डॉ. विनोद शर्मा
डॉ. विनोद शर्मा

पटना/दक्षिण भारत। बालाकोट में भारतीय वायुसेना की कार्रवाई के बाद भारत में विपक्ष के कई नेताओं ने केंद्र सरकार से इस बात को लेकर काफी सवाल किए कि मारे गए आतंकियों की संख्या बताई जाए। साथ ही सबूत भी पेश किए जाएं। खासतौर से कांग्रेस के कुछ नेताओं ने तो मोदी से बहुत तीखे सवाल किए। इन सबसे नाराज पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विनोद शर्मा ने पद और पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

डॉ. शर्मा ने वायुसेना द्वारा की गई कार्रवाई पर कांग्रेस नेताओं द्वारा सवाल उठाने को अनुचित बताया है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र भी लिखा था। डॉ. शर्मा ने कहा कि पुलवामा में आतंकी हमले के बाद पूरा देश शोक में डूबा है और आक्रोशित है। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने पाक के बालाकोट में आतंकवादियों के प्रशिक्षण केंद्र पर कार्रवाई कर साहसिक कार्य किया। इसमें सैकड़ों आतंकवादी मारे गए हैं। आज पूरा देश सेना के पराक्रम और शौर्य पर गर्व कर रहा है, लेकिन कांग्रेस पार्टी द्वारा एयर स्ट्राइक और आतंकियों की सूची मांगना एक शर्मनाक और बचकाना हरकत है।

डॉ. शर्मा ने कहा कि वायुसेना द्वारा गिराए बम की वजह से कई फीट गहरे गड्ढे हो जाते हैं और आसपास का इलाका आग के गोले में बदल जाता है। इस स्थिति में किसी आतंकी का नामो-निशान बचेगा क्या? उन्होंने इस संबंध में कांग्रेस नेताओं के बयानों को सेना का मनोबल तोड़ने और आतंकियों का मनोबल बढ़ाने वाला बताया।

डॉ. शर्मा ने कहा कि आज देश की जनता कांग्रेस को पाकिस्तानी एजेंट के रूप में देख रही है। उन्होंने कहा कि मेरे लिए पार्टी से ऊपर देश है। आमजन यह चाह रहा है कि देश और राजनीतिक दल सेना के साथ खड़े हों। दुर्भाग्य है कि राहुल गांधी देश की भावना को नहीं समझ पा रहे हैं और सेना के शौर्य को नीचा करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने 1971 के युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि तब वाजपेयीजी ने भी इंदिरा गांधी की तारीफ की थी। डॉ. शर्मा ने कहा कि उन्होंने 30 साल पार्टी की सेवा की लेकिन अब दुखी मन से इस्तीफा दे दिया है।

LEAVE A REPLY

2 × five =