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                <title>व्यापार - Dakshin Bharat Rashtramat</title>
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                            <item>
                <title>वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हुई भारी वृद्धि</title>
                                    <description><![CDATA[घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें अपरिवर्तित रहीं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76439/huge-increase-in-the-price-of-commercial-lpg-cylinder"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-04/gas.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में शुक्रवार को अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोतरी की गई। 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 993 रुपए बढ़ा दी गई। पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा कीमतों में हो रही बढ़ोतरी की वजह से, यह लगातार तीसरी मासिक वृद्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;">19 किलोग्राम वाले वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत, जिसका इस्तेमाल होटल और रेस्टोरेंट जैसी जगहों पर होता है, अब दिल्ली में बढ़कर रिकॉर्ड 3,071.5 रुपए हो गई है, जबकि पहले इसकी कीमत 2,078.50 रुपए थी। </p>
<p style="text-align:justify;">कीमतें पिछली बार 1 अप्रैल को प्रति सिलेंडर 195.50 रुपए बढ़ाई गई थीं। उससे पहले, 1 मार्च को 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमतें 114.5 रुपए बढ़ी थीं।</p>
<p style="text-align:justify;">तीन बार की बढ़ोतरी में, वाणिज्यिक एलपीजी की दरें 1,303 रुपए बढ़ गई हैं। घरेलू कुकिंग गैस की कीमतें अपरिवर्तित रहीं। घरेलू एलपीजी की कीमतों में आखिरी बार 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर 60 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी। दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 913 रुपए है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकारी स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय मानकों और विनिमय दर के आधार पर एटीएफ और एलपीजी की कीमतों में संशोधन करती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति शृंखलाओं में बाधा आने के बाद, वैश्विक तेल की कीमतें लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ गई हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 01 May 2026 10:02:00 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मियों का फैशन उत्सव: बेंगलूरु में हाई लाइफ प्रदर्शनी का समर एडिशन 18 अप्रैल से</title>
                                    <description><![CDATA[यह 20 अप्रैल तक जारी रहेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76367/summer-fashion-festival-hi-life-exhibition-summer-edition-in-bengaluru"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/hi-life2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>फैशन और स्टाइल के लिए मशहूर हाई लाइफ प्रदर्शनी 18 अप्रैल से द ललित अशोक में शुरू होगी। यह 20 अप्रैल तक जारी रहेगी। प्रदर्शनी टॉप डिजाइनर्स के अनोखे कलेक्शन्स को एक जगह देखने और खरीदारी का मौका देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें डिजाइनर वियर, एलिगेंट काउचर, स्टेटमेंट ज्वेलरी और स्टाइलिश एक्सेसरीज की शानदार रेंज पेश की जाएगी। गर्मियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने खासतौर पर लाइट, ट्रेंडी और रिफ्रेशिंग कलेक्शन्स को शामिल किया है, जो आपकी वॉर्डरोब को पूरी तरह नया लुक देंगे।</p>
<p><img style="margin-left:auto;margin-right:auto;" src="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-04/hi-life1.jpg" alt="hi life1" width="758" height="508"></img></p>
