नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखकर हल्द्वानी में हुई कथित शुद्धीकरण की घटना पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। खरगे ने नड्डा को याद दिलाया है कि उन्होंने सदन में कहा था कि इस घटना के संबंध में कार्रवाई की जाएगी, लेकिन 24 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
खरगे ने नड्डा को संबोधित करते हुए लिखा, 'आपको याद होगा कि 13 अगस्त को राज्यसभा में बहुत दु:ख और पीड़ा के साथ, मैने हल्द्वानी में हुई मेरी 8 अगस्त की जनसभा के बाद छुआछूत जनित शुद्धीकरण का मुद्दा उठाया था।'
खरगे ने लिखा, 'मेरे द्वारा किए गए इस हस्तक्षेप पर सदन में आपने खड़े होकर कहा था कि 'सर, माननीय खरगेजी ने जो कहा है, वह सच में बहुत ही दुखदायी विषय है। यह सिर्फ कांग्रेस पार्टी के लिए दुखदायी नहीं है, बल्कि यह हम सबके लिए दुखदायी है। जो भी बात हुई है, उसकी तहकीकात जरूर होगी। मैं कहना चाहता हूं कि इस तरह की एक्टिविटी को भारतीय जनता पार्टी कभी भी सपोर्ट नहीं करती है। मैं इसकी भर्त्सना करता हूं और राष्ट्रीय अध्यक्ष भी इसको गहराई से देखेंगे। आपकी भावनाओं को जो ठेस पहुंची है, वह हम सब के लिए खेद का विषय है।'
खरगे ने लिखा, 'आपने कहा था कि जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभापति ने भी इस घटना पर दुख प्रकट किया था, लेकिन मुझे हैरानी है कि इस घटना के 24 दिन बीत जाने के बाद भी संबंधित संगठन और व्यक्तियों पर एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई है।'
खरगे ने लिखा, 'इस प्रकरण की सबसे आपत्तिजनक बात यह थी कि रामलीला मैदान के उस स्थल पर, जहां मैने रैली को संबोधित किया था, वहां पर भारत के संविधान की भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत शुद्धीकरण कराया गया। यह आम तौर पर सभी समझते हैं कि शुद्धीकरण की प्रक्रिया सीधे-सीधे छुआछूत से जुड़ी है। ऐसे अनेक उदाहरण हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने महाड़ आंदोलन में तालाब से पानी पिया था, तब भी जातीय दंभ से भरे लोगों ने 108 घड़े गोमूत्र और गोबर डाल कर मंत्रोच्चार के साथ शुद्धीकरण किया था। सिर्फ मंत्रोच्चार या हवन करने से शुद्धीकरण की जातिवादी प्रक्रिया पावन नहीं हो जाती है।'
खरगे ने लिखा, 'मैं इस बात को स्पष्टता से कहना चाहूंगा कि यह मुद्दा निजी तौर पर मेरे या भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष पद से परे व्यापक तौर पर करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है जो इस क्रूर वास्तविकता से रोज रूबरू होते रहते हैं। ऐसे गलत लोगों को सबक देना जरूरी है। इसलिए यह रोष मेरा नहीं, बल्कि ऐसे करोड़ो लोगों की अभिव्यक्ति है। यह ऐसी मानसिकता का मुद्दा है, जिससे समाज का एक तबका सीधे जुड़ा है। इस कारण से मैने सदन में सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के लिए इस मुद्दे को उठाया था।'
खरगे ने लिखा, 'मैं फिर आपसे आग्रह करता हूं कि इन तथ्यों और राज्यसभा में दिए गए आश्वासन के आलोक में आप, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को निर्देशित करते हुए यह सुनिश्चित करें कि हल्द्वानी में मेरी जनसभा के बाद रामलीला मैदान पर हुए शुद्धीकरण की घटना में संलिप्त व्यक्तियों और संगठनों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करें।'