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                <title>दक्षिण भारत  - Dakshin Bharat Rashtramat</title>
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                <title>कर्नाटक में मंत्रिपरिषद का आज होगा विस्तार</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: DKShivakumar.official FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76940/council-of-ministers-will-be-expanded-in-karnataka-today"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/dk-shivakumar1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>कर्नाटक के मुख्यमंत्री का पद संभालने के दो महीने बाद डीके शिवकुमार सोमवार को अपनी मंत्रिपरिषद का विस्तार करेंगे। इस दौरान 20 नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने बताया कि नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार शाम 4.05 बजे लोक भवन में होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस आलाकमान ने जिन 20 नामों पर स्वीकृति दी है, उनमें पीएम नरेंद्रस्वामी, शिवराज तंगडागी, रुद्रप्पा लामानी, केएस बसवंतप्पा, बी नागेंद्र, टी रघुमूर्ति, बीजेड जहीर अहमद खान, रिजवान अरशद, संतोष लाड, मधु बंगारप्पा, पुट्टुरंगाशेट्टी, मंकाला वैद्य, अजय सिंह, एन चालुवराय स्वामी, केएम शिवलिंगे गौड़ा, एचसी बालकृष्ण, गायत्री शांतिगौड़ा, बसवराज रायरेड्डी, विजयानंद काशप्पनावर और लक्ष्मण सावदी शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री शिवकुमार को पत्र भेजकर मंत्रिपरिषद में शामिल किए जाने के लिए कांग्रेस आलाकमान द्वारा इन 20 नामों को मंजूरी दिए जाने की जानकारी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेतृत्व ने जीएस पाटिल के नाम को कर्नाटक विधानसभा के नए अध्यक्ष तथा एएस पोन्नन्ना के नाम को उपाध्यक्ष के रूप में भी स्वीकृति दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">पार्टी ने सलीम अहमद को राज्य विधान परिषद का नया सभापति तथा उमाश्री को उपसभापति नियुक्त करने का भी फैसला लिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">शिवकुमार ने 28 मई को सिद्दरामय्या के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद तीन जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उनके साथ 13 मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की थी। कर्नाटक में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की स्वीकृत संख्या 34 है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 14:48:33 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>कावेरी मुद्दे पर कर्नाटक और किसानों के हितों से समझौते का सवाल ही नहीं उठता है: डीके शिवकुमार</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @DKShivakumar X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76934/there-is-no-question-of-compromise-between-the-interests-of"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/cm-dk-shivakumar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि कावेरी मुद्दे पर राज्य के किसानों और लोगों के हितों की रक्षा के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है। साथ ही, उन्होंने संगठनों से राज्यव्यापी बंद के प्रस्ताव को वापस लेने की अपील की।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, कर्नाटक सरकार के अनुरोध पर कावेरी जल विवाद को देखते हुए बेंगलूरु की अपनी यात्रा टालने पर सहमत हो गए हैं। उन्होंने इस कदम को दोनों राज्यों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने में मददगार बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों नेताओं की कावेरी मुद्दे पर चर्चा के लिए सोमवार को मुलाकात होनी थी, लेकिन शिवकुमार ने विजय से अपनी यात्रा टालने का अनुरोध किया, ताकि बातचीत बेहतर माहौल में हो सके, क्योंकि इस हफ़्ते की शुरुआत में अंतर-राज्यीय विवाद को लेकर पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं कावेरी बेसिन में जन्मा एक किसान का बेटा हूं। कावेरी मुद्दे पर राज्य और किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता करने का सवाल ही नहीं उठता है। बंगारप्पा के कार्यकाल से ही इस विषय पर किसी के साथ अन्याय न हो, इस भावना के साथ प्रशासन काम करता आया है और वर्तमान सरकार भी राज्य के लोगों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विपक्षी दल भाजपा और जद (एस) ने भी अपने-अपने शासनकाल में इस दिशा में प्रयास किए।