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                <title>राजनीति - Dakshin Bharat Rashtramat</title>
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                <description>राजनीति RSS Feed</description>
                
                            <item>
                <title>पहले जब हवाईअड्डे बनते थे तो उनके नाम एक ही परिवार के नाम पर चढ़ जाते थे: प्रधानमंत्री </title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @BJP4India X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76930/earlier-when-airports-were-built-they-were-named-after-only"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/pm-narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>भोगापुरम/दक्षिण भारत।</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध प्रदेश के भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू हवाईअड्डे का उद्घाटन किया। साथ ही, विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन नया इतिहास,  नया रिकॉर्ड रचने का भी है। आज एक ओर विकास के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, साथ ही ढिमसा डांस का सास्कृतिक रिकॉर्ड भी रचा गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि 13 हजार से ज्यादा आदिवासी बहनों और बेटियों की प्रस्तुति, उनका उत्साह, उनका अनुशासन और आदिवासी संस्कृति का गौरव... यह दृश्य वाकई अद्भुत था। इसमें देश की विविधता की झलक भी थी, और पीढ़ी दर पीढ़ी सहेजकर रखी गई जनजातीय विरासत भी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि मैं इस प्रस्तुति के लिए आप सभी का, और विशेष रूप से मेरी आदिवासी बहनों-बेटियों का बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्लूरी सीताराम राजू ने जिस धरती पर आदिवासी हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, आज उसी धरती पर आंध्र प्रदेश के एक नए हवाईअड्डे की शुरुआत हो रही है।</p>
<p style="text-align:justify;">यह हवाईअड्डा आंध्र और उत्तर आंध्र की ग्रोथ का रनवे है। यह आंध्र के युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉन्चपैड है। मैं आंध्र प्रदेश के लोगों को, देश के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जब हवाईअड्डे बनते थे, तो उनके नाम एक ही परिवार के नाम पर चढ़ जाते थे। हमने इस परंपरा को बदला। हमने अयोध्या में हवाईअड्डे का नाम वाल्मीकि के नाम से जोड़ा। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमने पंजाब में संत रविदास के नाम से हवाईअड्डे का नाम जोड़ा। केंद्र की राजग सरकार ने यह निर्णय किया है कि इस नए हवाईअड्डे का नाम अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर होगा।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश के एविएशन सेक्टर ने असाधारण प्रगति की है। सन् 2014 तक देश में केवल 74 हवाईअड्डे ऑपरेशनल थे। आज यह संख्या 166 है। एक समय था, जब हवाई उड़ाने सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित थी। राजग सरकार में आज छोटे शहर के साधारण लोग भी फ्लाइट से आ-जा रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि आज देश ब्ल्यू इकोनॉमी को लगातार मजबूत कर रहा है। हमारा विजन है कि यह पूरा क्षेत्र तटीय आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित हो। इसी लक्ष्य के साथ, विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक हमारे पुराने पोर्ट को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा मुलापेटा और रामायापट्टनम में हम नए पोर्ट भी बना रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि हमारे प्रतिभाशाली युवाओं की प्रतिभा का लाभ आंध्र प्रदेश और देश को ज्यादा से ज्यादा मिले, यह आवश्यक है। इसके लिए हमारा फोकस अब सेमीकंडक्टर जैसी फ्यूचरिस्टिक टेक इंडस्ट्री पर है। विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का मंत्र है- इन्वेस्टमेंट से इंप्लॉयमेंट। इसलिए सरकार ने भी अपने तरफ से इन्वेस्टमेंट बढ़ाया है और हम प्राइवेट सेक्टर को भी इन्वेस्टमेंट के लिए प्रेरित कर रहे हैं, क्योंकि जब इन्वेस्टमेंट बढ़ता है तो मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है। मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है तो निर्यात बढ़ता है, और निर्यात बढ़ता है तो रोजगार के नए अवसर बनते हैं। जब रोजगार बढ़ता है तो लोगों की आमदनी बढ़ती है। परिवारों की जिंदगी बेहतर होती है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 15:37:56 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>जंतर-मंतर पर अपनी माता के लिए गलत शब्दों के इस्तेमाल से व्यथित हुए प्रधानमंत्री</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: narendramodi Instagram]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76928/prime-minister-upset-over-using-wrong-words-for-his-mother"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-08/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें इस बात का दु:ख है कि जंतर-मंतर पर उनकी दिवंगत मां के लिए भी अपशब्दों का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने अफ़सोस जताया कि 'हमारी बेटियों' ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, साथ ही उन्होंने 'भटके हुए बच्चों' को माफ़ करने की बात भी कही।</p>
