नवजात शिशु.. प्रतीकात्मक चित्र
नवजात शिशु.. प्रतीकात्मक चित्र

जयपुर/भाषा। राजस्थान में अलवर के जिला अस्पताल में मंगलवार को आग से झुलसी मासूम की बुधवार को जयपुर के जेके लोन अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। मंगलवार को अलवर के जिला अस्पताल लगी आग से 70 प्रतिशत तक झुलसी मासूम को जयपुर के जेके लोन अस्पताल में वेंटीलेटर पर रखा गया था।

जयपुर के जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अशोक गुप्ता ने बुधवार को बताया कि 70 प्रतिशत तक झुलसी मासूम बच्ची की मौत आज हो गई। अस्पताल की नवजात यूनिट में लगी आग से मासूम बच्ची का चेहरा, छाती और कंधे झुलस गए थे।

उसे अलवर के गीत आनंद अस्पताल में निमोनिया होने के कारण नवजात यूनिट में रखा गया था। नवजात यूनिट के रेडियंट वार्मर के साथ लगे आक्सीजन पाइप में आग लग जाने के कारण बच्ची झुलस गई थी। अस्पताल में मंगलवार को सुबह 5 बजे लगी आग के समय नवजात यूनिट में झुलसी मासूम बच्ची सहित 15 बच्चों का उपचार चल रहा था। 14 अन्य मासूमों को अन्य यूनिट में स्थानांतरित कर दिया गया था।

वहीं स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त निदेशक के नेतृत्व में तीन सदस्यीय एक दल ने अलवर अस्पताल के नवजात यूनिट के इंजार्च और नर्सिंग इंचांर्ज को लापरवाही का दोषी माना है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाही की जाएगी।

जांच दल ने प्राथमिक तौर पर रेडियंट वार्मर में लगी आग के लिए रखरखाव में कमी को मुख्य कारण माना है। अलवर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओपी मीणा ने बताया कि तेज वोल्टेज के कारण रेडियंट वार्मर के पैनल में स्पार्किंग से आक्सीजन पाइप के हुड में आग लग गई। पैनल का रखरखाव सही तरीके से नहीं किया गया था और इसके लिए यूनिट इंचार्ज और नर्सिंग इंचार्ज दोनों दोषी पाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि आग के कारणों का पता लगाने के लिए जयपुर जोन के संयुक्त निदेशक डॉ. एसके भंडारी के नेतृत्व में तीन सदस्यीय दल गठित किया गया था। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने आग से झुलसी मासूम बच्ची की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि घटना के लिए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।