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में अब तक केवल 30-35 प्रतिशत वर्षा हुई है, जिससे सूखे जैसी स्थिति बनी हुई है। तमिलनाडु ने 9 टीएमसी पानी की मांग की थी, लेकिन कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) और कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने 15 दिनों तक प्रतिदिन 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया था। उस समय समय पर वर्षा नहीं हुई थी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल में हुई बारिश के कारण स्थिति में कुछ सुधार हुआ है और फिलहाल जलाशयों में कुल 68,314 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। इसमें काबिनी में 24,000 क्यूसेक, केआरएस में 22,000 क्यूसेक, हेमावती में 11,884 क्यूसेक और हरंगी में 10,430 क्यूसेक पानी आ रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि नियमों के अनुसार इस समय तक तमिलनाडु को 40 टीएमसी पानी छोड़ा जाना चाहिए था। हालांकि, काबिनी जलाशय की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छोड़े गए पानी सहित जून में 2.9 टीएमसी और जुलाई में 0.7 टीएमसी, यानी अब तक कुल 3.6 टीएमसी पानी ही छोड़ा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि चाहे कैसी भी कठिन परिस्थिति आए, पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जलाशयों में 40 टीएमसी पानी सुरक्षित रखा जाएगा। फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर पेयजल आवश्यकताओं और तालाबों को भरने के लिए नहरों में पानी छोड़ा जा रहा है। सरकार की अगली सलाह तक किसानों से नई फसल की बुवाई नहीं करने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि बैठक में शामिल पूर्व मुख्यमंत्रियों, केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और विपक्षी दलों (भाजपा-जद एस) के नेताओं द्वारा दिए गए सुझावों को सरकार ने खुले मन से स्वीकार किया है। संकट की स्थिति में जल बंटवारे के फॉर्मूले (डिस्ट्रेस फॉर्मूला) और सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर करने के संबंध में विधि विशेषज्ञों से चर्चा कर आगे का निर्णय लिया जाएगा। साथ ही, प्रधानमंत्री से मुलाकात कर राज्य की वर्तमान स्थिति से उन्हें अवगत कराने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने का भी निर्णय लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि मेकेदाटु परियोजना कावेरी विवाद का स्थायी समाधान है और इसमें कोई तकनीकी खामी नहीं है। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए सभी दलों के नेताओं ने समर्थन दिया है तथा आवश्यक तकनीकी स्पष्टीकरण जल्द ही केंद्र सरकार को उपलब्ध कराया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय राजनीति में नए हैं, लेकिन एक परिपक्व नेता हैं। कावेरी क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए हमारे अनुरोध पर उन्होंने अपनी कर्नाटक यात्रा स्थगित कर दी है। स्थिति सामान्य होने के बाद उनके साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में चर्चा कर इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">डीके शिवकुमार ने कहा कि अगस्त के अंत तक राज्य के सभी तालुकों से वर्षा और फसल क्षति की रिपोर्ट मंगाई जाएगी। राजस्व मंत्री केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार इसकी समीक्षा करेंगे और मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के बाद आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त तालुकों की घोषणा की जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि जब सरकार स्वयं किसानों और राज्य के हित में खड़ी होकर कानूनी लड़ाई लड़ रही है, तब विरोध प्रदर्शन या बंद की आवश्यकता नहीं है। इसलिए 13 अगस्त को प्रस्तावित कर्नाटक बंद को वापस लेने का सभी कन्नड़ समर्थक संगठनों, किसान संगठनों और विपक्षी नेताओं से आग्रह करता हूं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 17:52:31 +0530</pubDate>
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                <title>कावेरी मुद्दा: सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे डीके शिवकुमार</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: DKShivakumar.official FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76932/dk-shivkumar-will-preside-over-the-cauvery-issue-all-party-meeting"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/dk-shivakumar.