<p style="text-align:justify;">इंस्टाग्राम पर देर रात जारी एक और वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने कहा कि वे समाज में व्याप्त पीड़ा को समझ सकते हैं, लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह युवाओं को अपनाकर उन्हें सही रास्ते पर ले जाने का समय है।</p>
<p style="text-align:justify;">इन टिप्पणियों पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि जब देश प्रधानमंत्री से माफ़ी की मांग कर रहा था, तो उन्होंने इसके बजाय देश को माफ़ कर दिया।</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री के वीडियो और पोस्ट को टैग करते हुए, कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने एक्स पर हिंदी में एक पोस्ट में कहा, 'इसे सुनिए। देश उनसे माफ़ी मांगने को कह रहा है, फिर भी उन्होंने देश को माफ़ कर दिया है।'</p>
<p style="text-align:justify;">अपने वीडियो संदेश में मोदी ने कहा कि वे इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि उनका मन कह रहा था कि जंतर-मंतर पर नीट में कथित गड़बड़ियों के ख़िलाफ़ हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान जो कुछ हुआ, उस पर वे युवाओं से बात करें।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि कुछ 'शरारती बच्चों' ने उन्हें भद्दी गालियां दीं और ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जो सभ्य समाज के लिए ठीक नहीं है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'जंतर-मंतर पर न सिर्फ़ मेरे साथ गाली-गलौज की गई, बल्कि मेरी दिवंगत मां के लिए भी बेहद भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया गया। लेकिन गाली-गलौज से कभी कोई समाधान नहीं निकलता। आइए, जो लोग गुमराह हो गए हैं, उन्हें सही रास्ता दिखाएं।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूं। लोगों से गलतियाँ होती हैं, लेकिन यह जानकर बहुत हैरानी और धक्का लगा कि हमारी बेटियां इतनी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। हमें उन युवाओं को माफ़ कर देना चाहिए जो गुमराह हो गए थे। आख़िरकार, वे हमारे ही बच्चे हैं। उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा फ़र्ज़ है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मैं उन्हें माफ़ करना चाहता हूं। लोगों से गलतियां होती हैं, लेकिन यह जानकर बहुत हैरानी और धक्का लगा कि हमारी बेटियां इतनी अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रही हैं। हमें उन युवाओं को माफ़ कर देना चाहिए जो गुमराह हो गए थे। आख़िरकार, वे हमारे ही बच्चे हैं। उन्हें सही रास्ता दिखाना हमारा फ़र्ज़ है।'</p>
<p style="text-align:justify;">प्रधानमंत्री ने युवाओं से आगे आने और अपनी गलतियों से सीखने की अपील की। ​​उन्होंने कहा, 'हमारा देश आगे बढ़ रहा है और उन्हें भी इसके साथ आगे बढ़ना चाहिए।' मोदी ने कहा कि बचपन में सुधार की गुंजाइश होती है।<br /> <br />उन्होंने कहा, 'इसीलिए मैं समाज की पीड़ा को पूरी तरह समझता हूं ... यह समय इन बच्चों को गले लगाकर सही रास्ता दिखाने का है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Sat, 01 Aug 2026 10:05:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>युवा आपकी सच्चाई जान चुके हैं, अमित शाह से इस्तीफ़ा दिलवाइए: खरगे</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: IndianNationalCongress FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76922/the-youth-have-known-your-truth-kharge-should-get-amit"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-04/mallikarjun-kharge.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शुक्रवार को केंद्र सरकार पर छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और उन्हें जबरन हिरासत में लेने के ज़रिए बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफ़ा लेने की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने कहा कि युवाओं ने इस शर्त पर अपना आंदोलन वापस लिया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन अब भाजपा सरकारें अपनी ही बात से मुकर गई हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने कहा, 'नरेंद्र मोदीजी, 10 दिन पहले आपकी सरकार ने युवाओं पर लाठी, डंडे और पैलेट गन का इस्तेमाल करके कार्रवाई की।' उन्होंने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेतृत्व में 20 जुलाई को हुए 'संसद चलो' मार्च के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई और देश के अन्य हिस्सों में नीट पेपर लीक मामले के खिलाफ विरोध कर रहे छात्र प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई का ज़िक्र किया।</p>
