उधमपुर की एक मस्जिद में नमाज अदा करते लोग।
उधमपुर की एक मस्जिद में नमाज अदा करते लोग।

श्रीनगर/भाषा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने घाटी की सुरक्षा स्थिति का जायजा लेने के लिए शहर और दक्षिण कश्मीर के इलाकों का सोमवार को हवाई सर्वेक्षण किया। जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के ज्यादातर प्रावधानों को हटाए जाने संबंधी सरकार के फैसले के बाद लगाई गई कड़ी पाबंदियों के बीच घाटी में सोमवार को ईद-उल-अज़हा का त्योहार मनाया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस प्रमुख दिलबाग सिंह और सैन्य कमांडरों ने भी कश्मीर घाटी के विभिन्न भागों का अलग-अलग हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने स्थिति को बिल्कुल ठीक पाया। उन्होंने बताया कि पूरे जम्मू- कश्मीर में ईद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की गई।

प्रशासन ने एक बयान में कहा कि श्रीनगर में आतंकवादियों और असामाजिक तत्वों द्वारा शांति व्यवस्था को बाधित करने की आशंका को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों में जरूरी प्रतिबंध लगाए गए हैं। स्थानीय मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचे और उन्होंने एक-दूसरे को ईद की बधाई दी।

बयान के अनुसार कुछ स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। बांदीपोरा में (दार उल उलूम रहीमिया, 5000, जामिया मस्जिद 2,000), बारामूला (10,000), कुपवाड़ा (ईदगाह 3,500), सोपोर (1,500), कुलगाम (काजीगुंड 5,500, कैमोह 6,000, शोपियां 3000), पुलवामा (1,800), अवंतीपोरा (2,500), अनंतनाग (अचबल 3,000), गंदेरबल (7,000 से अधिक), बडगाम (चरार-ए-शरीफ 5,000, मगाम 8,000) और श्रीनगर की स्थानीय मस्जिदों में सैकड़ों लोग एकत्र हुए।

जम्मू में ईदगाह में पांच हजार से अधिक लोगों ने नमाज अदा की। हालांकि बयान में कहा गया है कि कुछ स्थानों पर विरोध की मामूली घटनाएं हुईं। इसमें कहा गया है कि मीडिया में सुरक्षा बलों द्वारा गोलीबारी और कुछ लोगों के हताहत होने की खबरें है। बयान में कहा गया है, इसे पूरी तरह से खारिज किया जाता है कि राज्य में गोलीबारी की कोई घटना हुई है। सुरक्षा बलों ने न तो कोई गोली चलाई है और न ही कोई हताहत हुआ है।