नयी दिल्ली/भाषा
अर्थव्यवस्था की रफ्तार बढ़ाने और मांग की कमी से जूझ रहे वाहन उद्योग की मदद के लिए शुक्रवार को सरकार आगे आयी। उद्योग ने सरकार द्वारा उठाए गए इन कदमों का स्वागत किया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को वाहन उद्योग की मदद के लिए कई उपाय किए। इसमें 31 मार्च 2020 तक खरीदे गए सभी भारत स्टेज-चार मानक वाले वाहन अपनी पंजीकरण अवधि तक मान्य रहने, वाहन कर्ज सस्ता करने और कबाड़ नीति लाने समेत विभिन्न कदम शामिल हैं।
वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम ने इन सभी कदमों का स्वागत किया। सियाम के अध्यक्ष राजन वढेरा ने इसे जीएसटी दरों में कटौती के बाद वित्त मंत्री की ओर से दी गयी अगली राहत बताया है। उन्होंने एक बयान में कहा कि उद्योग जगत तहे दिल से इन कदमों का स्वागत करता है। उसके साथ चर्चा के बाद सरकार ने दो हफ्ते से भी कम समय में कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने कई राहत उपाय की घोषणा की है।
उन्होंने कहा कि खुदरा कर्ज को सस्ता बनाना और डीलरों का वित्त पोषण करना उद्योग की सबसे बड़ी चिंता थी। सरकार की शुक्रवार को की गयी घोषणाएं पर्याप्त तौर पर इन समस्याओं का निराकरण करती हैं। मारुति सुजुकी इंडिया के चेयरमैन आर. सी. भार्गव ने पीटीआई-भाषा से कहा कि पूर्ण तौर पर यह राहत उपाय अर्थव्यवस्था को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचाने वाले हैं, यह वास्तविक परिचालनात्मक मुद्दों को समाधान करेंगे। अर्थव्यवस्था को अगर लाभ मिलता है तो वाहन क्षेत्र को भी फायदा होगा।
महिंद्रा एंड महिंद्रा के प्रबंध निदेशक पवन गोयनका ने कहा कि आज (शुक्रवार) की घोषणाएं धारणा को बेहतर बनाने के लिए लंबी दूरी तय करेंगी। यह दिखाता है कि सरकार उद्योग की सुन रही है। टीवीएस मोटर्स के चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन ने कहा कि ये कदम उद्योग जिसकी मांग कर रहा था वही तात्कालिक राहत है।