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                <title>Dakshin Bharat Rashtramat</title>
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                <description>RSS Feed of Dakshin Bharat Rashtramat</description>
                
                            <item>
                <title>चेन्नई: जीएसटी अधिकारियों के साथ तनातनी के बाद व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में बंद व्यापारिक प्रतिष्ठान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76931/traders-remain-closed-after-clash-with-chennai-gst-officials"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/shutter-down.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई/दक्षिण भारत। </strong>चेन्नई के सौकारपेट में जीएसटी अधिकारियों की टीम के साथ तनातनी के बाद व्यापारियों ने शनिवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। दरअसल जीएसटी अधीक्षक निशांत के नेतृत्व में एक टीम गुरुवार शाम लगभग 4 बजे मिंट स्ट्रीट स्थित महिपाल स्टेनलेस पहुंची और जांच करने लगी। इससे व्यापारी आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते 300 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुट गई और अधिकारियों का घेराव कर लिया। इस दौरान भारी हंगामा हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों से संदेश मिलने के बाद एलिफेंट गेट पुलिस स्टेशन के कर्मी वहां पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला। टीम में निरीक्षक अज़ीज़, सुशील और अन्य अधिकारी शामिल थे। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने जांच पर आपत्ति जताते हुए ऑडिट के गैर-कानूनी होने का दावा किया। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>'जीएसटी चुकाने में आपत्ति नहीं'</strong></p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों का कहना है कि उन्हें जीएसटी चुकाने में आपत्ति नहीं है, लेकिन कोई भी प्रक्रिया नियमानुसार होनी चाहिए। अचानक जीएसटी अधिकारियों के आने से भय फैलता है, कई आशंकाएं जन्म लेती हैं और व्यापार के संचालन पर असर पड़ता है। </p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों ने मांग की कि आयुक्त समेत जीएसटी के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर आना चाहिए और कार्रवाई के बारे में बताना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अधिकारियों को पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों के घेराव और आक्रोश की सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बातचीत के ज़रिए हालात को सामान्य बनाने की कोशिश की। जब कोई सुलह नहीं हुई तो फ्लावर बाज़ार के पुलिस उपायुक्त पहुंचे और व्यापारियों के साथ बातचीत की। इसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ और जीएसटी अधिकारियों को सुरक्षित एलिफेंट गेट पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>शांति और अनुशासन का ध्यान रखने की अपील</strong></p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों के फ़ेडरेशन के बैनर तले और 52 ट्रेड एसोसिएशन के समर्थन से शनिवार को बंद के आह्वान के कारण दुकानों के शटर बंद रहे। इससे बाजारों में लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। व्यापारियों ने बंद के दौरान शांति और अनुशासन का खास ध्यान रखने की अपील की थी। इस मुद्दे की सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>तमिलनाडु</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:02:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पहले जब हवाईअड्डे बनते थे तो उनके नाम एक ही परिवार के नाम पर चढ़ जाते थे: प्रधानमंत्री </title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @BJP4India X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76930/earlier-when-airports-were-built-they-were-named-after-only"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/pm-narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भोगापुरम/दक्षिण भारत।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध प्रदेश के भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू हवाईअड्डे का उद्घाटन किया। साथ ही, विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन नया इतिहास,  नया रिकॉर्ड रचने का भी है। आज एक ओर विकास के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, साथ ही ढिमसा डांस का सास्कृतिक रिकॉर्ड भी रचा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि 13 हजार से ज्यादा आदिवासी बहनों और बेटियों की प्रस्तुति, उनका उत्साह, उनका अनुशासन और आदिवासी संस्कृति का गौरव... यह दृश्य वाकई अद्भुत था। इसमें देश की विविधता की झलक भी थी, और पीढ़ी दर पीढ़ी सहेजकर रखी गई जनजातीय विरासत भी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि मैं इस प्रस्तुति के लिए आप सभी का, और विशेष रूप से मेरी आदिवासी बहनों-बेटियों का बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्लूरी सीताराम राजू ने जिस धरती पर आदिवासी हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, आज उसी धरती पर आंध्र प्रदेश के एक नए हवाईअड्डे की शुरुआत हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह हवाईअड्डा आंध्र और उत्तर आंध्र की ग्रोथ का रनवे है। यह आंध्र के युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉन्चपैड है। मैं आंध्र प्रदेश के लोगों को, देश के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जब हवाईअड्डे बनते थे, तो उनके नाम एक ही परिवार के नाम पर चढ़ जाते थे। हमने इस परंपरा को बदला। हमने अयोध्या में हवाईअड्डे का नाम वाल्मीकि के नाम से जोड़ा। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमने पंजाब में संत रविदास के नाम से हवाईअड्डे का नाम जोड़ा। केंद्र की राजग सरकार ने यह निर्णय किया है कि इस नए हवाईअड्डे का नाम अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश के एविएशन सेक्टर ने असाधारण प्रगति की है। सन् 2014 तक देश में केवल 74 हवाईअड्डे ऑपरेशनल थे। आज यह संख्या 166 है। एक समय था, जब हवाई उड़ाने सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित थी। राजग सरकार में आज छोटे शहर के साधारण लोग भी फ्लाइट से आ-जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज देश ब्ल्यू इकोनॉमी को लगातार मजबूत कर रहा है। हमारा विजन है कि यह पूरा क्षेत्र तटीय आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित हो। इसी लक्ष्य के साथ, विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक हमारे पुराने पोर्ट को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा मुलापेटा और रामायापट्टनम में हम नए पोर्ट भी बना रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमारे प्रतिभाशाली युवाओं की प्रतिभा का लाभ आंध्र प्रदेश और देश को ज्यादा से ज्यादा मिले, यह आवश्यक है। इसके लिए हमारा फोकस अब सेमीकंडक्टर जैसी फ्यूचरिस्टिक टेक इंडस्ट्री पर है। विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का मंत्र है- इन्वेस्टमेंट से इंप्लॉयमेंट। इसलिए सरकार ने भी अपने तरफ से इन्वेस्टमेंट बढ़ाया है और हम प्राइवेट सेक्टर को भी इन्वेस्टमेंट के लिए प्रेरित कर रहे हैं, क्योंकि जब इन्वेस्टमेंट बढ़ता है तो मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है। मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है तो निर्यात बढ़ता है, और निर्यात बढ़ता है तो रोजगार के नए अवसर बनते हैं। जब रोजगार बढ़ता है तो लोगों की आमदनी बढ़ती है। परिवारों की जिंदगी बेहतर होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 15:37:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आंध्र प्रदेश: प्रधानमंत्री ने 5,000 करोड़ रुपए के भोगापुरम हवाईअड्डे का उद्घाटन किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: narendramodi FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76929/andhra-pradesh-pm-inaugurates-rs-5000-crore-bhogapuram-airport"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-12/narendra-modi7.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>विशाखापत्तनम/दक्षिण भारत। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विजयनगरम जिले के भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे का उद्घाटन किया।</p>
<p style="text-align:justify;">आंध्र प्रदेश सरकार, जीएमआर ग्रुप द्वारा विकसित लगभग 5,000 करोड़ रुपए के भोगापुरम हवाईअड्डे को सिर्फ़ एक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के तौर पर नहीं, बल्कि पूरे उत्तर आंध्र क्षेत्र के लिए एक बदलाव लाने वाली संपत्ति के तौर पर देखती है।<br /> <br />इसे औद्योगिक विकास, रोज़गार सृजन, निर्यात, कौशल विकास और अनुसंधान की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">पहले चरण में सालाना 60 लाख यात्रियों को संभालने के लिए डिज़ाइन किए गए इस हवाईअड्डे के लिए क्षमता को बढ़ाकर सालाना 4 करोड़ यात्री करने का मास्टर प्लान भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">हवाईअड्डे पर वाणिज्यिक परिचालन 17 अगस्त से शुरू होंगे। </p>
<p style="text-align:justify;">आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के राम मोहन नायडू ने प्रधानमंत्री को हवाईअड्डे की मुख्य विशेषताओं के बारे में बताया। <br /> <br />प्रधानमंत्री मोदी लगभग 18,000 करोड़ रुपए की परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे और उद्घाटन भी करेंगे।<br /><br /></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 12:08:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंतर-मंतर पर अपनी माता के लिए गलत शब्दों के इस्तेमाल से व्यथित हुए प्रधानमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: narendramodi Instagram]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76928/prime-minister-upset-over-using-wrong-words-for-his-mother"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात का दु:ख है कि जंतर-मंतर पर उनकी दिवंगत मां के लिए भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने अफ़सोस जताया कि 'हमारी बेटियों' ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, साथ ही उन्होंने 'भटके हुए बच्चों' को माफ़ करने की बात भी कही।</p>
