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                <title>कर्नाटक - Dakshin Bharat Rashtramat</title>
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                <description>कर्नाटक RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>कावेरी विवाद: कन्नड़ समर्थक संगठनों ने 13 अगस्त को राज्य बंद की घोषणा की</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: Google Map]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76923/cauvery-dispute-pro-kannada-organizations-declare-state-bandh-on-august-13"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/karnataka.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> कन्नड़ समर्थक संगठनों ने शुक्रवार को राज्यभर में 13 अगस्त को बंद की घोषणा की है। यह बंद सीडब्ल्यूएमए के उस निर्देश के विरोध में बुलाया गया है, जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए कहा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने के विरोध में आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बेंगलूरु में कन्नड़ समर्थक संगठनों की एक बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ता वताल नागराज ने की। बैठक के बाद उन्होंने उक्त घोषणा की।<br /> <br />यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कर्नाटक बंद रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने लोगों से इस बंद में सहयोग और समर्थन करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, 'आइए, हम सब मिलकर बेलगावी से चामराजनगर तक कर्नाटक बंद को ज़बरदस्त सफल बनाएं।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने उन सभी राजनीतिक दलों की भी कड़ी आलोचना की जो कावेरी आदेश का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संगठनों ने तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने का विरोध किया। उनका तर्क था कि कर्नाटक खुद पानी की कमी का सामना कर रहा है और पानी छोड़ने से राज्य के किसानों पर बुरा असर पड़ेगा।<br /> <br />कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की उस सिफारिश को बरकरार रखा, जिसमें तमिलनाडु को 15 दिनों तक रोज़ाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने की बात कही गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 14:11:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कावेरी जल विवाद: मंड्या में कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन तेज़ किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: TVKVijayHQ FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76917/kannada-activists-intensify-protest-in-mandya-over-cauvery-water-dispute"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-09/tvk-vijay.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मंड्या/दक्षिण भारत। </strong>कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मंड्या में अपना विरोध प्रदर्शन और तेज़ कर दिया। यह विरोध सीडब्ल्यूआरसी के उस निर्देश के ख़िलाफ़ था जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए रोज़ाना 3,500 क्यूसेक कावेरी का पानी छोड़ने को कहा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की फ़िल्म 'जना नायकन' के पोस्टर फाड़े। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह दबाव में न झुके और तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी न छोड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">एक सिनेमा हॉल में, जहां ‘जना नायकन’ दिखाई जा रही थी, कार्यकर्ताओं ने थिएटर को घेर लिया, मैनेजमेंट से बातचीत की और फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की मांग की। इसके बाद मैनेजमेंट इसे रद्द करने के लिए सहमत हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने थिएटर के बाहर फ़िल्म के पोस्टर फाड़ दिए और सीडब्ल्यूआरसी के निर्देश के ख़िलाफ़ नारे लगाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने डिप्टी कमिश्नर (ज़िला कलेक्टर) के ज़रिए राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कावेरी का पानी तमिलनाडु को न छोड़ने की अपील की गई और मंड्या में किसानों के आंदोलन का समर्थन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, 'मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कृपया उन्हें (संबंधित अधिकारियों को) बताएं कि हमारे पास पीने का पानी भी नहीं है और न ही हमारे मवेशियों के लिए पानी है। लोग बहुत मुश्किल हालात में हैं। उनसे गुज़ारिश करें कि वे हमें थोड़ा और समय दें।'