<p style="text-align:justify;">हाई लाइफ में विजिटर्स लेटेस्ट फैशन ट्रेंड्स देख सकते हैं। साथ ही, डिजाइनर्स से मिलकर पसंद के मुताबिक कपड़े, ज्वेलरी और एक्सेसरीज चुन सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कई संस्करणों की तरह इस बार भी प्रदर्शनी में फैशन, लग्जरी और स्टाइल का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। बेंगलूरु के फैशनप्रेमियों के लिए ये तीन दिन स्टाइल अपडेट करने, नई चीजें खोजने और शॉपिंग का शानदार मौका साबित होंगे। जो लोग स्टाइल रिफ्रेश करना चाहते हैं, उनके लिए समर एडिशन बेहतरीन मौका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 11:03:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>रिज़र्व बैंक ने नीतिगत दरें अपरिवर्तित रखीं</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @reservebankofindia593 YouTube Channel]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76318/reserve-bank-kept-policy-rates-unchanged"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/rbi-governor.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई/दक्षिण भारत। </strong>रिज़र्व बैंक ने पश्चिम एशियाई युद्ध में संघर्ष-विराम के चलते वैश्विक सुधार की उम्मीदों के बीच ब्याज दरें अपरिवर्तित रखीं। यह नीतिगत फ़ैसला ऐसे समय में आया है, जब डेढ़ महीने से चल रहे पश्चिम एशिया के युद्ध ने ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर दिया है, कच्चे तेल की क़ीमतें बढ़ा दी हैं और आयात पर निर्भर देशों के लिए वित्तीय और मुद्रास्फीति संबंधी दबाव पैदा कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले महीने सरकार द्वारा रिजर्व बैंक के लिए महंगाई का नया लक्ष्य घोषित किए जाने के बाद, यह पहली मौद्रिक नीति समीक्षा है। सरकार ने रिजर्व बैंक से कहा है कि वह मार्च 2031 तक अगले पांच वर्षों के लिए खुदरा महंगाई को 4 प्रतिशत पर बनाए रखे, जिसमें दोनों तरफ 2 प्रतिशत की छूट की गुंजाइश हो।</p>
<p style="text-align:justify;">मौजूदा वित्त वर्ष के लिए पहली द्वि-मासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए, गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने सर्वसम्मति से अल्पकालिक ऋण दर या रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर, एक तटस्थ रुख के साथ, बनाए रखने का निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">ब्याज दरों में कटौती पर यह रोक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स पर आधारित खुदरा महंगाई दर के चलते लगाई गई है, जो फरवरी में 3.21 प्रतिशत पर पहुंचकर रिजर्व बैंक के 4 प्रतिशत के मध्यम-अवधि के लक्ष्य के करीब आ गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, युद्ध शुरू होने के बाद से रुपए का मूल्य 4 प्रतिशत से अधिक गिर गया है, जिसका परिणाम आयातित महंगाई को बढ़ाने के रूप में सामने आया है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालाँकि, अमेरिका और ईरान द्वारा संघर्ष-विराम की घोषणा के बाद, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 50 पैसे मज़बूत होकर 92.56 पर पहुंच गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">एमपीसी की सिफ़ारिश के आधार पर, रिजर्व बैंक ने खुदरा महंगाई में नरमी के बीच फरवरी, अप्रैल और दिसंबर 2025 में रेपो रेट में 25 बीपीएस की कटौती की, और जून में 50 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की।<br /> <br />अक्टूबर 2025 में भारत की खुदरा महंगाई दर गिरकर 0.25 प्रतिशत के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई, जो उपभोक्ता मूल्य सूचकांक की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे निचला स्तर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Apr 2026 10:52:55 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>एलपीजी की कोई कमी नहीं, अफवाहों पर भरोसा न करें: एचपीसीएल</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: hpcl FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76305/there-is-no-shortage-of-lpg-do-not-trust-rumors"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/hpcl.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई/दक्षिण भारत।</strong> हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. (एचपीसीएल) देशभर में ईंधन और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत उसने मजबूत और संतुलित परिचालन बनाकर रखा है। उसने बताया कि 3.8 करोड़ लीटर से ज्यादा पेट्रोल और 6.9 करोड़ लीटर से ज्यादा डीजल की बिक्री की है। </p>
