<?xml version="1.0" encoding="utf-8"?>        <rss version="2.0"
            xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
            xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
            xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom">
            <channel>
                <atom:link href="https://www.dakshinbharat.com/category/35/nation" rel="self" type="application/rss+xml" />
                <generator>Dakshin Bharat Rashtramat RSS Feed Generator</generator>
                <title>देश - Dakshin Bharat Rashtramat</title>
                <link>https://www.dakshinbharat.com/category/35/rss</link>
                <description>देश RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं खरीद पाएंगे कफ़ सिरप</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76684/now-you-will-not-be-able-to-buy-cough-syrup"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-10/doctor.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>दवा की क्वालिटी और मरीज़ों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नियमों में बदलाव किया है। इसके तहत अब पूरे देश में डॉक्टर की पर्ची के बिना कफ़ सिरप समेत किसी भी तरह की सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि इस कदम का मकसद कफ सिरप समेत सिरप-आधारित फ़ॉर्मूलेशन को ज़्यादा सख़्त रेगुलेटरी निगरानी के दायरे में लाना है।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस संशोधन से पहले, शेड्यूल के की एंट्री नंबर 13 के तहत 1,000 से कम आबादी वाले गांवों में खांसी की सिरप बेचने की इजाज़त थी, जिसके लिए रिटेल बिक्री के लाइसेंस से जुड़े कुछ नियमों का पालन करना ज़रूरी नहीं था।</p>
<p style="text-align:justify;">संशोधित प्रावधानों के तहत, सरकार ने 'ड्रग्स रूल्स, 1945' की अनुसूची के में 'दवाओं की श्रेणी' के अंतर्गत सूचीबद्ध आइटम 7 से सिरप शब्द हटा दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अनुसूची के उन दवाओं की कैटेगरी बताता है जिन्हें 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट' और उससे जुड़े नियमों के तहत, कुछ खास शर्तों के साथ, उनके निर्माण, बिक्री और वितरण से जुड़ी कुछ ज़रूरतों से छूट दी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों का मकसद सिरप को इस छूट वाली श्रेणी से बाहर रखकर, इन फ़ॉर्मूलेशन पर ज़्यादा सख़्त नियंत्रण और कड़ी निगरानी रखना है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह संशोधन पिछले साल दिसंबर में स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी उस ड्राफ्ट नोटिफिकेशन के बाद किया गया है, जिसमें इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों और आम जनता समेत सभी संबंधित पक्षों से राय और सुझाव मांगे गए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारियों ने बताया कि अंतिम फ़ैसला लेने से पहले, कंसल्टेशन प्रोसेस के दौरान मिली प्रतिक्रियाओं की समीक्षा की गई। यह फ़ैसला ड्रग्स टेक्निकल एडवाइज़री बोर्ड के साथ मिलकर लिया गया, जो फ़ार्मास्यूटिकल्स से जुड़े तकनीकी मामलों को देखने वाली देश की सबसे बड़ी वैधानिक संस्था है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76684/now-you-will-not-be-able-to-buy-cough-syrup</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76684/now-you-will-not-be-able-to-buy-cough-syrup</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 14:12:48 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2025-10/doctor.jpg"                         length="33131"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिकी वायुसेना का बी-52 बमवर्षक विमान दुर्घटनाग्रस्त</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76683/us-air-force-b-52-bomber-plane-crashes"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-05/american-flag.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>लॉस एंजिलिस/दक्षिण भारत। </strong>दक्षिणी कैलिफोर्निया के मोजावे रेगिस्तान में स्थित अमेरिकी वायुसेना के एक अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद एक बी-52 बमवर्षक विमान दुर्घटनाग्रस्त होकर आग की लपटों में घिर गया जिससे विमान में सवार सभी आठ लोगों की मौत हो गई। सैन्य अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">प्राप्त तस्वीरों में दिखाई दिया कि आग लगने के बाद विमान पूरी तरह जलकर खाक हो गया। यह हादसा पूर्वाह्न लगभग 11:20 बजे लॉस एंजिलिस के उत्तर में स्थित एडवर्ड्स वायु सेना अड्डे में हुआ और विमान नियमित परीक्षण अभियान में रवाना हुआ था।</p>
<p style="text-align:justify;">हादसे के बाद रनवे के पास रेगिस्तान के एक बड़े हिस्से से धुआं उठता दिखाई दिया। मौके पर आपातकालीन वाहन भी मौजूद थे। विमान में सरकारी ठेकेदारों और सैन्यकर्मियों सहित कुल आठ लोग सवार थे।</p>
<p style="text-align:justify;">एडवर्ड्स में ‘412 टेस्ट विंग’ के उप-कमांडर कर्नल जेम्स हेस ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दुर्घटना का फुटेज देखने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि इसमें किसी के बचने की संभावना नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, ‘हमने आठ महान अमेरिकियों को खो दिया है।’ हेस ने कहा कि मृतकों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटना का कारण तत्काल स्पष्ट नहीं है और जांच पूरी होने में छह महीने तक का समय लग सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि उन्होंने बताया कि बी-52 विमान वायु सेना के रडार आधुनिकीकरण कार्यक्रम से जुड़े परीक्षण मिशन में शामिल था।</p>