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार रविवार को बेंगलूरु में सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस बैठक में तमिलनाडु के साथ कावेरी जल-बंटवारे के विवाद पर राज्य की कानूनी और राजनीतिक रणनीति तय की जाएगी। यह बैठक सीडब्ल्यूआरसी के उस निर्देश के बाद बुलाई गई है जिसमें 15 दिनों तक रोज़ाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने को कहा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इस मुद्दे पर कर्नाटक के रुख पर चर्चा करने के लिए होने वाली बैठक में सभी राजनीतिक दलों के नेता, कावेरी बेसिन क्षेत्र के केंद्रीय मंत्री, सांसद और वरिष्ठ राजनीतिक नेता शामिल होंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">यह बैठक कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) के 30 जुलाई के आदेश के खिलाफ कर्नाटक में हो रहे व्यापक विरोध-प्रदर्शनों के बीच हो रही है, जिसमें भाजपा, किसान संगठनों और कन्नड़ समर्थक समूहों ने मांग की है कि तमिलनाडु के लिए पानी न छोड़ा जाए। </p>
<p style="text-align:justify;">शिवकुमार ने तमिलनाडु के अपने समकक्ष सी विजय जोसेफ के साथ 3 अगस्त को होने वाली बैठक टाल दी और कहा कि बातचीत बाद में 'बेहतर और सौहार्दपूर्ण माहौल' में की जा सकती है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी कहा था कि सर्वदलीय बैठक से इस विवाद पर राज्य की कानूनी और राजनीतिक प्रतिक्रिया के बारे में एक साझा रुख बनाने में मदद मिलेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा है कि कर्नाटक के हितों की रक्षा करना सरकार की सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है। साथ ही, उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि कावेरी विवाद को लेकर राज्य सभी उपलब्ध कानूनी और संवैधानिक विकल्पों का इस्तेमाल करेगा।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 02 Aug 2026 10:13:03 +0530</pubDate>
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                            </item>
            <item>
                <title>चेन्नई: जीएसटी अधिकारियों के साथ तनातनी के बाद व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे</title>
                                    <description><![CDATA[बाजार में बंद व्यापारिक प्रतिष्ठान]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76931/traders-remain-closed-after-clash-with-chennai-gst-officials"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/shutter-down.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई/दक्षिण भारत। </strong>चेन्नई के सौकारपेट में जीएसटी अधिकारियों की टीम के साथ तनातनी के बाद व्यापारियों ने शनिवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। दरअसल जीएसटी अधीक्षक निशांत के नेतृत्व में एक टीम गुरुवार शाम लगभग 4 बजे मिंट स्ट्रीट स्थित महिपाल स्टेनलेस पहुंची और जांच करने लगी। इससे व्यापारी आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते 300 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुट गई और अधिकारियों का घेराव कर लिया। इस दौरान भारी हंगामा हुआ।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों से संदेश मिलने के बाद एलिफेंट गेट पुलिस स्टेशन के कर्मी वहां पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला। टीम में निरीक्षक अज़ीज़, सुशील और अन्य अधिकारी शामिल थे। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने जांच पर आपत्ति जताते हुए ऑडिट के गैर-कानूनी होने का दावा किया। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>'जीएसटी चुकाने में आपत्ति नहीं'</strong></p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों का कहना है कि उन्हें जीएसटी चुकाने में आपत्ति नहीं है, लेकिन कोई भी प्रक्रिया नियमानुसार होनी चाहिए। अचानक जीएसटी अधिकारियों के आने से भय फैलता है, कई आशंकाएं जन्म लेती हैं और व्यापार के संचालन पर असर पड़ता है। </p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों ने मांग की कि आयुक्त समेत जीएसटी के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर आना चाहिए और कार्रवाई के बारे में बताना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><strong>अधिकारियों को पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया</strong></p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों के घेराव और आक्रोश की सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बातचीत के ज़रिए हालात को सामान्य बनाने की कोशिश की। जब कोई सुलह नहीं हुई तो फ्लावर बाज़ार के पुलिस उपायुक्त पहुंचे और व्यापारियों के साथ बातचीत की। इसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ और जीएसटी अधिकारियों को सुरक्षित एलिफेंट गेट पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया। </p>