<p style="text-align:justify;">कंपनी ने एक ही दिन में 1.94 करोड़ से ज्यादा उपभोक्ताओं के व्यापक ग्राहक आधार को आपूर्ति की। वहीं, 9,951 टैंकरों को रिटेल आउटलेट्स पर भेजा गया, जिससे सभी क्षेत्रों में कुशलतापूर्वक  और समय पर डिलीवरी हुई। एलपीजी खंड में, एचपीसीएल ने 14,40,000 सिलेंडरों की सामान्य डिलीवरी बनाए रखी। उसने पांच किलोग्राम के 31,786 सिलेंडर और दो किलोग्राम के 2,383 सिलेंडर के फ्री ट्रेड एलपीजी वितरित किए।</p>
<p style="text-align:justify;">एचपीसीएल ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनज़र सभी ग्राहकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि घरेलू एलपीजी आपूर्ति स्थिर, पर्याप्त और कड़ी निगरानी में बनी हुई है। एलपीजी वितरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा कि ग्राहकों को रिफिल बुकिंग के लिए आईवीआरएस, एसएमएस, मिस्ड कॉल, एचपी पे और वॉट्सऐप जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिसमें से लगभग 94 प्रतिशत बुकिंग पहले ही इन चैनलों के जरिए की जा रही है। डिलीवरी डीएसी/ओटीपी-आधारित प्रमाणीकरण से सुरक्षित की जा रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">एचपीसीएल अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, वेब पोर्टल और टोल-फ्री नंबर (1800-2333-555) के जरिए ग्राहकों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। ग्राहक शीघ्र सहायता के लिए एमवाईएचपीगैस.इन पर भी जा सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एचपीसीएल ने भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए औचक निरीक्षण की प्रक्रिया सख़्त कर दी है। उसने 4,028 से ज्यादा निरीक्षण किए हैं, जिसमें 53 वितरकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इनमें 20 डिस्ट्रीब्यूटरशिप के निलंबन भी शामिल हैं। ये प्रयास अन्य तेल विपणन कंपनियों और राज्य सरकारों के समन्वय में किए जा रहे हैं। अब तक लगभग 653 छापे मारे गए हैं, 40 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 3,163 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एचपीसीएल ने कहा है कि एलपीजी की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है और कोई कमी नहीं है। उसने ग्राहकों से कहा कि सुचारु वितरण बनाए रखने के लिए जरूरत होने पर ही बुकिंग करें, अफवाहों पर नहीं, आधिकारिक घोषणाओं पर भरोसा करें। उसने एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता, वितरण में पारदर्शिता और किसी भी तरह के भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 06 Apr 2026 10:13:06 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मियों में धूम मचाने के लिए तैयार हाई लाइफ प्रदर्शनी</title>
                                    <description><![CDATA[यह 8 मार्च तक जारी रहेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76123/high-life-exhibition-ready-to-make-a-splash-in-summer"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-03/hi-life.