नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नेपाल में आई बाढ़ के बाद इस पड़ोसी देश के अपने समकक्ष बालेंद्र शाह से बात की। उन्होंने बाढ़ के कारण हुए जान-माल के नुकसान पर शोक जताया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के लोग इस मुश्किल समय में नेपाल में अपने भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं। भारत, नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों में मिलकर काम कर रही हैं।
भारत भेज रहा मदद
अधिकारियों ने बताया कि बुधवार सुबह पड़ोसी देश के उत्तरी ज़िलों में अचानक आई ज़बरदस्त बाढ़ के बाद भारत अपनी वायुसेना के विमानों से राहत सामग्री भेज रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार की मानवीय सहायता और आपदा राहत पहल के तहत पड़ोसी देश को दवाइयों और राशन समेत आपातकालीन सहायता की एक खेप भेजी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकार नेपाल के प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की बचाव टीमों को भेजने की भी योजना बना रही है।
एसएसबी ने इकाइयों को अलर्ट किया
अधिकारियों ने बताया कि नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने 1,751 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात अपनी सभी इकाइयों को अलर्ट कर दिया है।
उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में राहत और बचाव कार्य शुरू करने के लिए बल की 18 टीमों को तैनात किया गया है, जिनमें सात टीमें स्टैंडबाय पर हैं।
अधिकारियों ने बताया कि एसएसबी का यह अलर्ट कोसी और नारायणी नदी बेसिन में पानी का बहाव बढ़ने के अनुमान और नेपाल की छोटी नदियों में अचानक बाढ़ आने की आशंका के बीच जारी किया गया है।