abhinandan varthaman
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बेंगलूरु/दक्षिण भारत। विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान इस समय राष्ट्र के सबसे बड़े हीरो बनकर छाए हुए हैं। उन्होंने वर्ष 1998-99 में बेंगलूरु के केवी-एनएएल में पढ़ाई की थी। इस स्कूल ने भी अपने सबसे बहादुर छात्र के गौरव को महसूस किया है जिसकी सुरक्षा के लिए पूरे देश ने एकजुट होकर प्रार्थना की। उनकी सुरक्षित स्वदेश वापसी की देश भर में की जा रही प्रार्थना में इस विद्यालय के शिक्षकों और विद्यार्थियों की प्रार्थना भी शामिल थी।

अभिनंदन की सुरक्षित वापसी के बारे में खबर से इन सबको राहत की सांस मिली। शनिवार को इस स्कूल के परिसर में विंग कमांडर अभिनंदन पर गर्व स्वरूप यह पोस्टर नजर आया, ’’ब्रेवो! विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान-आईएएफ (केवी-एनएएल के पूर्व छात्र)।

केवी-एनएएल परिवार, बेंगलूरु के तौर पर हम आपको ससम्मान सलामी देते हैं और आपकी अपनी मातृभूमि में सुरक्षित वापसी हो, जय हिंद! इस पोस्टर पर स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिनंदन की फोटो भी चस्पां कर दी थी। जैसे ही पाकिस्तान में अभिनंदन की गिरफ्तारी की खबर पूरे देश और दुनिया में फैली, वैसे ही इस स्कूल के पूर्व एमएस आनंद शंकर ने अमेरिका से अपनी मां दुर्गा शिवकुमार को फोन कर बताया कि यह अभिनंदन कोई और नहीं, बल्कि केवी-एनएएल का पढ़ा हुआ आनंद शंकर से एक वर्ष जूनियर विद्यार्थी है।

दुर्गा शिवशंकर खुद भी इस स्कूल की शिक्षिका रह चुकी हैं। वह अभिनंदन के बचपन को याद करती हैं। उनके पुत्र आनंद शंकर उन्हें बताते हैं कि अभिनंदन की पत्नी तन्वी मारवाह भी इसी स्कूल की छात्रा हुआ करती थीं। यह जानकारी मिलने के बाद दुर्गा शिवशंकर के लिए दोनों को याद कर पाना आसान हो गया।

वह बताती हैं, मैंने अभिनंदन को कभी नहीं पढ़ाया लेकिन मैं उसे एक स्वस्थ और प्यारे बच्चे के रूप में आज भी याद कर सकती हूं। वह स्कूल के दिनों में ही खेल-कूद और शिक्षणेतर गतिविधियों में बेहद उत्साह के साथ भाग लिया करता था। वह स्कूल के पांच हाउसेज में से एक का लीडर भी हुआ करता था।

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