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                <title>कर्नाटक - Dakshin Bharat Rashtramat</title>
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                <description>कर्नाटक RSS Feed</description>
                
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                <title>मल्लिकार्जुन खरगे ने कर्नाटक में 'फिलहाल' मुख्यमंत्री बदले जाने की संभावना से इन्कार किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: IndianNationalCongress FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76437/mallikarjun-kharge-ruled-out-the-possibility-of-change-of-chief"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/mallikarjun-kharge.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कलबुर्गी/दक्षिण भारत। </strong>एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने गुरुवार को कहा कि कर्नाटक में 'अभी' मुख्यमंत्री पद पर कोई बदलाव नहीं होगा और राज्य में नेतृत्व का मुद्दा जल्द ही सुलझा लिया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह बयान पार्टी और राजनीतिक हलकों में चल रहीं उन अटकलों के बीच आया है, जिनके अनुसार 4 मई के बाद नेतृत्व में बदलाव और कैबिनेट में फेरबदल को लेकर कोई फ़ैसला लिया जा सकता है। </p>
<p style="text-align:justify;">यह फ़ैसला तब लिए जाने की बात हो रही है, जब चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनावों के नतीजे, और साथ ही कर्नाटक की दो विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजे घोषित हो जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थक इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि उन्हें 'पदोन्नत' किया जाए। उनका यह आग्रह उस कथित सत्ता-साझाकरण समझौते के अनुरूप है, जो पार्टी के साल 2023 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करने के समय मुख्यमंत्री सिद्दरामय्या के साथ हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने गृह मंत्री जी परमेश्वर के उस बयान के जवाब में कहा, जिसमें उन्होंने खरगे को मुख्यमंत्री बनाने की बात कही थी, 'आप (मीडिया), वे (परमेश्वर) और शीर्ष पर बैठे लोग कहते हैं कि अगर मैं (मुख्यमंत्री) बनूं तो बेहतर होगा, लेकिन किस्मत से कहीं ज़्यादा, मेरी विचारधारा और अब तक पार्टी के प्रति मेरी सेवा को देखते हुए, मेरे बारे में फ़ैसले सोनिया गांधी ही लेती हैं।' </p>
<p style="text-align:justify;">यहां पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'लेकिन, अब यह सवाल उठता ही नहीं है। यहां पहले से ही मुख्यमंत्री हैं। अगर सोनिया गांधी, राहुल गांधी और मुझे मिलकर किसी बदलाव की दिशा में कोई फ़ैसला लेना है, तो इसमें कुछ समय लगेगा। चलिए, इंतज़ार करते हैं और देखते हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर चल रहीं अटकलों के बीच, परमेश्वर ने बुधवार को कहा कि अगर अनुभवी वरिष्ठ राजनेता खरगे मुख्यमंत्री बनते हैं, तो सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी में हर कोई उनका स्वागत करेगा।</p>
<p style="text-align:justify;"> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Apr 2026 13:37:19 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गर्मियों का फैशन उत्सव: बेंगलूरु में हाई लाइफ प्रदर्शनी का समर एडिशन 18 अप्रैल से</title>
                                    <description><![CDATA[यह 20 अप्रैल तक जारी रहेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76367/summer-fashion-festival-hi-life-exhibition-summer-edition-in-bengaluru"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/hi-life2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>फैशन और स्टाइल के लिए मशहूर हाई लाइफ प्रदर्शनी 18 अप्रैल से द ललित अशोक में शुरू होगी। यह 20 अप्रैल तक जारी रहेगी। प्रदर्शनी टॉप डिजाइनर्स के अनोखे कलेक्शन्स को एक जगह देखने और खरीदारी का मौका देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसमें डिजाइनर वियर, एलिगेंट काउचर, स्टेटमेंट ज्वेलरी और स्टाइलिश एक्सेसरीज की शानदार रेंज पेश की जाएगी। गर्मियों के सीजन को ध्यान में रखते हुए आयोजकों ने खासतौर पर लाइट, ट्रेंडी और रिफ्रेशिंग कलेक्शन्स को शामिल किया है, जो आपकी वॉर्डरोब को पूरी तरह नया लुक देंगे।</p>
<p><img style="margin-left:auto;margin-right:auto;" src="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-04/hi-life1.jpg" alt="hi life1" width="758" height="508"></img></p>
