राकांपा अध्यक्ष शरद पवार
राकांपा अध्यक्ष शरद पवार

मुंबई/दक्षिण भारत। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद अब तक सरकार गठन न होने और भाजपा-शिवसेना के बीच कोई सहमति नहीं बन पाने की सूरत में ऐसी चर्चा है कि राकांपा (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दरअसल राकांपा के बारे में कहा जा रहा है कि भाजपा को सत्ता से दूर रखने के लिए वह शिवसेना के पक्ष में आ सकती है।

वहीं, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पार्टी विपक्ष में बैठेगी। उन्होंने चुनाव नतीजों के आधार पर कहा कि जनता ने राकांपा को विपक्ष में बैठने के लिए कहा है और पार्टी यही करेगी।

शरद पवार ने कहा कि हमारे पास स्पष्ट बहुमत नहीं है। जनता ने हमें विपक्ष में बैठने को कहा है। उन्होंने बताया, हम उस जनादेश को स्वीकार करते हैं और ध्यान रखेंगे कि अपनी भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाएं।

बता दें कि शरद पवार से पहले अजीत पवार ने भी कहा था कि राकांपा और सहयोगी दल विपक्ष में बैठेंगे। उन्होंने कहा था कि चुनाव नतीजों से साफ है कि हमें विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है और हम ऐसा ही करेंगे।

इस बीच, सोशल मीडिया में ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवसेना और राकांपा महाराष्ट्र में सरकार बनाएंगी। वहीं, कांग्रेस उन्हें बाहर से समर्थन देगी। हालांकि अब राकांपा नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि वह सरकार बनाने में शामिल नहीं होगा।

50:50 फॉर्मूले ने अटकाई बात
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा और शिवसेना गठबंधन को सरकार बनाने के लिए बहुमत मिल चुका है, लेकिन शिवसेना 50:50 फॉर्मूला लागू करने पर अड़ी हुई है। इसके तहत ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री शिवसेना से और बाकी ढाई साल के लिए भाजपा से होना चाहिए। भाजपा इस फॉर्मूले से असहमति जता चुकी है।

विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 105 और शिवसेना ने 56 सीटें जीती हैं। वहीं, राकांपा ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीती हैं। अपनी मांगें मनवाने के लिए शिवसेना की ओर से भाजपा पर तीखे हमले जारी हैं। शरद पवार ने इस घटनाक्रम को बचकाना करार दिया है। पवार ने कहा कि लोगों ने उन्हें (भाजपा-शिवसेना) सरकार बनाने का मौका दिया है। लिहाजा इसका इस्तेमाल करना चाहिए।