<p style="text-align:justify;">इंस्टाग्राम पर देर रात जारी एक और वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे समाज में व्याप्त पीड़ा को समझ सकते हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह युवाओं को अपनाकर उन्हें सही रास्ते पर ले जाने का समय है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन टिप्पणियों पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब देश प्रधानमंत्री से माफ़ी की मांग कर रहा था, तो उन्होंने इसके बजाय देश को माफ़ कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के वीडियो और पोस्ट को टैग करते हुए, कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, 'इसे सुनिए। देश उनसे माफ़ी मांगने को कह रहा है, फिर भी उन्होंने देश को माफ़ कर दिया है।'</p>
<p style="text-align:justify;">अपने वीडियो संदेश में मोदी ने कहा कि वे इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि उनका मन कह रहा था कि जंतर-मंतर पर नीट में कथित गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान जो कुछ हुआ, उस पर वे युवाओं से बात करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कुछ 'शरारती बच्चों' ने उन्हें भद्दी गालियां दीं और ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जो सभ्य समाज के लिए ठीक नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'जंतर-मंतर पर न सिर्फ़ मेरे साथ गाली-गलौज की गई, बल्कि मेरी दिवंगत मां के लिए भी बेहद भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया गया। लेकिन गाली-गलौज से कभी कोई समाधान नहीं निकलता। आइए, जो लोग गुमराह हो गए हैं, उन्हें सही रास्ता दिखाएं।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूं। लोगों से गलतियाँ होती हैं, लेकिन यह जानकर बहुत हैरानी और धक्का लगा कि हमारी बेटियां इतनी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। हमें उन युवाओं को माफ़ कर देना चाहिए जो गुमराह हो गए थे। आख़िरकार, वे हमारे ही बच्चे हैं। उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा फ़र्ज़ है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूं। लोगों से गलतियां होती हैं, लेकिन यह जानकर बहुत हैरानी और धक्का लगा कि हमारी बेटियां इतनी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। हमें उन युवाओं को माफ़ कर देना चाहिए जो गुमराह हो गए थे। आख़िरकार, वे हमारे ही बच्चे हैं। उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा फ़र्ज़ है।'</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने युवाओं से आगे आने और अपनी गलतियों से सीखने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, 'हमारा देश आगे बढ़ रहा है और उन्हें भी इसके साथ आगे बढ़ना चाहिए।' मोदी ने कहा कि बचपन में सुधार की गुंजाइश होती है।<br /> <br />उन्होंने कहा, 'इसीलिए मैं समाज की पीड़ा को पूरी तरह समझता हूं ... यह समय इन बच्चों को गले लगाकर सही रास्ता दिखाने का है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 10:05:58 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>लक्ज़री फ़ैशन का खजाना लेकर आ रही हाई लाइफ़</title>
                                    <description><![CDATA[यह 5 अगस्त को भी जारी रहेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76927/hi-life-is-bringing-the-treasure-of-luxury-fashion"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/hi-life00.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई/दक्षिण भारत।</strong> फैशन और स्टाइल के लिए मशहूर हाई लाइफ़ प्रदर्शनी का आगाज 4 अगस्त को हयात रीजेंसी में होगा। यह 5 अगस्त को भी जारी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके आयोजकों ने बताया कि चेन्नई का सबसे पसंदीदा डिज़ाइनर शॉपिंग डेस्टिनेशन आ गया है। इसका कई दिन पहले से ही इंतजार किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-08/hi-life3.jpg" alt="hi life3" width="701" height="484"/></p>
<p style="text-align:justify;">भारत के मशहूर डिज़ाइनर्स के मॉडर्न कपड़े, शानदार एथनिक वियर, हाथ से बनी ज्वेलरी, स्टाइलिश एक्सेसरीज़ और भी बहुत कुछ के साथ लक्ज़री फ़ैशन की दुनिया आपका इंतजार कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यहां लेटेस्ट ट्रेंड्स, बेहतरीन कारीगरी और खास स्टाइल सबकुछ एक ही जगह से प्राप्त कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>तमिलनाडु</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76927/hi-life-is-bringing-the-treasure-of-luxury-fashion</link>
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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 09:42:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'वंदे मातरम्' का विरोध क्यों?</title>
                                    <description><![CDATA[कुछ लोगों ने इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर रखा है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76926/why-oppose-vande-mataram"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/nation.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">संसद ने 'राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' को पारित कर उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया है, जो 'वंदे मातरम्' का उद्घोष कर भारत मां के लिए बलिदान हुए थे। इस गीत में अद्भुत ऊर्जा है। जो व्यक्ति इसे गाता है, उसके तन और मन में देशभक्ति की लहर पैदा हो जाती है। अंग्रेजी हुकूमत के ज़माने में जब अत्याचारी पुलिस अधिकारी हमारे महान स्वतंत्रता सेनानियों पर लाठियां और कोड़े बरसाते थे, तब उन्हें हर वार के जवाब में 'वंदे मातरम्' सुनने को मिलता था। अत्याचारी मार-मार कर थक जाते थे, लेकिन स्वतंत्रता सेनानियों का जोश कम होने का नाम नहीं लेता था। दुर्भाग्य की बात है कि आज जब 'वंदे मातरम्' को कानूनी संरक्षण दिया जा रहा है तो विपक्ष के कुछ राजनेताओं को यह कदम संविधान और धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ लग रहा है! 'वंदे मातरम्' सुनकर अंग्रेज चिढ़ते थे। उनके रहमो-करम पर पलने वाले सरकारी अधिकारी भड़कते थे। अब तो भारत आज़ाद है। अगर यहां 'वंदे मातरम्' नहीं गाया जाएगा तो कहां गाया जाएगा? जो नेतागण इसका विरोध कर अपनी सियासी रोटियां सेक रहे हैं, वे एक बार इसका सही अनुवाद पढ़ें। इसमें भारत भूमि की सुंदरता और विविधता का वर्णन है। इसके शब्दों में देश की दिव्य शक्तियों का बखान है। भले ही कोई व्यक्ति इसका अर्थ न जानता हो, अगर वह शुद्ध भाव के साथ इसे गाता है तो दिव्यता को महसूस करता है। इस पर आपत्ति जताने के लिए कोई वजह होनी ही नहीं चाहिए। जिस गीत ने स्वतंत्रता की चेतना जगाई, देशवासियों को अंग्रेजों से लड़ने के लिए शक्ति दी, उसका सम्मान करना गर्व का विषय होना चाहिए। 'वंदे मातरम्' का सम्मान उन बलिदानियों का भी सम्मान है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ लोगों ने इसके खिलाफ सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर रखा है। वे अजीब तर्क दे रहे हैं। जैसे- ''वंदे मातरम्' गाने से क्या हो जाएगा? क्या इससे रोटी मिल जाएगी?' इनसे कोई पूछे- 'क्या 'वंदे मातरम्' न गाने से सबकुछ हो जाएगा? क्या इसे नहीं गाएंगे तो छप्पन तरह के पकवान मिल जाएंगे?' मनुष्य को पेट भरने के अलावा भी कुछ सोचना चाहिए। हर काम दाल-रोटी के लिए नहीं होता है। राष्ट्र का गौरव भी होता है, जिसे याद करना चाहिए। बलिदान का इतिहास भी होता है, जिसे भूलना नहीं चाहिए। जो लोग आज 'वंदे मातरम्' न गाने के लिए तरह-तरह के बहाने बना रहे हैं, उनसे पूछना चाहिए- अगर डेढ़ सौ साल पहले सभी लोगों की यह सोच होती कि आज़ादी की लड़ाई से क्या हो जाएगा, क्या इससे रोटी मिल जाएगी, क्या इससे सरकारी नौकरी मिल जाएगी, क्या इससे मुफ्त इलाज मिल जाएगा, क्या इससे दैनिक जरूरतें पूरी हो जाएंगी, क्या इससे चीजें सस्ती हो जाएंगी ... तो इस देश का क्या होता? हमारा क्या होता? अंग्रेजी राज में 'वंदे मातरम्' गाने का मतलब था- जेल, पिटाई और फांसी! फिर भी हमारे पूर्वजों ने ज़िद नहीं छोड़ी थी। वे जेल गए, पिटाई बर्दाश्त की, फंदों पर लटके, लेकिन यह उद्घोष कभी शांत नहीं हुआ था। स्वतंत्रता सेनानियों का सपना था कि वे आज़ाद हिन्दुस्तान में 'वंदे मातरम्' गाएं। कई तो मन में यह आस लेकर ही बलिदान हो गए थे। आज उसी देश में कुछ लोग 'वंदे मातरम्' के खिलाफ बातें कर रहे हैं! अगर हम अपने राष्ट्रगीत का सम्मान नहीं करेंगे तो नई पीढ़ी पर उसका कैसा असर होगा? क्या वह देश का इतिहास नहीं भूल जाएगी? क्या वह त्यागी और बलिदानी योद्धाओं का सम्मान करना सीखेगी? उसे तो यही लगेगा कि अंग्रेज भ्रमण करते-करते भारत आए और एक दिन चाय-नाश्ता कर ब्रिटेन लौट गए थे। क्या हम यह सीख देना चाहेंगे? देश को बहुत बड़ी कीमत चुकाने के बाद आज़ादी मिली थी। हमें इसके प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 09:17:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अंकित शर्मा हत्याकांड में ताहिर हुसैन और 4 अन्य को मिली उम्रकैद</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76925/tahir-hussain-and-4-others-get-life-imprisonment-in-ankit"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-11/court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को साल 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में 'आप' के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन और चार अन्य लोगों को उम्रकैद की सज़ा सुनाई।</p>
<p style="text-align:justify;">अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने सज़ा की अवधि पर दलीलें सुनने के बाद सभी पांचों दोषियों को सज़ा सुनाई और कहा कि अभियोजन पक्ष यह साबित नहीं कर पाया कि दोषियों में सुधार की कोई गुंजाइश नहीं है।<br /> <br />यह फ़ैसला कड़ी सुरक्षा के बीच हुसैन और अन्य लोगों की मौजूदगी में सुनाया गया। कोर्टरूम वकीलों और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से खचाखच भरा हुआ था, जिनमें क्राइम ब्रांच के संयुक्त आयुक्त और डीसीपी भी शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने सभी पांचों आरोपियों के लिए मौत की सज़ा की मांग की थी। पुलिस का कहना था कि अंकित शर्मा पर लगातार हमला करते हुए वे 'जानवरों के स्तर' पर उतर आए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">विशेष लोक अभियोजक मधुकर पांडे ने कहा था कि अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या की गई थी और दोषियों ने उन पर ज़रा भी रहम नहीं दिखाया था, इसलिए उन्हें कोई रियायत नहीं दी जानी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पांडे ने कहा था, 'जो लोग आज रहम की गुहार लगा रहे हैं, उन्हें खुद भी रहम दिखाना चाहिए था। किसी ने भी रहम नहीं दिखाया। किसी ने अंकित को अस्पताल तक नहीं पहुंचाया। इतने बेरहम तरीके से हत्या करने के बाद वे रहम की भीख मांग रहे हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">13 जुलाई को अदालत ने हुसैन और चार अन्य लोगों को अंकित शर्मा की हत्या का दोषी ठहराया था। दंगों के दौरान भीड़ ने अंकित पर हमला किया था। बाद में उनका शव एक नाले में मिला था।</p>