<p style="text-align:justify;"><strong>शांति और अनुशासन का ध्यान रखने की अपील</strong></p>
<p style="text-align:justify;">व्यापारियों के फ़ेडरेशन के बैनर तले और 52 ट्रेड एसोसिएशन के समर्थन से शनिवार को बंद के आह्वान के कारण दुकानों के शटर बंद रहे। इससे बाजारों में लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। व्यापारियों ने बंद के दौरान शांति और अनुशासन का खास ध्यान रखने की अपील की थी। इस मुद्दे की सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा रही।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>तमिलनाडु</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 19:02:10 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>लक्ज़री फ़ैशन का खजाना लेकर आ रही हाई लाइफ़</title>
                                    <description><![CDATA[यह 5 अगस्त को भी जारी रहेगी]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76927/hi-life-is-bringing-the-treasure-of-luxury-fashion"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/hi-life00.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>चेन्नई/दक्षिण भारत।</strong> फैशन और स्टाइल के लिए मशहूर हाई लाइफ़ प्रदर्शनी का आगाज 4 अगस्त को हयात रीजेंसी में होगा। यह 5 अगस्त को भी जारी रहेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">इसके आयोजकों ने बताया कि चेन्नई का सबसे पसंदीदा डिज़ाइनर शॉपिंग डेस्टिनेशन आ गया है। इसका कई दिन पहले से ही इंतजार किया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-08/hi-life3.jpg" alt="hi life3" width="701" height="484"></img></p>
<p style="text-align:justify;">भारत के मशहूर डिज़ाइनर्स के मॉडर्न कपड़े, शानदार एथनिक वियर, हाथ से बनी ज्वेलरी, स्टाइलिश एक्सेसरीज़ और भी बहुत कुछ के साथ लक्ज़री फ़ैशन की दुनिया आपका इंतजार कर रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि यहां लेटेस्ट ट्रेंड्स, बेहतरीन कारीगरी और खास स्टाइल सबकुछ एक ही जगह से प्राप्त कर सकते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>तमिलनाडु</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 09:42:27 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कावेरी विवाद: कन्नड़ समर्थक संगठनों ने 13 अगस्त को राज्य बंद की घोषणा की</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: Google Map]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76923/cauvery-dispute-pro-kannada-organizations-declare-state-bandh-on-august-13"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/karnataka.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत।</strong> कन्नड़ समर्थक संगठनों ने शुक्रवार को राज्यभर में 13 अगस्त को बंद की घोषणा की है। यह बंद सीडब्ल्यूएमए के उस निर्देश के विरोध में बुलाया गया है, जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों के लिए तमिलनाडु को 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने के लिए कहा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने के विरोध में आगे की रणनीति पर चर्चा करने के लिए बेंगलूरु में कन्नड़ समर्थक संगठनों की एक बैठक हुई। इस बैठक की अध्यक्षता कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ता वताल नागराज ने की। बैठक के बाद उन्होंने उक्त घोषणा की।<br /> <br />यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि 13 अगस्त को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक कर्नाटक बंद रहेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने लोगों से इस बंद में सहयोग और समर्थन करने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, 'आइए, हम सब मिलकर बेलगावी से चामराजनगर तक कर्नाटक बंद को ज़बरदस्त सफल बनाएं।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने उन सभी राजनीतिक दलों की भी कड़ी आलोचना की जो कावेरी आदेश का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फ़ायदे के लिए कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">संगठनों ने तमिलनाडु को कावेरी का पानी छोड़े जाने का विरोध किया। उनका तर्क था कि कर्नाटक खुद पानी की कमी का सामना कर रहा है और पानी छोड़ने से राज्य के किसानों पर बुरा असर पड़ेगा।<br /> <br />कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) ने कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की उस सिफारिश को बरकरार रखा, जिसमें तमिलनाडु को 15 दिनों तक रोज़ाना 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने की बात कही गई थी।