<p style="text-align:justify;">हाई लाइफ में विजिटर्स लेटेस्ट फैशन ट्रेंड्स देख सकते हैं। साथ ही, डिजाइनर्स से मिलकर पसंद के मुताबिक कपड़े, ज्वेलरी और एक्सेसरीज चुन सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले कई संस्करणों की तरह इस बार भी प्रदर्शनी में फैशन, लग्जरी और स्टाइल का अनोखा संगम देखने को मिलेगा। बेंगलूरु के फैशनप्रेमियों के लिए ये तीन दिन स्टाइल अपडेट करने, नई चीजें खोजने और शॉपिंग का शानदार मौका साबित होंगे। जो लोग स्टाइल रिफ्रेश करना चाहते हैं, उनके लिए समर एडिशन बेहतरीन मौका है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Apr 2026 11:03:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कल्पना से भी ऊपर है मोदी के कार्यकाल में देश का विकास</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>''बारह वर्षों में दुनियाभर में भारत के प्रति परसेप्शन बदल गया। पहले भारत को जादू-टोना करने वालों का देश माना जाता था, भिखारियों का देश कहकर मखौल उड़ाया जाता था लेकिन पिछले बारह वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है वह अद्भुत है, कल्पना से परे है। आज विश्वभर में भारत के प्रति धारणा ही बदल गई है। आज हमारे देश की साख ऊँचाइयाँ छू रही है। विदेशों में जहां दो दशक पहले हमें हिक़ारत दृष्टि से देखा जाता था, वहीं आज पश्चिमी देशों में हमें बहुत सम्मान</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76298/the-countrys-development-during-modis-tenure-is-beyond-imagination"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/sanjay-seth.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>''बारह वर्षों में दुनियाभर में भारत के प्रति परसेप्शन बदल गया। पहले भारत को जादू-टोना करने वालों का देश माना जाता था, भिखारियों का देश कहकर मखौल उड़ाया जाता था लेकिन पिछले बारह वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह से देश को विकास के पथ पर आगे बढ़ाया है वह अद्भुत है, कल्पना से परे है। आज विश्वभर में भारत के प्रति धारणा ही बदल गई है। आज हमारे देश की साख ऊँचाइयाँ छू रही है। विदेशों में जहां दो दशक पहले हमें हिक़ारत दृष्टि से देखा जाता था, वहीं आज पश्चिमी देशों में हमें बहुत सम्मान से देखा जाता है। इसका पूरा श्रेय मोदी को जाता है, उनकी कार्यशैली को जाता है। मोदी का काम अद्भुत है, देश के प्रति उनकी निष्ठा अद्भुत है। कल्पना से परे काम है मोदी जी का।'' यह विचार व्यक्त किए केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ ने। बेंगलूरु में रांची मूल के, बेंगलूरु में बसे प्रवासी उद्यमियों ने केंद्रीय मंत्री संजय सेठ के सम्मान में एक कार्यक्रम आयोजित किया जिसमें कुछ सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं उद्योग-व्यापार से जुड़े प्रतिष्ठित लोग शामिल थे। </p>
<p style="text-align:justify;">अपने उद्बोधन में संजय सेठ ने कहा, राममंदिर का निर्माण असंभव सा लगता था लेकिन उसे संभव करने का श्रेय मोदी को जाता है। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद मोदी काल में ही राम मंदिर मिला। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री बनने के बाद जब सबसे पहले स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया गया तो विरोधियों द्वारा शौचालय बनाने की योजना का मजाक उड़ाया गया लेकिन आगे चलकर उसी योजना के तहत देश में 12 करोड़ शौचालय बने।आज स्कूलों से ही विद्यार्थियों में सिविक सेंस का निर्माण किया जा रहा है और उसके परिणाम भी सामने आ रहे हैं। अब हमारे देश के छोटे-छोटे बच्चे भी साफ सफ़ाई का ध्यान रखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संजय सेठ ने कहा, देश को ऐसा नेतृत्व मिला है कि 12 वर्षों में देश हर क्षेत्र में तेज़ी से तरक्की कर रहा है। आज 9 करोड़ 32 लाख किसानों को सीधे उनके बैंक खाते में पैसा ट्रांसफर हो जाता है। कभी लोगों को गैस कनेक्शन के लिए महीनों, सालों तक भटकना पड़ता था, फिर सिलेंडर के लिए लंबी लंबी लाइनों में लगना पड़ता था लेकिन आज 11 करोड़ घरों तक फ्री गैस का कनेक्शन पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि आज ईरान-अमेरिका युद्ध से बने हालात में भी भारत में पेट्रोलियम पदार्थों की कोई क़िल्लत नहीं है, लेकिन विरोधी विचारधारा के लोग पैनिक फैलाकर संकट पैदा करना चाहते हैं। सरकार इस संकटकाल में भी सब देशों से अच्छे संबंध बनाने में कामयाब रही है। पैट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी कम करके सरकार ने मूल्य नियंत्रण करने की कोशिश की है और पैट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का भी काम कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">केंद्रीय राज्यमंत्री ने कई दृष्टांत सुनाकर प्रधानमंत्री की कार्यशैली की सराहना की और कहा कि जब जब संकट आता है, कोई न कोई महापुरुष उस संकट से उबारने के लिए आता है। मोदी भी विषम परिस्थितियों से देश को उबारने के लिए आए हैं और दिन-रात, बिना थके, हारे निरंतर देश को तेज गति से आगे बढ़ाते चले जा रहे हैं। ऐसे ही कोई देशवासियों का लाड़ला नहीं बन जाता। संजय सेठ ने राम मंदिर निर्माण के अलावा यूपीआई की बात की, कश्मीर में धारा 370 हटाने की बात की, सरदार पटेल, शहीद भगत सिंह, गुरु गोविन्द सिंहजी को उचित सम्मान देने का ज़िक्र किया। उन्होंने आप्टिकल फाइबर क्षेत्र में प्रगति की बात की।उन्होंने सड़क, रेल और हवाई यातायात में अकल्पनीय विकास के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि आज भारत विश्व का सर्वाधिक मोबाइल फोन बनाने वाला दूसरे नंबर का देश बन चुका है। उन्होंने किसानों के साथ साथ जन सामान्य के स्वास्थ्य के लिए मोदी की सोच का ज़िक्र करते हुए मोटे अनाज( मिलेट्स) को प्रोत्साहित करने के बारे में बताया। </p>
