प्रधानमंत्री को उज़्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान 'ओली दराजली दोस्तलिक' ऑर्डर से सम्मानित किया गया

मोदी ने भारत-उज़्बेकिस्तान संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया

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ताशकंद/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को रविवार को यहां उज़्बेकिस्तान के सर्वोच्च सम्मान 'ओली दराजली दोस्तलिक' ऑर्डर से सम्मानित किया गया। उन्होंने भारत-उज़्बेकिस्तान संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि दोनों देशों की सोच और आकांक्षाओं में गहरी समानता है। यांगी उज्बेकिस्तान और विकसित भारत 2047 दोनों के केंद्र में युवा, नवाचार, समावेशी विकास और आधुनिक प्रौद्योगिकी है। इस साझा विजन पर चलते हुए हम दोनों देशों के लोगों की भलाई के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उज़्बेकिस्तान मध्य एशिया के केंद्र में है और इस क्षेत्र के साथ भारत के जुड़ाव का भी मुख्य केंद्र है। भारत और उज़्बेकिस्तान की आकांक्षाओं और सोच में गहरी समानता है। इस वर्ष हमारीरणनीतिक साझेदारी के 15 साल हो रहे हैं। इस विशेष अवसर पर हमने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा देने का निर्णय लिया है। आज हमने साझेदारी के इस नए स्वरूप में तेज गति और ठोस परिणामों के साथ आगे बढ़ने का महत्वाकांक्षी एजेंडा तैयार किया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा व्यापार 1 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार कर चुका है और अब हमारा लक्ष्य सन् 2030 तक इसे 5 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। इसे हासिल करने के लिए हम मार्केट तक पहुंच, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और पेमेंट जैसे क्षेत्रों में व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ेंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में, हम दोनों देशों के लिए फायदेमंद मौके बनाने के लिए मिलकर काम करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पारंपरिक चिकित्सा पर हुए समझौतों से हमारे साझा प्रयासों को बल मिलेगा। हमारा प्रयास है कि हमारी साझेदारी केवल दो राजधानियों तक सीमित न रहे, इसलिए हम अपने शहरों और राज्यों के बीच साझेदारी स्थापित करने जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले वर्षों में, हम अपने दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच सीधे जुड़ाव और संयुक्त उत्पादन को बढ़ावा देंगे। हमारा मानना ​​है कि आतंकवाद, उग्रवाद और अलगाववाद इस क्षेत्र के लिए बड़ी चुनौतियां हैं। हम इन तीनों के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस का संकल्प साझा करते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच करीबी रक्षा और सुरक्षा सहयोग हमारे गहरे आपसी विश्वास को दर्शाता है। आने वाले समय में हम दोनों देशों की रक्षा उद्योग के बीच सीधा संबंध, सह-उत्पादन और सह-विकास को बढ़ावा देंगे। मुझे खुशी है कि उज़्बेकिस्तान में हम हिंदी को बढ़ावा देने के लिए स्कॉलरशिप की घोषणा करने जा रहे हैं। खेल भी हमारे सहयोग के महत्त्वपूर्ण आयाम के रूप में उभर रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दो दिन बाद उज्बेकिस्तान अपनी स्वतंत्रता की 35वीं वर्षगांठ मनाएगा। मैं 140 करोड़ भारतवासियों की ओर से आपको और सभी नागरिकों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं।

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