सोशल मीडिया सांकेतिक तस्वीर
सोशल मीडिया सांकेतिक तस्वीर

जम्मू/(भाषा)। सुरक्षा अधिकारियों ने कहा है कि हिरासत में लिए गए वायुसेना के पायलट के वीडियो भारत के खिलाफ मनोवैज्ञानिक अभियान के तहत पाक द्वारा इंटरनेट पर जारी किए गए हैं और इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को सोशल मीडिया पर उसे साझा नहीं करना चाहिए।

अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान की सेना ने पांच वीडियो बनाए और उसे भारत के खिलाफ मनोवैज्ञानिक अभियान के तहत व्हाट्सएप, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर डाल दिए। उन्होंने कहा, इसका उद्देश्य सुरक्षाबलों और लोगों को हतोत्साहित करना है।

पकड़े गए विंग कमांडर अभिनंदन के वीडियो बनाने और उनके साथ बर्ताव की आलोचना करते हुए लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी प्रकट की और पाकिस्तान को तालिबान के हाथों संचालित दुष्ट देश बताया।

पुणे से विकास रैना ने व्हाट्सएप पर लिखा, यदि हम देखें कि पायलट से किस तरह से बर्ताव हो रहा है तो उससे पता चलता है कि वह देश सेना की वर्दी में तालिबानियों द्वारा संचालित है। यह शर्मनाक है। पाकिस्तान कलंक है।

पाकिस्तान ने दोनों देशों की वायुसेना के बीच झड़प के बाद भारतीय वायुसेना के पायलट को गिरफ्तार कर लिया। विंग कमांडर मिग 21 बाइसन विमान से तो सुरक्षित बाहर आ गए लेकिन वह नियंत्रण रेखा के पार उतरे थे। ऐसे में पाकिस्तान सेना ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

सेना के ताजा बयान में कहा गया है, कृपया, हमसे विंग कमांडर अभिनंदन के वीडियो को साझा करने के लिए नहीं कहें। हम उनके वीडियो साझा नहीं करेंगे और आपसे अनुरोध कर रहे हैं कि कृपया पायलट के वीडियो और फोटो साझा नहीं करें। बयान में कहा गया कि इसे पाकिस्तान की सेना और उसकी मीडिया फैला रही है। उसने कहा, पाकिस्तान दुष्प्रचार के जाल में न फंसें।

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