह डालते हैं, जहां मक्खियां भिनभिनाती रहती हैं। इससे एक परिवार को बहुत परेशानी होती है। बरसात के मौसम में स्थिति और बिगड़ जाती है। जब वह परिवार अन्य लोगों से निवेदन करता है कि 'यहां बासी खाना और छिलके न डालें' तो उनका जवाब होता है, 'हम ही तो अकेले नहीं डाल रहे? पहले उन सबको रोकें।' यानी, पहले सबको सुधार कर आएं, उसके बाद हम सुधरने के बारे में सोचेंगे! जयपुर से चलने वाली एक ट्रेन के जनरल डिब्बे में कुछ बच्चे मूंगफली खाकर छिलके वहीं बिखेर रहे थे। एक यात्री ने उनसे कहा, 'छिलके एक जगह इकट्ठे कर लें, इस तरह न बिखेरें', तो बच्चों के माता-पिता भड़क उठे, 'हमने किराया दिया है। हमारे बच्चे ही गंदगी फैला रहे हैं क्या? मूंगफली खा रहे हैं तो अपने पैसों की खा रहे हैं। आपका क्या जाता है? अगर सफाई का इतना ज्यादा शौक है तो झाड़ू लेकर पूरी ट्रेन साफ कर दें! हमारे बच्चों को कुछ कहेंगे तो ठीक नहीं रहेगा। हमें सफाई का पाठ न पढ़ाएं।' जब लोगों का रवैया ऐसा होगा तो स्वच्छता का स्तर क्या होगा? क्या ट्रेन का किराया देने का यह मतलब है कि उस व्यक्ति को गंदगी फैलाने का लाइसेंस मिल गया? लोग सुविधाएं शानदार चाहते हैं, लेकिन अपनी आदतों में सुधार नहीं करना चाहते। जब कोई उन्हें स्वच्छता का महत्त्व समझाता है तो वे इसे अपनी प्रतिष्ठा पर प्रहार समझ लेते हैं और झगड़ा करने लगते हैं। हम अपनी हर समस्या के लिए विदेशी आक्रांताओं को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। कई समस्याएं हमारी गलत आदतों की वजह से भी हैं। उनका समाधान असंभव नहीं है। हमें अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी। आदतों को सुधारना होगा। स्वच्छता की शुरुआत हमसे होती है। अगर हम गंदगी फैलाना बंद करें, स्वच्छता का प्रसार करें तो भारत स्वच्छता सूचकांक में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सकता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Apr 2026 09:11:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>ठाणे: सुरक्षा गार्डों पर चाकू से हमले के आरोपी के घर में मिला 'खतरनाक सामान'</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: Google Map]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76425/knife-attack-on-security-guards-note-of-lone-wolf-attack"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/thane.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई/दक्षिण भारत।</strong> महाराष्ट्र के ठाणे ज़िले में दो सुरक्षा गार्डों से उनका धर्म पूछकर उन पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में गिरफ़्तार किए गए एक व्यक्ति के घर से जांचकर्ताओं को एक नोट मिला है, जिसमें 'लोन वुल्फ़' हमलों और इस्लामिक स्टेट का ज़िक्र है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि 31 वर्षीय आरोपी, जो कई वर्षों तक अमेरिका में रहा था, ऐसा प्रतीत होता है कि वह 'स्वयं-कट्टरपंथ' का शिकार हो गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">पहली नज़र में, यह घटना एक 'लोन वुल्फ' हमले जैसी लग रही है। राज्य के एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (एटीएस) के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी ज़ैब ज़ुबैर अंसारी ने कथित तौर पर मीरा रोड इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत की साइट पर मौजूद गार्डों से सोमवार तड़के चाकू मारने से पहले 'कलमा' पढ़ने को कहा था।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि 'लोन वुल्फ अटैक'एक ऐसा आतंकवादी कृत्य है, जिसे कोई व्यक्ति बिना किसी संगठन की मदद या उकसावे के अंजाम देता है। एटीएस अधिकारी ने बताया कि अंसारी साल 2020 में अमेरिका से भारत लौटा था।</p>
<p style="text-align:justify;">एक अधिकारी के अनुसार, पीड़ितों में से एक ने दावा किया कि आरोपी ने उससे 'कलमा' पढ़ने को कहा, और जब वह ऐसा नहीं कर पाया, तो उसने चाकू से वार कर दिया, जिससे गंभीर चोटें आईं।</p>