<p style="text-align:justify;">अपने फ़ैसले में अदालत ने कहा कि हुसैन भारी हथियारों से लैस उस भीड़ का हिस्सा था जो हिंदुओं के प्रति नफ़रत की भावना से दंगा, आगज़नी और लूटपाट करने के लिए इकट्ठा हुई थी और जिसने अंकित शर्मा की बेरहमी से और लगातार हमला करके हत्या कर दी थी।<br /> <br />अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने यह साबित कर दिया था कि गैर-कानूनी भीड़ के सदस्यों को पता था कि अपने साझा मकसद को पूरा करने के दौरान किसी की मौत हो सकती है या किसी की हत्या हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 16:47:13 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तस्लीमा नसरीन 19 साल बाद कोलकाता लौटीं</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: nasreen.taslima FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76924/taslima-nasreen-returned-to-kolkata-after-19-years"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/taslima-nasrin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत। </strong>बांग्लादेश से निर्वासित लेखिका तसलीमा नसरीन शुक्रवार को लगभग 19 साल बाद कोलकाता लौटीं। उन्होंने इस यात्रा को एक भावनात्मक 'घर वापसी' बताया और कहा कि वे इस शहर को आज भी अपना ही मानती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उनका यह दौरा शनिवार को होने वाले एक साहित्यिक कार्यक्रम से पहले हो रहा है, जिसने पश्चिम बंगाल में भाजपा की नई सरकार के तहत राजनीतिक महत्त्व हासिल कर लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर अपनी अगवानी के लिए इंतज़ार कर रहे लोगों का नसरीन ने हाथ जोड़कर अभिवादन किया और कहा, 'वापस आकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा है।'</p>
<p style="text-align:justify;">यह नवंबर 2007 के बाद कोलकाता की उनकी पहली यात्रा है, जब उन्हें अपनी लेखनी को लेकर हुए हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के कारण शहर छोड़ने पर मजबूर होना पड़ा था।</p>
<p style="text-align:justify;">लेखिका साल 2007 के बाद पहली बार कोलकाता में रवींद्र सदन में होने वाले एक साहित्यिक कार्यक्रम में सार्वजनिक रूप से शामिल होने वाली हैं, जहां उनके कविता पाठ करने की उम्मीद है।<br /> <br />मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और मशहूर लेखक शीर्षेंदु मुखोपाध्याय उन लोगों में शामिल हैं जिनके कार्यक्रम में शामिल होने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि इसे एक साहित्यिक आयोजन के तौर पर शुरू किया गया था, लेकिन यह कार्यक्रम स्वाभाविक रूप से राजनीतिक महत्त्व का हो गया है। यह आयोजन पश्चिम बंगाल में भाजपा के सरकार बनाने के कुछ महीनों बाद और अभिव्यक्ति की आज़ादी, धर्मनिरपेक्षता और धार्मिक भावनाओं के प्रति राज्य के रवैए पर फिर से शुरू हुई बहस के बीच हो रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">तस्लीमा नसरीन ने कहा, 'मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं अपने ही देश लौट रही हूं। मेरे दिल में बंगाल कभी भी किसी सरहद या कंटीले तारों की बाड़ से बंटा नहीं रहा। बंगाल के पूर्वी हिस्से का दरवाज़ा मेरे लिए बंद है, इसलिए फ़िलहाल बंगाल का यही हिस्सा मेरा घर है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि वे 'खुशी, लेकिन साथ ही दर्द' के साथ लौट रही हैं। उन्हें याद आया कि कोलकाता ने उन्हें घर, दोस्त, पाठक और अपनापन दिया था, इससे पहले कि उन्हें वहां से जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।<br /> <br />इस यात्रा को सिर्फ़ निजी तौर पर घर वापसी से कहीं ज़्यादा बताते हुए, तस्लीमा नसरीन ने कहा कि यह उस आवाज़ की वापसी का प्रतीक है जिसे  कट्टरपंथियों ने कभी दबाने की कोशिश की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने अपनी यात्रा को आसान बनाने और सुरक्षा मुहैया कराने के लिए आयोजकों और पश्चिम बंगाल सरकार का भी धन्यवाद किया। साथ ही, उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सत्ता में चाहे किसी भी विचारधारा की सरकार हो, लेखक की आज़ादी एक मौलिक अधिकार बनी रहनी चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76924/taslima-nasreen-returned-to-kolkata-after-19-years</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 15:12:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कावेरी विवाद: कन्नड़ समर्थक संगठनों ने 13 अगस्त को राज्य बंद की घोषणा की</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: Google Map]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76923/cauvery-dispute-pro-kannada-organizations-declare-state-bandh-on-august-13"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/karnataka.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> कन्नड़ समर्थक संगठनों ने शुक्रवार को राज्यभर में 13 अगस्त को बंद की घोषणा की है। यह बंद सीडब्ल्यूएमए के उस निर्देश के विरोध में बुलाया गया है, जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए कहा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने के विरोध में आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बेंगलूरु में कन्नड़ समर्थक संगठनों की एक बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ता वताल नागराज ने की। बैठक के बाद उन्होंने उक्त घोषणा की।<br /> <br />यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कर्नाटक बंद रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने लोगों से इस बंद में सहयोग और समर्थन करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, 'आइए, हम सब मिलकर बेलगावी से चामराजनगर तक कर्नाटक बंद को ज़बरदस्त सफल बनाएं।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने उन सभी राजनीतिक दलों की भी कड़ी आलोचना की जो कावेरी आदेश का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संगठनों ने तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने का विरोध किया। उनका तर्क था कि कर्नाटक खुद पानी की कमी का सामना कर रहा है और पानी छोड़ने से राज्य के किसानों पर बुरा असर पड़ेगा।<br /> <br />कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की उस सिफारिश को बरकरार रखा, जिसमें तमिलनाडु को 15 दिनों तक रोज़ाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने की बात कही गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 14:11:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>युवा आपकी सच्चाई जान चुके हैं, अमित शाह से इस्तीफ़ा दिलवाइए: खरगे</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: IndianNationalCongress FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76922/the-youth-have-known-your-truth-kharge-should-get-amit"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/mallikarjun-kharge.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें जबरन हिरासत में लेने के ज़रिए बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफ़ा लेने की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने कहा कि युवाओं ने इस शर्त पर अपना आंदोलन वापस लिया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन अब भाजपा सरकारें अपनी ही बात से मुकर गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने कहा, 'नरेंद्र मोदीजी, 10 दिन पहले आपकी सरकार ने युवाओं पर लाठी, डंडे और पैलेट गन का इस्तेमाल करके कार्रवाई की।' उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई और देश के अन्य हिस्सों में नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ विरोध कर रहे छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई का ज़िक्र किया।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, 'अब जब छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है, तो आप उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके और उन्हें जबरन हिरासत में रखकर बदले की भावना से काम कर रहे हैं।'<br /> <br />उन्होंने कहा, 'युवाओं ने इस शर्त पर अपना आंदोलन वापस लिया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब आपकी सरकारें अपनी ही बात से मुकर गई हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए जा रहे हैं और युवतियों को 'डॉक्स' किया जा रहा है।<br /> <br />खरगे ने कहा कि यह 'अहंकार' ही है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद भवन में आए तक नहीं और जवाबदेही पर बयान देने से बचते रहे।<br /> <br />खरगे ने कहा, 'अपनी इज़्ज़त बचाने और अपनी छवि को सुरक्षित रखने के ये हथकंडे अब काम नहीं आएंगे। युवा आपके बारे में सच्चाई जान चुके हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, 'अगर ज़रा भी शर्म बची है तो अमित शाह से इस्तीफ़ा दिलवाइए।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 11:44:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, मोदी-शाह इस बात का ध्यान रखें: राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: IndianNationalCongress FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76921/rahul-gandhi-should-keep-in-mind-how-modi-shah-treat-the"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-11/rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर 'जेन ज़ी' को धमकाने का आरोप लगाया और कहा कि ये दोनों 'भारत का अतीत' हैं और उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि देश के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद कराने के पीछे मोदी और शाह का हाथ है।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी और (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह - आप जेन ज़ी को डरा-धमकाकर चुप नहीं करा सकते हैं।'<br /> <br />उन्होंने कहा, 'पहले तो आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं। अब आप एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं और उनके अकाउंट बंद करवा रहे हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, इस बात का ध्यान रखें।'</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर ​कहा था, 'छात्र न्याय के हकदार हैं। हमारे छात्रों के साथ हुई बर्बरता की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 10:52:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भिवंडी में चार मंज़िला इमारत गिरने से 6 लोगों की मौत</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76920/6-people-died-after-four-storey-building-collapsed-in-bhiwandi"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-06/ambulance.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ठाणे/दक्षिण भारत। </strong>महाराष्ट्र के भिवंडी में चार मंज़िला इमारत गिरने से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि छह से सात लोग अभी भी मलबे में दबे हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि ठाणे ज़िले के पावरलूम शहर के बालाजी नगर इलाके में कोहिनूर बिल्डिंग का एक हिस्सा गुरुवार रात करीब 11:30 बजे ढह गया।</p>