<p style="text-align:justify;">खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया, 'अब जब छात्रों ने अपना विरोध प्रदर्शन वापस ले लिया है, तो आप उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके और उन्हें जबरन हिरासत में रखकर बदले की भावना से काम कर रहे हैं।'<br /> <br />उन्होंने कहा, 'युवाओं ने इस शर्त पर अपना आंदोलन वापस लिया था कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। अब आपकी सरकारें अपनी ही बात से मुकर गई हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं के सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक किए जा रहे हैं और युवतियों को 'डॉक्स' किया जा रहा है।<br /> <br />खरगे ने कहा कि यह 'अहंकार' ही है कि गृह मंत्री अमित शाह संसद भवन में आए तक नहीं और जवाबदेही पर बयान देने से बचते रहे।<br /> <br />खरगे ने कहा, 'अपनी इज़्ज़त बचाने और अपनी छवि को सुरक्षित रखने के ये हथकंडे अब काम नहीं आएंगे। युवा आपके बारे में सच्चाई जान चुके हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा, 'अगर ज़रा भी शर्म बची है तो अमित शाह से इस्तीफ़ा दिलवाइए।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 11:44:58 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, मोदी-शाह इस बात का ध्यान रखें: राहुल गांधी</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: IndianNationalCongress FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76921/rahul-gandhi-should-keep-in-mind-how-modi-shah-treat-the"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-11/rahul-gandhi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर 'जेन ज़ी' को धमकाने का आरोप लगाया और कहा कि ये दोनों 'भारत का अतीत' हैं और उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि देश के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद कराने के पीछे मोदी और शाह का हाथ है।</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी और (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह - आप जेन ज़ी को डरा-धमकाकर चुप नहीं करा सकते हैं।'<br /> <br />उन्होंने कहा, 'पहले तो आपने उनकी हड्डियां तोड़ीं। अब आप एफआईआर दर्ज करवा रहे हैं और उनके अकाउंट बंद करवा रहे हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, इस बात का ध्यान रखें।'</p>
<p style="text-align:justify;">इससे पहले, राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर ​कहा था, 'छात्र न्याय के हकदार हैं। हमारे छात्रों के साथ हुई बर्बरता की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में एक स्वतंत्र और उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया जाना चाहिए।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 10:52:22 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>'ई20 पेट्रोल से फ्यूल इकॉनमी 2 से 6% तक कम हो सकती है'</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @NitinGadkariOfficial YouTube Channel]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76918/e20-petrol-can-reduce-fuel-economy-by-2-to-6"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-04/nitin-gadkari.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने गुरुवार को संसद को बताया कि 20 प्रतिशत इथेनॉल (ई20) मिला हुआ पेट्रोल, गाड़ी की कैटेगरी और उसकी उम्र के आधार पर फ्यूल इकॉनमी को 2 से 6 प्रतिशत तक कम कर सकता है।</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, केंद्रीय मंत्री ने तर्क दिया कि डायनामोमीटर पर इंजन की टिकाऊपन की जांच और सड़क पर वाहन के परीक्षणों में ई20 के कारण कोई खराबी नहीं देखी गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा में एक लिखित जवाब में गडकरी ने कहा कि ई10 ईंधन की तुलना में ई20 ईंधन बेहतर एक्सेलरेशन, बेहतर राइड क्वालिटी और लगभग 30 प्रतिशत कम कार्बन उत्सर्जन देता है।</p>