</p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा कि मंड्या ज़िले के लोग कर्नाटक के हितों की रक्षा के लिए हमेशा सबसे आगे रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारी ने कहा, 'कृपया हमारी तरफ़ से उन्हें मनाइए। हम आप पर भरोसा कर रहे हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि व्यक्तिगत रूप से दखल दें और सुनिश्चित करें कि यह मामला सुलझ जाए।'</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि राज्य में पेयजल संकट को देखते हुए कर्नाटक कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि अगर सरकार तमिलनाडु को पानी छोड़ने के फैसले पर आगे बढ़ती है तो आंदोलन और तेज़ हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने तर्क दिया कि कावेरी जल विनियमन समिति के निर्देश को लागू करने से पहले कर्नाटक में पानी की मौजूदा स्थिति, खासकर पीने के पानी के संकट को ध्यान में रखा जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 16:22:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक के लिए शिवकुमार का डीसी को ज़िम्मेदार ठहराना कांग्रेस का 'राजनीतिक पाखंड': आर अशोक</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: RAshokaBJP FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76892/shivkumar-holding-dc-responsible-for-paper-leak-is-political-hypocrisy"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-02/r-ashoka.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर 'राजनीतिक पाखंड' का आरोप लगाते हुए, वरिष्ठ भाजपा नेता आर अशोक ने रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से सवाल किया कि जब उनकी पार्टी सत्ता में होती है, तो जवाबदेही नीचे की ओर क्यों जाती है?</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कि अब से पेपर लीक होने के लिए जिलों के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) जिम्मेदार होंगे, कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता ने इसे राजनीतिक वर्ग को बचाने और दोष को नीचे के स्तर पर डालने का 'कांग्रेस मॉडल' बताया।<br /> <br />अशोक ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, डीके शिवकुमार - तीन चेहरे, एक ही पाखंड। दिल्ली में कांग्रेस का इकोसिस्टम इस्तीफ़े की मांग करता है और देश को जवाबदेही का पाठ पढ़ाता है। वहीं कर्नाटक में, उसी कांग्रेस सरकार ने अपनी असली सोच ज़ाहिर कर दी है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि शिवकुमार भविष्य में पेपर लीक होने से रोकने, भर्ती प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने और छात्रों की उम्मीदों की रक्षा करने के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इसके बजाय, उनकी पहली प्रतिक्रिया यह घोषणा करना है कि डिप्टी कमिश्नर जवाबदेह होंगे - यानी भविष्य की हर विफलता के लिए एक आसान बलि का बकरा।' उन्होंने कहा, 'यह कांग्रेस का मॉडल है: राजनीतिक वर्ग को बचाओ और दोष नीचे के स्तर पर डाल दो।'</p>
<p style="text-align:justify;">शिवकुमार ने शनिवार को ज़िलों के डिप्टी कमिश्नरों को चेतावनी दी कि राज्य की भर्ती परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक होने की किसी भी घटना के लिए उन्हें ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह निर्देश नीट पेपर लीक विवाद के बाद आया, जिसके कारण देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कहते हुए कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा को एक साधारण सवाल का जवाब देना चाहिए, अशोक ने पूछा, 'जब भाजपा की सरकार होती है तो जवाबदेही ऊपर की ओर क्यों जाती है, लेकिन जब कांग्रेस की सरकार होती है तो नीचे की ओर?' उन्होंने कहा, 'एक देश, दो मापदंड। दिल्ली के लिए नैतिक उपदेश। कर्नाटक के लिए नौकरशाही को बलि का बकरा बनाना। यह जवाबदेही नहीं है। यह राजनीतिक पाखंड का सबसे बुरा रूप है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 09:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हुब्बली: रेलवे हाई स्कूल में 'सामुदायिक वेदी' कार्यक्रम हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[जीवन