<p style="text-align:justify;">महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार शाम इस घटना की जांच एटीएस को सौंप दी। अधिकारी ने बताया कि अंसारी, घटना स्थल से करीब 200 मीटर दूर, मीरा रोड के नया नगर स्थित एक बिल्डिंग में अकेला रहता था। जांच के अनुसार, उसकी पत्नी, जो अफ़ग़ान मूल की है, उसे छोड़कर अमेरिका चली गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि उसके घर की तलाशी के दौरान एटीएस को 'लोन वुल्फ' हमलों और इस्लामिक स्टेट का ज़िक्र करने वाला एक नोट, एक लैपटॉप और मजहबी ग्रंथ की तीन प्रतियां मिलीं।</p>
<p style="text-align:justify;">एटीएस अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने सबसे पहले दोनों सुरक्षा गार्डों से पास की एक मस्जिद का रास्ता पूछा था।</p>
<p style="text-align:justify;">गार्डों ने उसे बताया कि उन्हें मस्जिद की जगह के बारे में नहीं पता है। इसके बाद अंसारी ने उनसे पूछा कि क्या वे हिंदू हैं, और आगे बढ़ गया। अधिकारी ने बताया कि कुछ ही सेकंड में वह वापस लौटा, अपनी जेब से एक चाकू निकाला और कथित तौर पर सुरक्षा गार्ड सुब्रतो सेन और उसके सुपरवाइज़र राजकुमार मिश्रा पर हमला कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">हमला करने से पहले, अंसारी ने सुपरवाइज़र से पूछा कि क्या वह भी हिंदू है, और अगर नहीं, तो उसे 'कलमा' पढ़ना चाहिए। अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने उन्हें इसलिए चाकू मारा क्योंकि वे 'कलमा' नहीं पढ़ पाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 16:00:09 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सड़कें साफ, हवा भी साफ, सिक्किम के लोग प्रकृति के पक्के संरक्षक हैं: प्रधानमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @AmitShah X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76424/roads-are-clean-air-is-also-clean-people-of-sikkim"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/pm-narendra-modi8.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गंगटोक/दक्षिण भारत।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सिक्किम के राज्य बनने के 50 साल पूरे होने पर यहां समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यहां आने से पहले, मैं बंगाल चुनाव की गहमागहमी में व्यस्त था। यहां आते ही एक नई अनुभूति, नया आनंद और चारों तरफ उत्सव का माहौल देखा। मन खुशियों से भर गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि रात को बारिश हुई, फिर सुबह की ठंडक और यह खिली हुई धूप... सिक्किम के रंग ही निराले हैं। पूरब का स्वर्ग सिक्किम, आर्किड्स का गार्डन सिक्किम। इसका अप्रतिम सौंदर्य, यहां की शांति, यहां का आध्यात्मिक आनंद, यह अनुभूति बड़े सौभाग्य से मिलती है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश में राजनीतिक स्वार्थ के चलते भाषावाद, प्रांतवाद, ऊंच-नीच और देश में भेदभाव के लिए लगातार कोशिश हो रही है, आज सिक्किम ने 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' के दर्शन करा दिए। उन्होंने इस छोटे से कार्यक्रम में पूरा हिंदुस्तान आंखों के सामने खड़ा कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि वाकई आपने दिल जीत लिया है। केवल मोदी का नहीं, पूरे हिंदुस्तान का दिल जीत लिया है। यही तो भारत भक्ति, देशभक्ति होती है। नई पीढ़ी में इसी से देशभक्ति के भाव जागते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम आने पर मुझे इसलिए भी बहुत ख़ुशी है, क्योंकि पिछली बार मैं खराब मौसम के कारण यहां तक नहीं पहुंच पाया था। मुझे बागडोगरा से ऑनलाइन ही आपसे जुड़ना पड़ा था। आपसे मिलने की वो कसक मेरे मन में बनी हुई थी, इसलिए मैं इंतजार में था। वो इंतजार भी आज इस अवसर के माध्यम से पूरा हुआ है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम के लोगों से मिलना मुझे हमेशा एक अलग सुकून देता है। आपकी सौम्यता, आपकी सादगी, आपके चेहरों की मुस्कान अद्भुत है। यहां आने से पहले भी मैं सिक्किम के कई प्रतिभाशाली लोगों से मिला हूं। सिक्किम के प्रबुद्ध लोग, पद्म सम्मान विजेता, आर्टिस्ट और फुटबॉल खिलाड़ियों से मेरी अलग-अलग विषयों और बात हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि कल शाम जो रोड शो हुआ, मैं उसे भी अब तक भूल नहीं पाया हूं और न ही कभी भूल पाऊंगा। हाथों में हमारा प्यार तिरंगा, लगातार भारत माता का जयकारा और वंदे मातरम् का उद्घोष, पूरा वातावरण एक भारत-श्रेष्ठ भारत की तस्वीरों से रंगा हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि एक सबसे अच्छी बात मुझे पूरे रास्ते भर दिखी। वो थी सिक्किम की सड़कों की स्वच्छता। दूर-दूर तक कोई गंदगी नहीं... वायु में भी स्वच्छता...