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 14:11:18 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>कावेरी जल विवाद: मंड्या में कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन तेज़ किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: TVKVijayHQ FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76917/kannada-activists-intensify-protest-in-mandya-over-cauvery-water-dispute"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-09/tvk-vijay.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>मंड्या/दक्षिण भारत। </strong>कन्नड़ कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मंड्या में अपना विरोध प्रदर्शन और तेज़ कर दिया। यह विरोध सीडब्ल्यूआरसी के उस निर्देश के ख़िलाफ़ था जिसमें कर्नाटक को 15 दिनों तक तमिलनाडु के लिए रोज़ाना 3,500 क्यूसेक कावेरी का पानी छोड़ने को कहा गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने विरोध प्रदर्शन के दौरान, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की फ़िल्म 'जना नायकन' के पोस्टर फाड़े। प्रदर्शनकारियों ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह दबाव में न झुके और तमिलनाडु के लिए कावेरी का पानी न छोड़े।</p>
<p style="text-align:justify;">एक सिनेमा हॉल में, जहां ‘जना नायकन’ दिखाई जा रही थी, कार्यकर्ताओं ने थिएटर को घेर लिया, मैनेजमेंट से बातचीत की और फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने की मांग की। इसके बाद मैनेजमेंट इसे रद्द करने के लिए सहमत हो गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने थिएटर के बाहर फ़िल्म के पोस्टर फाड़ दिए और सीडब्ल्यूआरसी के निर्देश के ख़िलाफ़ नारे लगाए।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने डिप्टी कमिश्नर (ज़िला कलेक्टर) के ज़रिए राज्य सरकार को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें कावेरी का पानी तमिलनाडु को न छोड़ने की अपील की गई और मंड्या में किसानों के आंदोलन का समर्थन किया गया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों में से एक ने कहा, 'मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, कृपया उन्हें (संबंधित अधिकारियों को) बताएं कि हमारे पास पीने का पानी भी नहीं है और न ही हमारे मवेशियों के लिए पानी है। लोग बहुत मुश्किल हालात में हैं। उनसे गुज़ारिश करें कि वे हमें थोड़ा और समय दें।'</p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा कि मंड्या ज़िले के लोग कर्नाटक के हितों की रक्षा के लिए हमेशा सबसे आगे रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारी ने कहा, 'कृपया हमारी तरफ़ से उन्हें मनाइए। हम आप पर भरोसा कर रहे हैं। हम आपसे अनुरोध करते हैं कि व्यक्तिगत रूप से दखल दें और सुनिश्चित करें कि यह मामला सुलझ जाए।'</p>
<p style="text-align:justify;">प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि राज्य में पेयजल संकट को देखते हुए कर्नाटक कावेरी का एक बूंद पानी भी नहीं दे सकता। उन्होंने कहा कि अगर सरकार तमिलनाडु को पानी छोड़ने के फैसले पर आगे बढ़ती है तो आंदोलन और तेज़ हो जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने तर्क दिया कि कावेरी जल विनियमन समिति के निर्देश को लागू करने से पहले कर्नाटक में पानी की मौजूदा स्थिति, खासकर पीने के पानी के संकट को ध्यान में रखा जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;"><br /> </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 16:22:12 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केरल सरकार ने प्रशासन में 5 बड़े सुधारों की घोषणा की</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: VDSatheeshanParavur FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76909/kerala-government-announced-5-major-reforms-in-administration"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/vd-satheesan.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>तिरुवनंतपुरम/दक्षिण भारत। </strong>केरल कैबिनेट ने बुधवार को प्रशासन को मज़बूत करने, पारदर्शिता बढ़ाने और उन लीकेज को रोकने के मकसद से गवर्नेंस में पांच बड़े सुधारों को मंज़ूरी दी, जिनकी वजह से पिछले कुछ सालों में राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता करने के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में फैसलों की घोषणा करते हुए, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा कि इन सुधारों से गवर्नेंस और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग के लिए एक व्यापक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार होगा।<br /> <br />पहली पहल 'संपथ' (एडमिनिस्ट्रेशन, ट्रैकिंग और तालमेल के लिए स्पेशल एसेट मैनेजमेंट प्लेटफ़ॉर्म) बनाना है। यह एक सेंट्रलाइज़्ड डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म होगा जो सरकार की सभी संपत्तियों, जैसे- ज़मीन, इमारतें, हेरिटेज स्ट्रक्चर, सड़कें, बांध, पुल, गाड़ियां और मशीनरी, का विवरण रखेगा।</p>