में सफलता के लिए बहुभाषी ज्ञान के महत्त्व पर बल दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76881/community-altar-program-held-in-hubli-railway-high-school"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/hubballi-div1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हुब्बली/दक्षिण भारत। </strong>दक्षिण पश्चिम रेलवे के हुब्बली मंडल ने गुरुवार को गदग रोड स्थित रेलवे इंग्लिश मीडियम हाई स्कूल में 'सामुदायिक वेदी' (कम्युनिटी फोरम) कार्यक्रम का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता अपर मंडल रेल प्रबंधक एवं अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी प्रेमचंद्र ने की। उन्होंने अपने संबोधन में सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में सफलता के लिए बहुभाषी ज्ञान के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने दैनिक जीवन में भाषा ज्ञान की भूमिका और उपयोगिता को समझाया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने राजभाषा हिंदी के ज्ञान के कई लाभों का उल्लेख करते हुए बताया कि यह न केवल एक ऐसी भाषा है, जो देश के अन्य क्षेत्रों के मित्रों, सहयोगियों और सहकर्मियों के साथ आसानी से संवाद करने और जुड़ने में मदद करती है, बल्कि खेल, संस्कृति, पर्यटन और ज्ञान के आदान-प्रदान जैसे विभिन्न रूपों में देश को जानने और समझने में भी सक्षम बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशिष्ट अतिथि एवं प्रसिद्ध कन्नड़ साहित्यकार तथा मंडल कार्मिक अधिकारी (डीपीओ) सीएम मुनिस्वामी ने विद्यार्थियों के साथ साहित्यिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि एक लेखक उत्कृष्ट साहित्य का सृजन तभी कर सकता है, जब उसे कई भाषाओं का ज्ञान हो।</p>
<p><img style="margin-left:auto;margin-right:auto;" src="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-07/hubballi-div2.jpg" alt="HUBBALLI DIV2" width="792" height="441"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अपने समय के अंडर-19 श्रेणी के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अनंत भागवत तथा राष्ट्रीय स्तर के एथलीट बसवराज एमके, जो वर्तमान में दपरे खेल संघ के प्रमुख सदस्य हैं, ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और खेल जगत के अपने समृद्ध अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद और पाठ्येतर गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">हाई स्कूल के प्राचार्य ई नागप्पा ने अतिथियों और खिलाड़ियों का स्वागत किया तथा भाषा, खेल और कर्नाटक की समृद्ध संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन महबूब नाइकर ने किया। अंजुम होराकेरी ने समापन टिप्पणी की। कार्यक्रम के आयोजन में हुब्बली मंडल के राजभाषा विभाग के वरिष्ठ अनुवादक राजे नदाफ, वरिष्ठ अनुवादक जीआर नारायणद्री, कनिष्ठ अनुवादक मोहम्मद सलीम और शारीरिक शिक्षा शिक्षक महरुद्रप्पा बल्लारी ने प्रमुख भूमिका निभाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 14:10:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्वसनीयता की विरासत, सेवा का संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[यह मात्र एक अखबार नहीं, बल्कि विश्वसनीयता का प्रतीक है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76869/legacy-service-pledge-of-reliability"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/trust.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">'दक्षिण भारत राष्ट्रमत' के स्थापना दिवस के अवसर पर, हम उन सभी बधाई संदेशों और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हैं, जो हमें प्राप्त हुए हैं। दो दशक से अधिक समय से बेंगलूरु में और डेढ़ दशक से चेन्नई में, हम निरंतर हिंदी माध्यम से दक्षिण भारत के पाठकों तक समाचार और विचार पहुंचा रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">यह मात्र एक अखबार नहीं, बल्कि विश्वसनीयता का प्रतीक और समाज को जोड़ने वाला सेतु है। हमें गर्व है कि इस यात्रा में कभी विश्वसनीयता से समझौता नहीं किया। हर खबर, हर विश्लेषण और हर रिपोर्ट के पीछे हमारा एकमात्र उद्देश्य रहा है- पाठकों को सच्चाई से रूबरू कराना और उन्हें सूचित, जागरूक तथा एक-दूसरे से जुड़ा हुआ महसूस कराना।</p>