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>फैशन एवं स्टाइल के लिए मशहूर प्रदर्शनी हाई लाइफ गर्मियों में धूम मचाने के लिए तैयार है। आयोजकों ने बताया कि इसका आगाज 6 मार्च को द ललित अशोक में होगा। यह 8 मार्च तक जारी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">हाई लाइफ प्रदर्शनी अपने शानदार समर एडिट के साथ आ रही है। यह इस सीजन के सबसे आकर्षक और ट्रेंडी कलेक्शन्स को एक छत के नीचे लाएगी। इसमें मशहूर डिज़ाइनर, फ़्लूइड सिल्हूट, शानदार फ़ाइन ज्वेलरी और स्टेटमेंट एक्सेसरीज़ एकसाथ पेश की जाएंगी। ये इस सीज़न के सबसे पसंदीदा ट्रेंड्स को दर्शाएंगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यहां सन-किस्ड पैलेट्स, बेहतरीन कारीगरी और ऐसे कलेक्शन उपलब्ध होंगे, जो आसानी से हाई डेवियर से लेकर ग्लैमरस शाम तक के लिए सही होंगे। यह वह जगह है, जहां हाई फैशन का मिलन सदाबहार आकर्षण से होता है। इसे शहर के उन सभी लोगों के लिए तैयार किया गया है, जो बेहतरीन फैशन और स्टाइल को समझते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Mar 2026 10:20:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>भारत को अपना एआई इंफ्रास्ट्रक्चर खुद बनाना होगा: जीत अडाणी</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @jeet_adani1 X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76071/india-will-have-to-create-its-own-ai-infrastructure-jeet"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-02/jeet-adani.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> अडाणी ग्रुप के कार्यकारी निदेशक जीत अडाणी ने गुरुवार को कहा कि भारत को आयात पर निर्भर रहने के बजाय अपना एआई इंफ्रास्ट्रक्चर खुद तैयार करना चाहिए और चेतावनी दी कि एआई राष्ट्रीय संप्रभुता को फिर से परिभाषित कर देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की ‘इंटेलिजेंस सेंचुरी’ के लिए अपनी दृष्टि को रेखांकित करते हुए, व्यवसायिक साम्राज्य के प्रमुख गौतम अडाणी के सबसे छोटे पुत्र ने संप्रभुता के तीन स्तंभों – ऊर्जा, कंप्यूट और क्लाउड, तथा सेवाओं – पर जोर दिया और इन्हें भारत की एआई रणनीति के केंद्रीय तत्व के रूप में बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">जीत अडाणी ने यहां इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में कहा, 'भारत को अपने एआई भविष्य की सुरक्षा के लिए ऊर्जा, कंप्यूट और क्लाउड, तथा सेवाओं में संप्रभुता सुनिश्चित करनी होगी।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'एआई को कोड में लिखा जाता है, लेकिन यह बिजली से चलती है। ऊर्जा सुरक्षा ही इंटेलिजेंस सुरक्षा है। सतत ऊर्जा एक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ बन जाती है।' उन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा क्लस्टरों को एआई डेटा सेंटर और औद्योगिक कॉरिडोर के साथ एकीकृत करने की योजनाओं का विवरण दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर कहा, 'क्लाउड संप्रभुता का मतलब अलगाव नहीं है। इसका मतलब है स्वायत्तता … भारत को महत्त्वपूर्ण एआई वर्कलोड्स देश में होस्ट करने चाहिएं … हमारे स्टार्टअप्स, अकादमिक संस्थान, रक्षा, स्वास्थ्य और विनिर्माण के लिए उच्च प्रदर्शन वाले कंप्यूट तक घरेलू पहुंच सुनिश्चित करनी होगी।'</p>
<p style="text-align:justify;">अडाणी ने जोर दिया कि एआई को सबसे पहले भारतीय नागरिकों की सेवा करनी चाहिए। इससे कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और वित्तीय समावेशन में वृद्धि हो।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Feb 2026 15:49:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बेंगलूरु में फैशन की चमक बिखेरेगी हाई लाइफ</title>
                                    <description><![CDATA[यह 15 फरवरी तक जारी रहेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76032/high-life-will-spread-the-glow-of-fashion-in-bengaluru"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-02/hi-life1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>मशहूर फैशन प्रदर्शनी हाई लाइफ एक बार फिर बेंगलूरु में अपनी चमक बिखेरने के लिए तैयार है। इसका आयोजन 13 फरवरी से द ललित अशोक में होगा। यह 15 फरवरी तक जारी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">आयोजकों ने बताया कि हाई लाइफ प्रदर्शनी डिज़ाइनर फैशन, आकर्षक ज्वेलरी, लग्ज़री एक्सेसरीज़ और ट्रेंड-फ़ॉरवर्ड लाइफस्टाइल कलेक्शन के एक्सक्लूसिव शोकेस के साथ आ रही है। उन्होंने कहा कि इसमें अनूठे क्यूरेटेड लेबल्स, स्टेटमेंट स्टाइल्स और क्लासिक एलिगेंस का शानदार मेल देखने को मिलेगा। यह उन लोगों के लिए परफेक्ट है, जो यादगार शॉपिंग अनुभव पसंद करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-02/hi-life2.jpg" alt="hi life2" width="1066" height="1600"></img></p>