<p style="text-align:justify;">संजय सेठ ने रक्षा क्षेत्र में देश की अद्भुत प्रगति का ज़िक्र करते हुए कहा कि एक समय था जब कहा जाता था कि भारत तो सब सामान आयात करने वाला देश है। जब मोदी प्रधानमंत्री बने तब रक्षा क्षेत्र में केवल 646 करोड़ का निर्यात हुआ करता था, आज भारत दुनिया के 85 देशों को 38 हजार 424 करोड़ रुपए का निर्यात करता है, अस्त्र शस्त्र भेजता है। अब भारत को निर्यातक देश कहा जाने लगा है। उन्होंने कहा,  वर्ष 2014 के पहले देश में मात्र एक हजार स्टार्टअप हुआ करते थे, अब दो लाख नौ हजार स्टार्टअप कार्यरत हैं। आज़ एमएसएमई सेक्टर में 8 करोड़ उद्योग धंधे सक्रिय हैं। संजय सेठ ने कहा कि मोदी दूरगामी सोच के साथ काम करते हैं। वे 2047 के भारत की कल्पना करते हुए योजनाओं को क्रियान्वित कर रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">रक्षा राज्यमंत्री ने कहा कि आप सब वाइस आफ सोसाइटी हैं, समाज की आवाज़ हैं, इसलिए आप के माध्यम से मोदी के कामकाज की जानकारी जन जन तक पहुंचनी चाहिए और सिविक सेंस, अनुशासन संबंधी जागरूकता फैलाने का कार्य भी आपको करना चाहिए क्योंकि देश आपका है, हम सबका है। देश का नेतृत्व सशक्त हाथों में है। सबको देश के साथ खड़ा होना सीखना चाहिए। कार्यक्रम के प्रारंभ में निर्मल कुमार तापड़िया ने मंत्री का परिचय दिया और प्रवासी रांची बंधुओं की ओर से उनको कर्नाटक का पारंपरिक फेटा पहनाकर, शाल ओढ़ाकर, पुष्पगुच्छ देकर अभिनंदन किया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 04 Apr 2026 19:12:02 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>महावीर जयंती पर लगाया चिकित्सा शिविर, सैकड़ों लोगों को मिला स्वास्थ्य-लाभ </title>
                                    <description><![CDATA[मार्गदर्शन फाउंडेशन का विशेष सहयोग रहा]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76278/medical-camp-organized-on-mahavir-jayanti-hundreds-of-people-got"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/medical-camp.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> भगवान महावीर स्वामी के 2625वें जन्म कल्याणक के अवसर पर आचार्य तुलसी डायग्नोस्टिक सेंटर और तेरापंथ युवक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में फ्रीडम पार्क में निःशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">इसमें बड़ी संख्या में शहरवासियों ने भाग लिया और स्वास्थ्य-लाभ प्राप्त किया। शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित स्टाफ ने आधुनिक उपकरणों से जांच की। इससे लोगों को अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी मिली।</p>
<p style="text-align:justify;">शिविर की प्रमुख सेवाओं में विटामिन बी-12 टेस्ट एवं किडनी फंक्शन टेस्ट शामिल थे। इनका लाभ 335 व्यक्तियों ने लिया। वहीं, निःशुल्क दंत चिकित्सा जांच का लाभ 168 व्यक्तियों ने प्राप्त किया। </p>
<p><img style="margin-left:auto;margin-right:auto;" src="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-04/medical-camp.jpg" alt="medical camp" width="672" height="484"></img></p>
<p style="text-align:justify;">कार्यक्रम के संचालन में मार्गदर्शन फाउंडेशन (कमलेश और भरत डूंगरवाल – सुजानगढ़/बेंगलूरु) का विशेष सहयोग रहा। </p>
<p style="text-align:justify;">शिविर में अनुशासन, सेवा भावना एवं समर्पण का माहौल रहा। आयोजकों ने सभी सहयोगियों, डॉक्टरों और नागरिकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यक्रम करने का संकल्प लिया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 01 Apr 2026 15:10:53 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>1,100 से ज़्यादा बम की झूठी धमकियां भेजने के आरोप में मैसूरु से एक व्यक्ति गिरफ़्तार</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76264/one-person-arrested-from-mysuru-for-sending-more-than-1100"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-10/blast.