<p style="text-align:justify;">भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती है। वह लोगों को जोड़ना भी सिखाती है। जब कोई भाषा हृदय से बोली जाती है तो वह क्षेत्रवाद, भाषावाद समेत कई दीवारों से ऊपर उठ जाती है। दक्षिण भारत में हिंदी के मार्ग में चुनौतियां कम नहीं रही हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इनके कारण कई लोग हिंदी को अपनाने में संकोच महसूस करते हैं। फिर भी, हमने इसे अपनी तपस्या माना। हम बिना किसी शोर के, बिना किसी समझौते के लगातार सेवा कर रहे हैं, क्योंकि हमें विश्वास है कि भाषा कोई प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि एक-दूसरे को निकट लाने का नाम है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की सभी भाषाएं फूलों की तरह हैं- प्रत्येक का अपना रंग, सुगंध और सुंदरता है। हिंदी उन सबको एक सूत्र में पिरोने वाला धागा है। जब ये फूल एक माला में गूंथे जाते हैं तो अनुपम सुंदरता उभरती है। 'दक्षिण भारत राष्ट्रमत' भी ठीक यही कार्य कर रहा है- व्यक्ति को समाज से, समाज को राष्ट्र से और राष्ट्र को विश्व से जोड़ रहा है। हम सांस्कृतिक पुल का निर्माण कर रहे हैं, जहां उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम की कोई दूरी नहीं रह जाती है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस स्थापना दिवस पर फिर से संकल्प लेते हैं कि आने वाले वर्षों में भी हम इसी तरह निष्पक्षता, साहस और सकारात्मकता के साथ पाठकों की सेवा करते रहेंगे। आपका स्नेह, समर्थन और सुझाव ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। आइए, हम सब मिलकर सुंदर, सफल, सशक्त, समृद्ध और एकजुट भारत का निर्माण करें।</p>
<p style="text-align:center;"><strong>'दक्षिण भारत राष्ट्रमत' परिवार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>तमिलनाडु</category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76869/legacy-service-pledge-of-reliability</link>
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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 09:43:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>आईटीआई लि. को बीएसएनएल से 856.39 करोड़ रुपए का 4जी विस्तार ऑर्डर मिला</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: ITILimited1948 FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76841/iti-ltd-gets-4g-expansion-order-worth-rs-85639-crore"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2023-01/iti-limited.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>प्रमुख टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग कंपनी आईटीआई लिमिटेड को हाल में बीएसएनएल से पश्चिमी भारत में 4जी मोबाइल नेटवर्क के विस्तार के लिए 856.39 करोड़ रुपए का वर्क ऑर्डर मिला है। इस काम के दायरे में पश्चिमी ज़ोन में 7,613 साइट्स के लिए टर्नकी आधार पर 4जी मोबाइल नेटवर्क की योजना, इंजीनियरिंग, आपूर्ति, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">बता दें कि बीएसएनएल घरेलू बाज़ार की ज़रूरतें पूरी करने और टेलीकॉम सेक्टर में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए स्वदेशी 4जी टेलीकॉम उपकरणों की एक महत्त्वपूर्ण परियोजना को लागू कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">आईटीआई लि. ने टीसीएस के साथ मिलकर बीएसएनएल के पश्चिमी ज़ोन, जिसमें महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और मुंबई एलएसए शामिल हैं, के लिए फ़ेज़ 9.2 के तहत 4जी मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध कराने की 2,640 करोड़ रुपए की टर्नकी परियोजना पूरी की है। इसमें पश्चिमी ज़ोन में 23,633 साइट्स पर 4जी मोबाइल नेटवर्क की आरएफ योजना, इंजीनियरिंग, आपूर्ति, इंस्टॉलेशन, टेस्टिंग, कमीशनिंग, इंटीग्रेशन और सालाना मेंटेनेंस का काम शामिल था।<br /> <br />इस परियोजना के सफल समापन के बाद आईटीआई लि. को हाल में बीएसएनएल पश्चिमी ज़ोन में 4जी मोबाइल नेटवर्क के विस्तार के लिए एक वर्क ऑर्डर मिला है। इसमें सैचुरेशन साइट्स (डीबीएन फंडेड) भी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस अवसर पर आईटीआई लि. के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक राजेश राय ने कहा, 'यह बहुत गर्व का पल है, क्योंकि हमारे प्रतिष्ठित क्लाइंट बीएसएनएल ने हमें वर्क ऑर्डर देकर आईटीआई लि. की कार्य क्षमता पर भरोसा बरकरार रखा है। आईटीआई लि. देश की 'आत्मनिर्भर टेलीकॉम' पहल को लगातार आगे बढ़ा रही है और इसमें एक सक्षम सहयोगी साबित हुई है।'</p>
