वाहन में सवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग
वाहन में सवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग

चेन्नई/दक्षिण भारत। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के मामल्लपुरम दौरे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। सुरक्षा इंतजाम इस स्तर के थे कि पुलिस के पास राष्ट्रपति के होटल से चेन्नई एयरपोर्ट तक के हर जर्रे-जर्रे की 3डी विजुअल जानकारी थी। यहां तक कि रास्ते में आनेवाले चट्टानों की भी पूरी जानकारी सुरक्षा टीम के पास थी।

अन्ना यूनिवर्सिटी द्वारा डिजायन किए गए 4 ड्रोन्स के जरिए 50 किमी. के रास्ते की निगरानी के इंतजाम किए गए। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सुरक्षा इंतजाम के बारे में कहा, ‘फिक्स्ड विंग ड्रोन्स के जरिए 3 सेमी. तक के रेजोल्यूशन पर हमारी नजर थी जबकि गूगल स्ट्रीट व्यू मैप का रेजोल्यूशन 60 सेमी. तक होता है।’ सुरक्षा के लिए इलाके की छोटी से छोटी डिटेल पर नजर रखी गई थी।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ड्रोन्स के जरिए सुरक्षा का अर्थ है कि ऐसी कोई भी चीज जो 3 सेमी. के दायरे में आती है वह भी ड्रोन्स कैमरे के जरिए हमारी निगरानी में थी। सुरक्षा की मुस्तैदी इससे समझी जा सकती है कि एक कार के अंदर मौजूद हर छोटी से छोटी चीजों की भी तस्वीर सुरक्षा बलों के पास थी। एरियल सर्विलांस के साथ ही 6 और क्वॉडकॉप्टर ड्रोन्स सुरक्षा के लिए तैनात थे जिनके जरिए विजुअल्स की लाइव फीड पुलिस कंट्रोल रूम पहुंच रही थी।

तमिलनाडु की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) पुलिस कंट्रोल रूम सुरक्षा व्यवस्था का नेतृत्व कर रही थी। अन्ना यूनिवर्सिटी के रिसर्च करनेवाले छात्रों को यह ट्रेनिंग देने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, छात्रों को भी आखिरी मौके तक नहीं पता था कि यह सारा इंतजाम चीनी राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत 30 हजार से अधिक 14 मेगापिक्सल की हाई रेजोल्यूशन तस्वीरें 10 दिनों तक लगातार 100 मीटर की ऊंचाई से खींची गई। एक बैक एंड टीम ने इन सबको जोड़कर ऑर्थो मैप या डिजिटल सरफेस मैप तैयार किया। बाद में इन तस्वीरों को 3डी विजुअल में कन्वर्ट किया गया और इन्हें मोबाइल ऐप में फीड किया गया, जिसका प्रयोग सिर्फ सिक्यॉरिटी टीम ही कर सकती थी।

सेंटर फॉर एयरोस्पेस रिसर्च के सेंथिल कुमार ने कहा कि इससे पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील स्थानों की पहचान करने में मदद मिली। उन जगहों पर खास तौर पर पुलिस ने व्यक्तिगत स्तर पर सुरक्षा का मुआयना किया। एक सूत्र ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों की नियुक्ति स्टेशन के टेरेस पर पूरे रास्ते में की गई। इसके साथ ही मेट्रो रेल स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा का इंतजाम था। 4 डीजीपी रैंक के अधिकारी, 16 एसपी रैंक और 10,000 सुरक्षाकर्मियों को महत्वपूर्ण दौरे की सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया।