इसरो अध्यक्ष के. शिवन
इसरो अध्यक्ष के. शिवन

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। ‘मैं सबसे पहले एक भारतीय हूं..।’ इस उत्तर के साथ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष डॉ. के. सिवन ने करोड़ों देशवासियों का दिल जीत लिया। एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार के दौरान उनसे पूछा गया, ‘बतौर एक तमिल, इतना बड़ा मुकाम हासिल करने के बाद आप तमिलनाडु के लोगों से क्या कहना चाहते हैं?’

इस पर डॉ. सिवन ने कहा, ‘मैं एक भारतीय के तौर पर इसरो में शामिल हुआ। इसरो एक ऐसी जगह है जहां सभी क्षेत्रों और भाषाओं के लोग काम करते हैं और योगदान करते हैं। मैं अपने भाइयों का आभारी हूं जो (मुझसे जुड़े कार्य को लेकर) खुशी मनाते हैं।

सिवन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी तादाद में यूजर्स ने उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया। आकाश नामक एक यूजर ने टिप्पणी की, ‘मैं बिहार से हूं और हर भारतीय की तरह मुझे भी डॉ. सिवन पर गर्व है। यह मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता कि वे किस राज्य से संबंधित हैं, किस धर्म का पालन करते हैं या कौनसी भाषा बोलते हैं। मेरे लिए वे एक विश्व प्रसिद्ध अंतरिक्ष एजेंसी के एक ईमानदार और मेहनती अध्यक्ष हैं। वे हमारे राष्ट्रीय नायक हैं।’

बता दें कि डॉ. सिवन का जन्म तमिलनाडु के कन्याकुमारी जिले में स्थित मेला सरक्कलविलाई में हुआ था। उनके पिता किसान थे। विद्यार्थी जीवन से ही अत्यंत प्रतिभाशाली सिवन ने परिवार के अल्प संसाधनों के बावजूद वैमानिकी इंजीनियरिंग में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलूरु से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में डिग्री ली। फिर आईआईटी, मुंबई से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में पीएचडी की।

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