<p style="text-align:justify;">आईटीआई लि. अभी हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड और मणिपुर में बीएसएनएल के लिए 7,000 करोड़ रुपए के भारतनेट फ़ेज़ 3 परियोजनाओं पर काम कर रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>व्यापार</category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 17 Jul 2026 09:45:16 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>चिक्काबल्लापुरा में गैर-कानूनी ढंग से रहने के आरोप में 2 पाकिस्तानी गिरफ्तार</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: ISPR]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76810/2-pakistanis-arrested-for-illegal-stay-in-chikkaballapura"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-10/pakistan1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चिक्काबल्लापुरा/दक्षिण भारत। </strong>कर्नाटक के चिक्काबल्लापुरा ज़िले में दो पाकिस्तानी नागरिकों को गिरफ़्तार किया गया है। जांच में पता चला कि उन्होंने अपनी नागरिकता के बारे में जानकारी छिपाकर राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड हासिल किया था। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">आरोपियों की पहचान फराह नाज़ और उसके बेटे मोहम्मद फरदीन के तौर पर हुई है। उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), फॉरेनर्स एक्ट और रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ द पीपल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। </p>
<p style="text-align:justify;">चिक्काबल्लापुरा के पुलिस अधीक्षक कुशल चौकसे ने एक बयान में कहा कि मामले की आगे की जांच चल रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस अधीक्षक ने कहा, 'विश्वसनीय जानकारी मिली थी कि फराह नाज़ और उसके बेटे मोहम्मद फरदीन, जो दोनों पाकिस्तानी नागरिक हैं, ने राशन कार्ड और वोटर आईडी बनवा लिए थे।'</p>
<p style="text-align:justify;">बयान के अनुसार, जांच में पता चला कि बागेपल्ली के रहने वाले मोहम्मद अयूब खान, जो संयुक्त अरब अमीरात में काम कर रहे थे, ने वहीं पाकिस्तानी नागरिक फराह नाज़ से शादी की थी। इस जोड़े के चार बच्चे हैं, जिनमें से मोहम्मद फरदीन का जन्म पाकिस्तान में हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि फराह नाज़ और मोहम्मद फरदीन पाकिस्तानी नागरिक हैं, जबकि मोहम्मद अयूब खान और उस जोड़े के बाकी तीन बच्चे भारतीय नागरिक हैं। परिवार अभी बागेपल्ली में रह रहा है।<br /> <br />पुलिस अधीक्षक ने बताया कि चिक्काबल्लापुरा पुलिस द्वारा स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद, उपायुक्त ने रिकॉर्ड की जांच की और राशन कार्ड रद्द कर दिया, 'क्योंकि इसे नागरिकता से जुड़ी अहम जानकारी छिपाकर हासिल किया गया था।'<br /> <br />बयान में कहा गया है कि सक्षम प्राधिकारी ने मतदाता पहचान पत्र भी रद्द कर दिया है। बागेपल्ली के तहसीलदार की शिकायत के आधार पर, फराह नाज़ और मोहम्मद फरदीन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, विदेशी अधिनियम और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है।<br /> <br />पुलिस अधीक्षक ने कहा, 'दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया गया है और आगे की जांच चल रही है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 11:39:28 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>वी सोमन्ना ने तुमकूरु-रायदुर्गा नई रेलवे लाइन परियोजना के कार्यों का निरीक्षण किया</title>
                                    <description><![CDATA[तय समय-सीमा के भीतर परियोजना पूरी करने का निर्देश दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76809/v-somanna-inspects-works-of-tumkuru-rayadurga-new-railway-line-project"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/railway-projects.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी सोमन्ना ने शनिवार को तुमकूरु-रायदुर्गा नई रेलवे लाइन परियोजना के उरुकेरे-कोराटागेरे (18 किमी) और कोराटागेरे-मदाकासिरा (56 किमी) खंडों पर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया।</p>