<p style="text-align:justify;">हाई लाइफ प्रदर्शनी फैशन प्रेमियों के लिए एक ऐसा मौका है, जहां वे लेटेस्ट ट्रेंड्स एक्सप्लोर कर सकते हैं और अपनी वार्डरोब को अपडेट कर सकते हैं। इस प्रदर्शनी में फैशन से रूबरू होने और उसे महसूस करने का मौका मिलेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 12 Feb 2026 10:13:38 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आरबीआई ने दर कटौती पर विराम लगाया, ब्याज दर को 5.25% पर बरकरार रखा</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @reservebankofindia593 YouTube Channel]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/75999/rbi-put-a-pause-on-rate-cuts-kept-the-interest"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-02/rbi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> दिसंबर में 25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती के बाद, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच आरबीआई ने शुक्रवार को नीतिगत दरों के मोर्चे पर विराम लगाने का फैसला किया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की घोषणा के बाद पहली मौद्रिक नीति समीक्षा है।</p>
<p style="text-align:justify;">वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए छठी और अंतिम द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि मौद्रिक नीति समिति ने अल्पकालिक ऋण दर या रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का और तटस्थ रुख अपनाने का निर्णय लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">दर कटौती पर यह विराम उस समय आया है जब उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित शीर्षक खुदरा मुद्रास्फीति पिछले चार महीनों से सरकार द्वारा निर्धारित 2 प्रतिशत के निचले बैंड से नीचे बनी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">सरकार ने केंद्रीय बैंक को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह सुनिश्चित करे कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 4 प्रतिशत पर बनी रहे, जिसमें दोनों तरफ 2 प्रतिशत का मार्जिन हो।</p>
<p style="text-align:justify;">फरवरी 2025 से, आरबीआई ने नीतिगत दर में 125 बेसिस प्वाइंट की कटौती की है। अपनी पिछली नीति समीक्षा में दिसंबर में, उसने रेपो दर को 25 बेसिस प्वाइंट घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया था।</p>
<p style="text-align:justify;">मौद्रिक नीति समिति की सिफारिश के आधार पर, आरबीआई ने खुदरा मुद्रास्फीति में कमी के बीच फरवरी 2025 और अप्रैल में रेपो दर को प्रत्येक बार 25 बेसिस प्वाइंट और जून में 50 बेसिस प्वाइंट घटाया। हालांकि, केंद्रीय बैंक ने अगस्त में दर कटौती को रोक दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछली एमपीसी बैठक में, आरबीआई ने फिर से रेपो दर को 25 बेसिस प्वाइंट घटाकर 5.25 प्रतिशत कर दिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 06 Feb 2026 11:05:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अपनाएं ये उपाय, डॉलर के सामने शेर की तरह दहाड़ेगा हमारा रुपया</title>
                                    <description><![CDATA[मजबूत रुपया केवल एक मुद्रा नहीं, बल्कि एक मजबूत देश का प्रतीक है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/75958/we-can-strengthen-the-rupee-by-neutralizing-the-dollar-with"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-01/one-rupee-coin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:center;"><strong>.. दितिका कानूनगो ..</strong></p>
