बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि हमारे युवाओं की आकांक्षाएं ही कल के कर्नाटक को आकार देंगी।
उन्होंने कहा कि हर युवा का एक सपना होता है। सरकार के तौर पर हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम यह सुनिश्चित करें कि उनकी शिक्षा उन्हें वे ज्ञान, कौशल और अवसर दे, जिनसे वे अपने सपनों को हकीकत में बदल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि अच्छा शासन सुनने से शुरू होता है। हमारे छात्रों की चिंताएं — चाहे वे परीक्षा और शिक्षा की लागत से जुड़ी हों, या संस्थानों की गुणवत्ता, कौशल और रोज़गार, मानसिक स्वास्थ्य और समान अवसर से संबंधित हों — इन सभी पर हमारा ध्यान जाना चाहिए और, इससे भी ज़रूरी बात यह है कि इन पर कार्रवाई भी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इसे आगे बढ़ाने के लिए, कर्नाटक सरकार ने छात्रों से जुड़े मुद्दों और शिक्षा सुधारों पर एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया है। इस समिति की अध्यक्षता मंत्री यूटी खादर करेंगे और बसवराज रायरेड्डी, प्रियंक खरगे, शरण प्रकाश पाटिल और मधु बंगारप्पा इसके सदस्य होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति छात्रों से बातचीत करेगी, उनके अनुभवों और उम्मीदों को सुनेगी और ऐसे सुधारों की सिफारिश करेगी जो हमारे युवाओं के सामने आने वाली चुनौतियों का समाधान कर सकें।
उन्होंने कहा कि हमारे युवाओं में महत्वाकांक्षा है। हमारी ज़िम्मेदारी है कि उस महत्वाकांक्षा को अवसरों से जोड़ें। हम मिलकर एक ऐसा शिक्षा तंत्र बनाएंगे जो कर्नाटक के युवाओं को न सिर्फ़ आने वाले कल के लिए तैयार करेगा, बल्कि उन्हें उसका नेतृत्व करने के काबिल भी बनाएगा।