मां दुर्गा
मां दुर्गा

लंदन/भाषा। पश्चिम बंगाल से हजारों मील दूर ब्रिटेन में भी कोलकाता की तरह दुर्गा पूजा की रौनक है। यहां के स्लूस शहर स्थित क्रिकेट मैदान में दुर्गा पूजा पंडाल लगाया गया है जहां कोलकाता के मैडॉक्स चौक जैसा माहौल है और हजारों की भीड़ खींची चली आ रही है। इसी प्रकार ब्रिटेन के विभिन्न हिस्सों में उत्सव की शुरुआत हुई।

पूजा का आयोजन कर रहे है अनिवासी बंगालियों के संगठन ‘अड्डा’ के प्रसन्नजीत भट्टाचार्य ने बताया कि बर्कशायर कांउटी स्थित स्लूस के क्रिकेट मैदान में दुर्गा पूजा पंडाल लगाना ब्रिटेन में नया है क्योंकि सामान्यत: इस तरह की पूजा सामुदायिक सभागार या होटल में आयोजित की जाती रही है न कि खुले मैदान में।

इस पंडाल का आकार 110 फुट गुना 70 फुट गुना 25 फुट है जिसे पश्चिम बंगाल के अलावा असम, राजस्थान, ओडिशा और गुजरात जैसे अन्य राज्यों की हस्तकलाओं से सजाया गया है।

भट्टाचार्य ने बताया कि यहां पर मैडॉक्स चौक और कोलकाता के अन्य पूजा पंडालों जैसे बाग बाजार और पार्क सर्कस आदि की तरह माहौल है, मैदान में खासतौर से कोलकाता के व्यंजनों को परोसने के लिए दुकान लगाई गई है जहां पर पुचका, भेटकी माछेर चॉप, वेजिटेबल चॉप, आदि उपलब्ध होंगे।

कोलकाता के मैडॉक्स स्क्वॉयर पूजा के प्रवक्ता ने कहा, हम खुश हैं कि ब्रिटेन में रहने वाले कुछ मित्रों ने स्लूस में मैडॉक्स जैसी पूजा का माहौल पैदा किया। यह दिखाता है कि हमारी पूजा ब्रांड बन गई है।

ब्रिटेन के अलग-अलग हिस्सों में भी विभिन्न थीम पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया गया है। उत्तरी लंदन स्थित ‘लंदन दुर्गोत्सव समिति ने सुब्रत पॉल की कविता पर ‘आपकी दुर्गा, मेरी दुर्गा’ थीम रखा है।

लंदन दुर्गोत्सव समिति के न्यासी मणिक रॉय ने कहा, इस थीम में धैर्य और निष्ठुरता को दिखाया गया है जिसका सामना महिलाएं करती हैं, खासतौर पर भारतीय समाज में जो त्योहार के दौरान दिखाई देने वाली धूमधाम के विपरीत एक अलग तस्वीर पेश करती है।

लंदन के स्विस कॉटेज पुस्तकालय में स्थापित दुर्गा प्रतिमा को मूर्तिकार प्रद्युत पाल ने गढ़ा है और इसे पश्चिम बंगाल की कुम्हारटोली से लाया गया है। फाइबर ग्लास से बनी इस प्रतिमा में भारतीय परंपराओं का पूरा ख्याल रखा गया है। लंदन के बोरो ऑफ कैमडन में आयोजित दुर्गा पूजा में भी हजारों लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।