सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। बहुत कम लोग बचे हैं जो प्रकृति की सुंदरता को बढ़ाने के लिए पेड़ लगाने का कौई भी मौका नहीं छोड़ते। बेंगलूरु में रहने वाली एक महिला ने अपने पति की याद में अब तक 73,000 से अधिक पेड़ लगाए हैं। 68 वर्षीय जेनेट यज्ञेश्वरन ने कई निजी और सरकारी संस्थानों के लिए काम किया है।

वे पर्यावरण से जु़डे किसी भी काम के लिए हमेशा तैयार रहती हैं। इन्होंने वर्ष 2006 से अब तक 73,000 से अधिक पेड़ लगाए हैं और आने वाले वर्षों में और अधिक पेड़ लगाना चाहती हैं। इन्होंने अपनी पति की याद में पहला पौधा लगाया था, वह अब काफी बड़ा हो चुका है। विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर इनके पेड़ों की गिनती 73,000 तक पहुंच गई।

जेनेट ने इस मौके पर खुश होकर एक फोटो पोस्ट की जिसमें उन्होंने दर्शाया है कि उनकी पहल अब पर्यावरण को प्रभावित कर रही है। जेनेट ने बेंगलूरु और कर्नाटक के काफी हिस्सों में पे़ड लगाए हैं। जेनेट की योजना है कि वह साल के अंत तक 75,000 पौधे लगा सकें। जेनेट को गर्व महसूस होता है जब वह अपने हाथ के लगे हुए पौधों को बड़ा होते देखती हैं।

जेनेट ने बताया कि उनके पति की वर्ष 2005 में मौत हो गई थी जिसके बाद जेनेट ने पेड़ लगाने का अभियान शुरू किया था। उस दौरान बेंगलूरु शहर के कई हिस्सों में पेड़ों की कटाई चल रही थी। मैंने काफी पेड़ों को अपने सामने कटते हुए देखा जिन्हें देख मुझे बहुत दुख होता था। इसलिए मुझे मेरे दोस्तों ने इस अभियान को शुरू करने के लिए सुझाव दिया था। लेकिन मैंने सोचा मैं कुछ अलग कर सकती हूं इसलिए मैंने अपने पति की याद में राजानेट यज्ञेश्वरन चैरिटेबल ट्रस्ट का गठन किया और अपने प़डोस में पौधे लगाने का काम शुरू कर दिया।

जेनेट ने इस अभियान को शुरु करने के बाद कुछ पड़ोस के लोगों से भी पूछा कि क्या वो इस काम में उसकी मदद करेंगे, लेकिन इस काम में बस कुछ ही लोगों ने उसकी मदद की। इसलिए उन्होंने अपने अकेले के दम पर इस अभियान को आगे बढ़ाया और कुछ ही वर्षों में उन्होंने कर्नाटक के अलावा तमिलनाडु में भी पेड़ लगाने शुरू किए। इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए सैमसंग, केपीएमजी, सोनी और नोकिया जैसे कॉरपोरेट्स ने बेंगलूरु और तमिलनाडु के अन्य हिस्सों में कई स्थानों पर पौधे लगाने को प्रायोजित किया है।

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