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> दिल्ली पुलिस ने कर्नाटक के मैसूरु से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर कथित तौर पर देशभर के स्कूलों, उच्च न्यायालय और सरकारी दफ्तरों को 1,100 से ज़्यादा झूठी बम की धमकियां भेजने का आरोप है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि आरोपी, जिसकी पहचान 47 वर्षीय श्रीनिवास लुइस के रूप में हुई है, को शनिवार को दिल्ली पुलिस और स्थानीय पुलिस टीमों के संयुक्त अभियान के बाद उसके किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">यह गिरफ़्तारी दिल्ली उच्च न्यायालय, विधानसभा और कई शैक्षणिक तथा सरकारी संस्थानों को भेजे जा रहे बम की धमकी वाले संदेशों की हालिया घटनाओं के बीच हुई है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि लुइस एक स्नातकोत्तर है और बेंगलूरु का निवासी है। वह फिलहाल बेरोज़गार है और अपनी मां के साथ रहता है, जो रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'शुरुआती जांच से पता चलता है कि वह शायद मानसिक तनाव में था। शुरुआती पूछताछ के दौरान, आरोपी ने ईमेल और अन्य संचार माध्यमों के ज़रिए पूरे देश में 1,100 से ज़्यादा धमकी भरे संदेश भेजने की बात कबूल की।'</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि धमकियों के बाद अलग-अलग राज्यों में कई प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 30 Mar 2026 13:33:05 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शार्टकट रास्ते से पुरस्कार पाने के इच्छुक रहें सावधान </title>
                                    <description><![CDATA[लोकभवन ने पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के दिए निर्देश ]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76248/be-careful-when-seeking-rewards-through-shortcuts"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-03/prize.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेगलूरु। </strong>इन दिनों “कर्नाटक अवार्ड्स-2026” नामक एक पुरस्कार के संबंध में जनता के बीच विभिन्न माध्यमों से प्रचार किया जा रहा है और कथित अवार्ड पाने के इच्छुक लोगों को आमंत्रित किया जा रहा है । यह भी जानकारी मिली है कि यह अवार्ड देने के बदले अभ्यर्थियों से धन वसूली की जा रही है। मज़े की बात यह कि इस अवॉर्ड प्रदान करने के कार्यक्रम में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत की उपस्थिति का ज़िक्र किया गया है जबकि लोकभवन की एक विज्ञप्ति के अनुसार राज्यपाल को इस अवार्ड वितरण के संबंध में न तो कोई जानकारी है और न ही उनसे किसी प्रकार की अनुमति ली गई है।</p>
<p style="text-align:justify;"> विज्ञप्ति में स्पष्ट कहा गया है कि यह निमंत्रण फर्जी और अनधिकृत हैं और माननीय राज्यपाल या लोक भवन की जानकारी या सहमति के बिना प्रसारित किए गए हैं। लोक भवन ने "कर्नाटक पुरस्कार-2026" नामक किसी भी कार्यक्रम का समर्थन नहीं किया है और न ही उससे कोई संबंध रखता है। हमें यह भी पता चला है कि कुछ व्यक्ति जनता से संपर्क कर पुरस्कार देने का वादा करके पैसे भी वसूल रहे हैं। इस संबंध में बेगलूरु के विधान सौधा पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज कराई गई है और एफआईआर दर्ज करने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है।”</p>
<p style="text-align:justify;">लोकभवन के पत्र अनुसार जनता को सतर्क रहने और इस तरह के फर्जी संदेशों का जवाब न देने की सलाह दी गई है। राज्यपाल के विशेष सचिव आर. प्रभुशंकर ने एक बयान में कहा कि यदि ऐसे कोई मामले सामने आते हैं, और किसी से पुरस्कार के संबंध में संपर्क किया जाता है तो उसकी सूचना पुलिस को दी जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">दरअसल दक्षिण भारत राष्ट्रमत पूर्व में भी ऐसे पुरस्कार बांटने वालों से जनता को समय समय पर जागरूक करता रहा है लेकिन जो लोग पुरस्कार पाने का शार्टकट ढूंढते रहते हैं वैसे लोग या तो सब कुछ जानते हुए भी ऐसी कथित फर्जी संस्थाओं से कुछ हजार या लाख रुपये देकर पुरस्कार लेने के लिए आगे आते हैं या कुछ लोग बड़े बड़े विशिष्ट अतिथियों के नाम देखकर पुरस्कार को महत्वपूर्ण मानते हुए पुरस्कार पाने को लालायित हो जाते हैं और इसके लिए मोटी राशि देने को भी तैयार हो जाते हैं। लोकभवन द्वारा जागरूक करने के बावजूद यदि लोग ऐसी संस्थाओं के चक्कर में पड़ते हैं और लालचवश ऐसा पुरस्कार पाने की लाइन में लगते हैं तो यह उनके विवेक पर निर्भर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 28 Mar 2026 09:30:08 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>515 एबीडब्ल्यू ने ड्रोन निर्माण और इकोसिस्टम की मजबूती के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए</title>