<p style="text-align:justify;">गडकरी ने कहा कि बीएस-3, बीएस-4 और बीएस-6 ई10 (पेट्रोल) वाले दो-पहिया और चार-पहिया वाहनों पर ई20 के असर का पता लगाने के लिए एआरएआई, एसआईएएम और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) ने मिलकर एक अध्ययन किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा कि इस अध्ययन में संबंधित सर्टिफ़िकेशन ज़रूरतों के हिसाब से स्टैंडर्ड टेस्टिंग और ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफ़ैक्चरर्स के साथ मिलकर तैयार किए गए कस्टमाइज़्ड टेस्ट प्रोटोकॉल शामिल थे।</p>
<p style="text-align:justify;">मंत्री ने कहा, 'गाड़ी की कैटेगरी और उसकी उम्र के आधार पर गाड़ियों की फ्यूल एफिशिएंसी 2 से 6 प्रतिशत तक कम हो सकती है। डायनामोमीटर पर इंजन की ड्यूरेबिलिटी और सड़क पर गाड़ी के टेस्ट में ई20 की वजह से कोई खराबी नहीं देखी गई है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 17:07:44 +0530</pubDate>
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                <title>क्या बांकीपुर में जन सुराज का खाता खोल पाएंगे प्रशांत किशोर?</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @JanSuraaj_ YouTube Channel]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76914/will-prashant-kishor-be-able-to-open-jan-surajs-account"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-10/prashant-kishor2.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>पटना/दक्षिण भारत।</strong> बिहार में बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान गुरुवार सुबह 7 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुआ। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर समेत 26 उम्मीदवारों की किस्मत तय करने के लिए करीब 3.80 लाख मतदाता वोट डालने के पात्र हैं। प्रशांत किशोर इस चुनाव से चुनावी मैदान में उतर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतदान शाम 6 बजे तक जारी रहेगा। मतगणना 3 अगस्त को होगी।</p>
<p style="text-align:justify;">कुछ साल पहले 'जन सुराज पार्टी' शुरू करने वाले किशोर के मैदान में उतरने से, भाजपा के गढ़ रहे इस चुनाव क्षेत्र में मुकाबला बेहद दिलचस्प बन गया है।</p>
<p style="text-align:justify;">अप्रैल में राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी सीट खाली कर दी थी।</p>
<p style="text-align:justify;">नवीन ने पिछले साल नवंबर में लगातार पांचवीं बार विधानसभा सीट जीती थी। उन्होंने राजद की अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी रेखा गुप्ता को 50,000 से ज़्यादा वोटों से हराया था।</p>
<p style="text-align:justify;">अब भाजपा ने युवा नेता नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है। यह पार्टी सन् 1995 से बांकीपुर सीट नहीं हारी है, जब इस निर्वाचन क्षेत्र को 'पटना पश्चिम' के नाम से जाना जाता था।</p>
<p style="text-align:justify;">चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, निर्वाचन क्षेत्र के सभी 422 मतदान केंद्र शहरी इलाकों में स्थित हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">किशोर ने गुरुवार को बिहार पुलिस पर आरोप लगाया कि उसने भाजपा के कहने पर उनके कई समर्थकों को हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को बांकीपुर सीट पर उपचुनाव हारने का डर है।</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Thu, 30 Jul 2026 09:57:21 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>केजरीवाल ने पुरानी गाड़ियों में ई20 ईंधन के इस्तेमाल पर चिंता जताई</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AAPkaArvind FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76911/kejriwal-expressed-concern-over-the-use-of-e20-fuel-in"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/arvind-kejriwal1.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दावा किया कि ऑटोमोबाइल बनाने वाली कंपनियां यह साफ़ तौर पर बताने से हिचकिचा रही हैं कि क्या ई20 फ़्यूल साल 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के लिए सही है? उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर केंद्र सरकार का दबाव है।</p>
<p style="text-align:justify;">एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या साल 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों में ई20 ईंधन का सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है और क्या इस ईंधन से कोई नुकसान होने पर कंपनियां मरम्मत का खर्च उठाएंगी या माइलेज में कमी के लिए ग्राहकों को मुआवजा देंगी?</p>
