आयुर्वेद के अनुसार, रसोईघर में रखे मसाले ही हमारे इलाज के लिए कारगर हैं। इलायची उन मसालों में से एक है। रोजाना इलायची खाई जाए तो कई बीमारियों से निजात पाई जा सकती है। इलायची वजन घटाने में भी सहायक है। आयुर्वेद के अनुसार, हरी इलायची शरीर के अपच को ब़ढा कर आपके पाचन तंत्र को साफ कर शरीर की सूजन को कम करती है। कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करती है। जिससे वजन कम करने में सहायता मिलती है। इलायची सिस्टोलिक और डायस्टोलिक को कम करने में भी सहायक है, इनसे ब्लड प्रेशर लेवल प्रभावित होता है। इलायची नहीं चबा सकते तो आप इसको चाय में डाल कर उपयोग कर सकते हैं। रिसर्च के अनुसार, अगर इलायची के पाउडर का सेवन किया जाए तो, पेट की चर्बी को कम किया जा सकता है। इसे रोजाना लेने से कोई बुरा असर नहीं प़डता।फ्य्ैंफ् ·र्ैंर्‍ द्धर्‍द्बय्द्यर्‍सर्दी, खांसी या छाती में जमाव है तो राहत दिलाने के लिए इलायची बेहतर प्राकृतिक उपचार है। भाप लेते समय गर्म पानी के बर्तन में इलायची के तेल की कुछ बूंदें डालें।ब्ष्ठत्ख्रर्‍ ब्य्ट्टश्चदिल के स्वास्थ्य लाभ के लिए अपने इलायची को रोजाना खाने में शामिल करें। इलायची वाली चाय पीते रहें। हाई ब्लड प्रेशर को मेंटेन करेगा।झ्य्घ्द्म त्रैंख़य्बदहजमी की समस्या है तो इलायची का सेवन करना चाहिए। अपने पाचन तंत्र को मजबूत बनाने और डिटोक्सिफाई करने के लिए रो़ज सुबह इलायची की चाय पी सकते हैं। दो से तीन इलायची, अदरक का एक छोटा सा टुक़डा, थो़डी सी लौंग और धनिया के कुछ बीज लें। इन्हें पीसकर गर्म पानी के साथ खाएं। अपच, सूजन और गैस से फाएदा मिलेगा।ॅ्यफ्यठ्ठट्टर्‍खाने के बाद नियमित रूप से इलायची चबाने से एसिडिटी दूर होती है। खाने के एकदम बाद बैठने के बजाय इलायची चबाते हुए कुछ देर सैर करें।द्बरुैंब् ·र्ैंर्‍ ख्ररुख्नथ्खाने के बाद एक इलायची चबाना चाहिए। यह मुंह की दुर्गंध दूर करने के साथ पेट से जु़डी समस्यों को दूर करती है।

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