abhinandan varthaman
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। विंग कमांडर अभिनंदन को रिहा कर पाकिस्तान खुद को शांतिदूत की तरह पेश कर रहा है, लेकिन हकीकत इससे कहीं अलग है। एएनआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अभिनंदन को हिरासत में लेने के बाद पाकिस्तान के फौजी और खुफिया एजेंसी के अफसरों ने उन्हें शारीरिक रूप से तो प्रताड़ित नहीं किया, परंतु मानसिक उत्पीड़न में कोई कमी भी नहीं छोड़ी।

पाकिस्तानी फौज बेहद शातिराना ढंग से इस मौके का इस्तेमाल कर इमरान को शांति का पुजारी घोषित करना चाहती थी। इसके अलावा अभिनंदन पर मा​नसिक रूप से काफी दबाव डाला गया। इसी क्रम में पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनके कुछ वीडियो रिकॉर्ड किए, जिसमें वे उनकी तारीफ करते नजर आते हैं।

पाकिस्तानी फौज और आईएसआई ने पूरी कोशिश की थी कि अभिनंदन के वीडियो को इस तरह सोशल मीडिया में शेयर किया जाए कि उससे पाक को फायदा हो। इसके लिए वीडियो एडिट किए गए। उन्हें देखने से साफ पता चलता है कि अभिनंदन पर मानसिक रूप से काफी दबाव बनाया गया। पाकिस्तानी मीडिया ने इस काम में फौज और आईएसआई का खूब साथ दिया।

अब जबकि अभिनंदन स्वदेश आ गए हैं और उन्हें विभिन्न जांच प्रक्रिया से गुजरना पड़ा तो इस बात का खुलासा हुआ कि भारतीय जांबाज को हिरासत में लेने के बाद पाक अपनी नापाक हरकतों से बाज़ नहीं आया।

शनिवार को सैन्य अस्पताल में अभिनंदन से रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और एयर चीफ मार्शल बीएस धनोआ ने भी मुलाकात की। अभिनंदन को मेडिकल जांच में फिट पाया गया है। उन्हें रविवार को अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है।

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