अमित शाह ने ब्रू शरणार्थियों पर अपनाया कड़ा रुख

अगरतला/वार्ता। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तरी त्रिपुरा में छह शिविरों में शरण लेने वाले ब्रू शरणार्थियों के लिए राशन आपूर्ति फिर से शुरू करने की मांग को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि अगर वे अगले तीन दिनों में मिजोरम जाते हैं तो प्रत्येक परिवार को 25 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। आधिकारियों ने अनुसार यहां पिछले छह दिनों से ब्रू शरणार्थी लगातार सड़कें अवरुद्व कर प्रदर्शन कर रहे है। त्रिपुरा सरकार ने इस मामले को गृह मंत्रालय के समक्ष उठाया और गतिरोध को समाप्त करने के लिए आगे की कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
राज्य सरकार ने शरणार्थी शिविरों में भूखमरी के कारण पिछले एक सप्ताह में सात लोगों की मौत की रिपोर्ट के मद्देनजर आवश्यक रसद के साथ एक मेडिकल टीम को भेजा है। अतिरिक्त मुख्य सचिव कुमार आलोक नईसिंगपुरा के शरणार्थी शिविर पहुंचे ओर मिजोरम ब्रू डिसप्लेस्ड पीपुल्स फोरम (एमबीडीपीएफ) के नेताओं से मिले और अवरोधकों को हटाने और प्रदर्शन वापस लेने का आग्रह किया। बैठक के बाद गृह मंत्रालय के रुख के बारे में जानकारी शरणार्थियों में जंगल की आग की तरह फैल गई और उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। ब्रू नेताओं ने इसके विरोध में चेतावनी देते हुए कहा कि केंद्र द्वारा निर्धारित शर्तों पर उनका मिजोरम में पुनर्वास नहीं होगा क्योंकि केन्द्र ने उन्हें स्थायी सामाजिक-सांस्कृतिक और धार्मिक संकट में डाल दिया है।
ब्रू प्रदर्शनकारियों ने कहा, हम भारत के मूल नागरिक है और संविधान के अनुसार भारतीयों को अधिकार प्राप्त है देश में शांतिपूर्ण और आराम से कहीं भी रह सकते हैं। यह सरकार का कर्तव्य है कि हमें वे सभी सुविधाएं प्रदान करे जो अन्य भारतीयों को मिलती है। उन्होेंने कहा मुख्य मुद्दे के समाधान के बिना एक राज्य से दूसरे राज्य में जबरन भेजन का प्रयास हमें मौत के मुंह में धकेलने के अलावा कुछ नहीं है। अधिकारियों ने कहा, राशन अक्टूबर और नवंबर 2019 के लिए जारी नहीं हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शरणार्थियों को मिजोरम जाने के बाद राशन और परिवहन के लिए सहायता के रूप में 25 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि शरणार्थियों के बैंक खाते में सीधे डालने को निर्णय लिया है। यह विशेष सहायता सात नवंबर तक उपलब्ध रहेगी।