भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभिनंदन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।
भाजपा के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष का अभिनंदन करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह।

नई दिल्ली/भाषा। पूर्व केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा सोमवार को निर्विरोध भाजपा के नए अध्यक्ष चुने गए। पिछले साल जून में भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किए गए नड्डा अमित शाह की जगह पार्टी के नए अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।भाजपा के वरिष्ठ नेताओं अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी तथा कई मुख्यमंत्रियों एवं नेताओं ने सोमवार को नामांकन की प्रक्रिया के दौरान नड्डा के नाम का प्रस्ताव किया था। पार्टी ने नड्डा के निर्वाचन की घोषणा की।

मौजूदा समय में गृह मंत्री का उत्तरदायित्व निभा रहे शाह ने साढ़े पांच वर्षों तक भाजपा अध्यक्ष की जिम्मेदारी निभाई और उनके अध्यक्ष रहते 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की और पूरे देश में पार्टी का विस्तार हुआ।

नड्डा ने राजनीति में शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। संगठन में उनका दशकों पुराना अनुभव, आरएसएस से नजदीकी और स्वच्छ छवि उनकी ताकत है। शाह ने रविवार शाम को कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा शासित राज्य के मुख्यमंत्रियों सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक की थी।

हालांकि, इस बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई कि बैठक में क्या चर्चा हुई, सूत्रों ने कहा कि पार्टी नेताओं ने चुनावी कवायद के बारे में विस्तार से चर्चा की। भाजपा के वरिष्ठ नेता राधामोहन सिंह पार्टी के संगठन चुनाव प्रक्रिया के प्रभारी हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव के लिए नामांकन पत्र 20 जनवरी को दाखिल किए जाएंगे और जरूरी होने पर अगले दिन चुनाव होगा।

नए अध्यक्ष के चुनाव के साथ ही पार्टी के अमित शाह का साढ़े पांच वर्ष से अधिक का कार्यकाल भी संपन्न हो गया जिस दौरान भाजपा ने देशभर में अपने आधार का विस्तार किया। शाह का कार्यकाल भाजपा के लिए चुनावों के लिहाज से सर्वश्रेष्ठ काल था, हालांकि पार्टी को कुछ राज्य विधानसभा चुनावों में झटके भी लगे।

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में शाह के गृहमंत्री बनने के बाद भाजपा ने उनका उत्तराधिकारी चुनने की कवायद शुरू कर दी थी क्योंकि पार्टी में ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की परंपरा रही है। नड्डा को गत वर्ष जुलाई में कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। यह इस बात का संकेत था कि हिमाचल प्रदेश से भाजपा के नेता संगठन के शीर्ष पद के लिए संभावित पसंद हैं।

नड्डा 2019 के लोकसभा चुनाव में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में भाजपा के चुनाव अभियान के प्रभारी थे, जहां पार्टी को सपा और बसपा के महागठबंधन से कड़ी चुनौती थी। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में 80 लोकसभा सीटों में से 62 पर जीत दर्ज की। आम चुनावों में भाजपा के लिए महत्वपूर्ण राज्य संभालने के अलावा नड्डा मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में मंत्री भी थे। वह संसदीय बोर्ड के एक सदस्य रहे हैं जो कि पार्टी का निर्णय लेने वाला शीर्ष निकाय है।