<p style="text-align:justify;">रेसिडेंट उप-कलेक्टर संदीप माने ने कहा, 'कम से कम छह लोगों की मौत हुई है। एक को छोड़कर बाकी सभी की पहचान अभी होनी बाकी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेजा गया है।'</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि मलबे के नीचे अभी भी छह से सात लोग फंसे हुए हैं और खोज व बचाव अभियान चल रहा है। अधिकारियों ने एक घायल लड़के को भी बचाया, जिसे पास के अस्पताल ले जाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">नगरपालिका अधिकारियों ने बताया कि इस इमारत में 48 कमरे थे। हर मंज़िल पर 12 कमरे थे। नगर निकाय ने इसे खतरनाक घोषित किया था। मरम्मत का काम चल रहा था, तभी यह इमारत ढह गई। <br /> <br />जानकारी के अनुसार, गुरुवार रात करीब 9 बजे लोगों ने इमारत से चटखने की आवाज़े सुनी थीं। इससे उनमें घबराहट फैल गई। कई परिवार बाहर निकल आए थे। जब कुछ निवासी इमारत से बाहर निकल रहे थे, एक हिस्सा ढह गया।</p>
<p style="text-align:justify;">कई एजेंसियों का संयुक्त बचाव अभियान चल रहा है। घटनास्थल पर श्वान दस्ता, दमकल, एंबुलेंस और मलबा हटाने के लिए मशीनें तैनात हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 09:41:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आधुनिकता के नाम पर नई विकृति</title>
                                    <description><![CDATA[सहजीवन संबंध के पीछे शारीरिक आकर्षण मुख्य तत्त्व है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76919/new-distortion-in-the-name-of-modernity"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/modern.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने विवाह और सहजीवन संबंध के बारे में जो टिप्पणी की है, उससे युवाओं को शिक्षा लेनी चाहिए। भागवत ने सत्य कहा कि विवाह एक ऐसा अनुशासन है, जो धर्म के संस्कार देता है, जबकि सहजीवन संबंध की वास्तविकता पूरी दुनिया में देखी जा सकती है। उन्होंने जेन जी की मनोदशा के बारे में भी पूर्णत: सत्य कहा कि ये दूसरों की देखादेखी करते हैं, भावुक होते हैं, शांत मन से नहीं सोचते हैं और जो बात सही लगती है, उसी की ओर आकर्षित हो जाते हैं। सहजीवन संबंध के पीछे शारीरिक आकर्षण मुख्य तत्त्व होता है। जब तक यह बना रहता है, दोनों साथ रहते हैं। जैसे ही आकर्षण खत्म हुआ, दोनों के रास्ते अलग हो जाते हैं। पश्चिमी देशों में इसका खूब बोलबाला है। अब कई भारतीय युवा इस रास्ते पर चल पड़े हैं। इसका नतीजा पचास साल बाद जो होगा, सो होगा, लेकिन इसके रुझान आने लगे हैं। अक्सर सहजीवन संबंध भयंकर कड़वाहट के साथ खत्म होते हैं। कई मामलों में महिला-पुरुष को अदालतों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जब सहजीवन संबंध के एक-दो साल बाद महिला ने पुरुष पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। वहीं, पुरुष ने उस पर धोखा देने का आरोप लगाकर अपना बचाव किया। अदालतें भी ऐसे संबंधों पर चिंता जता चुकी हैं। भारत समेत कई देशों में संयुक्त परिवारों का चलन रहा है। उन्हें प्रगति के नाम पर धीरे-धीरे तोड़ा गया। ऐसा माना जाता है कि इसके पीछे पश्चिमी कंपनियों की साजिश थी। अगर संयुक्त परिवार होगा तो एक मकान, एक टीवी, एक वाहन, एक टेलीफोन, एक फ्रिज आदि से काम चल जाएगा। बड़े बच्चों के कपड़े बाद में छोटे बच्चों के काम आ सकते हैं। उनकी किताबें छोटे भाई-बहन पढ़ सकते हैं। अगर परिवार टूटेंगे तो सबको अपनी जरूरतों के लिए अलग-अलग चीजें खरीदनी होंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अब इससे एक कदम आगे की तैयारी है! सहजीवन के पीछे कोई ठोस प्रतिबद्धता नहीं होती है। बस, भोगवाद को प्रधानता दी जाती है। यहां संयम की कोई शर्त नहीं है। इसमें आने के बाद भविष्य की परवाह कौन करे? खाएं, पीएं, मौज उड़ाएं। कल किसने देखा है? इस 'कल्चर' ने कई कंपनियों का धंधा खूब चमका दिया है। फिल्मों और वेबसीरीजों ने सहजीवन संबंध को बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। उनके जरिए युवाओं के मन में यह बात बैठाने की पूरी कोशिश की जाती है कि 'सहजीवन संबंध आधुनिकता की निशानी है।' हालांकि, जब इसमें कड़वाहट आती है तो पूरा खामियाजा एकसाथ भुगतने के प्रबल योग बन जाते हैं। माता-पिता को पछतावा होता है कि उन्होंने समय रहते बच्चों को मार्गदर्शन नहीं दिया। एक शख्स ने अपने मामा की आपबीती का वर्णन कुछ इस तरह किया- मामा दिखने में बड़े सीधे लगते थे। वे दो बच्चों के पिता थे। विदेश में उनकी नौकरी लगी तो यह वादा कर चले गए कि कुछ दिन बाद पत्नी-बच्चों को बुला लूंगा। सालभर गुजरने के बावजूद मामा ने उन्हें बुलाने की कोई कोशिश नहीं की। जब कभी परिवार इस बारे में पूछता तो वे कोई और बात शुरू कर देते थे। इस बीच, भांजे ने अपनी नौकरी लगवाने के लिए कई बार आग्रह किया, लेकिन मामा का एक ही जवाब होता था- 'अब यहां वह बात नहीं रही, धंधा मंदा चल रहा है, बड़ी मुश्किल से गुजारा हो रहा है।' एक दिन मामी और भांजे ने योजना बनाई। वे अचानक वहां पहुंच गए तो पता चला कि मामा एक महिला के साथ सहजीवन संबंध में रह रहे थे और अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा उसी पर उड़ा रहे थे। फिर तो भारी हंगामा और रोना-धोना हुआ। वह व्यक्ति बड़ी मुश्किल से स्वदेश लौटा। ऐसी घटना किसी और के साथ न हो, इसके लिए परिवार में खुलकर बात करें और इस विकृति से कोसों दूर रहें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76919/new-distortion-in-the-name-of-modernity</link>
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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 09:09:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'ई20 पेट्रोल से फ्यूल इकॉनमी 2 से 6% तक कम हो सकती है'</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @NitinGadkariOfficial YouTube Channel]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76918/e20-petrol-can-reduce-fuel-economy-by-2-to-6"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-04/nitin-gadkari.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को संसद को बताया कि 20 प्रतिशत इथेनॉल (ई20) मिला हुआ पेट्रोल, गाड़ी की कैटेगरी और उसकी उम्र के आधार पर फ्यूल इकॉनमी को 2 से 6 प्रतिशत तक कम कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने तर्क दिया कि डायनामोमीटर पर इंजन की टिकाऊपन की जांच और सड़क पर वाहन के परीक्षणों में ई20 के कारण कोई खराबी नहीं देखी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा में एक लिखित जवाब में गडकरी ने कहा कि ई10 ईंधन की तुलना में ई20 ईंधन बेहतर एक्सेलरेशन, बेहतर राइड क्वालिटी और लगभग 30 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गडकरी ने कहा कि बीएस-3, बीएस-4 और बीएस-6 ई10 (पेट्रोल) वाले दो-पहिया और चार-पहिया वाहनों पर ई20 के असर का पता लगाने के लिए एआरएआई, एसआईएएम और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने मिलकर एक अध्ययन किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस अध्ययन में संबंधित सर्टिफ़िकेशन ज़रूरतों के हिसाब से स्टैंडर्ड टेस्टिंग और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफ़ैक्चरर्स के साथ मिलकर तैयार किए गए कस्टमाइज़्ड टेस्ट प्रोटोकॉल शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने कहा, 'गाड़ी की कैटेगरी और उसकी उम्र के आधार पर गाड़ियों की फ्यूल एफिशिएंसी 2 से 6 प्रतिशत तक कम हो सकती है। डायनामोमीटर पर इंजन की ड्यूरेबिलिटी और सड़क पर गाड़ी के टेस्ट में ई20 की वजह से कोई खराबी नहीं देखी गई है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 17:07:44 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कावेरी जल विवाद: मंड्या में कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन तेज़ किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: TVKVijayHQ FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76917/kannada-activists-intensify-protest-in-mandya-over-cauvery-water-dispute"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-09/tvk-vijay.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मंड्या/दक्षिण भारत। </strong>कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मंड्या में अपना विरोध प्रदर्शन और तेज़ कर दिया। यह विरोध सीडब्ल्यूआरसी के उस निर्देश के ख़िलाफ़ था जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए रोज़ाना 3,500 क्यूसेक कावेरी का पानी छोड़ने को कहा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की फ़िल्म 'जना नायकन' के पोस्टर फाड़े। