भुवनेश्वर कलिता
भुवनेश्वर कलिता

गुवाहाटी/भाषा। राज्यसभा में कांग्रेस के पूर्व मुख्य सचेतक और अब भाजपा में शामिल हो चुके भुवनेश्वर कलिता का आरोप है कि अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान हटाए जाने की केन्द्र की घोषणा के बाद कांग्रेस में पार्टी सदस्यों ने इस बारे में कोई विचार-विमर्श नहीं किया।

केंद्र सरकार के इस कदम के बाद भाजपा में शामिल हुए कलिता ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर संसद में कोई भी रुख अपनाने से पहले आपस में चर्चा करते थे।

उन्होंने कहा, अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान रद्द किए जाने के संबंध में कांग्रेस में कोई चर्चा नहीं हुई। न तो कोई चर्चा हुई और न ही पार्टी की ओर से कोई आदेश दिया गया। मैंने अनुच्छेद-370 के अधिकतर प्रावधान रद्द किए जाने का समर्थन अपने निजी स्तर पर किया और मैंने पार्टी को इसकी सूचना भी दे दी थी।

कलिता ने कहा, नेता विहीन पार्टी बिना किसी चर्चा के आगे बढ़ रही थी और यह स्थिति मेरे लिए असहनीय थी। मैं मुख्य सचेतक था इसलिए मेरे लिए पार्टी की अवज्ञा करना उचित नहीं था। अत: मैंने राज्यसभा से इस्तीफा दिया और अनुच्छेद-370 तथा 35ए को हटाने जाने का समर्थन किया। कांग्रेस की असम इकाई के प्रमुख रह चुके कलिता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने 2014 में देश को मजबूत करने के लिए कई पहल की हैं, जिनके परिणाम आज सामने आ रहे हैं।