<p style="text-align:justify;">हालांकि, इन आरोपों पर मैन्युफैक्चरर्स या केंद्र की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। </p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा कि किसी भी कंपनी ने लिखित में जवाब नहीं दिया, लेकिन नौ मैन्युफैक्चरर्स के अधिकारियों ने उन्हें फ़ोन पर बताया कि साल 2023 से पहले बनी गाड़ियों में ई20 ईंधन का इस्तेमाल करने से इंजन, फ़्यूल सिस्टम और माइलेज पर असर पड़ सकता है। हालांकि, वे इस बात को सार्वजनिक रूप से कहने को तैयार नहीं थे।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां लिखित जवाब नहीं दे रही थीं, क्योंकि अगर गाड़ियों में कोई खराबी या माइलेज कम होने की बात सामने आती, तो ग्राहक मुआवज़े की मांग कर सकते थे।</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने आगे दावा किया कि केंद्र चाहता था कि मैन्युफैक्चरर्स यह कहें कि ई20 फ्यूल पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा ई20 ईंधन को बढ़ावा देने पर भी सवाल उठाए और कहा कि साल 2023 से पहले बने लगभग 30 करोड़ वाहन - जिनमें 22 करोड़ दो-पहिया और आठ करोड़ चार-पहिया वाहन शामिल हैं - इससे प्रभावित हो सकते हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">आप प्रमुख ने आगे आरोप लगाया कि इथेनॉल पेट्रोल से ज़्यादा महंगा है, कम कैलोरीफ़िक वैल्यू की वजह से कम माइलेज देता है और इससे किसानों को कोई फ़ायदा नहीं होता। <br /> <br />केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि पुलिस शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ई20 ईंधन पर होने वाले प्रस्तावित नेशनल टाउन हॉल को रद्द करवाने की कोशिश कर रही थी। </p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Wed, 29 Jul 2026 13:57:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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            <item>
                <title>प्रधानमंत्री की फेसबुक पोस्ट हटाए जाने के बाद आईटी मंत्रालय ने मेटा को तलब किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: narendramodi FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76906/it-ministry-summons-meta-after-prime-ministers-facebook-post-was"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/narendra-modi.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने मेटा के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी हेड को तलब किया है। सोशल मीडिया कंपनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की युवाओं के नाम फेसबुक पोस्ट को हटा दिया था। सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।</p>
<p style="text-align:justify;">सूत्रों के मुताबिक, इस मामले को लेकर आईटी मंत्रालय ने मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) के पब्लिक पॉलिसी के ग्लोबल हेड को तलब किया है।</p>
<p style="text-align:justify;">'कॉकरोच जनता पार्टी' की ओर से आयोजित विरोध प्रदर्शन के बीच 23 जुलाई को पोस्ट किए गए इस वीडियो के ज़रिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं तक पहुंचने और पेपर लीक के ख़िलाफ़ सख़्त कदम उठाने का वादा किया था। <br /> <br />मेटा के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंटेंट को गलती से हटा दिया गया था और अब उसे प्लेटफ़ॉर्म पर वापस बहाल कर दिया गया है। प्रवक्ता ने कहा, 'कंटेंट गलती से हटा दिया गया था और अब उसे बहाल कर दिया गया है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 13:22:50 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>केजरीवाल ने पूछा- बिहार में छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं, क्या ये आतंकवादी हैं?</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: AAPkaArvind FB Page]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76903/kejriwal-asked-bullets-were-fired-with-ak-47-on-students-in"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2025-02/arvind-kejriwal.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को भाजपा की आलोचना की। उन्होंने बिहार के सिवान ज़िले में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एके-47 राइफ़ल से गोली चलाने के आरोपों को लेकर सरकार से तीखे सवाल किए। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ आतंकवादियों जैसा व्यवहार नहीं किया जाना चाहिए।</p>
<p style="text-align:justify;">सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर सिवान में 25 जुलाई को परीक्षा में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस कॉन्स्टेबल एके-47 राइफल का इस्तेमाल करते हुए दिख रहा है। कॉन्स्टेबल को सोमवार को निलंबित कर दिया गया।<br /> <br />केजरीवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'आख़िर भाजपा को क्या हो गया है? बिहार में हमारे छात्रों पर एके-47 से गोलियां चलाई गईं। क्या ये छात्र आतंकवादी हैं?'</p>
