जातिवादी मानसिकता के ख़िलाफ़ पूरी ताक़त से लड़ाई लड़ी जाएगी: कांग्रेस

'कांग्रेस इसका करारा जवाब लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से देगी'

Photo: IndianNationalCongress FB Page

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। उत्तराखंड के हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली वाली जगह पर 'शुद्धीकरण समारोह' को लेकर राहुल गांधी के हालिया बयानों पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने सोमवार को भाजपा पर तीखा हमला बोला और कहा कि जातिवादी सोच के खिलाफ लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।

एफआईआर के बाद, विपक्षी पार्टी ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से इसका मुंहतोड़ जवाब देगी।

एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए, उत्तराखंड के लिए कांग्रेस की प्रभारी महासचिव कुमारी शैलजा ने कहा, 'कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद 'शुद्धीकरण' की रस्म निभाने वालों के खिलाफ तो कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन उस जातिवादी हरकत के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। क्या यही भाजपा सरकार का न्याय है?'

कुमारी शैलजा ने कहा, 'पहले ‘शुद्धीकरण’ किया गया। फिर उत्तराखंड भाजपा अध्यक्ष ने खुलेआम उसका बचाव किया। और अब राहुल गांधी ने दोषियों पर कानून के तहत कार्रवाई की मांग की तो उत्तराखंड की भाजपा सरकार में उलटे उन्हीं पर मुकदमा दर्ज हो गया।'

उन्होंने कहा, 'यह संयोग नहीं, भाजपा आरएसएस की दलित विरोधी और संविधान विरोधी सोच का बेहद गंभीर उदाहरण है। राहुल गांधी ने वही सवाल उठाया जिसे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे स्वयं संसद में उठा चुके हैं कि ‘शुद्धीकरण’ के इस कृत्य ने उन्हें छुआछूत का एहसास कराया और उनका अपमान किया।'

कुमारी शैलजा ने कहा, 'भाजपा सरकार का तरीका देखिए। ‘शुद्धीकरण’ करने वालों पर सवाल उठाओ तो एफआईआर, दलित सम्मान की बात करो तो एफआईआर, संविधान के लिए आवाज उठाओ तो एफआईआर। प्रधानमंत्री इस पूरे मामले पर चुप क्यों हैं?'

उन्होंने कहा, 'भाजपा, आरएसएस यह भ्रम निकाल दें कि मुकदमों के डर से राहुल गांधी या कांग्रेस पीछे हट जाएंगे। यह गांधी परिवार है, जिसका देश के लिए त्याग और बलिदान का इतिहास रहा है। एफआईआर और सत्ता का दबाव इस आवाज को न डरा सकता है, न दबा सकता है।'

कुमारी शैलजा ने कहा, 'कांग्रेस इसका करारा जवाब लोकतांत्रिक और कानूनी तरीके से देगी। ‘शुद्धीकरण’ की जातिवादी मानसिकता के खिलाफ और दलित सम्मान एवं संविधान की रक्षा के लिए यह लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।'

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