                                    <description><![CDATA[राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को और मज़बूती मिलेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76238/515-abw-signs-mou-for-drone-manufacturing-and-ecosystem-strengthening"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-03/abw.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>भारतीय सेना की 515 आर्मी बेस वर्कशॉप ने रक्षा मंत्रालय (सेना) के एकीकृत मुख्यालय / इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स महानिदेशालय / मुख्यालय बेस वर्कशॉप समूह की ओर से तीन महत्त्वपूर्ण एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">ये नई रणनीतिक साझेदारियां प्रमुख संस्थानों और स्टार्टअप्स के साथ पहले के सफल सहयोगों को आगे बढ़ाएंगी। साथ ही, मानवरहित प्रणालियों के क्षेत्र में आधुनिकीकरण तथा 'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में महत्त्वपूर्ण कदम हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्वदेशी ड्रोन निर्माण क्षमताओं को मज़बूत करने के लिए, 515 एबीडब्ल्यू ने स्टार्टअप नॉटिकल विंग्स एयरोस्पेस के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह स्टार्टअप उन्नत इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन सिस्टम, वर्टिकल लिफ्ट समाधान, बीएलडीसी मोटर्स और यूएवी के लिए कंपोजिट संरचनाओं में विशेषज्ञता रखता है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, 515 एबीडब्ल्यू ने यानेंद्रिय प्राइवेट लिमिटेड के साथ एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह आर्टपार्क, आईआईएससी बेंगलूरु में इनक्यूबेट किया गया एक डीप-टेक स्टार्टअप है। उभरती हुईं तकनीकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नेशनल फोरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी, गांधीनगर के साथ तीसरा एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। यह साझेदारी ड्रोन फोरेंसिक, साइबर और हार्डवेयर सुरक्षा मूल्यांकन के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा स्थापित करेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">ये एमओयू स्वदेशी क्षमताओं के विकास और नागरिक-सैन्य एकीकरण के माध्यम से राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता को और मज़बूत करेंगे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 14:33:01 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मज़दूर की विधवा मुस्कान के जीवन में फिर जगी एक ‘आशा की किरण’</title>
                                    <description><![CDATA[<p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> बिहार के जिला वैशाली के बिशनपुर तलौरा निवासी मजदूर बृजगोपाल  बेंगलूरु शहर में कोथनूर उपनगर के फेज-2 के क्लासिक ऑर्चर्ड्स नं. 14 पर स्थित ‘एश्योरेंस डेवलपर्स’ नामक भवन निर्माण कंपनी में एक मजूदर के रूप में कार्यरत थे। </p>
<p style="text-align:justify;">गत 27 अप्रैल 2025 को कार्यस्थल पर अपने कार्य का निर्वहन करते समय, कथित उचित सुरक्षा व्यवस्थाओं के अभाव के कारण वे एक जानलेवा दुर्घटना का शिकार हो गए। मजदूर बृजगोपाल इमारत की दूसरी मंजिल से नीचे गिर गए जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और चिकित्सीय उपचार के बावजूद, उसी दिन रात लगभग 11:30 बजे उनकी मौत हो</p>...]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76232/a-ray-of-hope-awakens-again-in-the-life-of"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-03/cheque.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> बिहार के जिला वैशाली के बिशनपुर तलौरा निवासी मजदूर बृजगोपाल  बेंगलूरु शहर में कोथनूर उपनगर के फेज-2 के क्लासिक ऑर्चर्ड्स नं. 14 पर स्थित ‘एश्योरेंस डेवलपर्स’ नामक भवन निर्माण कंपनी में एक मजूदर के रूप में कार्यरत थे। </p>
<p style="text-align:justify;">गत 27 अप्रैल 2025 को कार्यस्थल पर अपने कार्य का निर्वहन करते समय, कथित उचित सुरक्षा व्यवस्थाओं के अभाव के कारण वे एक जानलेवा दुर्घटना का शिकार हो गए। मजदूर बृजगोपाल इमारत की दूसरी मंजिल से नीचे गिर गए जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और चिकित्सीय उपचार के बावजूद, उसी दिन रात लगभग 11:30 बजे उनकी मौत हो गई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">बेंगलूरु में शव का पोस्टमार्टम परीक्षण किया गया। घटना के दिन ‘एश्योरेंस डेवलपर्स’ की ओर से 6 लाख रुपए की अनुदान राशि का चेक तथा बकाया वेतन, शव के परिवहन और अंतिम संस्कार आदि के मद में नगद राशि मृतक की पत्नी मुस्कान को दे दी गई। मुस्कान ने अपने पति का अंतिम संस्कार करने के बाद निश्‍चित तिथि पर चेक को बैंक में डाला तो वह बाउंस (अनादरित) हो गया। </p>
<p style="text-align:justify;">अब चेक को बाउन्स हुए लगभग एक साल हो गया है। युवा मृतक बृजलाल के परिजनों के कथनानुसार उन्होंने डेवलपर्स से अपने स्तर पर चेक के बदले राशि पाने या चेक को आनर कराने के लिए कई बार सम्पर्क करने की कोशिश की लेकिन सभी कोशिशें नाकाम रहीं। </p>