<p style="text-align:justify;">केजरीवाल ने कहा, 'मैं मोदी-सम्राट को याद दिलाना चाहता हूं- लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार की धरती से नारा लगा था- 'सिंहासन ख़ाली करो कि जनता आती है। कृपया छात्रों से पंगा न लें।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 10:59:49 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
            <item>
                <title>गांधीजी का रास्ता आज भी उतना ही प्रासंगिक है, जितना 100 साल पहले था: सोनम वांगचुक</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: wangchuksworld Instagram]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76900/gandhijis-path-is-as-relevant-today-as-it-was-100"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/sonam.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को कहा कि हाल में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि महात्मा गांधी के तरीके आज भी प्रासंगिक हैं। </p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने यह भी साफ़ किया कि केंद्रीय मंत्रियों का उनकी भूख हड़ताल खत्म करवाने में मदद करना केंद्र सरकार द्वारा उनकी मांगों को स्वीकार करने का संकेत था, न कि किसी तरह का राजनीतिक समर्थन।</p>
<p style="text-align:justify;">राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद वांगचुक ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जेपी नड्डा की मौजूदगी में अपना 26 दिन का अनशन खत्म करने पर उनकी जो आलोचना हुई, वह लद्दाखी परंपराओं को गलत समझने की वजह से थी।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'मैं बापू (महात्मा गांधी) को श्रद्धांजलि देना चाहता था। उनका रास्ता आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना 100 साल पहले था। यह प्रयोग आज सफल है।'</p>
<p style="text-align:justify;">इस विवाद के बारे में बताते हुए वांगचुक ने कहा कि लद्दाख में जब सरकार का कोई प्रतिनिधि या वरिष्ठ नेता किसी प्रदर्शनकारी का अनशन तुड़वाता है, तो इसे इस बात का संकेत माना जाता है कि सरकार उनकी मांगें मान गई है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'लद्दाख में जब विरोध प्रदर्शन होते हैं, तो माना जाता है कि अगर सरकार का कोई प्रतिनिधि या कोई बड़ा नेता आपका अनशन तुड़वाए, तो इसे जीत माना जाता है। वे आपको खाना खिलाते हुए आपके सामने झुकते हैं। जब ऐसा नहीं हो पाता, तो हम किसी बच्चे या बुज़ुर्ग के हाथों अपना अनशन तोड़ते हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">लद्दाख में पहले हुए विरोध प्रदर्शनों को याद करते हुए वांगचुक ने कहा कि लद्दाख भवन में एक आंदोलन के दौरान सरकार के एक सचिव ने अपना अनशन खत्म किया था, जबकि लेह में एक बच्चे ने अपना 21 दिन का अनशन इसलिए तोड़ दिया था क्योंकि सरकार का कोई प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा था।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'लद्दाख में इसे जीत माना जाता है, हो सकता है दिल्ली में यह अलग हो।'</p>
<p style="text-align:justify;">महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए वांगचुक ने कहा कि इस आंदोलन ने एक बार फिर गांधीजी के अहिंसक प्रतिरोध के दर्शन की स्थायी प्रासंगिकता को साबित कर दिया है।</p>
<p style="text-align:justify;">उन्होंने कहा, 'लोग कहते रहे कि ऐसे हथकंडे इस सरकार पर काम नहीं करेंगे। मेरा मानना ​​है कि असल बात लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की है, और आखिरकार हर सरकार लोगों की बात सुनती है।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 18:18:51 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
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                <title>छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ़ विपक्ष ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @INCIndia X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76898/opposition-protested-in-parliament-complex-against-police-action-on-students"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/india.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>नई दिल्ली/दक्षिण भारत।</strong> संसद भवन परिसर में सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और गृह मंत्री अमित शाह से माफ़ी की मांग की।</p>
<p style="text-align:justify;">कई सांसदों ने प्लेकार्ड और एक बड़ा बैनर लेकर संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नारे लगाए और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों को लेकर गृह मंत्री से जवाब मांगा।<br /> <br />राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के अलावा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणकां की महुआ मोइत्रा और जेएमएम की महुआ माजी सहित अन्य लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।</p>