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह दबाव में न झुके और तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी न छोड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">एक सिनेमा हॉल में, जहां ‘जना नायकन’ दिखाई जा रही थी, कार्यकर्ताओं ने थिएटर को घेर लिया, मैनेजमेंट से बातचीत की और फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की मांग की। इसके बाद मैनेजमेंट इसे रद्द करने के लिए सहमत हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने थिएटर के बाहर फ़िल्म के पोस्टर फाड़ दिए और सीडब्ल्यूआरसी के निर्देश के ख़िलाफ़ नारे लगाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने डिप्टी कमिश्नर (ज़िला कलेक्टर) के ज़रिए राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कावेरी का पानी तमिलनाडु को न छोड़ने की अपील की गई और मंड्या में किसानों के आंदोलन का समर्थन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, 'मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कृपया उन्हें (संबंधित अधिकारियों को) बताएं कि हमारे पास पीने का पानी भी नहीं है और न ही हमारे मवेशियों के लिए पानी है। लोग बहुत मुश्किल हालात में हैं। उनसे गुज़ारिश करें कि वे हमें थोड़ा और समय दें।'</p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा कि मंड्या ज़िले के लोग कर्नाटक के हितों की रक्षा के लिए हमेशा सबसे आगे रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारी ने कहा, 'कृपया हमारी तरफ़ से उन्हें मनाइए। हम आप पर भरोसा कर रहे हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि व्यक्तिगत रूप से दखल दें और सुनिश्चित करें कि यह मामला सुलझ जाए।'</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि राज्य में पेयजल संकट को देखते हुए कर्नाटक कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि अगर सरकार तमिलनाडु को पानी छोड़ने के फैसले पर आगे बढ़ती है तो आंदोलन और तेज़ हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने तर्क दिया कि कावेरी जल विनियमन समिति के निर्देश को लागू करने से पहले कर्नाटक में पानी की मौजूदा स्थिति, खासकर पीने के पानी के संकट को ध्यान में रखा जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 16:22:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्चतम न्यायालय ने आरएएफ द्वारा इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद का रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76916/supreme-court-asks-to-preserve-records-of-ammunition-used-by"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-11/court.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को केंद्र सरकार से कहा कि वह नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर तैनात आरएएफ के गोला-बारूद का रिकॉर्ड सुरक्षित रखे।</p>
<p style="text-align:justify;">न्यायालय ने पूर्व केंद्रीय सूचना आयुक्त एवं रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी यशोवर्धन आज़ाद और दो पीड़ितों की ओर से दायर उस याचिका में की गई एक मांग पर सवाल उठाया, जिसमें कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए मैटेलिक पेलेट गन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की गई थी।<br /> <br />इसमें ब्यूरो ऑफ़ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (बीपीआरडी) की एडवाइज़री का ज़िक्र किया गया और कहा गया कि पुलिस को असाधारण स्थितियों में पेलेट गन इस्तेमाल करने का अधिकार है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने वरिष्ठ वकील वृंदा ग्रोवर की दलीलों पर ध्यान दिया और दिल्ली सरकार से कहा कि वे उन लोगों का सबसे अच्छा इलाज करें जो यहां नीट पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन के दौरान पैलेट लगने से घायल हुए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, पीठ ने कहा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 20 जुलाई को बुलाए गए विरोध प्रदर्शन में पैलेट गन के इस्तेमाल की जांच करने के लिए तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रोवर की दलीलों पर ध्यान देते हुए, पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के ज़रिए केंद्र सरकार से कहा कि वे विरोध प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर तैनात आरएएफ के गोला-बारूद का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।<br /> <br />आज़ाद ने याचिका दायर कर मांग की है कि नागरिकों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पंप-एक्शन या प्रोजेक्टाइल-एक्शन वाली बंदूकों से पूरी तरह या आंशिक रूप से धातु के छर्रे  वाले गोला-बारूद के इस्तेमाल पर देशव्यापी रोक लगाई जाए। उनका तर्क है कि ऐसे हथियार बल प्रयोग से जुड़े संवैधानिक मानकों के अनुकूल नहीं हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर यह पीआईएल आज़ाद और उन दो लोगों ने मिलकर दायर की है, जिनका दावा है कि 20 जुलाई को मध्य दिल्ली में हुए 'संसद चलो' विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें छर्रे से चोटें आई थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 12:43:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लिया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: ajinkyarahaneofficial FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76915/ajinkya-rahane-retired-from-international-cricket"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/ajinkya-rahane.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई/दक्षिण भारत।</strong> भारत के वरिष्ठ बल्लेबाज़ अजिंक्य रहाणे ने गुरुवार को तुरंत प्रभाव से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की। उन्होंने कहा कि अब उनके लिए आगे बढ़ने का सही समय है।</p>
<p style="text-align:justify;">38 वर्षीय खिलाड़ी ने सन् 2013 में शुरू हुए अपने करियर में भारत के लिए कुल मिलाकर 85 टेस्ट, 90 वनडे और 20 टी20 मैच खेले। हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ सन् 2023 की अवे टेस्ट सीरीज के बाद से वे भारत के लिए नहीं खेले हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">रहाणे ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, 'आज मुझे लगता है कि आगे बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के सभी फ़ॉर्मेट से संन्यास लेने की घोषणा करने का सही समय आ गया है।'</p>
<p style="text-align:justify;">नेशनल सेलेक्टर्स की नज़रों से दूर होने के बावजूद, रहाणे घरेलू क्रिकेट में सक्रिय रहे हैं और 2024-25 सीज़न तक मुंबई की कप्तानी की है।</p>
<div class="youtubeplayer-responsive-iframe-outer"><iframe class="youtubeplayer-responsive-iframe" title="YouTube video player" src="https://www.youtube.com/embed/q2_7P1pN4qQ" width="560" height="315" frameborder="0" allowfullscreen=""></iframe></div>
<p style="text-align:justify;">अजिंक्य रहाणे का जन्म 6 जून, 1988 को महाराष्ट्र के अश्वी खुर्द में मधुकर बाबूराव रहाणे और सुजाता रहाणे के घर में हुआ था। उनका पैतृक गांव अहमदनगर ज़िले के संगमनेर तालुका में चंदनपुरी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अजिंक्य रहाणे ने 2007-08 रणजी ट्रॉफी सीज़न में मुंबई के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था। उन्होंने अगस्त 2011 में मैनचेस्टर में इंग्लैंड के खिलाफ़ अपना पहला टी20 इंटरनेशनल मैच खेला और मार्च 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ़ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>खेल</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76915/ajinkya-rahane-retired-from-international-cricket</link>
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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 10:29:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>क्या बांकीपुर में जन सुराज का खाता खोल पाएंगे प्रशांत किशोर?</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @JanSuraaj_ YouTube Channel]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76914/will-prashant-kishor-be-able-to-open-jan-surajs-account"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-10/prashant-kishor2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटना/दक्षिण भारत।</strong> बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर समेत 26 उम्मीदवारों की किस्मत तय करने के लिए करीब 3.80 लाख मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। प्रशांत किशोर इस चुनाव से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। मतगणना 3 अगस्त को होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ साल पहले 'जन सुराज पार्टी' शुरू करने वाले किशोर के मैदान में उतरने से, भाजपा के गढ़ रहे इस चुनाव क्षेत्र में मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल में राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी सीट खाली कर दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">नवीन ने पिछले साल नवंबर में लगातार पांचवीं बार विधानसभा सीट जीती थी। उन्होंने राजद की अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी रेखा गुप्ता को 50,000 से ज़्यादा वोटों से हराया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अब भाजपा ने युवा नेता नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है। यह पार्टी सन् 1995 से बांकीपुर सीट नहीं हारी है, जब इस निर्वाचन क्षेत्र को 'पटना पश्चिम' के नाम से जाना जाता था।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, निर्वाचन क्षेत्र के सभी 422 मतदान केंद्र शहरी इलाकों में स्थित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किशोर ने गुरुवार को बिहार पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने भाजपा के कहने पर उनके कई समर्थकों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को बांकीपुर सीट पर उपचुनाव हारने का डर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 09:57:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तूफानों का सामना कैसे करेगा नया खून?</title>