<p style="text-align:justify;">बोइंग का ‘बी-52 स्ट्रेटोफोर्ट्रेस’ एक लंबी दूरी का बमवर्षक विमान है, जिसे सन् 1955 में सेवा में शामिल किया गया था। यह परंपरागत और परमाणु दोनों प्रकार के हथियार ले जाने में सक्षम है तथा वियतनाम से लेकर ईरान तक अमेरिकी सैन्य अभियानों में इसका उपयोग किया जाता रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एडवर्ड्स वायु सेना अड्डा अमेरिकी वायु सेना के विमान परीक्षण और विकास कार्यों का प्रमुख केंद्र है। यह लॉस एंजेलिस से लगभग 161 किलोमीटर उत्तर में स्थित है।</p>
<p style="text-align:justify;">विमानन सुरक्षा विशेषज्ञ जेफ गुजेटी ने कहा कि दुर्घटना के कारणों पर अभी कोई ठोस निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। हालांकि उनके अनुसार, उड़ान भरने के तुरंत बाद ‘बी-52’ का बिना अधिक ऊंचाई या दूरी तय किए दुर्घटनाग्रस्त हो जाना इस बात का संकेत देता है कि विमान की उड़ान नियंत्रण प्रणाली में किसी प्रकार की गंभीर खराबी हो सकती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76683/us-air-force-b-52-bomber-plane-crashes</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76683/us-air-force-b-52-bomber-plane-crashes</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 13:25:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2025-05/american-flag.jpg"                         length="64178"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>नीट-यूजी री-टेस्ट: सरकार ने 22 जून तक टेलीग्राम पर रोक लगाई</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: PixaBay]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76682/neet-ug-re-test-government-bans-telegram-till-june-22"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-06/woman-mobile-phone.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> केंद्र सरकार ने मंगलवार को नीट-यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले टेलीग्राम मैसेजिंग ऐप के इस्तेमाल पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा कि यह कदम नकल कराने वाले रैकेट और गलत जानकारी से निपटने के लिए उठाया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की सिफारिशों के आधार पर, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत एक निर्देश जारी किया है। इसके तहत भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर एक तय और सीमित समय के लिए रोक लगाई गई है। यह रोक 22 जून, 2026 तक लागू रहेगी, जिसमें नीट (यूजी) 2026 की दोबारा परीक्षा का दिन और उसके ठीक बाद का समय भी शामिल है।<br /> <br />एनटीए ने एक बयान में कहा कि एक अलग निर्देश के तहत टेलीग्राम को भारत में 30 जून तक पहले से पोस्ट किए गए मैसेज के लिए 'मैसेज-एडिटिंग' फ़ीचर को बंद करना होगा। यह कदम उस खास फ़ीचर को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिसका इस्तेमाल राष्ट्रीय परीक्षाओं के संबंध में घटना के बाद 'पेपर लीक' के झूठे सबूत गढ़ने के लिए किया गया था।</p>
<p style="text-align:justify;">एनटीए ने कहा, 'ये दोनों कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाए गए हैं। ये कदम 21 जून को होने वाली नीट 2026 की दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को धोखा देने वाले गिरोहों द्वारा इस प्लेटफ़ॉर्म के संगठित इस्तेमाल के जवाब में उठाए गए हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">3 मई को हुई मेडिकल-प्रवेश परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों के कारण इसे रद्द कर दिया गया, जिससे लाखों उम्मीदवारों को निराशा हुई। अब दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।<br /> <br />एजेंसी ने छात्रों के हित में उठाए गए 'समय पर कदम' के लिए मंत्रालय का आभार जताया और कहा कि इससे 21 जून को सुरक्षित परीक्षाएं आयोजित करने में मदद मिलेगी।<br /> <br />एनटीए ने कहा कि गृह मंत्रालय के तहत आने वाला 'इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर' मुख्य नोडल एजेंसी के तौर पर काम कर रहा है। यह सेंटर नीट उम्मीदवारों को निशाना बनाने वाले टेलीग्राम-आधारित फ्रॉड और गलत जानकारी के मामलों में ऑपरेशनल रिस्पॉन्स को कोऑर्डिनेट कर रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">एजेंसी के अनुसार, एनटीए, बिहार, गुजरात और राजस्थान की पुलिस समेत राज्य की कानून लागू करने वाली एजेंसियों से मिली जानकारी और अपनी खुद की निगरानी के आधार पर, आई4सी ने धोखाधड़ी और गुमराह करने वाले मकसद का खुलेआम प्रचार करने वाले टेलीग्राम चैनलों, ग्रुप्स और बॉट्स की एक 'बड़ी संख्या' को तुरंत हटवाया।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76682/neet-ug-re-test-government-bans-telegram-till-june-22</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76682/neet-ug-re-test-government-bans-telegram-till-june-22</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 12:37:04 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2025-06/woman-mobile-phone.jpg"                         length="53135"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>तृणकां के दोनों गुटों के बारे में फ़ैसला लेने से पहले यह कदम उठाएंगे लोकसभा अध्यक्ष?