सड़कों पर भी स्वच्छता... सिक्किम के लोग प्रकृति के पक्के संरक्षक हैं, ब्रांड एंबेसडर हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस समय जिसको जो करना था, वो किया, उसने सिक्किम को दिया। अब इसकी जिम्मेदारी हमारे ऊपर है। सिक्किम की सरकार प्रेम सिंह तमांग के नेतृत्व में पूरी ईमानदारी से सिक्किम की विरासत को संजोने और विकास को गति देने का काम कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि सिक्किम और नार्थईस्ट हमारे लिए केवल देश का एक अहम हिस्सा ही नहीं है, बल्कि यह भारत की अष्टलक्ष्मी है। नॉर्थईस्ट हिंदुस्तान की अष्टलक्ष्मी है, इसलिए हम एक्ट ईस्ट की पॉलिसी पर तो काम कर रहे हैं, साथ ही हमने नार्थईस्ट के लिए एक्ट फास्ट का संकल्प भी लिया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 11:36:15 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पटियाला में रेलवे ट्रैक पर धमाके की सुलझ गई गुत्थी! </title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76423/mystery-of-blast-on-railway-track-in-patiala-solved"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-10/blast.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/दक्षिण भारत। </strong>पंजाब के पटियाला स्थित शंभू इलाके के पास रेलवे ट्रैक पर हुआ धमाका दरअसल विस्फोट की एक कोशिश थी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि सोमवार को धमाका करने की कोशिश कर रहे व्यक्ति की मौत हो गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह धमाका शंभू-अंबाला रेलवे ट्रैक के पास हुआ। पुलिस ने इससे पहले बताया था कि घटनास्थल से एक अज्ञात शव बरामद किया गया, जो धमाके में चिथड़े-चिथड़े हो गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">शुरुआत में, इसे कम तीव्रता वाला धमाका माना गया था। हालांकि, जांच से पता चला है कि यह धमाका करने का एक प्रयास था।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि मालगाड़ियों के लिए बनी पटरी पर रात करीब 10 बजे धमाका हुआ। धमाके से ट्रैक को भी कुछ नुकसान पहुंचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया, 'देर रात, हमें शंभू-हरियाणा सीमा के पास एक रेलवे ट्रैक पर कम तीव्रता वाले धमाके की सूचना मिली थी। तत्काल मैं, पुलिस उप महानिरीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ, स्थिति का जायज़ा लेने के लिए घटनास्थल पर पहुंचा।'</p>
<p style="text-align:justify;">एसएसपी ने कहा, 'हमें पता चला कि यह कम तीव्रता वाला धमाका नहीं, बल्कि विस्फोट का एक प्रयास था।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि इस प्रयास के दौरान, जो व्यक्ति विस्फोट करने की कोशिश कर रहा था, उसकी मौत हो गई और उसका शव बरामद कर लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि घटनास्थल से एक सिम कार्ड बरामद किया गया है। उन्होंने कहा, 'उम्मीद है कि हम जल्द ही पूरी साज़िश का पर्दाफ़ाश कर देंगे।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि राजकीय रेलवे पुलिस, रेलवे सुरक्षा बल और अन्य एजेंसियां ​​जांच में शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:49:37 +0530</pubDate>
