अहं को छोड़ जीवन में अर्हम को अपनाएं : साध्वी कुमुदलता

लाभार्थी परिवार का सम्मान करते हुए समिति के पदाधिकारी

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। स्थानीय वीवीपुरम स्थित महावीर धर्मशाला में चातुर्मासार्थ विराजित अनुष्ठान आराधिका साध्वीश्री डॉ.कुमुदलताजी म.सा. ने जैन परम्परा में अति विश्रुत स्तोत्र के रचयिता श्री मानतुंगाचार्य द्वारा रचित भक्तामर स्तोत्र की दूसरी गाथा का उच्चारण करते हुए कहा कि मानतुंगाचार्य किस प्रकार गुरु चरणों में समर्पित होकर सदा के लिए अमर हो गए्। उन्होंने कहा, गुरु के प्रति सदैव दृढ़ आस्था व श्रद्धा रखें। अगर आप गुरु चरणों में जाएं तो अपना अहंकार छोड़ कर जाएं। अहंकारी जीवन का त्याग कर भगवान के भक्ति के मार्ग को अपनाने वाला इंसान ही भगवान का बड़ा भक्त कहलाता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य को अपने अहंकार का त्याग कर भगवान की सच्चे मन से भक्ति करनी चाहिए। अहंकार और अहं को छोड़ जब व्यक्ति छोटा बनता है तब वह इस भवसागर से मुक्त होगा। उन्होंने कहा कि गुरुचरणों में विनयपूर्वक आने से भाग्य भी सौभाग्य में बदल जाता है। गुरुदेव और गुरुवर्या का अनंत उपकार है जिन्होंने अनगढ़ पत्थर को प्रतिमा का आकार दिया। मनुष्य अपने जीवन में अहंकार को स्थान देकर इस मनुष्य जीवन को विनाश की ओर ले जाता है। जीवन में अहंकारी इंसानों से हर इंसान को उचित दूरी बनाकर ही रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, जब तक गौतम नहीं बनेंगे तब तक महावीर नहीं मिलेंगे और जब तक हनुमान नहीं बनेंगे तब तक राम नहीं मिलेंगे। जीवन में अहं का त्याग कर जो अर्हम को अपनाकर सद्मार्ग पर चलता है, वही भक्त परमात्मा का सच्चा भक्त कहलाता है।
साध्वी महाप्रज्ञाजी ने सुमधुर आवाज़ में स्तवन की सुंदर प्रस्तुति से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। समिति के महामंत्री चेतन दरड़ा ने बताया कि रविवार 10 नवम्बर को जैन दिवाकर चौथमलजी म.सा. का 142 वॉं जन्मोत्सव एवं गुरुणी श्री कमलावतीजी म.सा. की पुण्यतिथि का आयोजन उपाध्याय श्री प्रवीणऋषिजी, साध्वीश्री कुमुदलताजी, जयश्रीजी, प्रतिभाश्रीजी आदि संत सतिवृंद के पावन सान्निध्य में तप त्याग व धर्म आराधना द्वारा किया जाएगा। सहमंत्री अशोक रांका ने बताया कि इस आयोजन के लाभार्थी पन्नालाल भरतकुमार कोठारी परिवार हैं। इस आयोजन में मुख्य अतिथि माणकचंद तालेड़ा, अशोक नाहर तथा विशिष्ट अतिथि शांतिलाल चोरड़िया, पारसमल बोहरा, विमलचंद ख़ाबिया आदि उपस्थित होंगे।धर्म सभा का संचालन युवाध्यक्ष राजेश गोलेछा द्वारा किया गया। सभी का आभार गुलाबचंद पगारिया ने जताया।