</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AITCofficial FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76681/lok-sabha-speaker-will-take-these-steps-before-taking-decision"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2022-12/tmc-.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, अलग हुए गुट को मान्यता देने का फ़ैसला करने से पहले, पाला बदलने वाले तृणकां सांसदों और ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट, दोनों की बात सुनेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि लोकसभा अध्यक्ष के कार्यालय ने बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट — जो अब बहुत छोटा रह गया है — को भी एक ईमेल भेजकर उनकी राय मांगी है।<br /> <br />इससे पहले, सूत्रों ने बताया कि 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' (एनसीपीआई) - जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं - के साथ प्रस्तावित विलय के बाद, अलग गुट के तौर पर मान्यता पाने की नेताओं की मांग पर बिरला कानूनी राय ले सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि गुट की मांग पर कोई भी फ़ैसला संसद के मॉनसून सत्र से पहले लिया जाएगा, जो आम तौर पर जुलाई के तीसरे हफ़्ते में शुरू होता है। सूत्रों ने बताया कि कानूनी राय ली जाएगी ताकि अगर लोकसभा अध्यक्ष के फैसले को अदालत में चुनौती दी जाए, तो वह न्यायिक जांच में टिक सके।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा के पूर्व महासचिव एवं संविधान विशेषज्ञ पीडीटी आचार्य ने संविधान की 10वीं अनुसूची के पैरा 4 का हवाला देते हुए यह बात रेखांकित की कि केवल एक राजनीतिक पार्टी ही किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी में विलय कर सकती है, न कि सांसद या विधायक।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने बताया कि अगर कोई राजनीतिक पार्टी किसी दूसरी पार्टी में विलय करने का फ़ैसला करती है, तो उसके विधायकों और सांसदों को इस विलय पर सहमत होना होगा, लेकिन सिर्फ़ सांसद या विधायक किसी दूसरी पार्टी में विलय नहीं कर सकते... यही संवैधानिक प्रावधान है।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग के एक पूर्व अधिकारी, जिन्होंने चुनाव प्राधिकरण में राजनीतिक दलों के मामलों को संभाला था, ने तृणकां के बागी नेताओं की एनसीपीआई में विलय की मौजूदा योजना को एक नया प्रयोग बताया है, जिसका ज़िक्र न तो दलबदल विरोधी कानून में है और न ही 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' में है।</p>
<p style="text-align:justify;">रविवार को तृणकां में संकट और गहरा गया, जब पार्टी छोड़कर आए सांसदों ने एनसीपीआई में विलय की घोषणा की और निचले सदन में बैठने के लिए अलग व्यवस्था की मांग को लेकर बिरला से मुलाकात की।</p>
<p style="text-align:justify;">बैठक के बाद, पार्टी की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को सौंपे गए ज्ञापन पर पार्टी के 20 सांसदों ने हस्ताक्षर किए थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'तृणकां के दो-तिहाई सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को अलग बैठने की व्यवस्था के लिए पत्र सौंपा है। हम नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी में विलय करेंगे और राजग का समर्थन करेंगे।'</p>
<p style="text-align:justify;">एनसीपीआई ने जनवरी 2023 में खुद को एक राजनीतिक पार्टी के तौर पर रजिस्टर कराया था। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में इसका पता पश्चिम बंगाल के हावड़ा ज़िले के संकराइल में एक इमारत है और राष्ट्रीय राजनीति में इसकी मौजूदगी बहुत कम है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76681/lok-sabha-speaker-will-take-these-steps-before-taking-decision</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76681/lok-sabha-speaker-will-take-these-steps-before-taking-decision</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 11:56:06 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2022-12/tmc-.jpg"                         length="45421"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>मुझ पर हुए हमले के पीछे आरएसएस के कुछ लोग थे: अभिजित दीपके</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: cockroachjantaparty Instagram account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76680/abhijit-deepke-some-people-from-rss-were-behind-the-attack"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-06/cjp1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नागपुर/दक्षिण भारत। </strong>कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजित दीपके ने मंगलवार को आरोप लगाया कि एक दिन पहले उन पर हुए हमले के पीछे 'आरएसएस के कुछ लोग' थे। उन्होंने दावा किया कि यह असली मुद्दे से ध्यान भटकाने और छात्रों की आवाज़ दबाने की कोशिश थी।</p>
