केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली/भाषा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संकटग्रस्त पंजाब एंड महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव (पीएमसी) बैंक के खाताधारकों की परेशानियों को लेकर रिजर्व बैंक गवर्नर से बात की। सीतारमण ने बताया कि रिजर्व बैंक गवर्नर ने पीएमसी बैंक के खाताधारकों की समस्या का सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समाधान का भरोसा दिया है।

पीएमसी बैंक में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आने के बाद केंद्रीय बैंक ने इस बैंक के ग्राहकों के लिए नकद निकासी की सीमा तय करने के साथ ही बैंक पर कई तरह के अन्य प्रतिबंध लगा दिए। हाल ही में, रिजर्व बैंक ने ग्राहकों को राहत देते हुए निकासी की सीमा को बढ़ाकर 25,000 रुपए कर दिया।

सीतारमण ने ट्वीट कर कहा, पीएमसी बैंक मामले को लेकर आरबीआई गवर्नर से बात की। उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि ग्राहकों और उनकी चिंताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। मैं दोहराना चाहती हूं कि वित्त मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा कि ग्राहकों की चिंताओं पर गौर किया जाएगा और उनका व्यापक रूप से समाधान होगा। हम ग्राहकों की उचित चिंताओं को समझते हैं।

इस सप्ताह की शुरुआत में वित्त मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा था, पीएमसी बैंक घोटाले मामले से वित्त मंत्रालय का सीधे तौर पर कोई लेना-देना नहीं है क्योंकि आरबीआई इस क्षेत्र का नियामक है। मगर अपनी तरफ से, इस मामले में क्या हो रहा है और इस बारे में विस्तार से अध्ययन करने के लिए मैंने अपने मंत्रालय के सचिवों से ग्रामीण विकास मंत्रालय और शहरी विकास मंत्रालय के साथ मिलकर काम करने को कहा है।

साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि सहकारी बैंकों का संचालन बेहतर बनाने के लिये संसद के शीतकालीन सत्र में विधेयक लाया जाएगा। पीएमसी बैंक ने कथित तौर पर दिवालिया होने के कगार पर पहुंची कंपनी एचडीआईएल को बड़ी रकम कर्ज पर दी। बैंक के 9,000 करोड़ रुपए के कुल कर्ज का करीब 70 प्रतिशत अग्रिम अकेले एचडीआईएल को दिया गया। इसका पीएमसी बैंक की स्थिति पर बुरा असर पड़ा।