<p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> पिछले कुछ समय से हम समाचारों में बार-बार सुन रहे हैं कि डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो रहा है। यह खबर अक्सर अर्थशास्त्र तक सीमित समझ ली जाती है कि इसका असर सिर्फ़ सरकार, बाज़ार या बड़े उद्योगों पर ही पड़ता हो। सच्चाई यह है कि रुपए की मज़बूती या कमजोरी हमारे रोज़मर्रा के जीवन के साथ गहराई से जुड़ी हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब रुपया गिरता है तो सबसे पहले हमारी जेब पर असर दिखता है। पेट्रोल-डीज़ल महंगे होते हैं, आयातित सामान की कीमत बढ़ती है। मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, दवाइयां और यहां तक कि खाने-पीने की कई चीज़ें भी महंगी हो जाती हैं। ऐसे में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या एक आम भारतीय के रूप में हम कुछ कर सकते हैं या यह सब सिर्फ़ नीतियों और वैश्विक बाज़ार का खेल है?</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>रुपया सिर्फ़ सरकार से नहीं, हम सब से बनता है</strong></p>
<p style="text-align:justify;">सबसे पहला और सरल कदम है- स्वदेशी को प्राथमिकता देना। जब हम विदेशी सामान के बजाय देश में बने उत्पाद खरीदते हैं तो आयात पर निर्भरता कम करते हैं। छोटी-सी बात लग सकती है, लेकिन अगर लाखों लोग मिलकर ऐसा करें तो इसका असर बड़ा होता है। स्थानीय दुकानदार से खरीदारी करना, भारतीय ब्रांड्स को अपनाना और अनावश्यक विदेशी दिखावे से बचना, ये सभी कदम रुपए को मज़बूती देने में मदद कर सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">दूसरा अहम पहलू है- ईंधन की समझदारी से खपत। भारत तेल और गैस का बड़ा हिस्सा बाहर से मंगाता है। जब हम बिजली, पेट्रोल और गैस का ज़रूरत से ज़्यादा उपयोग करते हैं तो अप्रत्यक्ष रूप से विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ाते हैं। घर में बिजली बचाना, सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना, कार पूलिंग जैसी आदतें न सिर्फ़ पर्यावरण के लिए अच्छी हैं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी।</p>
<p style="text-align:justify;">तीसरा उपाय- देश के भीतर पर्यटन को बढ़ावा देना भी एक महत्त्वपूर्ण योगदान है। जब हम छुट्टियां विदेश में बिताते हैं तो विदेशी मुद्रा बाहर जाती है। वहीं, देश के अलग-अलग हिस्सों की यात्रा करने से पैसा देश के भीतर ही घूमता है, स्थानीय रोज़गार बढ़ता है और अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, कौशल और उत्पादन भी रुपए की ताक़त का आधार हैं। आज का युवा अगर बेहतर कौशल सीखता है, नवाचार करता है और दुनिया को भारतीय सेवाएं व उत्पाद देता है तो विदेशी मुद्रा देश में आती है। यह काम केवल बड़ी कंपनियों का नहीं, बल्कि स्टार्टअप्स, फ्रीलांसर्स और छोटे व्यवसायों का भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक और ज़रूरी बात है- अफवाहों और घबराहट से बचना। जब भी रुपए में गिरावट की खबर आती है तो कई लोग डर के कारण गलत आर्थिक फैसले ले लेते हैं। समझदारी, धैर्य और सही जानकारी के साथ लिया गया फैसला हमेशा बेहतर होता है।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ और छोटे लेकिन असरदार कदम यह हैं, जिन पर हम अक्सर ध्यान नहीं देते -</p>
<p style="text-align:justify;">- विदेशी ब्रांड्स की जगह रोज़मर्रा की चीज़ों में भारतीय विकल्प चुनना, चाहे वह साबुन हो या स्नैक्स।</p>
<p style="text-align:justify;">- अनावश्यक खर्च घटाकर बचत और निवेश की आदत डालना, जिससे देश के भीतर पूंजी मज़बूत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">- टैक्स समय पर भरना और ऊर्जा की बचत करना, ताकि आयात पर निर्भरता घटे और आर्थिक संतुलन बना रहे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह सच है कि रुपए की कीमत कई वैश्विक कारणों से तय होती है, जैसे- अंतरराष्ट्रीय राजनीति, युद्ध, वैश्विक मंदी या ब्याज दरें, लेकिन यह भी उतना ही सच है कि देश की आर्थिक रीढ़ उसके नागरिकों के व्यवहार से मज़बूत होती है।</p>