<p style="text-align:justify;">पिछले महीने हुए नीट (यूजी) पेपर लीक मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग के लिए सीजेपी का विरोध प्रदर्शन आज संविधान चौक पर होना है। इससे पहले मंगलवार सुबह दीपके नागपुर एयरपोर्ट पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">सोमवार को जयपुर में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, जब सीजेपी के संस्थापक को उनके समर्थक कंधों पर उठाए हुए थे, तो कथित तौर पर दो लोगों ने उन्हें कई बार थप्पड़ मारे। इस घटना के सिलसिले में दो युवकों को हिरासत में लिया गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">जब उनसे पूछा गया कि उन्हें क्या लगता है कि उन पर हुए हमले के पीछे कौन था, तो दीपके ने आरोप लगाया, 'इसमें आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) से जुड़े कुछ लोग शामिल थे और इसमें कोई नई बात नहीं है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि जब भी कोई सरकार या उसकी विचारधारा के ख़िलाफ़ बोलता है, तो वे ऐसा ही करते हैं। इसमें कुछ भी नया नहीं है।<br /> <br />आरएसएस से संबंध होने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात करने के दावों पर दीपके ने कहा, 'क्या इसीलिए उन्होंने कल मुझ पर हमला किया?'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने दावा किया कि उन पर हुआ हमला असल मुद्दे से ध्यान भटकाने और छात्रों की आवाज़ दबाने की कोशिश थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'हम अपने मुद्दों से पीछे नहीं हटेंगे; आप चाहें तो हम पर जितने चाहें उतने हमले करें। हम शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे और अपने मुख्य मुद्दे से नहीं भटकेंगे — जो एक करोड़ से ज़्यादा छात्रों के साथ हो रहे अन्याय से जुड़ा है — और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी होगी।'</p>
<blockquote class="instagram-media"><strong><a href="https://www.instagram.com/p/DZnBSjOE73E/?hl=en&amp;img_index=1">https://www.instagram.com/p/DZnBSjOE73E/?hl=en&amp;img_index=1</a></strong></blockquote>
<p style="text-align:justify;">

</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने ज़ोर देकर कहा, 'इस तरह के हमले होते रहेंगे, लेकिन मैं डरता नहीं हूं। हम गांधीजी और अंबेडकर के रास्ते पर चलते हैं और यह हमारा सत्याग्रह है। हम शांतिपूर्ण ढंग से इसे जारी रखेंगे।'</p>
<p style="text-align:justify;">दीपके ने नागपुर के निवासियों, जिनमें छात्र और युवा भी शामिल हैं, से अपील की है कि वे मंगलवार को शाम 4 बजे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए संविधान चौक पर इकट्ठे हों।<br /> <br />सीजेपी नीट (यूजी) पेपर लीक मामले को लेकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रही है। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76680/abhijit-deepke-some-people-from-rss-were-behind-the-attack</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76680/abhijit-deepke-some-people-from-rss-were-behind-the-attack</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 10:19:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-06/cjp1.jpg"                         length="57465"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>स्लोवाकिया ने संरा सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का समर्थन किया</title>
                                    <description><![CDATA[सुरक्षा परिषद को स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तारित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76679/slovakia-supported-indias-permanent-membership-in-the-un-security-council"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2023-01/flag.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>ब्रातिस्लावा/दक्षिण भारत। </strong>स्लोवाकिया ने 'सुधारित' संरा सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए भारत की दावेदारी का समर्थन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मध्य यूरोपीय देश की अहम यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'व्यापक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री मोदी और स्लोवाकिया के उनके समकक्ष रॉबर्ट फिको के बीच हुई बातचीत के बाद जारी एक संयुक्त बयान में, दोनों पक्षों ने संरा और यूएनएससी जैसे बहुपक्षीय संस्थानों में व्यापक सुधारों की ज़रूरत पर ज़ोर दिया, ताकि उन्हें 'अधिक प्रतिनिधित्वपूर्ण, समावेशी और आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को दर्शाने वाला' बनाया जा सके।<br /> <br />दोनों नेताओं ने सुरक्षा परिषद को स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में विस्तारित करने की तत्काल आवश्यकता पर बल दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त बयान में कहा गया, 'इस संदर्भ में, भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और विस्तार के बाद भारत की स्थायी सदस्यता के लिए स्लोवाकिया के लगातार समर्थन की सराहना की।'<br /> <br />मोदी और फिको ने संयुक्त राष्ट्र को केंद्र में रखते हुए बहुपक्षवाद के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई और संरा सहित वैश्विक मंचों पर मिलकर काम करने पर सहमति जताई।</p>
<p style="text-align:justify;">भारत लंबे समय से सुधारित और विस्तारित सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग कर रहा है। उसका तर्क है कि 15 सदस्यों वाली इस संस्था का मौजूदा ढांचा पुराना हो चुका है और आज की वैश्विक वास्तविकताओं को ठीक से नहीं दर्शाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">नई दिल्ली की उम्मीदवारी को कई यूरोपीय देशों के साथ-साथ जी4 समूह के अन्य सदस्यों — ब्राज़ील, जर्मनी और जापान — सहित कई देशों का समर्थन मिल रहा है।</p>