<p style="text-align:justify;">इस दौरान, उन्होंने कोराटागेरे, मधुगिरि, होसाकेरे और बेदत्तूरु में स्टेशन के कार्यों का जायजा लिया और रेलवे अधिकारियों को तय समय-सीमा के भीतर परियोजना पूरी करने का निर्देश दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">वी सोमन्ना ने कहा कि तुमकूरु-रायदुर्गा नई लाइन परियोजना अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। डोड्डाहल्ली से पावागडा तक नई रेलवे लाइन का काम पूरा हो गया है और रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने भी निरीक्षण कर लिया है। रायदुर्गा से पावागडा के लिए ट्रेन सेवाएं जल्द शुरू होंगी। तुमकूरु-दावणगेरे नई लाइन परियोजना पर भी तेज़ी से काम चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">207 किमी लंबी तुमकूरु-रायदुर्गा नई रेलवे लाइन परियोजना में काफी प्रगति हुई है। अब तक 110 किमी का काम पूरा हो चुका है। इसमें डोड्डाहल्ली और रायदुर्गा के बीच का 83 किमी का हिस्सा भी शामिल है, जिसे पहले ही दो चरणों में चालू किया जा चुका है।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके अलावा, तुमकूरु और उरुकेरे के बीच 11 किमी का खंड, डोड्डाहल्ली और पावागडा के बीच 16 किमी का खंड पूरा हो गया है। रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त द्वारा ज़रूरी निरीक्षण भी किए जा चुके हैं। 22 किमी लंबे मडाकासिरा-पावागडा खंड पर काम चल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">निरीक्षण के दौरान मधुगिरि विधायक केएन राजन्ना, मुख्य अभियंता (निर्माण) श्रीप्रसाद, उप मुख्य अभियंता (निर्माण) सूरज कुमार और रेलवे के कई अधिकारी मौजूद थे।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 12 Jul 2026 10:19:41 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विजयेंद्र येडीयुरप्पा ने मैसूरु दशहरा समारोह में कंबाला को शामिल करने की योजना का विरोध किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: BYVijayendra FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76804/vijayendra-yediyurappa-opposes-plan-to-include-kambala-in-mysuru-dussehra"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/by-vijayendra.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मैसूरु/दक्षिण भारत।</strong> कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येडीयुरप्पा ने शनिवार को राज्य सरकार के उस कथित प्रस्ताव का विरोध किया, जिसमें इस साल मैसूरु दशहरा समारोह के हिस्से के तौर पर 'कंबाला' आयोजित करने की बात कही गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">मैसूरु के शाही परिवार के सदस्य एवं सांसद यदुवीर कृष्णदत्त चामराजा वाडियार समेत कई संगठनों और नेताओं ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है। उनका तर्क है कि कंबाला, दशहरा त्योहार की विरासत, सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक महत्त्व के अनुकूल नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">विजयेंद्र ने कहा, 'मैसूरु दशहरे की अपनी खासियत और परंपरा है। सत्ता में आने वाली किसी भी सरकार को इसकी खासियत और अनोखेपन को बनाए रखना चाहिए और उसे बढ़ावा देना चाहिए। मैसूरु के सांसद वाडियार पहले ही यह मुद्दा उठा चुके हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मैसूरु दशहरे की पवित्रता बनाए रखी जानी चाहिए। बिना किसी चर्चा के ऐसे फ़ैसले लेना सही नहीं है। इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। मैं, मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से अपील करता हूं कि वे सुनिश्चित करें कि दशहरा की पवित्रता भंग न हो।'</p>
<p style="text-align:justify;">इस बात पर जोर देते हुए कि कंबाला की भी अपनी खासियत है, विजयेंद्र ने कहा कि सरकार को दक्षिण कन्नड़ के तटीय ज़िले में कंबाला को बड़े पैमाने पर आयोजित करने की पहल करनी चाहिए और इसमें कोई आपत्ति नहीं होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'कंबाला दक्षिण कन्नड़ की संस्कृति का एक अहम हिस्सा है। इसे ज़िले में भव्य तरीके से आयोजित किया जाए। हमें इससे कोई आपत्ति नहीं है।'</p>
