सांकेतिक चित्र
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नई दिल्ली/भाषा। वित्तीय कारोबार करने वाली कंपनी यूबीएस का अनुमान है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर नरमी के इस दौर में अपना निम्नतम स्तर जून में समाप्त तिमाही में देख चुकी है। अब इसमें यहां से सुधार की प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है।

देश की वित्तीय स्थिति पर कंपनी की ताजा रिपोर्ट यूबीएस इंडिया फाइनेंशियल कंडीशंस इंडेक्स में कहा गया था कि वृद्धि दर में गिरावट संभवत: जून तिमाही में अपनी तलहटी को छू चुकी है।

सर्वेक्षण पर आधारित इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की धीमी आर्थिक वृद्धि से देश में मांग और पूंजीगत निवेश गिरा है तथा कंपनियों के निर्यात की संभावनाएं प्रभावित हुई हैं। सर्वेक्षण रिपोर्ट में कहा गया है कि आगे वृद्धि दर में सुधार में कुछ लंबा समय लगेगा और आगे की वृद्धि दर बाजार के अनुमानों से कम रह सकती है।

यूबीएस एबीडेंस लैब सर्वेक्षण में कंपनियों के 267 मुख्य कार्यकारियों और मुख्य वित्त अधिकारियों की राय ली गई है। यह सर्वेक्षण जुलाई 2019 में किया गया। भारत की आर्थिक वृद्धि दर जून तिमाही में घट कर 5 प्रतिशत पर आ गई। यह छह साल की न्यूनतम दर है।

सर्वेक्षण में 50 प्रतिशत कंपनी-अधिकारियों ने कहा कि अगले 12 महीने तक में वृद्धि ज्यादा से ज्यादा 10 प्रतिशत तक सीमित रहेगी जो ‘मध्यम’ कही जा सकती है।