रामदास अठावले
रामदास अठावले

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) के नेता रामदास अठावले ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी प्रधानमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं और यह एक सपना ही रह जाएगा।

यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजग को केंद्र की सत्ता में लाने में सफल रहे और बतौर प्रधानमंत्री इसे जारी रखेंगे। वहीं, मोदी को हटाने के लिए राहुल की कोशिशें सपना ही रह जाएंगी।

रामदास अठावले ने बताया कि राजग सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं, जिनसे वैश्विक स्तर पर देश की मजबूत छवि का निर्माण हुआ है। उन्होंने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज किया कि ‘मोदी सरकार ने दलित विरोधी रुख अपनाया था’।

उन्होंने कहा कि राजग सरकार द्वारा की गईं कई पहल के लिए धन्यवाद, देश में दलितों की स्थिति में सुधार हुआ है। उन्होंने उन रिपोर्टों को लेकर जताई गईं आशंकाओं का भी निराकरण किया जिनमें दावा किया गया था कि भाजपा डॉ. अंबेडकर के संविधान को बदलने के पक्ष में है। मंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर मोदी स्वयं कई मौकों पर स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं।

अठावले ने कहा कि देश को नरेंद्र मोदी जैसे नेतृत्व की अगले कम से कम दस साल आवश्यकता है। आरपीआई नेता ने कहा कि महागठबंधन के नेताओं का एकमात्र एजेंडा प्रधानमंत्री मोदी का विरोध करना है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेताओं के पास मोदी की आलोचना करने के अलावा कोई नीति, कार्यक्रम या विचारधारा नहीं है।

अठावले ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कड़े फैसले लेने और हाल में पाकिस्तान के अंदर आतंकवादियों पर कार्रवाई का जिक्र किया। साथ ही विपक्ष के नेताओं द्वारा कार्रवाई के सबूत मांगे जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान पर कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेताओं को हमारे बहादुर सैनिकों के साथ होना चाहिए था और जवानों द्वारा नष्ट किए गए ठिकानों का साक्षी बनना था।

अठावले ने कहा कि कर्नाटक में गठबंधन सरकार बनाने के लिए कांग्रेस के साथ गए जद (एस) के नेताओं को भाजपा में आना चाहिए था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी को अपने फैसले में संशोधन करने और भाजपा में वापस आने में अभी भी देर नहीं हुई है।

नौकरियों और शिक्षा में सामान्य वर्ग के गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्र सरकार के फैसले का दृढ़ता से समर्थन करते हुए आरपीआई नेता ने निजी निजी क्षेत्र में आरक्षण का विस्तार करने का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि अगर राजग सरकार चुनाव के बाद सत्ता में वापस आती है, तो इस मुद्दे को उठाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कर्नाटक में उनकी पार्टी 24 लोकसभा सीटों पर भाजपा का समर्थन कर रही है। वहां आरपीआई ने अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं। उन्होंने बताया कि पार्टी के उम्मीदवार कर्नाटक में बेंगलूरु ग्रामीण, कोलार, चिक्कोडी और बेलगावी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। इस अवसर पर आरपीआई के प्रदेशाध्यक्ष एम वेंकटस्वामी और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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