                                    <description><![CDATA[बच्चों को मजबूत और चरित्रवान बनाना है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76913/how-will-the-new-blood-face-the-storms"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/young.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल के वीर शहीदों को याद कर उन्हें देशवासियों की ओर से श्रद्धांजलि दी है। जुलाई में देशभर में कारगिल के शहीदों के सम्मान में कार्यक्रम होते हैं। वहीं, अगस्त में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। उन योद्धाओं ने अपनी जान की बाज़ी लगाकर हमारे देश की स्वतंत्रता और अखंडता की रक्षा की थी। उन्हें याद करना इसलिए भी प्रासंगिक है, क्योंकि वे उस ज़माने का नया खून थे। उनके कारनामों पर फख्र होता है। वहीं, दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर भारत के विभिन्न शहरों में सीजेपी प्रदर्शन के नाम पर जिस तरह कई लोगों ने अभद्रता और अश्लीलता का तांडव मचाया, आपत्तिजनक इशारे किए, उससे माथा शर्म से झुक जाता है। ये लोग किन्हें अपना आदर्श मान बैठे हैं? इन्हें ऐसी हरकतें किसने सिखाईं? आज के कई युवाओं को कारगिल के अमर बलिदानियों के बारे में कुछ मालूम ही नहीं है। वे दिनभर रील देखते हैं और उन लोगों को अपना हीरो मानते हैं, जिन्होंने फिल्मों और वेबसीरीजों में अश्लीलता की बारिश कर रखी है। वे उनके आपत्तिजनक संवादों को दोहराकर खुद को आधुनिक दिखाना चाहते हैं। याद करें, कैप्टन मनोज कुमार पांडेय को, जो सिर्फ 24 साल की उम्र में भारत मां के लिए बलिदान हो गए थे! इतनी ही उम्र में, कैप्टन विक्रम बत्रा साहस और बलिदान की मिसाल बन गए थे। कैप्टन सौरभ कालिया ने देश के लिए प्राण दे दिए, लेकिन अपने लक्ष्य से नहीं डिगे थे। मेजर विवेक गुप्ता सख्त हालात में तोलोलिंग पर तिरंगा लहराने का इरादा लेकर निकले थे। मेजर पद्मपाणि आचार्य गोलियों की बौछार में भी लक्ष्य की ओर बढ़ते रहे थे। ऐसे कई बलिदानियों ने उस युद्ध में सीने पर गोलियां खाई थीं। उन्होंने अपना लहू बहाया था, इसलिए आज हम सुरक्षित हैं। युवाओं के आदर्श ऐसे योद्धा होने चाहिएं, न कि वे कथित सेलिब्रिटी जो उन्हें उल्टी सीख देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">नई पीढ़ी के दिलो-दिमाग में कुछ ऐसी आदतें घर कर गई हैं, जो उन्हें कमजोर बनाती हैं। मोबाइल फोन पर अत्यधिक निर्भरता, सुख-सुविधाओं का आदी होना, मानसिक भटकाव, जरा-सी तकलीफ आते ही आगबबूला हो जाना, सोशल मीडिया पर कोई महंगी चीज देखकर उसे पाने के लिए लालायित रहना - ये आदतें उन्हें कैसा नागरिक बनाएंगी? कभी-कभी महसूस होता है कि इन बच्चों के लिए सैन्य प्रशिक्षण अनिवार्य होना चाहिए, ताकि इनमें कुछ अनुशासन आ जाए, समस्याओं से जूझने का जज्बा पैदा हो जाए। भले ही हथियार चलाने और अन्य तकनीकी विषयों की जानकारी न दी जाए, लेकिन मुश्किल हालात का सामना करना सिखाया जाए। इन्हें बताया जाए कि मोबाइल फोन के बाहर भी एक दुनिया है। उसे देखने का खास नज़रिया पैदा किया जाए। भारत के सामने कौनसी चुनौतियां हैं? हमारे पास कौनसी शक्तियां हैं? हम बाधाओं पर विजय कैसे प्राप्त कर सकते हैं? युवाओं को इनकी जानकारी होना बहुत जरूरी है। कई अभिभावक शिकायत करते हैं कि उनके बच्चों को समय पर कोई चीज न मिले तो वे हंगामा खड़ा कर देते हैं। अगर मनपसंद सब्जी नहीं बनी तो खाना बीच में छोड़ देते हैं। ऑनलाइन ऑर्डर कर पिज्जा, बर्गर आदि मंगवा लेते हैं। अगर किसी कारणवश एक-डेढ़ घंटे के लिए बिजली कटौती हो जाए तो वे पूरी व्यवस्था को कोसने लगते हैं। अगर सुरक्षा संबंधी कारणों से इंटरनेट बंद कर दिया जाए तो एक घंटा बिताना एक युग काटने जैसा लगता है। पिछले दिनों जब पश्चिमी एशिया में सैन्य संघर्ष के कारण देश के कुछ इलाकों में एलपीजी और पेट्रोल की किल्लत के बारे में अफवाह फैली तो वे घबरा गए थे! सोचिए, भविष्य में भारत सरकार पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करे और उस दौरान इंटरनेट बंद कर दिया जाए, बिजली आपूर्ति सीमित कर दी जाए और ईंधन पहुंचाने में ज्यादा समय लगे तो नई पीढ़ी की कैसी प्रतिक्रिया होगी? हमें इन बच्चों को मजबूत और चरित्रवान बनाना है, ताकि ये हर तूफान का अटल होकर सामना कर सकें।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 09:02:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>लोकसभा: पेपर लीक विरोधी संशोधन विधेयक को मंजूरी मिली</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76912/lok-sabha-anti-paper-leak-amendment-bill-approved"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-09/classroom1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>विपक्ष की नारेबाजी के बीच, लोकसभा ने बुधवार को पेपर लीक रोकने वाले कानून में संशोधन करने वाले विधेयक को मंज़ूरी दे दी। इस संशोधन के तहत अब पेपर लीक के दोषियों को 10 साल तक की सज़ा और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 27 जुलाई को सदन में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया। इसमें सज़ा के कड़े प्रावधान हैं। यह विधेयक 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में छात्रों के बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के कुछ दिनों बाद पेश किया गया, जिसके कारण धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा में बोलते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में तेज़ी से कार्रवाई की है और साल 2024 में पेपर लीक विरोधी कानून लागू होने के बाद से 52 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक से पता चलता है कि सरकार अनुभव से सीखने के लिए तैयार है। साथ ही, उन्होंने यह बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक से जुड़ीं आत्महत्याओं की दर में कमी आई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें संसदीय नियमों और सरकार के कामकाज की जानकारी नहीं है।<br /> <br />विधेयक पास होने के तुरंत बाद, लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 16:06:07 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केजरीवाल ने पुरानी गाड़ियों में ई20 ईंधन के इस्तेमाल पर चिंता जताई</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AAPkaArvind FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76911/kejriwal-expressed-concern-over-the-use-of-e20-fuel-in"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/arvind-kejriwal1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दावा किया कि ऑटोमोबाइल बनाने वाली कंपनियां यह साफ़ तौर पर बताने से हिचकिचा रही हैं कि क्या ई20 फ़्यूल साल 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के लिए सही है? उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर केंद्र सरकार का दबाव है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या साल 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों में ई20 ईंधन का सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है और क्या इस ईंधन से कोई नुकसान होने पर कंपनियां मरम्मत का खर्च उठाएंगी या माइलेज में कमी के लिए ग्राहकों को मुआवजा देंगी?</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, इन आरोपों पर मैन्युफैक्चरर्स या केंद्र की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। </p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि किसी भी कंपनी ने लिखित में जवाब नहीं दिया, लेकिन नौ मैन्युफैक्चरर्स के अधिकारियों ने उन्हें फ़ोन पर बताया कि साल 2023 से पहले बनी गाड़ियों में ई20 ईंधन का इस्तेमाल करने से इंजन, फ़्यूल सिस्टम और माइलेज पर असर पड़ सकता है। हालांकि, वे इस बात को सार्वजनिक रूप से कहने को तैयार नहीं थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां लिखित जवाब नहीं दे रही थीं, क्योंकि अगर गाड़ियों में कोई खराबी या माइलेज कम होने की बात सामने आती, तो ग्राहक मुआवज़े की मांग कर सकते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने आगे दावा किया कि केंद्र चाहता था कि मैन्युफैक्चरर्स यह कहें कि ई20 फ्यूल पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा ई20 ईंधन को बढ़ावा देने पर भी सवाल उठाए और कहा कि साल 2023 से पहले बने लगभग 30 करोड़ वाहन - जिनमें 22 करोड़ दो-पहिया और आठ करोड़ चार-पहिया वाहन शामिल हैं - इससे प्रभावित हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आप प्रमुख ने आगे आरोप लगाया कि इथेनॉल पेट्रोल से ज़्यादा महंगा है, कम कैलोरीफ़िक वैल्यू की वजह से कम माइलेज देता है और इससे किसानों को कोई फ़ायदा नहीं होता। <br /> <br />केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि पुलिस शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ई20 ईंधन पर होने वाले प्रस्तावित नेशनल टाउन हॉल को रद्द करवाने की कोशिश कर रही थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 13:57:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>उच्चतम न्यायालय ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में मनमोहन सिंह के खिलाफ मामला बंद किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76910/supreme-court-closes-case-against-manmohan-singh-in-coal-block"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-08/court1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले को बंद कर दिया और उनके खिलाफ जारी समन आदेश को रद्द कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की बेंच ने सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट को मंज़ूरी दे दी, जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री और अन्य लोगों को क्लीन चिट दी गई थी।<br /> <br />उच्चतम न्यायालय ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के जज के पास सीबीआई की क्लोज़र रिपोर्ट को खारिज करने और उस पर संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">'अपील करने वाले की दुर्भाग्यपूर्ण मौत के कारण, इस अपील को बेअसर मानकर निपटाया जा सकता था। लेकिन स्पेशल जज द्वारा मामले का संज्ञान लेने और अपील करने वाले को समन भेजने के पहलू पर विचार करने के लिए, हमने सीबीआई द्वारा दाखिल दोनों क्लोजर रिपोर्ट देखी हैं।'