लखनऊ/दक्षिण भारत। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने एक बार फिर अपने भतीजे आकाश आनंद के अधिकारों में कटौती कर दी है। पार्टी द्वारा जारी की गई सूचना के अनुसार, मायावती ने कहा कि बसपा के जन्मदाता एवं संस्थापक कांशीराम के संकल्प व समर्पण की तरह ही, मेरे लिए भी 'बहुजन समाज’ का हित, कल्याण और उसकी अस्मिता अर्थात् पार्टी व मूवमेंट द्वारा 'शोषित वर्ग को शासक वर्ग’ बनाने का मिशनरी लक्ष्य सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा कि इस महान लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निजी तौर पर मेरा न तो कोई अपना है और न ही पराया है। जो भी बसपा व बहुजनों के हित के काम करेगा, उसका स्वागत व आभार भी है। इसीलिए जिस प्रकार कांशीराम ने अपने परिवार के लोगों और अन्य रिश्तों-नातों आदि को पार्टी कार्य में सहयोग करने की छूट तो दी थी, लेकिन उन्हें चुनाव लड़ाने या सरकार बनने पर कोई भी पद आदि देने के वे खिलाफ थे।
मायावती ने कहा कि उसी प्रकार से उस संकल्प पर मैं भी पूरी तरह से क़ायम हूं। जिस पर अमल करते हुए ही मैंने आकाश आनंद को पार्टी में कार्य करने की तो इजाज़त दी है, जो हक़ीकत आप सभी लोगों के सामने है, लेकिन इस मामले में आकाश आनंद को अभी और अधिक परिपक्व/मैच्योर होने की जरूरत है।
मायावती ने कहा कि तब तक इनको पार्टी की अभी बड़ी ज़िम्मेदारी देना उचित नहीं होगा, जो कि विरोधियों के साम, दाम, दंड, भेद आदि हथकंडों को इस्तेमाल करके चुनाव में हानि पहुंचाने से बचने के लिए भी समय की ज़रूरत है।