<p style="text-align:justify;">अगर हम अपने छोटे-छोटे फैसलों में देशहित को जगह दें तो रुपया सिर्फ़ आंकड़ों में नहीं, आत्मविश्वास में भी मज़बूत होगा। आखिरकार, मजबूत रुपया केवल एक मुद्रा नहीं, बल्कि एक मजबूत देश का प्रतीक है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 30 Jan 2026 10:31:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा</title>
                                    <description><![CDATA[वैश्विक बाजारों में सतर्क माहौल के कारण रुपए पर दबाव बना ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/75953/rupee-reaches-all-time-low-against-us-dollar"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-01/rupee-coin.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मुंबई/दक्षिण भारत। </strong>रुपए ने गुरुवार को शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.00 का अब तक का सबसे निचला स्तर छू लिया। स्थिर डॉलर मांग और वैश्विक बाजारों में सतर्क माहौल के कारण रुपए पर दबाव बना रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">फॉरेक्स कारोबारियों के अनुसार, फेडरल रिज़र्व (फेड) द्वारा साल 2026 की अपनी पहली मौद्रिक नीति बैठक के अंत में ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने की घोषणा के बाद डॉलर सूचकांक के साढ़े चार साल के निचले स्तर से उछलने के कारण रुपया कमजोर हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता ने जोखिम से बचने की प्रवृत्ति को बढ़ा दिया है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव बना हुआ है। </p>
<p style="text-align:justify;">इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 91.95 पर खुला और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर 92 पर कारोबार करता देखा गया। महीने के अंत में डॉलर की बढ़ी हुई मांग के बीच यह अपने पिछले बंद स्तर से 1 पैसा कमजोर रहा।</p>
<p style="text-align:justify;">बुधवार को रुपया 31 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले बंद स्तर 91.99 पर पहुंच गया। 23 जनवरी को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दिन के कारोबार के दौरान अब तक के सबसे निचले स्तर 92 तक गिर गया था।<br />     <br />एक विशेषज्ञ ने कहा, 'इस लगातार हो रहे पूंजी बहाव ने डॉलर की मांग को उच्च बनाए रखा है। तेल की कीमतें इस सप्ताह 4 प्रतिशत से अधिक बढ़ गई हैं और तीसरे लगातार सत्र में तेजी जारी रखते हुए सितंबर के अंत के स्तर तक पहुंच गई हैं। यह वृद्धि अमेरिकी चेतावनियों के बाद आई है कि अगर ईरान न्यूक्लियर समझौते तक नहीं पहुंचता है तो सैन्य कार्रवाई की आशंका हो सकती है, जिससे आपूर्ति में व्यवधान की चिंता बढ़ गई है।'</p>
<p style="text-align:justify;">तेल आयातक के रूप में भारत कच्चे तेल की लगातार बढ़ती कीमतों के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील बना हुआ है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 29 Jan 2026 10:20:27 +0530</pubDate>
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                <title>चांदी की कीमतें 3 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के पार!</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/75900/silver-prices-cross-rs-3-lakh-per-kg"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-01/silver.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> चांदी की कीमतों में सोमवार को जोरदार उछाल आया। वायदा कारोबार में पहली बार यह 3 लाख रुपए प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई। मजबूत निवेशक मांग और सकारात्मक वैश्विक रुझानों के चलते यह बढ़त देखने को मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में मार्च डिलीवरी वाली चांदी के वायदा भाव में 13,553 रुपए यानी 4.71 प्रतिशत का तेज उछाल दर्ज किया गया और यह रिकॉर्ड 3,01,315 रुपए प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई।</p>