<br /> <br />'जांच एजेंसी की रिपोर्ट स्वीकार करने के संबंध में इस अदालत द्वारा लगातार तय किए गए मानदंडों को ध्यान में रखते हुए, हम इस बात से संतुष्ट हैं कि जज के पास सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने और मामले का संज्ञान लेने का कोई कारण नहीं था। हम अपील स्वीकार करते हैं और विवादित फैसले को रद्द करते हैं। नतीजतन, हम सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हैं और मामले को बंद करते हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">साल 2005 में ओडिशा में तलाबीरा-2 कोल ब्लॉक के आवंटन से जुड़े कोयला घोटाले के मामले में, एक स्पेशल कोर्ट ने मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला, पूर्व कोयला सचिव पीसी पारख और तीन अन्य लोगों को आरोपी के तौर पर समन जारी किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, उच्चतम न्यायालय ने दखल दिया और निर्देश पर रोक लगा दी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 13:15:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल सरकार ने प्रशासन में 5 बड़े सुधारों की घोषणा की</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: VDSatheeshanParavur FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76909/kerala-government-announced-5-major-reforms-in-administration"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/vd-satheesan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तिरुवनंतपुरम/दक्षिण भारत। </strong>केरल कैबिनेट ने बुधवार को प्रशासन को मज़बूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और उन लीकेज को रोकने के मकसद से गवर्नेंस में पांच बड़े सुधारों को मंज़ूरी दी, जिनकी वजह से पिछले कुछ सालों में राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसलों की घोषणा करते हुए, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि इन सुधारों से गवर्नेंस और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के लिए एक व्यापक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा।<br /> <br />पहली पहल 'संपथ' (एडमिनिस्ट्रेशन, ट्रैकिंग और तालमेल के लिए स्पेशल एसेट मैनेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म) बनाना है। यह एक सेंट्रलाइज़्ड डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म होगा जो सरकार की सभी संपत्तियों, जैसे- ज़मीन, इमारतें, हेरिटेज स्ट्रक्चर, सड़कें, बांध, पुल, गाड़ियां और मशीनरी, का विवरण रखेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट ने 'प्लानस्पेस 2.0' को भी मंज़ूरी दी, जो अलग-अलग सरकारी विभागों के कैपिटल प्रोजेक्ट्स को डिजिटल रूप से ट्रैक करने के लिए जीआईएस-इनेबल्ड प्रोजेक्ट रजिस्ट्री है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह प्लेटफ़ॉर्म प्रोजेक्ट्स को मैप करने के लिए जियो-टैगिंग का इस्तेमाल करेगा और उनकी लोकेशन, लागू करने वाली एजेंसी, मंज़ूरी देने वाली अथॉरिटी, फ़ंडिंग का स्रोत और कंस्ट्रक्शन के चरण जैसी जानकारी देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सतीशन ने कहा कि इन सुधारों का मकसद सरकारी संपत्तियों और प्रोजेक्ट्स की निगरानी को बेहतर बनाना और साथ ही प्रशासन में ज़्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि बाकी तीन सुधार गवर्नेंस सिस्टम को मज़बूत करने और वित्तीय लीकेज को रोकने पर केंद्रित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>केरल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 11:34:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>असम में बाढ़: मृतकों की संख्या बढ़कर 75 हुई</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76908/assam-flood-death-toll-rises-to-75"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-06/ambulance.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>गुवाहाटी/दक्षिण भारत। </strong>असम में बाढ़ के कारण जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है। पिछले 24 घंटों में सात और लोगों की मौत हुई है। हालांकि प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मृतकों के परिवारों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि को बढ़ाकर 9 लाख रुपए प्रति परिवार कर दिया है और मुआवज़ा पाने के नियमों में ढील दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव, सोनितपुर और कामरूप मेट्रोपॉलिटन ज़िले अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं, जिससे 21 राजस्व सर्कल और 622 गांव प्रभावित हुए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">चराइदेव सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िला बना हुआ है, जहां 1.42 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद शिवसागर (97,074) और जोरहाट (57,371) का नंबर आता है। मंगलवार को सात मौतें शिवसागर ज़िले के नाज़िरा राजस्व सर्कल में हुईं।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को छह ज़िले प्रभावित हुए, जिनसे 4.45 लाख लोग प्रभावित हुए। अभी 81 राहत कैंप चल रहे हैं, जिनमें 32,477 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया जा रहा है। इसके अलावा, राहत सामग्री बांटने वाले 34 केंद्र भी काम कर रहे हैं।<br /> <br />थल सेना, वायु सेना, नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स, स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स, फ़ायर और इमरजेंसी सर्विस के कर्मचारी और नागरिक स्वयंसेवक समेत कई एजेंसियां ​​बचाव और राहत कार्यों में लगी हुई हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">लगभग 45,341.98 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो गई है, जबकि घरों, पशुशालाओं, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों को भी नुकसान पहुंचने की सूचना मिली है।</p>
<p style="text-align:justify;">मोबाइल कनेक्टिविटी में कोई रुकावट न आए, इसके लिए शिवसागर के बाढ़ प्रभावित इलाकों में इंट्रा-सर्कल रोमिंग सुविधा को 30 जुलाई की रात 11.59 बजे तक या अगले आदेश तक बढ़ा दिया गया है। इस सुविधा से अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों के ग्राहक तब भी जुड़े रह सकते हैं, जब उनका अपना नेटवर्क उपलब्ध न हो।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि उन्हें हालात का सामना करने में मदद मिल सके।</p>
<p style="text-align:justify;">सरमा ने मंगलवार शाम को फेसबुक लाइव के दौरान बाढ़ में मारे गए या लापता हुए लोगों के परिजनों को अनुग्रह राशि देने के नियमों में ढील देने की घोषणा की।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 10:20:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>वांगचुक भूखे रहे, 'क्रांतिवीरों' ने पकवान उड़ाए</title>
                                    <description><![CDATA[अब इल्ज़ामों के तीखे तीर झेल रहे हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76907/wangchuk-remained-hungry-and-the-revolutionaries-destroyed-the-dishes"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/care.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने जब से अपना अनशन खत्म किया है, उन पर उलाहनों की बौछार हो रही है। वे कल तक कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की आंखों के तारे थे। अब इल्ज़ामों के तीखे तीर झेल रहे हैं। लद्दाख का एक व्यक्ति दिल्ली की गर्मी में 26 दिनों तक भूखा बैठा रहा, लेकिन सीजेपी के समर्थक सोशल मीडिया पर टिप्पणियां कर रहे हैं कि 'वांगचुक को अपना अनशन लंबा खींचना चाहिए था, ताकि केंद्र सरकार पर और दबाव पड़ता, कुछ और मंत्रियों के इस्तीफे होते।' यह सुझाव देने वाले खुद तो जंतर-मंतर पर पिज्जा, बर्गर, पास्ता, समोसे, नूडल्स, मोमोज, सैंडविच, डोसा, छोले-भटूरे और कई पकवानों पर हाथ साफ कर रहे थे, लेकिन वांगचुक को भूखा रखना चाहते थे, ताकि देश में राजनीतिक अस्थिरता फैले। यह कैसी सोच है, जो अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए किसी के जीवन की परवाह नहीं करती है? आज देश में बहुत लोग यह कहते हुए दिल्ली पुलिस की निंदा कर रहे हैं कि वह वांगचुक को उठाकर अस्पताल ले गई थी, इसलिए प्रदर्शनकारी भड़के और वे संसद भवन की ओर चल पड़े थे। सोचिए, अगर दिल्ली पुलिस उन्हें अस्पताल न ले जाती तो क्या होता? वांगचुक खुद एक वीडियो में स्वीकार कर चुके हैं कि अनशन की वजह से उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ा है। अगर सोनम वांगचुक धरना स्थल पर ही रहते तो उनकी तबीयत बिगड़ती और प्राणों पर बहुत बड़ा संकट मंडराता। उस स्थिति में सीजेपी के कथित क्रांतिवीर और उन्हें पर्दे के पीछे से समर्थन दे रहे संगठन हंगामा खड़ा करते कि देश की राजधानी में एक इन्सान ने भूख से तड़पकर दम तोड़ दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उससे कानून व्यवस्था का कितना बड़ा संकट पैदा होता? आज जो 'क्रांतिवीर' कह रहे हैं कि 'वांगचुक को अनशन तोड़ने में इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए थी, मंत्री के हाथ से गिलास लेने की जरूरत नहीं थी, शर्तों में स्पष्टता के लिए कुछ दिन और इंतजार करना चाहिए था', वे उनके नाम पर अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने के चक्कर में थे। चूंकि ऐसे मामलों में सहानुभूति की लहर चलती है, इसलिए जो व्यक्ति उस नाम का सहारा लेकर चुनावी मैदान में कूदता है, उसे फायदा मिलने की संभावना काफी ज्यादा होती है। वांगचुक अभी स्वास्थ्य-लाभ प्राप्त कर रहे हैं। उन्हें पहले जैसी स्थिति तक पहुंचने में कई दिन लग सकते हैं। वहीं, सीजेपी के 'नौनिहाल' क्या कर रहे हैं? एक आलीशान होटल में जश्न मनाते हुए उनका वीडियो वायरल हुआ है! दूसरों से आदर्श, नैतिकता, संयम, सदाचार और तपस्या की उम्मीद करने वाले खुद मौज उड़ा रहे हैं! ये न जरा-सी भूख बर्दाश्त कर सकते हैं, न प्यास झेल सकते हैं, न पार्टी करने का मौका गंवा सकते हैं! हां, इनके लिए कोई और भूखा रह जाए, कोई और प्यासा रह जाए, वह इन्हें खुशी-खुशी कबूल है। अनशन तोड़ने के बाद सोनम वांगचुक बहुत दु:खी नजर आए थे, क्योंकि प्रदर्शनकारियों की ओर से उन पर दबाव डाला जा रहा था। क्या अनशन कोई सजावटी सामान है, जिसके लिए फ़रमाइश की जाए कि ऐसा नहीं, वैसा होना चाहिए? वांगचुक भी इसे महसूस कर रहे हैं। अगर न करते तो ऐसा कभी नहीं कहते कि 'अपने भाइयों, बहनों और छात्रों के लिए 26 दिन भूखा रहने के बाद, जिसमें मेरा 11 किलो शरीर खत्म हो चुका है, मसल्स चले गए हैं ... दिल्ली की तपती धूप में यह सब करने के बाद क्या मुझे किसी से चरित्र प्रमाण पत्र लेना होगा कि मेरा अनशन कितना पवित्र था? मैंने तोड़ा तो किसके हाथों तोड़ा? उसके हाथों क्यों तोड़ा? इसके हाथों क्यों नहीं तोड़ा? क्या सौदा हुआ? यह सब मुझे जवाब देना होगा?' ऐसा प्रतीत होता है कि वांगचुक का भी अन्ना की तरह इस्तेमाल किया गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>ओपीनियन</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 09:49:52 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>सिंगर बादशाह और ईशा रिखी के रिश्ते में आई दरार!</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: isharikhi Instagram]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76905/there-was-a-rift-in-the-relationship-between-singer-badshah"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/isha-rikhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई/दक्षिण भारत।