amritsar train accident
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अमृतसर। दशहरे के दिन जोड़ा फाटक के पास हादसे के बाद कई हृदयविदारक तस्वीरें सामने आ रही हैं। उस घटना की प्रत्यक्षदर्शी एक महिला ने बताया कि उसने अपनी आंखों से एक शख्स को ट्रेन से कटते देखा जो कुछ देर पहले तक दशहरे की खुशियां मना रहा था। जब ट्रेन बेहद करीब आ गई और उसका बचना नामुमकिन लग रहा था, तब उसने अपने करीब ही एक बच्चे को हाथ में लेकर दूसरी ओर उछाल दिया।

वहां उस महिला ने बच्चे को थाम लिया लेकिन जब उसने पटरियों की ओर देखा तो उस शख्स के टुकड़े हो चुके थे। वह बच्चा ट्रेन की चपेट में आने से बच गया। हादसे की प्रत्यक्षदर्शी उस महिला का नाम मीरा देवी बताया जा रहा है। उनका कहना है कि घटना के बाद उन्होंने करीब 10 माह के इस बच्चे के माता-पिता की तलाश की।

मीरा ने बताया कि वह बच्चा हादसे से कुछ क्षण पहले पटरियों के बीच खड़ा था। यह भी चर्चा है कि जिस शख्स ने बच्चे को दूसरी ओर उछाला वह उसका पिता था। उसने अपनी जान देकर बच्चे की हिफाजत की। हादसे के बाद जोड़ा फाटक पर अफरातफरी मच गई और लोग चीख-पुकार करने लगे।

यह सब देखकर बच्चा डर गया। ऐसे में मीरा उसे अपने घर ले गईं। इसके बाद उन्होंने बच्चे के मां-बाप की तलाश जारी रखी। इस बीच किसी परिजन द्वारा बच्चे के संबंध में संपर्क न किए जाने से अनहोनी की आशंका को बल मिल रहा था। आखिरकार मीरा देवी की मेहनत रंग लाई। प्रशासन ने बच्चे की पहचान विशाल के तौर पर की है। उसकी मां का नाम राधिका बताया गया है, जो ट्रेन हादसे में घायल हो गई थीं। बच्चे को मां से मिलाने पर लोगों ने मीरा देवी की सराहना की है। जानकारी के अनुसार, मीरा देवी नेपाल से हैं। वे विभिन्न आयोजनों में खाना बनाती हैं।

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