<p style="text-align:justify;">संरा सुरक्षा परिषद में पांच स्थायी सदस्य - चीन, फ़्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका - और दो साल के कार्यकाल के लिए चुने गए 10 अस्थायी सदस्य शामिल हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">स्लोवाकिया ने न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) - जो 48 देशों का एक मल्टीलेटरल एक्सपोर्ट कंट्रोल सिस्टम है - में भारत की सदस्यता के प्रति अपने सकारात्मक रुख को फिर से दोहराया।<br /> <br />सन् 1993 में स्लोवाकिया की आज़ादी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की यह पहली यात्रा है। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को 'व्यापक साझेदारी' के स्तर तक बढ़ाया, जिसका मकसद रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा के क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करना है।</p>
<p style="text-align:justify;">दोनों नेताओं ने स्वतंत्र, खुले और नियमों पर आधारित इंडो-पैसिफिक, अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान और नेविगेशन की स्वतंत्रता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76679/slovakia-supported-indias-permanent-membership-in-the-un-security-council</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76679/slovakia-supported-indias-permanent-membership-in-the-un-security-council</guid>
                <pubDate>Tue, 16 Jun 2026 09:45:33 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2023-01/flag.jpg"                         length="21715"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है: राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: rahulgandhi FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76677/every-paper-leaked-every-canceled-exam-not-just-a"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-06/rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>कोटा में अपने छात्र सम्मेलन से पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को कहा कि हर पेपर लीक और रद्द हुई परीक्षा सिर्फ़ सिस्टम की नाकामी नहीं है, बल्कि देश के लाखों युवाओं के सपनों पर भी एक चोट है।</p>
<p style="text-align:justify;">हिंदी में एक्स पर एक पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को जो मिलता है, वह कड़ी मेहनत का फल नहीं, बल्कि सपने देखने की हिम्मत करने की सज़ा है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'देश के हर युवा से मेरी एक बात - आज इस देश में मेहनत का फल नहीं, सपने देखने की सज़ा मिलती है। हर पेपर लीक, हर रद्द परीक्षा, हर अधूरी भर्ती - सिर्फ़ सिस्टम की विफलता नहीं, लाखों सपनों पर प्रहार है।'</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने कहा, 'मैं जानता हूं कि आप थक चुके हैं। ग़ुस्से में हैं। पर याद रखिए - जब सरकार सुनने को तैयार न हो, तब आवाज़ ऊंची करनी पड़ती है। इसलिए मैं आप सबको बुला रहा हूं - 17 जून, कोटा। छात्रों की गूंज।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'आइए, मिलकर एक ऐसी हुंकार बनें जिसे अनसुना करना नामुमकिन हो। कोटा से शुरुआत - फिर देश के हर कोने तक। यह आपके भविष्य की लड़ाई है। और मैं आपके साथ हूं।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76677/every-paper-leaked-every-canceled-exam-not-just-a</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76677/every-paper-leaked-every-canceled-exam-not-just-a</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 17:16:35 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-06/rahul-gandhi.jpg"                         length="24713"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंग खत्म हुई, अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी वापस ले सरकार: कांग्रेस</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: IndianNationalCongress FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76676/the-war-is-over-now-the-government-and-congress-should"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2022-12/congress2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत/भाषा। </strong>कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध खत्म करने के लिए सहमति बनने के बाद अब सरकार को पेट्रोल, डीजल और दूसरे ईंधन की कीमतों में की गई बढ़ोतरी वापस लेनी चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह सवाल भी किया कि क्या प्रधानमंत्री इसकी घोषणा फ्रांस से करेंगे या फिर देश लौटकर यह खुशखबरी देंगे?</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिका और ईरान के बीच 107 दिन तक जारी रहे युद्ध को समाप्त करने व होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति बन गई है और दोनों देशों के बीच समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">खेड़ा ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘हमें बताया जा रहा था कि भारत की बेहाल अर्थव्यवस्था की वजह अमेरिका-ईरान की जंग है। हर महंगाई, हर गिरावट और हर परेशानी का दोष सरकार की नीतियों पर नहीं, पश्चिम एशिया के तनाव पर था। अब जब जंग खत्म हो गई है, तो मोदीजी का बहाना भी खत्म हो जाना चाहिए।’</p>