<p style="text-align:justify;">इस पूरे मामले की जानकारी जब कर्नाटक बिहारी समाज बेंगलूरु उत्तर के अध्यक्ष रामशंकर सिंह को मालूम हुई और उन्होंने इस मामले में अपनी ओर से गहराई से पता लगाया तो पता चला कि मृतक के परिवारजनों को अभी तक न्याय नहीं मिला है और दिया गया 6 लाख रुपए का चेक भी बाउंस हो गया है तो उन्हें बेहद वेदना हुई। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बिहार मूल के मृतक मजूदर बृजगोपाल की पारिवारिक स्थिति की जानकारी ली तो पाया कि पति के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी मुस्कान जीवन यापन के लिए काफी कष्ट उठा रही हैं। उसको चार वर्ष का एक पुत्र भी है।</p>
<p style="text-align:justify;">रामशंकर सिंह ने कर्नाटक बिहारी समाज के संस्थापक उदय कुमार सिंह के साथ मिलकर इस मामले की शिकायत पुट्टनहल्ली पुलिस थाने में की और पुलिस केस को फिर से खोलने की अपील की। समाज के साथ मिलकर मुस्कान ने अपनी शिकायत में पुलिस को इस केस में एश्योरेंस डेवलपर्स’ के विरुद्ध एफआईआर करने की मांग की। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पुन: प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। </p>
<p style="text-align:justify;">समाज के पदाधिकारियों के साथ मिलकर मुस्कान ने बन्नरघट्टा रोड स्थित श्रम आयुक्त कार्यालय में भी इस मामले की शिकायत दर्ज करा कर न्याय की अपील की है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 26 Mar 2026 09:10:14 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पंडित चंद्रशेखर शर्मा बने विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक </title>
                                    <description><![CDATA[वे हिन्दी, अंग्रेजी और कन्नड़ भाषा में धाराप्रवाह अपनी बात रखते हैं]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76218/pandit-chandrashekhar-sharma-becomes-national-patron-of-vipra-foundation"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-03/chandra-shekhar-sharma.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> देश-विदेश में सुविख्यात ज्योतिषविद, अनुष्ठान विशेषज्ञ, विद्वान पंडित चंद्रशेखर शर्मा को विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक के रूप में मनोनीत किया गया है। इससे विशेष रूप से कर्नाटक में खुशी की लहर छा गई है। </p>
<p style="text-align:justify;">गत 15 मार्च को पुष्कर (राजस्थान) में विप्र फाउंडेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की बैठक थी जिसमें वर्ष 2026-2028 के कार्यकाल के लिए नए राष्ट्रीय अध्यक्ष सहित देशभर के विभिन्न प्रदेशों के अध्यक्षों, क्षेत्रीय अध्यक्षों, क्षेत्रीय महासचिवों का मनोनयन किया गया। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा समाज के चयनीत वरिष्ठजनों का फाउंडेशन से जुड़ाव, उनके अनुभव एवं अनुपम योगदान को ध्यान में रखते हुए उनको राष्ट्रीय संरक्षक के रूप में मनोनीत किया गया ताकि उनका आशीर्वाद, मार्गदर्शन लिया जा सके एवं उनके अनुभव का लाभ मिल सके। </p>
<p style="text-align:justify;">इस राष्ट्रीय परिषद् में बेंगलूरु के जाने-पहचाने विद्वान एवं समाजसेवी पंडित चन्द्रशेखर शर्मा को राष्ट्रीय संरक्षक के रूप में मनोनीत किया गया है। वे समाजसेवी कार्यों में सदैव अग्रणी रहते हैं। विद्यार्थी जीवन से उनका झुकाव ज्योतिष शास्त्र की ओर था, इसलिए उनके पिता स्व. किशनलाल शर्मा ने उन्हें उसी अनुरूप शिक्षा-दीक्षा प्रदान की, क्योंकि वे स्वयं प्रख्यात विद्वान थे और बेंगलूरु के मारवाड़ी समाज में बहुत लोकप्रिय थे। </p>
<p style="text-align:justify;">चन्द्रशेखरजी ने उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए अपने पिता की ख्याति में चार चांद लगाए। वे हिन्दी, अंग्रेजी और कन्नड़ भाषा में धाराप्रवाह अपनी बात रखते हैं और विषय की तर्कसंगत व्याख्या करते हैं। वे ज्योतिष के साथ ही श्रेष्ठ वास्तुकार भी हैं। लोग उन्हें बड़े उद्योगपति घरानों जैसे अडानी, अंबानी परिवार सहित देश के अन्य शीर्ष धनाढ्य उद्योगपति परिवारों के यहां अनुष्ठान करवाते हुए देखते हैं लेकिन वे सामान्यजन से भी उतनी ही आत्मीयता रखते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अहंकार से कोषों दूर पं. चन्द्रशेखर शर्मा समय समय पर समाजसेवा के क्षेत्र में विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से समाज को आर्थिक सहयोग प्रदान करते ही रहते हैं। विप्र फाउंडेशन के लिए भी वे उदार हृदय से अपना योगदान देते आ रहे हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 24 Mar 2026 09:33:32 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेंगलूरु हवाईअड्डे पर 'कनेक्शन्स बाइ बीएलआर' सुविधा शुरू हुई</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @BLRAirport X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76191/connections-by-blr-facility-started-at-bengaluru-airport"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-05/bengaluru-airport.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>बेंगलूरु के केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे ने कनेक्टिंग यात्राओं को सुगम बनाने के लिए 'कनेक्शन्स बाइ बीएलआर’ सुविधा शुरू की है। स्थानांतरण प्रक्रिया के दौरान आने वाली आम चुनौतियों को दूर करने के उद्देश्य से डिज़ाइन की गई यह सेवा एक सरल, कुशल और बेहतर अनुभव देगी।</p>
