कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडे
कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडे

बीड (महाराष्ट्र)/दक्षिण भारत। महाराष्ट्र के बीड में प्लास्टिक की रोकथाम और नियम पालन से जुड़ा अनोखा मामला सामने आया है। यहां कलेक्टर ने खुद पर ही पांच हजार रुपए का जुर्माना लगा दिया। इसके बाद यह घटना सोशल मीडिया पर खूब शेयर की जा रही है। साथ ही कलेक्टर आस्तिक कुमार पांडे की तारीफ भी हो रही है।

बता दें कि महाराष्ट्र में पिछले साल से ही प्लास्टिक की पाबंदी को लेकर सख्त कानून लागू हैं। इसके बावजूद प्रतिबंधित प्लास्टिक का इस्तेमाल कई जगह देखा जा सकता है। इसी सिलसिले में जब कलेक्टर के सामने प्लास्टिक कप में चाय पेश की गई तो उन्होंने इसे गंभीरता से लिया और खुद पर जुर्माना लगा दिया।

पत्रकार ने किया सवाल, मानी गलती
जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन ने सोमवार को एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया था। उस रोज वहां महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से जिन प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस लिए, उनकी घोषणा की जानी थी। वहां मौजूद पत्रकारों को प्लास्टिक के कप में चाय पेश की गई। एक पत्रकार ने कलेक्टर का ध्यान इस ओर दिलाया और सवाल पूछा।

कलेक्टर आस्तिक पांडे ने इसे स्पष्ट रूप से गलत माना और खुद पर जुर्माना लगा दिया। वहीं, प्रेसवार्ता संपन्न होने के बाद उन्होंने कार्यालय के अधिकारियों को फटकार लगाई। बताया गया है कि पिछले आठ दिनों में यहां इस तरह का यह दूसरा मामला सामने आया है। पूर्व में जब एक प्रत्याशी अपना नामांकन दर्ज कराने आया तो उसने जमानत राशि प्लास्टिक के थैले में रखी थी। बाद में उस पर पांच हजार का जुर्माना लगाया गया।

जब कलेक्टर ने उठाई झाड़ू
गौरतलब है कि पिछले साल सितंबर में भी आस्तिक पांडे चर्चा में आए थे। उस समय ये अकोला के कलेक्टर थे। एक दिन वे लोक निर्माण विभाग के दफ्तर का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। वहां दीवारें पान-गुटखे की पीक से सनी हुई थीं। अधिकारियों और कर्मचारियों को इसकी कोई परवाह नहीं थी।

दीवारों की यह हालत देख कलेक्टर ने पानी की बाल्टी और कपड़ा मंगवाया। इसके बाद वे सफाई करने में जुट गए। कलेक्टर को सफाई करते देख वहां मौजूद कर्मचारी शर्मिंदगी महसूस करने लगे और उनका हाथ बंटाने लगे। कलेक्टर ने भवन के एक कोने में गोबर पड़ा देखा तो झाड़ू लेकर उसे साफ किया। इस दौरान कर्मचारी उन्हें देखते रहे।

सराहनीय कार्यों के लिए हो चुके हैं सम्मानित
आस्तिक पांडे उत्तर प्रदेश के गोंडा से हैं। वे 2011 बैच के महाराष्‍ट्र कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने एप के जरिए जलगांव को महाराष्ट्र की हाईटेक जिला परिषद बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वे स्कूलों में ऑनलाइन हाजिरी, डिजिटल प्रोजेक्टर जैसे प्रयोग कर चुके हैं। उन्हें महाराष्ट्र के मुख्‍यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी सम्‍मानित कर चुके हैं।