</strong> सिंगर बादशाह और उनकी पत्नी ईशा रिखी के अलग होने को लेकर कयासों का बाजार गर्म हो गया है। दरअसल ईशा ने एक रहस्यमयी पोस्ट की थी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इस चर्चा ने जोर पकड़ा कि ये दोनों अलग होने जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ईशा रिखी ने कहा, 'कुछ लड़ाइयां ऐसी होती हैं जो अपने पीछे दिखाई देने वाले कोई निशान नहीं छोड़ती हैं। मैं लंबे अरसे तक खामोश रही, क्योंकि मुझे डर था। मुझे अपने पति के रसूख, ताकत और संसाधनों का बहुत ज़्यादा दबाव महसूस हुआ था।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, '..और मैंने खुद को यकीन दिला दिया था कि चुप रहना ही सबसे सुरक्षित काम है। खामोशी कभी भी सहमति नहीं थी। यह तो बस सर्वाइवल था। आज, मैं डर के बजाय हिम्मत को चुन रही हूं।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'हो सकता है कि पूरी कहानी बताने के लिए तैयार न होऊं लेकिन अब यह दिखावा बंद करने के लिए तैयार हूं कि सबकुछ ठीक था।'</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि ईशा रिखी अभिनेत्री और मॉडल हैं। उन्होंने सिप्पी गिल के साथ पंजाबी फ़िल्म 'जट्ट बॉयज़ पुत्त जट्टन दे' (2013) से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने पंजाबी अभिनेता अमरिंदर गिल के साथ फ़िल्म 'हैप्पी गो लकी' (2014) में भी काम किया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने साल 2026 में ही सिंगर बादशाह से शादी की थी। उनकी मां ने शादी की तस्वीरें शेयर की थीं। बाद में, जब लोगों ने पूछा तो रिखी ने पुष्टि की कि बादशाह के साथ उनकी शादी हो गई है। अब उनकी सोशल मीडिया पोस्ट से लोग हैरान हैं कि इतनी जल्दी रिश्ते में दरार आ गई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>मनोरंजन</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 15:26:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>प्रधानमंत्री की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के बाद आईटी मंत्रालय ने मेटा को तलब किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: narendramodi FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76906/it-ministry-summons-meta-after-prime-ministers-facebook-post-was"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी हेड को तलब किया है। सोशल मीडिया कंपनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं के नाम फेसबुक पोस्ट को हटा दिया था। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, इस मामले को लेकर आईटी मंत्रालय ने मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के पब्लिक पॉलिसी के ग्लोबल हेड को तलब किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">'कॉकरोच जनता पार्टी' की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन के बीच 23 जुलाई को पोस्ट किए गए इस वीडियो के ज़रिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं तक पहुंचने और पेपर लीक के ख़िलाफ़ सख़्त कदम उठाने का वादा किया था। <br /> <br />मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंटेंट को गलती से हटा दिया गया था और अब उसे प्लेटफ़ॉर्म पर वापस बहाल कर दिया गया है। प्रवक्ता ने कहा, 'कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और अब उसे बहाल कर दिया गया है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 13:22:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>सरकार 44 हवाईअड्डे तैयार करने की योजना बना रही है</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76904/government-is-planning-to-prepare-44-airports"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-01/plane.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>अमृतसर/दक्षिण भारत।</strong> केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि निर्बाध अंतरराष्ट्रीय हवाई कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए कुल 44 हवाईअड्डे हों, जिनमें 4 हब हवाईअड्डे शामिल हैं। सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह बात कही।</p>
<p style="text-align:justify;">एयर इंडिया ने मंगलवार को अमृतसर से 'हब एंड स्पोक' मॉडल के तहत उड़ानें शुरू कीं। वाराणसी के बाद यह दूसरा हवाईअड्डा है, जहां से ऐसी उड़ानें शुरू की गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अभी एक हब हवाईअड्डा - दिल्ली - और दो स्पोक हवाईअड्डे - वाराणसी और अमृतसर - हैं। अगला स्पोक हवाईअड्डा अहमदाबाद होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह मॉडल, जिसका मकसद भारत को एक ग्लोबल एविएशन हब बनाना है, हब हवाईअड्डों के ज़रिए टियर-2 और टियर-3 हवाईअड्डों और इंटरनेशनल डेस्टिनेशन्स के बीच आसान कनेक्टिविटी मुमकिन बनाएगा। <br /> <br />छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों को आगे की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए दिल्ली जैसे बड़े हब हवाईअड्डे से होकर भेजा जाएगा।<br /> <br />अमृतसर हवाईअड्डे पर 'हब एंड स्पोक' मॉडल वाली उड़ानों की शुरुआत के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में, नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा ने कहा कि 4 हब और 40 हवाईअड्डे विकसित किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मॉडल के तहत, एयर इंडिया अमृतसर से दिल्ली होते हुए 27 अंतरराष्ट्रीय डेस्टिनेशन के लिए कनेक्टिविटी देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वीडियो संदेश में, नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि 'हब एंड स्पोक' भारत के लिए एविएशन सॉवरेन्टी (उड्डयन संप्रभुता) और एक अवसर वाला मॉडल है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य 10 वर्षों में 100 हवाई अड्डे और 200 हेलीपोर्ट विकसित करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मॉडल के तहत, एयर इंडिया ने 'ईज़ी कनेक्ट' फ़्लाइट्स शुरू की हैं। इससे बड़े हब शहरों के अलावा दूसरे शहरों से आने वाले यात्री अपने शुरुआती हवाईअड्डे पर ही अपना सामान जमा कर सकेंगे और इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे, ताकि वे बिना किसी परेशानी के विदेशी जगहों के लिए यात्रा कर सकें।</p>
<p style="text-align:justify;">एयरलाइन ने बताया कि अमृतसर से एयर इंडिया की 'ईज़ी कनेक्ट' फ़्लाइट्स दिल्ली पहुंचने के चार घंटे के भीतर 27 विदेशी डेस्टिनेशन के लिए उपलब्ध होंगी। इनमें अमेरिका, कनाडा, यूके, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, वेस्ट एशिया और साउथ-ईस्ट एशिया के शहर शामिल हैं। मंगलवार से अमृतसर से एयर इंडिया की दो रोज़ाना 'ईज़ी कनेक्ट' फ़्लाइट्स शुरू होंगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 11:26:51 +0530</pubDate>
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                <title>केजरीवाल ने पूछा- बिहार में छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं, क्या ये आतंकवादी हैं?</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AAPkaArvind FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76903/kejriwal-asked-bullets-were-fired-with-ak-47-on-students-in"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-02/arvind-kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को भाजपा की आलोचना की। उन्होंने बिहार के सिवान ज़िले में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एके-47 राइफ़ल से गोली चलाने के आरोपों को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर सिवान में 25 जुलाई को परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल एके-47 राइफल का इस्तेमाल करते हुए दिख रहा है। कॉन्स्टेबल को सोमवार को निलंबित कर दिया गया।<br /> <br />केजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'आख़िर भाजपा को क्या हो गया है? बिहार में हमारे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं। क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?'</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा, 'मैं मोदी-सम्राट को याद दिलाना चाहता हूं- लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार की धरती से नारा लगा था- 'सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है। कृपया छात्रों से पंगा न लें।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 10:59:49 +0530</pubDate>
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                <title>दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज ने 'सुगम' लॉन्च किया</title>
                                    <description><![CDATA[यह सभी के लिए सुलभ है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76902/maitreyi-college-of-delhi-university-launches-sugam"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/sugam.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> दिल्ली विश्वविद्यालय के मैत्रेयी कॉलेज ने 'प्रोजेक्ट सुगम' लॉन्च किया है। यह भारत का पहला ऐसा इनडोर नेविगेशन सिस्टम है, जिसे विद्यार्थियों ने बनाया है और सभी के लिए सुलभ है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पहल के ज़रिए, विद्यार्थियों ने सामाजिक बदलाव के लिए प्रतिबद्धता दिखाई है, जिससे देखने, सुनने और चलने-फिरने में अक्षम लोग बिना किसी सहारे के, सम्मानपूर्वक आ-जा सकेंगे। इस कार्यक्रम में सुगम के संस्थापक डॉ. मैथ्यू वर्गीज़ भी शामिल हुए। सुगम के साथ, दिव्यांगजन भी कैंपस की ज़िंदगी में पूरी तरह से हिस्सा ले सकेंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम में मैत्रेयी कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. हरितिमा चोपड़ा, प्रोजेक्ट लीड प्रो. स्मृति सिंह, नीति आयोग के पूर्व सीईओ अमिताभ कांत और दिल्ली विवि के रजिस्ट्रार भी मौजूद थे। उन्होंने इस पहल और इसमें स्वदेशी तकनीक के इस्तेमाल की तारीफ़ की। प्रो. स्मृति सिंह ने पूरी सुगम टीम का आभार जताया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
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                                            <category>राज्य</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 09:40:25 +0530</pubDate>
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