<p style="text-align:justify;">उनका कहना है, ‘कच्चे तेल के दाम कम होंगे। आपूर्ति शृंखला सामान्य होंगी। मांग स्थिर होगी। स्वाभाविक रूप से, इसका फायदा देश के ग्राहकों को भी मिलना चाहिए। मतलब यह कि पेट्रोल, डीज़ल, सीएनजी, एलपीजी और एलएनजी के दामों में की गई बढ़ोतरी को वापस लेना चाहिए।’</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस नेता ने कहा, ‘क्या इस खुशखबरी का ऐलान मोदीजी फ्रांस से ही करेंगे? या फिर देश को उनके वापस लौटने का इंतज़ार करना पड़ेगा?’</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76676/the-war-is-over-now-the-government-and-congress-should</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76676/the-war-is-over-now-the-government-and-congress-should</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 14:13:47 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2022-12/congress2.jpg"                         length="33293"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>शिक्षक भर्ती घोटाला मामले में ईडी के सामने पेश हुए तृणकां सांसद अभिषेक बनर्जी</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AbhishekBanerjeeOfficial FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76675/trc-mp-abhishek-banerjee-appears-before-ed-in-teacher-recruitment"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-06/abhishek-banerjee.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत/भाषा।</strong> प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने कथित प्राथमिक स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से पूछताछ शुरू की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">बनर्जी से यह पूछताछ ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति के लिए विधायकों के हस्ताक्षरों की कथित जालसाजी के मामले में अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने रविवार को तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी से करीब साढ़े आठ घंटे पूछताछ की थी।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने डायमंड हार्बर से सांसद बनर्जी से घोटाले के सिलसिले में पूछे जाने वाले दो दर्जन सवालों की सूची तैयार की है।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया, ‘पूरी पूछताछ प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जाएगी, उसका सत्यापित किया जाएगा और इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों के साक्ष्यों और बयानों से उसका मिलान किया जाएगा।’</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कथित अपराध से अर्जित धन के स्रोत और उसके प्रवाह का पता लगाने के लिए जांचकर्ता बनर्जी का सामना वित्तीय दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड तथा मामले के अन्य आरोपियों के बयानों से भी कराएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने कहा, ‘हमारा ध्यान धन के लेन-देन की पूरी कड़ियों को जोड़ने पर है। यह पता लगाया जा रहा है कि धन का प्रबंधन किसने किया, उसे विभिन्न खातों और संस्थाओं के माध्यम से कैसे अंतरित किया गया और क्या उसके वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए लेन-देन को कई स्तरों से गुजारा गया था।’</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि एजेंसी पहले प्रस्तुत की गई जानकारी और तलाशी के दौरान बरामद नई सामग्री के बीच पाई गई ‘विसंगतियों’ के संबंध में भी स्पष्टीकरण मांगेगी।</p>
<p style="text-align:justify;">अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक स्कूल में शिक्षकों की भर्ती में कथित अनियमितताओं से जुड़ी धनशोधन जांच के सिलसिले में जारी समन के अनुपालन में बनर्जी सोमवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे कोलकाता स्थित ईडी के सीजीओ कॉम्प्लेक्स कार्यालय पहुंचे।</p>
<p style="text-align:justify;">पूछताछ के दौरान फॉरेंसिक विश्लेषण में चिह्नित बिचौलियों और लाभार्थी संस्थाओं की भूमिका को लेकर भी सवाल किए जाएंगे। अधिकारी ने कहा, ‘हमने बैंक रिकॉर्ड और संचार संबंधी डेटा जुटाए हैं, जिनसे कई संदिग्ध लोगों की संलिप्तता के संकेत मिलते हैं। आज की पूछताछ का उद्देश्य इन तथ्यों का बनर्जी के बयान से मिलान करना है।’</p>
<p style="text-align:justify;">ईडी घोटाले की जांच के सिलसिले में पूर्व मंत्री चंद्रनाथ सिन्हा सहित कई लोगों से पहले भी पूछताछ कर चुकी है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76675/trc-mp-abhishek-banerjee-appears-before-ed-in-teacher-recruitment</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76675/trc-mp-abhishek-banerjee-appears-before-ed-in-teacher-recruitment</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 13:58:31 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-06/abhishek-banerjee.jpg"                         length="50139"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>बागी नेताओं का एनसीपीआई में विलय हास्यास्पद: तृणकां</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AITCofficial FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76674/merger-of-rebel-leaders-into-ncpi-is-ridiculous"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-05/tmc.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>कोलकाता/दक्षिण भारत।</strong> तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग तब और तेज़ हो गई जब तृणकां के बागी सांसदों ने 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' यानी एनसीपीआई में विलय करने और राजग को समर्थन देने का ऐलान किया। ममता बनर्जी के खेमे ने इस कदम को बेतुका बताया, जबकि भाजपा ने इसे तृणकां के गहरे संकट का सबूत करार दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">वरिष्ठ तृणकां सांसद सौगत रॉय ने बागी नेताओं के 'नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया' में विलय करने के फैसले का मज़ाक उड़ाया। उन्होंने इस कदम की राजनीतिक अहमियत और मतदाताओं के सामने इसे सही ठहराने की बागियों की क्षमता, दोनों पर सवाल उठाए।</p>