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                <title>पाक में फिर सक्रिय हुए 'अज्ञात हमलावर', हाफिज सईद का करीबी आतंकवादी ढेर</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: ISPR]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76422/unknown-attacker-active-again-in-pakistan-terrorist-close-to-hafiz"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-07/pak-army2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लाहौर/दक्षिण भारत। </strong>लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के एक प्रमुख सदस्य और मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड हाफ़िज़ सईद के करीबी सहयोगी शेख यूसुफ़ अफ़रीदी की पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना रविवार को खैबर क्षेत्र के लांडी कोतल में हुई, जो पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद से लगभग 250 किलोमीटर दूर है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के एक सूत्र ने सोमवार को को बताया कि अज्ञात हथियारबंद हमलावरों ने अफ़रीदी पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिसके परिणामस्वरूप उसकी मौके पर ही मौत हो गई।</p>
<p style="text-align:justify;">किसी भी समूह ने इस हमले की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। माना जाता है कि अफ़रीदी आतंकवादी संगठन एलईटी की क्षेत्रीय संरचना में एक अहम व्यक्ति था। उसने खैबर पख्तूनख्वा में आतंकी समूह की गतिविधियों के लिए भर्ती और समन्वय में भी भूमिका निभाई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्र ने बताया, 'इस घटना से इलाके में भारी दहशत फैल गई और स्थानीय अधिकारियों ने उसकी हत्या के लिए ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए जांच शुरू कर दी है।'</p>
<p style="text-align:justify;">एक व्यक्ति ने बताया, 'उसे तब निशाना बनाया गया, जब कुछ अज्ञात हमलावरों ने उस पर गोलियों की बौछार कर दी और मौके से फ़रार होने में कामयाब रहे।'</p>
<p style="text-align:justify;">हफ़्तेभर पहले लाहौर में, एलईटी के संस्थापक आतंकवादियों में से एक आमिर हमज़ा एक हमले में गोली लगने से घायल हो गया था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 10:15:57 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>पंजाब: पटियाला में रेलवे ट्रैक के पास हुआ धमाका</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: S.W.Railways FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76421/explosion-near-railway-track-in-punjab-patiala"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-07/indian-railways.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चंडीगढ़/दक्षिण भारत। </strong>पंजाब के पटियाला में एक रेलवे ट्रैक के पास धमाका हुआ। पुलिस ने यह जानकारी दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि शंभू-अंबाला रेल ट्रैक के पास, जहां यह घटना हुई थी, एक अज्ञात शव भी बरामद किया गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इसका सोमवार देर रात हुए धमाके से कोई संबंध है या नहीं।</p>
<p style="text-align:justify;">पटियाला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वरुण शर्मा ने बताया कि धमाके से ट्रैक को भी कुछ नुकसान पहुंचा है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह घटना रात करीब 10 बजे मालगाड़ियों के लिए बनी रेल पटरी के पास हुई। धमाके की सूचना मिलते ही, पुलिस उप महानिरीक्षक और पटियाला एसएसपी सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी रेलवे पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पटियाला के एसएसपी ने फ़ोन पर बताया, 'एक कम तीव्रता वाला धमाका हुआ है।' उन्होंने कहा कि एक अज्ञात शव भी क्षत-विक्षत हालत में बरामद किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह पूछे जाने पर कि क्या धमाके में मरने वाले व्यक्ति की हत्या की गई थी, एसएसपी ने कहा, 'मामले की जांच चल रही है।'</p>
<p style="text-align:justify;">नमूने इकट्ठा करने के लिए घटनास्थल पर फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम को बुलाया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Apr 2026 09:41:25 +0530</pubDate>
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