<p style="text-align:justify;">भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मैसूरु दशहरा वैसे ही मनाया जाना चाहिए, जैसे पहले मनाया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य की संस्कृति और परंपरा को बचाए रखना मुख्यमंत्री की ज़िम्मेदारी है और उन्हें ऐसा करना चाहिए। हम भी यह सुनिश्चित करेंगे कि इसे बचाया जाए।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 11 Jul 2026 15:33:04 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बेंगलूरु: सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खड़े लावारिस वाहनों को हटाने का अभियान शुरू</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76797/campaign-to-remove-abandoned-vehicles-parked-on-bengaluru-roads-and"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2024-12/vehicle.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/भाषा। </strong>बेंगलूरु शहर में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खड़े लावारिस वाहनों को हटाने के लिए शुक्रवार को विशेष अभियान शुरू किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">बेंगलूरु विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने क्वींस रोड पर लावारिस वाहनों पर नोटिस चिपकाकर इस अभियान की शुरुआत की। इस दौरान ग्रेटर बेंगलूरु प्राधिकरण (जीबीए) और यातायात पुलिस के अधिकारी मौजूद थे।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री के कार्यालय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पैदल यात्रियों के लिए फुटपाथ खाली कराना, सार्वजनिक सुरक्षा बढ़ाना और लोगों की आवाजाही को सुगम बनाना है। यह अभियान बेंगलूरु के फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त रखने तथा शहर के सार्वजनिक स्थानों को अधिक सुलभ और पैदल यात्रियों के अनुकूल बनाने के लिए जारी प्रयासों का हिस्सा है।</p>
<p style="text-align:justify;">ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) और यातायात पुलिस ने बुधवार को सड़कों पर तथा सार्वजनिक स्थानों पर खड़े लावारिस वाहनों को हटाने और उनकी नीलामी के संबंध में सार्वजनिक सूचना जारी की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस सूचना में कहा गया है कि 10 जुलाई से सड़कों, खुले स्थानों और अन्य सार्वजनिक जगहों पर कई दिनों से लावारिस हालत में खड़े वाहनों की पहचान की जाएगी। ‘पांचों नगर निगम यातायात पुलिस के साथ समन्वय कर संयुक्त अभियान चलाएंगे और ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे।'</p>
<p style="text-align:justify;">बेंगलूरु विकास मंत्री के कार्यालय ने कहा कि सार्वजनिक सूचना के अनुसार, ग्रेटर बेंगलूरु प्राधिकरण (जीबीए) के तहत आने वाले पांचों नगर निगमों ने जीबीए अधिनियम, 2024 की धारा 324 के प्रावधानों के तहत यह अभियान शुरू किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि लावारिस वाहनों पर चिपकाए जाने वाले नोटिस में मालिक को वाहन हटाने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। नोटिस चिपकाते समय वाहन के पहिए पर 'व्हील क्लैंप' भी लगाया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि यदि सात दिनों के नोटिस की अवधि के भीतर वाहन का मालिक उसे वहां से नहीं हटाता, तो संयुक्त अभियान दल वाहन को जब्त कर लेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि जब्त किए गए सभी वाहनों की बाद में वैधानिक दिशा-निर्देशों के अनुसार सार्वजनिक नीलामी की जाएगी और इसके बाद उनसे संबंधित किसी भी दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">जीबीए अधिकारियों ने सभी नागरिकों से इस संबंध में तुरंत संज्ञान लेने की अपील करते हुए कहा, 'यदि आपने अपने किसी वाहन को सड़कों या सार्वजनिक स्थानों पर लावारिस हालत में छोड़ रखा है, तो जब्ती और उसके बाद सार्वजनिक नीलामी से बचने के लिए उसे तुरंत अपनी निजी संपत्ति में ले जाएं।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 10 Jul 2026 12:49:25 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>मोदी के इस्तीफे की केपीसीसी की मांग सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा है: विजयेंद्र येडीयुरप्पा</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: BYVijayendra FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76792/kpccs-demand-for-modis-resignation-is-just-a-political-drama"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-09/by-vijayendra.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष विजयेंद्र येडीयुरप्पा ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर के लिए मिले चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग करने पर कांग्रेस पर 'पाखंड' का आरोप लगाया।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि 'कितना भी शोर-शराबा, बनावटी आक्रोश या चुनिंदा नैतिकता' मोदी में लोगों के भरोसे को डिगा नहीं सकते। <br /> <br />विजयेंद्र ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'कांग्रेस ने पाखंड को अपनी आदत बना लिया है। अयोध्या राम मंदिर चढ़ावे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की केपीसीसी की मांग सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा है।'</p>
