सांकेतिक चित्र
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नई दिल्ली/भाषा। केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को छह हजार रुपए सालाना देने की योजना के तहत पश्चिम बंगाल में एक भी किसान को इसका लाभ नहीं मिला है।

कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने शुक्रवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में इस योजना के लाभार्थियों का राज्यवार ब्योरा देते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल एकमात्र राज्य है जिससे अभी तक किसी भी किसान का विवरण नहीं मिला है। इसकी वजह से राज्य के किसी भी किसान को इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।

चौधरी ने बताया कि इस योजना के लाभार्थियों का ब्योरा केन्द्र सरकार को राज्य सरकारों द्वारा सौंपा जाना है। राज्यों से प्राप्त विवरण के आधार पर केन्द्र सरकार किसानों के बैंक खाते में सम्मान निधि की राशि भेजती है।

भाजपा के प्रभात झा द्वारा पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश में किसानों को इस योजना की राशि नहीं मिल पाने के बारे में पूछे गए पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में एक करोड़ आठ हजार कुल किसानों में 45 लाख किसानों के बैंक खाते में इस योजना का पैसा भेजा जा चुका है। वहीं राजस्थान में भी कुल 76.5 लाख किसानों में से 45 लाख किसानों को इस योजना के तहत पैसा मिल चुका है।

किसानों की कर्ज माफी से जुड़े एक अन्य पूरक प्रश्न के जवाब में चौधरी ने बताया कि मध्य प्रदेश में 80 लाख किसानों में से 20 लाख, पंजाब में 34 लाख में से पांच लाख और राजस्थान में 79 लाख में से 20 लाख किसानों का ही अभी तक कर्ज माफ हुआ है।

उन्होंने कहा कि राज्य में चुनाव के समय किसानों की कर्जमाफी की घोषणा को चुनाव के बाद राज्य सरकारों द्वारा पूरा करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि ऋणमाफी अंतिम हल नहीं है, इसीलिए केन्द्र सरकार किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की योजनाओं को आगे बढ़ा रही है।

एक अन्य सवाल के जवाब में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना को क्रियान्वयन पश्चिम बंगाल को छोड़ कर पूरे देश में हो रहा है। पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश ने भी इस योजना में अपनी भागीदारी कर ली है।

उन्होंने कहा कि इन राज्यों के किसानों का विवरण केन्द्र को मिलना शुरू हो गया है। देश में 7.5 करोड़ किसानों को इस योजना के तहत राशि का भुगतान हो चुका है। इनमें से पांच करोड़ किसानों के बैंक खातों को आधार से जोड़ दिया गया है। दिसंबर में इन किसानों को सम्मान निधि की राशि उनके बैंक खातों में भेज दी जाएगी।