<p style="text-align:justify;">एयरलाइंस और अन्य साझेदारों के सहयोग से शुरू की जाने वाली 'कनेक्शन्स बाइ बीएलआर' सेवा हवाईअड्डे के विभिन्न टर्मिनलों के बीच यात्रियों के आवागमन को सरल बनाएगी। यह पहल बेंगलूरु हवाईअड्डे के बुनियादी ढांचे और बढ़ते यात्री आवागमन को और मजबूत करेगी। इससे हवाईअड्डे को एक प्रमुख परिवहन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>मिल रहीं ये सुविधाएं</strong></p>
<p style="text-align:justify;">यात्रियों की मदद के लिए विभिन्न टर्मिनलों पर अलग से 'स्थानांतरण डेस्क' स्थापित की गई हैं। आसानी से पहचान में आने वाले नीले और पीले साइन पोस्ट लगाए गए हैं। सुगम यात्रा के लिए हवाईअड्डे पर अलग-अलग स्थानांतरण क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं। टर्मिनलों के बीच कम से कम प्रतीक्षा समय के साथ यात्रा करने के लिए एक मुफ्त शटल बस सुविधा दी जा रही है। यात्रियों के आराम करने के लिए विभिन्न प्रकार के लाउंज उपलब्ध हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्थानांतरण क्षेत्रों के भीतर ही विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए खरीदारी और विभिन्न प्रकार के खाद्य प्रतिष्ठान मौजूद हैं। अल्पकालिक विश्राम के लिए अत्याधुनिक स्लीपिंग पॉड्स की सुविधा उपलब्ध है। टर्मिनल टी1 और टी2 पर लंबी अवधि के प्रवास के लिए सुसज्जित बुटीक कमरों वाली ट्रांजिट होटल सुविधा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>क्षेत्र का सबसे पसंदीदा ट्रांसफर हब</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बेंगलूरु हवाईअड्डे पर अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर यात्रियों की संख्या में सालाना 30 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है, जो बढ़ती मांग और दीर्घकालिक विकास क्षमता को दर्शाती है। कुल यात्री यातायात में ट्रांसफर यात्रियों की हिस्सेदारी वर्तमान में लगभग 15 प्रतिशत है और साल 2026 तक इसके बढ़कर 20 प्रतिशत होने की उम्मीद है।</p>
<p style="text-align:justify;">सुगम ट्रांसफर सुविधाएं यात्रियों और एयरलाइंस की नेटवर्क योजना के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण हैं। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा, वेस्ट क्रॉस टैक्सीवे, टर्मिनल 1 के नवीनीकरण और टर्मिनल 2 के विस्तार जैसे निरंतर बुनियादी ढांचागत विकास कार्यों के साथ इस क्षेत्र का सबसे पसंदीदा ट्रांसफर हब बनकर उभर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>विकास के अगले चरण को मिलेगी रफ्तार</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बेंगलूरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी गिरीश नायर ने कहा, 'स्थानांतरण यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि हमारे कनेक्टिविटी नेटवर्क की व्यापकता और आगे आने वाले रणनीतिक अवसरों को दर्शाती है। 'कनेक्शन्स बाइ बीएलआर' के जरिए, हम अधिक सुगम और विश्वसनीय स्थानांतरण यात्रा को संस्थागत रूप दे रहे हैं। इसके अलावा, हम अपनी सहयोगी एयरलाइनों के लिए अनुकूल परिचालन वातावरण को मजबूत कर रहे हैं। यह पहल हमारे नेटवर्क कनेक्टिविटी का विस्तार करने, नए यात्रियों को आकर्षित करने और बेंगलूरु हवाईअड्डे के सर्वांगीण विकास के अगले चरण को रफ्तार देने में सहायक होगी।'</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>114 गंतव्यों से जुड़ाव</strong></p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि केंपेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा 114 गंतव्यों से जुड़ा हुआ है, जिनमें 80 घरेलू और 34 अंतरराष्ट्रीय शहर शामिल हैं। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और पुणे प्रमुख घरेलू मार्ग हैं। सिंगापुर, लंदन हीथ्रो, दुबई, अबू धाबी और कुआलालंपुर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय गंतव्य हैं। हाल में शुरू हुई घरेलू उड़ानों में हिंडन, बीदर, जैसलमेर, सिलचर और नवी मुंबई शामिल हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में दम्माम, हो ची मिन्ह सिटी, क्राबी, हनोई और रियाद शामिल हैं। अपनी रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और बढ़ती कनेक्टिविटी के कारण, यह हवाईअड्डा एक प्रमुख वैश्विक प्रवेश द्वार के रूप में काम कर रहा है। 'कनेक्शन्स बाइ बीएलआर’ सेवा इसे एक प्रमुख स्थानांतरण केंद्र बनाने की दिशा में हुई प्रगति को और मजबूत करेगी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 10:05:43 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कैटफेट में आतिथ्य क्षेत्र के विद्यार्थियों और पेशेवरों को मिला मंच</title>
