साध्वी सौम्यमूर्ति के जीवन पर आधारित ’जननी’ पुस्तक का विमोचन

सूरत/बेंगलूरु/दक्षिण भारत। तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्यश्री महाश्रमणजी के शिष्य मुनिश्री दिनेशकुमारजी की संसार पक्षीय मातुश्री साध्वी सौम्यमूर्तिजी (सुआदेवी संकलेचा) के 26 अप्रैल 2014 को सूरत में संथारेपूर्वक देवलोकगमन पर उनकी स्मृति में प्रकाशित पुस्तक ’जननी’ गुरुवार को मुनिश्री कमलकुमारजी के सान्निध्य में विमोचन किया गया। इस अवसर पर उनके संसारपक्षीय पुत्र मोहनलाल संकलेचा व उनके पौत्र प्रवीण संकलेचा तथा अनिल संकलेचा उपस्थित थे। पुस्तक विमोचन तेरापंथ सभा के मैनेजिंग ट्रस्टी बालचंद बेताला सहित अनेक महत्वपूर्ण पदाधिकारियों तथा पूर्व पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया। पुस्तक के अंतिम पृष्ठ पर आचार्यश्री महाश्रमणजी ने दिवंगत साध्वी सौम्यमूर्ति जी के प्रति मंगल उद्गार प्रकट किए हैं व मुनिश्री दिनेशकुमार जी के धर्मसंघ के प्रति गहरे समर्पण की अनुशंसा की है। उल्लेखनीय है कि श्रीमती सुआदेवी संकलेचा ने संथारा के प्रत्याख्यान सूरत में ही किए थे व संथारे में साध्वी दीक्षा भी सूरत में ही ग्रहण की थी तथा देवलोकगमन भी इसी शहर में हुआ था। ज्ञात रहे कि दिवंगत साध्वी जी के एवं उनके संसार पक्षीय पुत्र मुनिश्री दिनेशकुमारजी के परिवारजन तथा दिवंगत बहन ज्योति देवी तातेड़ के परिवार जन सूरत में ही निवास कर रहे हैं। पुस्तक प्रकाशन में मुनिश्री कमलकुमारजी की विशेष प्रेरणा रही है।