भाजपा सांसद अनंत हेगड़े एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
भाजपा सांसद अनंत हेगड़े एवं महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस

बेंगलूरु/मुंबई/दक्षिण भारत। कर्नाटक से भाजपा सांसद अनंत हेगड़े द्वारा केंद्रीय निधि को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा ने कहा है कि पूरे मामले ने एक फर्जी मैसेज के कारण तूल पकड़ा, जो पार्टी सांसद तक भी पहुंचा था। भाजपा का कहना है​ कि यह झूठा मैसेज मुंबई में प्रसारित हो रहा था।

बता दें कि अनंत हेगड़े ने दावा किया था कि महाराष्ट्र में भाजपा ने 40 हजार करोड़ रुपए की केंद्रीय निधि को बचाने के लिए बहुमत न होने के बावजूद देवेंद्र फडणवीस को मुख्यमंत्री बनाया था। हेगड़े के इस बयान पर सियासी हलकों में बवाल मचा तो स्वयं फडणवीस आगे आए और उन्होंने हेगड़े के दावों को खारिज किया।

फडणवीस ने कहा कि उन्होंने कथित तौर पर 40 हजार करोड़ रुपए की केंद्रीय निधि बचाने के लिए मुख्यमंत्री पद की शपथ नहीं ली थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि न तो केंद्र सरकार ने इस राशि को वापस लौटाने की कोई मांग की थी और न ही उनके कुछ घंटे की सरकार के सत्ता में रहने के दौरान यह राशि लौटाई गई।

फडणवीस ने केंद्रीय निधि संबंधी हेगड़े के दावे को बिल्कुल गलत बताते हुए खारिज किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की एक कंपनी बुलेट ट्रेन परियोजना ला रही है। इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार की भूमिका जमीन के अधिग्रहण तक रहेगी। उन्होंने साफ किया कि केंद्र सरकार ने उनसे किसी भी कोष की मांग नहीं की और न ही महाराष्ट्र सरकार द्वारा इसे लौटाया गया।

उल्लेखनीय है कि अनंत हेगड़े ने महाराष्ट्र में पिछले दिनों हुई सियासी हलचल पर कहा था कि हमारा आदमी 80 घंटे के लिए मुख्यमंत्री बना.. इसके बाद इस्तीफा दे दिया। क्या हमें पता नहीं था कि बहुमत नहीं है, फिर भी वे सीएम बने। बाद में उन्होंने कहा कि अगर 40 हजार करोड़ रुपए की यह कथित राशि शिवसेना-कांग्रेस-राकांपा के गठबंधन वाली सरकार के पास जाती तो इसका दुरुपयोग होता। हालांकि अब भाजपा ने ही उनके दावे को खारिज कर दिया है।