सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत
सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली/भाषा। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने मंगलवार को कहा कि सशस्त्र बल जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास किसी भी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं। उन्होंने क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा अतिरिक्त बल तैनात किए जाने की खबरों को तवज्जो नहीं दी।

एक कार्यक्रम से इतर उन्होंने कहा, आकलन यही है कि अगर कुछ भी गलत होता है तो हम लोग तैयार हैं। सेना प्रमुख जनरल रावत ने जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तान द्वारा अतिरिक्त सैन्य बल तैनात किए जाने की खबरों को तवज्जो नहीं दी और कहा कि सेना क्षेत्र में किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।

सेना प्रमुख ने मंगलवार को कहा कि हर देश ऐहतियाती कदम उठाता है और एलओसी के पास पाकिस्तान द्वारा अतिरिक्त बल की तैनाती को लेकर चिंता वाली कोई बात नहीं है। जनरल रावत ने कहा, यह सामान्य बात है। हर कोई ऐहतियातन तैनाती करता है और सैन्य गतिविधि बढ़ाता है। इस बारे में हमें अधिक चिंतित नहीं होना चाहिए।

जम्मू-कश्मीर से विशेष दर्जा वापस लिए जाने और राज्य को दो केंद्र शासित क्षेत्रों में विभाजित किए जाने के भारत के फैसले के बाद एलओसी के पास पाकिस्तान द्वारा सुरक्षा बढ़ाए जाने को लेकर जनरल रावत से सवाल पूछा गया था।

सेना प्रमुख ने कहा कि एलओसी के पास किसी भी सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए सेना तैयार है। उन्होंने कहा, जहां तक सेना और कर्तव्य का संबंध है तो कुछ भी गलत होने की स्थिति में हम लोग हमेशा ही तैयार रहते हैं। क्या आगामी दिनों में एलओसी के पास युद्ध की स्थिति बनने वाली है, इस बारे में पूछे जाने पर जनरल रावत ने कहा कि इसका चयन पाकिस्तान के हाथ में है।

सेना प्रमुख ने कहा, ‘अगर पाकिस्तान एलओसी पर गतिविधि तेज करता है तो यह उसका चयन है।’ ऐसी खबरें हैं कि पाकिस्तान सेना एलओसी पर बड़ी तोपों की तैनाती कर रहा है। जम्मू-कश्मीर पर भारत के फैसले के मद्देनजर पाकिस्तान के किसी भी संभावित खतरे की आशंका को देखते हुए एलओसी के पास सेना को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

केंद्र के फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में किसी भी असैन्य अशांति को नाकाम करने के लिए सेना के शीर्ष कमांडर क्षेत्र में संपूर्ण सुरक्षा हालात पर नजर रखे हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि सरकार के फैसले के बाद पाकिस्तान कश्मीर घाटी में हिंसा में इजाफा, आईडी विस्फोट और फिदायीन हमले समेत वहां अशांति बढ़ाने की कोशिश कर सकता है।