<p style="text-align:justify;">रॉय ने कहा, 'जिस पार्टी के चुनाव चिह्न पर आप चुने गए, उसी पार्टी से धोखा करने के बाद आप अपने मतदाताओं का सामना कैसे करेंगे? यह विलय बेतुका है। एनसीपीआई को कौन जानता है? क्या वे अपने चुनाव क्षेत्रों में जाकर लोगों को बता सकते हैं कि वे अब एनसीपीआई का हिस्सा हैं? यह विलय उन गद्दारों की हताशा को दिखाता है जो अपने भाजपा आकाओं को खुश करना चाहते हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">यह आरोप लगाते हुए कि इस कदम को भाजपा का परोक्ष समर्थन हासिल था, रॉय ने कहा कि बागी सांसदों ने एनसीपीआई का रास्ता इसलिए चुना क्योंकि संसदीय नियम किसी मौजूदा पार्टी के भीतर एक अलग गुट को मान्यता देने की इजाज़त नहीं देते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'इसीलिए उन्होंने भाजपा के सीधे समर्थन से यह रास्ता अपनाया। यह बेतुका है। जनता का समर्थन ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणकां के साथ ही रहेगा, न कि गद्दारों के साथ।'</p>
<p style="text-align:justify;">यह टिप्पणी तब आई जब तृणकां के बागी सांसदों ने एनसीपीआई के साथ विलय की घोषणा के बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की और सदन में बैठने की अलग व्यवस्था की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">बागी गुट ने दावा किया कि 20 सांसदों — जो पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों की संख्या का दो-तिहाई से ज़्यादा है — ने इस कदम का समर्थन किया है और वे संसद में राजग का साथ देंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने लोकसभा अध्यक्ष के सामने बागी गुट के दावे को चुनौती दी है। उनका तर्क है कि संविधान और दलबदल विरोधी कानून किसी राजनीतिक पार्टी के भीतर एक अलग गुट को मान्यता देने की इजाज़त नहीं देते हैं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76674/merger-of-rebel-leaders-into-ncpi-is-ridiculous</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76674/merger-of-rebel-leaders-into-ncpi-is-ridiculous</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 10:48:02 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2025-05/tmc.jpg"                         length="42361"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौता हुआ, होर्मुज जलडमरूमध्य खुलेगा: ट्रंप</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: WhiteHouse FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76673/peace-agreement-between-america-and-iran-trump-will-open-the"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-06/peace.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>वॉशिंगटन/दक्षिण भारत।</strong> स्विट्जरलैंड में समझौते पर आमने-सामने दस्तखत करने के बाद, अमेरिका और ईरान ने अपनी 107 दिन की लड़ाई खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य वह संकरा समुद्री रास्ता है जिससे दुनिया भर की तेल आपूर्ति का पांचवां हिस्सा ले जाया जाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर यह घोषणा की, जिससे ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर दबाव कम हुआ। अधिकारियों ने बताया कि शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किए जाएंगे।</p>
<p style="text-align:justify;">ट्रंप ने कहा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई।' उन्होंने आगे कहा कि इससे होर्मुज़ जलडमरूमध्य फिर से खुल जाएगा और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी खत्म हो जाएगी।</p>
<p style="text-align:justify;">संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा का स्वागत किया है। गुटेरेस ने इसे संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक अहम कदम बताया।</p>
<p style="text-align:justify;">उनके प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक के जारी बयान में कहा गया कि गुटेरेस ने उस घोषणा का स्वागत किया है जिसमें कहा गया है कि 'अमेरिका और ईरान एक शांति समझौते पर सहमत हुए हैं। इस समझौते में तुरंत और स्थायी युद्धविराम, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और आगे की बातचीत के लिए एक रूपरेखा तैयार करने की व्यवस्था है।'</p>
<p style="text-align:justify;">डुजारिक ने कहा, 'यह संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में एक अहम कदम है।'</p>
<p style="text-align:justify;">महासचिव ने शांति समझौते तक पहुंचाने वाली बातचीत का समर्थन करने में पाकिस्तान, कतर, मिस्र, सऊदी अरब, तुर्की और क्षेत्र के अन्य देशों की रचनात्मक भूमिका के लिए गहरी सराहना व्यक्त की।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने फिर से कहा कि संयुक्त राष्ट्र एक स्थायी और व्यापक शांति हासिल करने में पक्षों का समर्थन करने के लिए तैयार है।</p>
