सांकेतिक चित्र
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गाजियाबाद/दक्षिण भारत। देश के कई इलाकों में फैली ‘बच्चा चोर’ की अफवाह यहां लोकप्रिय विहार इलाके में एक शख्स पर भारी पड़ गई। सुरक्षा गार्ड के तौर पर नौकरी कर रहा यह शख्स जब दोपहर को अपने बेटे का स्कूल बैग लेकर घर जा रहा था, तभी लोगों ने उसे ‘बच्चा चोर’ होने के शक में घेर लिया और पिटाई कर दी। बाद में उसे पुलिस थाने भी ले गए लेकिन जब हकीकत सामने आई तो भाग छुटे।

जानकारी के अनुसार, कौशांबी स्थित एक मॉल में बतौर सुरक्षा गार्ड तैनात अनुरंजन सिंह सोमवार दोपहर को अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान उन्होंने एक स्कूल बैग ले रखा था, जो उनके बेटे का था। अनुरंजन को स्कूल बैग ले जाते देख किसी ने ‘बच्चा चोर’ होने की अफवाह फैला दी। इसके बाद उग्र भीड़ ने मामले की असलियत जानने के बजाय उनकी पिटाई शुरू कर दी।

सच आया सामने तो भागने लगे लोग
जब थाने लाने के बाद पता चला कि अनुरंजन सिंह कोई ‘बच्चा चोर’ नहीं हैं, बल्कि अपने ही बेटे का स्कूल बैग लेकर घर जा रहे थे, तो हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोग भागने लगे। एक रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने सोमवार शाम तक 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में करीब 25-30 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।

भीड़ ने कुछ नहीं सुना
अनुरंजन सिंह अपने परिवार के साथ खोड़ा के प्रेम विहार इलाके में रहते हैं। उनका बेटा सातवीं कक्षा का छात्र है। अनुरंजन सिंह ने बताया कि उन्होंने भीड़ को समझाने की कोशिश भी की कि वे ‘बच्चा चोर’ नहीं हैं, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी और ​पीट-पीटकर घायल कर दिया।

पीटते हुए लाए थाने
भीड़ अनुरंजन की पिटाई करते हुए थाने लाई। यहां जब स्कूल बैग खोला गया तो उसमें रोटी-सब्जी और सुरक्षा गार्ड की पोशाक बरामद हुई। यह देख थाने आए लोग मौके से रवाना होने लगे। पुलिस ने बताया कि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।