<p style="text-align:justify;">अंतरराष्ट्रीय बाजार में मार्च डिलीवरी वाले चांदी के वायदा अनुबंध में 5.81 अमेरिकी डॉलर यानी 6.56 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया और यह रिकॉर्ड 94.35 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया। </p>
<p style="text-align:justify;">विश्लेषकों के अनुसार, मजबूत औद्योगिक मांग और कमजोर अमेरिकी डॉलर ने सफेद धातु को और समर्थन दिया, जो हाल के सत्रों में सोने से बेहतर प्रदर्शन कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि चांदी की कीमतों भारी उतार-चढ़ाव आने का इतिहास रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि साल 1980 में ऐसा हो चुका है, जब चांदी की कीमतें लगभग 49.50 डॉलर से गिरकर करीब 11 डॉलर प्रति औंस तक आ गई थीं। इसलिए कीमती धातुओं में सोच-समझकर ही निवेश करना चाहिए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 19 Jan 2026 10:48:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>आईटीआई लि. को हिमाचल प्रदेश में आइस-हॉकी रिंक प्रोजेक्ट के लिए 72.76 करोड़ रु. का वर्क ऑर्डर मिला</title>
                                    <description><![CDATA[आईटीआई लि. के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजेश राय]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/75799/iti-ltd-gets-work-order-worth-rs-7276-crore-for"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-07/iti-cmd.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> प्रमुख टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग कंपनी आईटीआई लिमिटेड को हिमाचल प्रदेश के काज़ा, लाहौल और स्पीति में आइस-हॉकी रिंक प्रोजेक्ट के लिए वर्क ऑर्डर मिला है। इसका मूल्य 72.76 करोड़ रुपए है।</p>
<p style="text-align:justify;">कॉन्ट्रैक्ट के तहत, आईटीआई लि. एक पूरा आइस-हॉकी रिंक बनाएगी, साथ ही 500-किलोवाट का सोलर पावर बैकअप सिस्टम भी लगाएगी। वह सीसीटीवी कैमरे, लाइटिंग और दूसरी ज़रूरी एक्सेसरी स्थापित करेगी, जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए उच्च गुणवत्ता की सुविधा सुनिश्चित होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">यह प्रोजेक्ट स्पीति घाटी के दूरदराज के ऊंचे इलाके में विश्व-स्तरीय खेलकूद इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने की बड़ी कोशिश का हिस्सा है, जो उच्च-एल्टीट्यूड खेलकूद प्रशिक्षण केंद्र योजना के तहत चल रही पहल का सहयोग करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">इस निवेश से, स्थानीय प्रशासन का मकसद लाहौल और स्पीति ज़िले, जो लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है, में खेलकूद के मौकों को बढ़ाना, युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और खेलकूद पर्यटन को विकसित करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर आईटीआई लि. के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक राजेश राय ने कहा, 'मुझे बहुत खुशी है कि आईटीआई लि. हिमाचल प्रदेश में आइस हॉकी इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं को बेहतर बनाने में योगदान देगी। एक इनेबलिंग कंपनी के तौर पर, आईटीआई लि. हिमाचल में इस प्रेरणादायक सफ़र में पार्टनर बनकर बहुत उत्साहित है।'</p>
<p style="text-align:justify;">राय ने कहा, 'हिमाचल प्रदेश भी हमारे दिल के बहुत करीब है, क्योंकि आईटीआई लि. को भारतनेट फेज-3 प्रोजेक्ट के 81 ब्लॉक में 3615 ग्राम पंचायतों को कवर करते हुए 20115 किलोमीटर केबल बिछाने का काम सौंपा गया है और उसे स्टेट नेटवर्क ऑपरेशन सेंटर भी बनाना है। अब तक, आईटीआई लि. ने हिमाचल प्रदेश में लगभग 990 किलोमीटर ओएफसी केबल बिछाई है।'</p>
<p style="text-align:justify;">राय ने कहा, 'बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी स्टेकहोल्डर्स की लगातार कोशिशों से, मुझे भरोसा है कि स्पीति को जल्द ही न सिर्फ आइस हॉकी के लिए, बल्कि संपूर्ण शीतकालीन खेलकूद के लिए पहचाना जाएगा।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 31 Dec 2025 09:56:00 +0530</pubDate>
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