भारतीय मूल के ब्रिटिश राजनेता ऋषि सुनक
भारतीय मूल के ब्रिटिश राजनेता ऋषि सुनक

लंदन/दक्षिण भारत। भारतीय मूल के ब्रिटिश राजनेता ऋषि सुनक का नाम सोशल मीडिया पर खूब चर्चा में है। उन्हें ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने वित्त मंत्री बनाया है। इसके अलावा, ऋषि द्वारा भगवत गीता पर हाथ रखकर शपथ लेना भी उन्हें सुर्खियों में ले आया है। दरअसल, ईसाई बहुल देश ब्रिटेन में ऋषि सुनक ने गीता पर हाथ रखकर शपथ ग्रहण की और सरकार में वित्त मंत्री का ओहदा संभाला।

जब ऋषि ने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली तो उनके खिलाफ विरोध के कुछ स्वर भी उठे लेकिन इसके जवाब में उन्होंने कहा कि मैं ब्रिटिश नागरिक जरूर हूं, लेकिन मेरा धर्म हिंदू है। उन्होंने कहा कि मेरी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत भारतीय है। मैं गर्व से कहता हूं कि मैं हिंदू हूं और मेरी पहचान भी हिंदू ही है।

बता दें कि ऋषि सुनक इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति के दामाद हैं। वे जॉनसन मंत्रिमंडल में भारतीय मूल के दूसरे बड़े मंत्री हैं। भारतीय मूल की ही प्रीति पटेल इस समय ब्रिटेन की गृह मंत्री हैं। सुनक ने नियुक्ति के बाद संवाददाताओं से कहा कि वे इसे लेकर उत्साहित हैं और उनके पास करने को बहुत कुछ है।

इससे पहले पाकिस्तानी मूल के साजिद जाविद के पास वित्त मंत्रालय का कार्यभार था। उन्होंने अप्रत्याशित रूप से हाल ही में पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। दिसंबर में हुए आम चुनाव में जॉनसन के नेतृत्व में कंजरवेटिव पार्टी भारी कामयाबी के साथ दोबारा सत्ता में आई है और प्रधानमंत्री ने इस बार अपने मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया है।

सुनक अभी तक जाविद के कनिष्ठ के तौर पर वित्त मंत्रालय में काम कर रहे थे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘महारानी (एलिजाबेथ द्वितीय) ऋषि सुनक को नया वित्त मंत्री बनाये जाने को मंजूरी देकर उत्साहित हैं।’

सुनक ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से दर्शन शास्त्र, राजनीति अर्थशास्त्र और एमबीए की पढ़ाई की है। वे पहली बार 2015 में सांसद बने थे और उसके बाद उन्होंने कंजरवेटिव पार्टी में तेजी से तरक्की की। वे यॉकशायर के रिचमंड से तीसरी बार सांसद बने हैं। उनके संसदीय क्षेत्र में ब्रेक्जिट के पक्ष में 55 प्रतिशत मत पड़े थे।

सुनक ने पूर्व प्रधानमंत्री थेरेसा मे के ब्रेक्जिट सौदों को तीनों बार समर्थन दिया था। वे जॉनसन के शुरुआती समर्थकों में से एक हैं। राजनीति में आने से पहले सुनक एक सफल कारोबारी भी रह चुके हैं। वे ब्रिटेन की छोटी कंपनियों का वित्त पोषण करने वाली एक अरब पाउंड की एक निवेश कंपनी के सह-संस्थापक रहे हैं। सुनक ब्रेक्जिट के बड़े समर्थक रहे हैं और उनका मानना है कि ब्रेक्जिट से ब्रिटेन के छोटे कारोबारियों को मदद मिलेगी।

सुनक की मुलाकात नारायण मूर्ति की पुत्री अक्षता मूर्ति से कैलिफोर्निया में हुई थी। बाद में दोनों ने शादी कर ली। इस सप्ताह के व्यापक मंत्रिमंडल फेरबदल में भारतीय मूल के सांसद आलोक शर्मा को कारोबार, ऊर्जा एवं औद्योगिक रणनीति मंत्री तथा सुएला ब्रेवरमैन को अटॉर्नी जनरल बनाया गया है।