लखनऊ/दक्षिण भारत। सीबीआई अदालत ने एक भ्रष्ट बैंक प्रबंधक को चार साल की सजा सुनाई है। उस पर 90,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जानकारी के अनुसार, अदालत ने रिश्वतखोरी के एक मामले में आरोपी अजय कुमार गौर, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाहूपुरी शाखा का प्रबंधक था, को दोषी ठहराया है। उस पर जुर्माना लगाने के साथ चार साल के कारावास की सजा सुनाई है।
सीबीआई ने बताया कि 26 फरवरी, 2018 को एक शिकायत के आधार पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन शाखा प्रबंधक अजय कुमार गौर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि शाखा प्रबंधक ने शिकायतकर्ता से उसके 10 लाख रुपए के व्यक्तिगत ऋण को स्वीकृत और वितरित करने के लिए 50,000 रुपए (ऋण का 5 प्रतिशत) की रिश्वत की मांग की थी।
इसके बाद सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी अजय कुमार गौर को शिकायतकर्ता से 40,000 रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। इस मामले की गहनता से जांच की गई और सभी सबूत जुटाए गए।
सीबीआई ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद, उसने 27 अप्रैल, 2018 को आरोपपत्र दायर किया था। आरोपी अजय कुमार गौर के खिलाफ 9 जनवरी, 2019 को आरोप तय किए गए थे। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद उसे दोषी ठहराया और सजा सुनाई।