<p style="text-align:justify;">विजयेंद्र ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी पर अंगुगली उठाने से पहले, कांग्रेस को सबसे पहले यह जवाब देना चाहिए कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी नेशनल हेराल्ड मामले में गंभीर सवालों का सामना करने के बावजूद सार्वजनिक पदों पर क्यों बने हुए हैं, जबकि यह मामला हमारे स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत से बनी संपत्ति से जुड़ा है?'</p>
<p style="text-align:justify;">विजयेंद्र ने कहा, 'श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है। जैसे ही आरोप सामने आए, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने तुरंत कार्रवाई की और जांच के आदेश दिए। जिस सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं होता, वह इसी तरह व्यवहार करती है। लेकिन कर्नाटक में कांग्रेस ने एमयूडीए और वाल्मीकि घोटालों को दबाने के लिए हर तरह की चाल चली।'<br /> <br />विजयेंद्र ने कहा, 'वही पार्टी जो ईडी या सीबीआई के उसके घोटालों पर कार्रवाई करने पर 'राजनीतिक बदले की भावना' का शोर मचाती है, अब अचानक सीबीआई पर भरोसा जता रही है, क्योंकि यह उसकी राजनीति के लिए फायदेमंद है।'<br /> <br />विजयेंद्र ने कहा, 'यह अयोध्या की चिंता नहीं है। यह कांग्रेस की ओर से राम मंदिर के नाम पर अपने भ्रष्टाचार को छिपाने की कोशिश है। कितना भी शोर-शराबा हो, बनावटी गुस्सा हो या चुनिंदा नैतिकता की बातें हों, इनसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लोगों का भरोसा नहीं डगमगा सकता। कांग्रेस चाहे जितना भी शोर मचा ले, लेकिन लोग हमेशा की तरह आपके ड्रामे की असलियत समझ जाएंगे।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 08 Jul 2026 15:10:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>बेंगलूरु: इसरो मुख्यालय को फिर से बम की धमकी वाला ईमेल मिला</title>
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                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76781/bengaluru-isro-headquarters-again-receives-bomb-threat-email"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-05/isro.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>यहां इसरो मुख्यालय को सोमवार को बम से उड़ाने की धमकी वाला एक ईमेल मिला। कुछ दिन पहले भी ऐसी ही एक झूठी धमकी मिली थी, जिसके बाद अधिकारियों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था। पुलिस ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध चीज़ नहीं मिली, जिससे पुष्टि हुई कि संदेश झूठा था।<br /> <br />उन्होंने बताया कि धमकी मिलने के बाद पुलिसकर्मी, डॉग स्क्वॉड और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीडीएस) के साथ न्यू बीईएल रोड स्थित परिसर में पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के अनुसार, इसरो के आधिकारिक ईमेल पतों पर एक ईमेल आईडी से धमकी भेजी गई, जिसमें दावा किया गया कि मुख्यालय में बम धमाका किया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एहतियात के तौर पर सभी कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया और इमारत की गहन तलाशी ली गई।</p>
<p style="text-align:justify;">पुलिस ने बताया कि संजय नगर पुलिस ईमेल के स्रोत की जांच कर रही है और यह भी पता लगा रही है कि क्या इसका 2 जुलाई को भेजे गए पिछले फर्जी ईमेल से कोई संबंध है।<br /> <br />पिछले हफ़्ते इसरो मुख्यालय को बम से उड़ाने की झूठी धमकी वाला ईमेल भेजने के आरोप में उत्तर प्रदेश के गाज़ियाबाद से एक व्यक्ति को पकड़ा गया। जांच में पता चला कि उसे मानसिक बीमारी की समस्या रही है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
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                <pubDate>Mon, 06 Jul 2026 17:04:06 +0530</pubDate>
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