<p style="text-align:justify;">कैबिनेट ने 'प्लानस्पेस 2.0' को भी मंज़ूरी दी, जो अलग-अलग सरकारी विभागों के कैपिटल प्रोजेक्ट्स को डिजिटल रूप से ट्रैक करने के लिए जीआईएस-इनेबल्ड प्रोजेक्ट रजिस्ट्री है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह प्लेटफ़ॉर्म प्रोजेक्ट्स को मैप करने के लिए जियो-टैगिंग का इस्तेमाल करेगा और उनकी लोकेशन, लागू करने वाली एजेंसी, मंज़ूरी देने वाली अथॉरिटी, फ़ंडिंग का स्रोत और कंस्ट्रक्शन के चरण जैसी जानकारी देगा।</p>
<p style="text-align:justify;">सतीशन ने कहा कि इन सुधारों का मकसद सरकारी संपत्तियों और प्रोजेक्ट्स की निगरानी को बेहतर बनाना और साथ ही प्रशासन में ज़्यादा पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री ने कहा कि बाकी तीन सुधार गवर्नेंस सिस्टम को मज़बूत करने और वित्तीय लीकेज को रोकने पर केंद्रित हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>केरल</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 11:34:46 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>पेपर लीक के लिए शिवकुमार का डीसी को ज़िम्मेदार ठहराना कांग्रेस का 'राजनीतिक पाखंड': आर अशोक</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: RAshokaBJP FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76892/shivkumar-holding-dc-responsible-for-paper-leak-is-political-hypocrisy"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-02/r-ashoka.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>बेंगलूरु/दक्षिण भारत। </strong>कर्नाटक में कांग्रेस सरकार पर 'राजनीतिक पाखंड' का आरोप लगाते हुए, वरिष्ठ भाजपा नेता आर अशोक ने रविवार को पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से सवाल किया कि जब उनकी पार्टी सत्ता में होती है, तो जवाबदेही नीचे की ओर क्यों जाती है?</p>
<p style="text-align:justify;">मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कि अब से पेपर लीक होने के लिए जिलों के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) जिम्मेदार होंगे, कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता ने इसे राजनीतिक वर्ग को बचाने और दोष को नीचे के स्तर पर डालने का 'कांग्रेस मॉडल' बताया।<br /> <br />अशोक ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, 'राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, डीके शिवकुमार - तीन चेहरे, एक ही पाखंड। दिल्ली में कांग्रेस का इकोसिस्टम इस्तीफ़े की मांग करता है और देश को जवाबदेही का पाठ पढ़ाता है। वहीं कर्नाटक में, उसी कांग्रेस सरकार ने अपनी असली सोच ज़ाहिर कर दी है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि शिवकुमार भविष्य में पेपर लीक होने से रोकने, भर्ती प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने और छात्रों की उम्मीदों की रक्षा करने के बारे में बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'इसके बजाय, उनकी पहली प्रतिक्रिया यह घोषणा करना है कि डिप्टी कमिश्नर जवाबदेह होंगे - यानी भविष्य की हर विफलता के लिए एक आसान बलि का बकरा।' उन्होंने कहा, 'यह कांग्रेस का मॉडल है: राजनीतिक वर्ग को बचाओ और दोष नीचे के स्तर पर डाल दो।'</p>
<p style="text-align:justify;">शिवकुमार ने शनिवार को ज़िलों के डिप्टी कमिश्नरों को चेतावनी दी कि राज्य की भर्ती परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक होने की किसी भी घटना के लिए उन्हें ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह निर्देश नीट पेपर लीक विवाद के बाद आया, जिसके कारण देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए और आखिरकार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा।</p>