<p style="text-align:justify;">ईरान के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने सरकारी टेलीविज़न पर समझौते की पुष्टि की, लेकिन कहा कि ईरान इसे तब तक लागू करना शुरू नहीं करेगा जब तक कि शुक्रवार को इस पर हस्ताक्षर न हो जाएं।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76673/peace-agreement-between-america-and-iran-trump-will-open-the</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76673/peace-agreement-between-america-and-iran-trump-will-open-the</guid>
                <pubDate>Mon, 15 Jun 2026 09:42:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-06/peace.jpg"                         length="49267"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>यह नया भारत है, जो सिर्फ़ समाधानों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनमें योगदान देने वाला है: प्रधानमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @BJP4India X account
]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76671/this-is-the-new-india-which-is-not-just-a"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-06/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नीस/दक्षिण भारत।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को फ्रांस के नीस में 'भारत इनोवेट्स' कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं और रणनीतिक साझेदारियां बनाते हैं। हालांकि, कुछ रिश्ते साझा हितों से कहीं आगे बढ़कर होते हैं। वे एक साझा विज़न से प्रेरित होते हैं। भारत और फ्रांस के बीच की साझेदारी इसका एक उदाहरण है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि यह रिश्ता आपसी जुड़ाव और भरोसे पर टिका है। इसकी खासियत है इनोवेशन और प्रेरणा, साथ ही साझा मूल्य और विज़न। इसी आधार पर, हाल के वर्षों में भारत और फ्रांस ने मिलकर नई पहल शुरू की हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि हम दोनों देश हमेशा मिलकर चले हैं। इसी साल में ही भारत-फ्रांस इनोवेशन वर्ष की शुरुआत हुई है। आज मुझे खुशी है कि भारत इनोवेट्स की शुरुआत भी हम फ्रांस के साथ कर रहे हैं। मैं अपने मित्र राष्ट्रपति मैक्रों का इस अवसर पर यहां आने के लिए बहुत-बहुत आभार व्यक्त करता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि 21वीं सदी में भारत में बड़े बदलाव हो रहे हैं। आज देश एक और बड़े बदलाव के लिए तैयार है— सूचना क्रांति से प्रेरित स्टार्टअप क्रांति। आज के दौर में, नए नज़रिए और समाज के भले के लिए मज़बूत संकल्प से लैस भारतीय युवा, मुश्किल चुनौतियों का सामना ऐसे नए और अनोखे समाधानों से कर रहे हैं जिनसे मानवता का भला होता है। 'भारत इनोवेट्स' एक अहम मंच के तौर पर काम करता है, जो हमारे युवा इनोवेटर्स द्वारा तैयार किए गए वर्ल्ड-क्लास समाधानों को दुनिया के सामने लाता है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि इस रिवॉल्यूशन में भारत का नौजवान एक नए माइंडसेट के साथ मानवता के हित में समस्याओं के समाधान ढूंढ रहा है। हमारे नौजवानों के विश्व-स्तरीय समाधान को वैश्विक मंच पर लाने का माध्यम ही है- भारत इनोवेट्स।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि आज मैं गर्व से कह सकता हूं कि यह इनीशिएटिव उसी दिशा में एक कदम है। भारत इनोवेट्स का यह मंच- भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल के बीच एक ब्रिज बन रहा है। एक ऐसा प्लेटफॉर्म्स जहां भारत के यंग माइंड्स को यूरोपियन एक्सपर्टीज से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। आज 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है। आज भारत में एक स्टार्टअप क्रांति हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि आज यहां इतने सारे युवा उद्यमी इकट्ठे हुए हैं। उनकी मौजूदगी में आप भारत की एक झलक देख सकते हैं— एक ऐसा भारत जो आत्मविश्वास और भरपूर ऊर्जा से भरा है। यह एक नया भारत है, जो सिर्फ़ समाधानों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उनमें योगदान देने वाला है। यहां कुछ लोग एआई के ज़रिए ग्रामीण भारत की ज़िंदगी बदलने का काम कर रहे हैं, तो कुछ किसान की मदद के लिए सैटेलाइट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं।<br /> <br />प्रधानमंत्री ने कहा कि आपकी क्षमता को देखते हुए, मैं कहूंगा: भारत बड़े पैमाने पर और तेज़ी से इनोवेशन करता है। भारत एक टिकाऊ भविष्य के लिए इनोवेशन करता है, और भारत पूरी दुनिया के लिए इनोवेशन करता है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

                <link>https://www.dakshinbharat.com/article/76671/this-is-the-new-india-which-is-not-just-a</link>
                <guid>https://www.dakshinbharat.com/article/76671/this-is-the-new-india-which-is-not-just-a</guid>
                <pubDate>Sun, 14 Jun 2026 16:53:58 +0530</pubDate>
                                    <enclosure
                        url="https://www.dakshinbharat.com/media/2026-06/narendra-modi.jpg"                         length="29373"                         type="image/jpeg"  />
                
                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>

            </channel>
        </rss>
        