                                    <description><![CDATA[डॉ. सैंडिल्यन ने सबका स्वागत किया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76190/students-and-professionals-of-hospitality-sector-got-a-platform-in"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-03/catefete.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता कैटफेट 2026 का शुभारंभ भव्य समारोह के साथ हुआ। आर्मी इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड कैटरिंग टेक्नोलॉजी (एआईएचएमसीटी) के प्राचार्य डॉ. सैंडिल्यन ने सबका स्वागत किया। </p>
<p style="text-align:justify;">इस कार्यक्रम ने देशभर से आतिथ्य क्षेत्र के विद्यार्थियों और पेशेवरों को एक मंच दिया। यहां आतिथ्य और पाक कला के क्षेत्र में प्रतिभा, रचनात्मकता और उत्कृष्टता का प्रदर्शन हुआ। इस दौरान 30वें पाठ्यक्रम की रितिशा ने शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्य अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल सी बंसी पोनप्पा ने अपने संबोधन से सबको प्रेरित किया। इसके बाद 'अवसर और चुनौतियां: स्वदेशी होते हुए भी सतत कैसे रहें' विषय पर पैनल चर्चा हुई। एडब्ल्यूईएस परिसर के निदेशक ब्रिगेडियर वीवी सुब्रमण्यम ने समापन वक्तव्य दिया। </p>
<p style="text-align:justify;">इसके बाद अल्टीमेट कलिनरी चैलेंज, बेकर्स बूस्ट, मिक्सोलॉजी, ग्यूरिडॉन सेवा, इम्प्रेसारियो (हाउसकीपिंग) और फ्रंटलाइन फिएस्टा स्पर्द्धाएं हुईं, जिनमें 18 टीमों के 111 विद्यार्थियों ने भाग लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">समापन समारोह में बेंगलूरु नॉर्थ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. लोकनाथ, साउथ इंडिया कलिनरी एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शेफ कासी विश्वनाथन, कार्यकारी सहायक प्रबंधक हेमंत शर्मा भी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 19 Mar 2026 09:48:42 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>बेंगलूरु में बदला मौसम का मिजाज, बारिश ने दिलाई गर्मी से राहत</title>
                                    <description><![CDATA[बेंगलूरु में लगभग दो हफ्तों की तेज गर्मी के बाद मौसम सुहावना हो गया है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76186/weather-changed-in-bengaluru-rain-brought-relief-from-heat"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-03/rain00.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> बेंगलूरु में मंगलवार शाम को मौसम का मिजाज बदल गया और झूमकर बादल बरसे। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। वहीं, ओले भी गिरे, जिससे लोगों, खासकर दुपहिया वाहन चालकों को असुविधा हुई।</p>
<p style="text-align:justify;">शाम होते ही आसमान में काले बादल छा गए और तेज बारिश होने लगी। इससे कई इलाकों में तापमान में गिरावट आई और शहरवासियों ने राहत महसूस की। अचानक ओले गिरने से राहगीर और बाइक सवार सुरक्षित जगह ढूंढ़ने लगे।  </p>
<p style="text-align:justify;">ओलों की चपेट में आने से कुछ गाड़ियों के शीशे प्रभावित हुए हैं। सोशल मीडिया पर इस घटना के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। उनमें ओले गिरने की तेज आवाज साफ सुनाई दे रही है। एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'बेंगलूरु में बारिश के साथ ओलों की बौछार ... इनकी आवाज सुनकर लगा कोई मशीन चल रही है।' कई जगह लोग ओलों को हाथों में उठाते और उनके ढेर लगाते नजर आए।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि कर्नाटक के कुछ हिस्सों में हुई बारिश से लोगों को राहत मिली है। अगले तीन दिनों में और बारिश होने का अनुमान है। सोमवार को उत्तर कर्नाटक में बारिश हुई, जहां ओले भी गिरे थे। मौसम विभाग का अनुमान है कि 21 मार्च तक कर्नाटक के उत्तरी और तटीय हिस्सों, जिनमें मलनाड, दक्षिण कन्नड़, उडुपी, कासरगोड, धारवाड़ और बेलगावी जिले शामिल हैं, में बारिश हो सकती है। इसके अलावा हासन, चिक्कमगलूरु और शिवमोग्गा जिलों के कुछ हिस्सों में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को धारवाड़, बेलगावी, हावेरी, बागलकोट, विजयनगर, कोप्पल और रायचूर के कई इलाकों में बारिश हुई थी। वहीं, बेंगलूरु में लगभग दो हफ्तों की तेज गर्मी के बाद मौसम सुहावना हो गया है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 18 Mar 2026 09:54:42 +0530</pubDate>
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