<p style="text-align:justify;">यह कहते हुए कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा को एक साधारण सवाल का जवाब देना चाहिए, अशोक ने पूछा, 'जब भाजपा की सरकार होती है तो जवाबदेही ऊपर की ओर क्यों जाती है, लेकिन जब कांग्रेस की सरकार होती है तो नीचे की ओर?' उन्होंने कहा, 'एक देश, दो मापदंड। दिल्ली के लिए नैतिक उपदेश। कर्नाटक के लिए नौकरशाही को बलि का बकरा बनाना। यह जवाबदेही नहीं है। यह राजनीतिक पाखंड का सबसे बुरा रूप है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Sun, 26 Jul 2026 09:41:20 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हुब्बली: रेलवे हाई स्कूल में 'सामुदायिक वेदी' कार्यक्रम हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[जीवन में सफलता के लिए बहुभाषी ज्ञान के महत्त्व पर बल दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76881/community-altar-program-held-in-hubli-railway-high-school"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/hubballi-div1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>हुब्बली/दक्षिण भारत। </strong>दक्षिण पश्चिम रेलवे के हुब्बली मंडल ने गुरुवार को गदग रोड स्थित रेलवे इंग्लिश मीडियम हाई स्कूल में 'सामुदायिक वेदी' (कम्युनिटी फोरम) कार्यक्रम का आयोजन किया। इसकी अध्यक्षता अपर मंडल रेल प्रबंधक एवं अपर मुख्य राजभाषा अधिकारी प्रेमचंद्र ने की। उन्होंने अपने संबोधन में सामाजिक और व्यावसायिक जीवन में सफलता के लिए बहुभाषी ज्ञान के महत्त्व पर बल दिया। उन्होंने दैनिक जीवन में भाषा ज्ञान की भूमिका और उपयोगिता को समझाया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने राजभाषा हिंदी के ज्ञान के कई लाभों का उल्लेख करते हुए बताया कि यह न केवल एक ऐसी भाषा है, जो देश के अन्य क्षेत्रों के मित्रों, सहयोगियों और सहकर्मियों के साथ आसानी से संवाद करने और जुड़ने में मदद करती है, बल्कि खेल, संस्कृति, पर्यटन और ज्ञान के आदान-प्रदान जैसे विभिन्न रूपों में देश को जानने और समझने में भी सक्षम बनाती है।</p>
<p style="text-align:justify;">विशिष्ट अतिथि एवं प्रसिद्ध कन्नड़ साहित्यकार तथा मंडल कार्मिक अधिकारी (डीपीओ) सीएम मुनिस्वामी ने विद्यार्थियों के साथ साहित्यिक अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि एक लेखक उत्कृष्ट साहित्य का सृजन तभी कर सकता है, जब उसे कई भाषाओं का ज्ञान हो।</p>
<p><img style="margin-left:auto;margin-right:auto;" src="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-07/hubballi-div2.jpg" alt="HUBBALLI DIV2" width="792" height="441"></img></p>
<p style="text-align:justify;">अपने समय के अंडर-19 श्रेणी के प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर अनंत भागवत तथा राष्ट्रीय स्तर के एथलीट बसवराज एमके, जो वर्तमान में दपरे खेल संघ के प्रमुख सदस्य हैं, ने विद्यार्थियों के साथ बातचीत की और खेल जगत के अपने समृद्ध अनुभव साझा किए। उन्होंने विद्यार्थियों को सर्वांगीण विकास के लिए खेलकूद और पाठ्येतर गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।</p>
<p style="text-align:justify;">हाई स्कूल के प्राचार्य ई नागप्पा ने अतिथियों और खिलाड़ियों का स्वागत किया तथा भाषा, खेल और कर्नाटक की समृद्ध संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन महबूब नाइकर ने किया। अंजुम होराकेरी ने समापन टिप्पणी की। कार्यक्रम के आयोजन में हुब्बली मंडल के राजभाषा विभाग के वरिष्ठ अनुवादक राजे नदाफ, वरिष्ठ अनुवादक जीआर नारायणद्री, कनिष्ठ अनुवादक मोहम्मद सलीम और शारीरिक शिक्षा शिक्षक महरुद्रप्पा बल्लारी ने प्रमुख भूमिका निभाई।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 24 Jul 2026 14:10:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>विश्वसनीयता की विरासत, सेवा का संकल्प</title>
                                    <description><![CDATA[यह मात्र एक अखबार नहीं, बल्कि विश्वसनीयता का प्रतीक है]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76869/legacy-service-pledge-of-reliability"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/trust.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;">'दक्षिण भारत राष्ट्रमत' के स्थापना दिवस के अवसर पर, हम उन सभी बधाई संदेशों और शुभकामनाओं के लिए आभार व्यक्त करते हैं, जो हमें प्राप्त हुए हैं। दो दशक से अधिक समय से बेंगलूरु में और डेढ़ दशक से चेन्नई में, हम निरंतर हिंदी माध्यम से दक्षिण भारत के पाठकों तक समाचार और विचार पहुंचा रहे हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">यह मात्र एक अखबार नहीं, बल्कि विश्वसनीयता का प्रतीक और समाज को जोड़ने वाला सेतु है। हमें गर्व है कि इस यात्रा में कभी विश्वसनीयता से समझौता नहीं किया। हर खबर, हर विश्लेषण और हर रिपोर्ट के पीछे हमारा एकमात्र उद्देश्य रहा है- पाठकों को सच्चाई से रूबरू कराना और उन्हें सूचित, जागरूक तथा एक-दूसरे से जुड़ा हुआ महसूस कराना।</p>