<p style="text-align:justify;">बाद में, द्रमुक सांसदों ने चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए होने वाली नीट पर रोक लगाने की मांग करते हुए अलग से विरोध प्रदर्शन किया। <br /> <br />कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में सरकार पर दबाव बनाए रखने की तैयारी में है। उसके नेता छात्रों पर हुए हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व शाह से माफ़ी की मांग कर रहे हैं।</p>
<p style="text-align:justify;">लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शाह को पत्र लिखकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों पर हुए 'बर्बर हमले' के लिए जवाबदेही की मांग की है और मंत्री से पूछा कि क्या उन्होंने पैलेट गन समेत 'जानलेवा बल' के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी थी?</p>
<p style="text-align:justify;">राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि किसी भी लोकतंत्र के लिए शांतिपूर्ण विरोध ज़रूरी है और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा करना तथा बातचीत के ज़रिए उनकी शिकायतों का समाधान करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।<br /> <br />राहुल गांधी ने कहा, 'इस तरह की बर्बर हिंसा हर नियम-कानून को खत्म कर देती है और इसने देश को झकझोर कर रख दिया है। देश का भविष्य माने जाने वाले युवा और छात्र जवाब और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनकी आवाज़ सुनी जाएगी।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 13:11:39 +0530</pubDate>
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                                    <dc:creator><![CDATA[News Desk]]></dc:creator>
                            </item>
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                <title>कॉकरोच जनता पार्टी के बाद आ गई ई20 जनता पार्टी!</title>
                                    <description><![CDATA[Photo: @E20Party X account]]></description>
                
                                    <content:encoded><![CDATA[<a href="https://www.dakshinbharat.com/article/76897/after-cockroach-janata-party-came-e20-janata-party"><img src="https://www.dakshinbharat.com/media/400/2026-07/e20-janta-party.jpg" alt=""></a><br /><p style="text-align:justify;"><strong>दिल्ली/दक्षिण भारत। </strong>कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) नीट-यूजी पेपर लीक का मुद्दा जोर-शोर से उठाकर सुर्खियों में आ गई। उसके विरोध प्रदर्शन के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। अब एक और पार्टी मैदान में आ गई है। उसका नाम है- ई20 जनता पार्टी।</p>
<p style="text-align:justify;">इस पार्टी की लोकप्रियता सोशल मीडिया पर तेजी से बढ़ती जा रही है। बड़ी संख्या में लोग इससे जुड़ रहे हैं। उसने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा, 'ई20 जनता पार्टी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा, 'हम नागरिकों का एक स्वतंत्र आंदोलन हैं, जो आम लोगों को प्रभावित करने वाले मुद्दों को उठाने पर केंद्रित है।' उसने कहा, 'हमारा एकमात्र एजेंडा पारदर्शिता सुनिश्चित करना, उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना और भारत की ई20 (20 प्रतिशत इथेनॉल-मिश्रित पेट्रोल) नीति के वास्तविक असर पर खुली सार्वजनिक चर्चा को बढ़ावा देना है।'</p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा, 'हम किसी भी राजनीतिक पार्टी का समर्थन या पक्षपात नहीं करते हैं। हमारा समर्थन लोगों के लिए है, न कि किसी राजनीतिक विचारधारा के लिए।'</p>
<p style="text-align:justify;">उसने कहा, 'कृपया इस बात की अफ़वाहों पर ध्यान न दें कि इस आंदोलन के पीछे कौन है या इसे कहां से चलाया जा रहा है? ऐसी अटकलें असल मुद्दे से ध्यान भटकाती हैं।'</p>
<p style="text-align:justify;">ई20 जनता पार्टी ने कहा, 'हमारी मांग सीधी-सीधी है: जवाबदेही, पारदर्शिता और उपभोक्ताओं की बात सुने जाने का अधिकार।'</p>]]></content:encoded>
                
                                                            <category>भारत</category>
                                            <category>राजनीति</category>
                                            <category>देश</category>
                                    

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                <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 11:19:01 +0530</pubDate>
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