<p style="text-align:justify;">भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं होती है। वह लोगों को जोड़ना भी सिखाती है। जब कोई भाषा हृदय से बोली जाती है तो वह क्षेत्रवाद, भाषावाद समेत कई दीवारों से ऊपर उठ जाती है। दक्षिण भारत में हिंदी के मार्ग में चुनौतियां कम नहीं रही हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">इनके कारण कई लोग हिंदी को अपनाने में संकोच महसूस करते हैं। फिर भी, हमने इसे अपनी तपस्या माना। हम बिना किसी शोर के, बिना किसी समझौते के लगातार सेवा कर रहे हैं, क्योंकि हमें विश्वास है कि भाषा कोई प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि एक-दूसरे को निकट लाने का नाम है।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत की सभी भाषाएं फूलों की तरह हैं- प्रत्येक का अपना रंग, सुगंध और सुंदरता है। हिंदी उन सबको एक सूत्र में पिरोने वाला धागा है। जब ये फूल एक माला में गूंथे जाते हैं तो अनुपम सुंदरता उभरती है। 'दक्षिण भारत राष्ट्रमत' भी ठीक यही कार्य कर रहा है- व्यक्ति को समाज से, समाज को राष्ट्र से और राष्ट्र को विश्व से जोड़ रहा है। हम सांस्कृतिक पुल का निर्माण कर रहे हैं, जहां उत्तर-दक्षिण, पूर्व-पश्चिम की कोई दूरी नहीं रह जाती है। </p>
<p style="text-align:justify;">इस स्थापना दिवस पर फिर से संकल्प लेते हैं कि आने वाले वर्षों में भी हम इसी तरह निष्पक्षता, साहस और सकारात्मकता के साथ पाठकों की सेवा करते रहेंगे। आपका स्नेह, समर्थन और सुझाव ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं। आइए, हम सब मिलकर सुंदर, सफल, सशक्त, समृद्ध और एकजुट भारत का निर्माण करें।</p>
<p style="text-align:center;"><strong>'दक्षिण भारत राष्ट्रमत' परिवार</strong></p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>तमिलनाडु</category>
                                            <category>कर्नाटक</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 22 Jul 2026 09:43:29 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' लॉन्च हुआ</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: skyrootaerospace FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76849/countrys-first-private-orbital-rocket-vikram-1-launched"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/skyroot-aerospace.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश)/दक्षिण भारत। </strong>भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट 'विक्रम-1' शनिवार को इस स्पेसपोर्ट से लॉन्च हुआ। इस रॉकेट में कई टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पेलोड और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पोस्टकार्ड भी शामिल है।</p>
<p style="text-align:justify;">हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा की गई इस टेस्ट फ़्लाइट की लॉन्चिंग, जिसे 'मिशन आगमन' नाम दिया गया है, देश के वाणिज्यिक स्पेस सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।</p>
<p style="text-align:justify;">शनिवार को बादल छाए रहने के बावजूद, सात मंज़िला ऊंचे और चार चरणों वाले विक्रम-1 रॉकेट ने यहां सतीश धवन स्पेस सेंटर के पहले लॉन्च पैड से दोपहर 12:05 बजे उड़ान भरी। नेविगेशन में कुछ दिक्कतों की वजह से 'प्लान्ड होल्ड' (तय समय पर कुछ देर के लिए रोक) के बाद लॉन्च को सुबह 11:30 बजे के तय समय से 35 मिनट देरी से किया गया।<br /> <br />16 मिनट से कुछ कम समय की अपनी शुरुआती यात्रा के बाद, विक्रम-1 के 60 डिग्री के झुकाव और 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर 'लो अर्थ ऑर्बिट' में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के पेलोड को स्थापित करने की उम्मीद है। <br /> <br />विक्रम साराभाई, जिन्हें अक्सर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है, के नाम पर रखे गए 'विक्रम-1' को पूरी तरह कार्बन कम्पोजिट स्ट्रक्चर से बनाया गया है। इसे कंपनी द्वारा खुद विकसित किए गए प्रोपल्शन सिस्टम से पावर मिलती है, जिसमें 3डी-प्रिंटेड इंजन और हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल रॉकेट बूस्टर शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">इस रॉकेट में ग्रह स्पेस, कॉस्मोसर्व, डी-क्यूब्ड और स्काईरूट के अपने स्कोप से जुड़े पेलोड के साथ-साथ 'कॉस्मिक ब्लूम' नाम का एक आर्टवर्क भी ले जाया जा रहा है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>दक्षिण भारत </category>
                                            <category>आंध्र प्रदेश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 12:34:44 +0530</pubDate>
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