मुंबई/दक्षिण भारत। महाराष्ट्र के अमरावती शहर में सोमवार तड़के एक सरकारी अस्पताल के नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में आग लगने से तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अमरावती पुलिस आयुक्त राकेश ओला ने बताया कि ज़िला महिला अस्पताल में हुई घटना के बाद 36 अन्य नवजात शिशुओं को बचाया गया। उन्होंने बताया कि अस्पताल के एनआईसीयू में, जहां समय से पहले जन्मे और गंभीर रूप से बीमार बच्चों को रखा जाता है, एक वेंटिलेटर में तड़के करीब 3:15 बजे आग लग गई।
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रकांत बावनकुले, जो अमरावती के प्रभारी मंत्री भी हैं, ने कहा कि उन्होंने इस घटना की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं और भरोसा दिलाया कि घायलों को हर ज़रूरी मेडिकल मदद मिल रही है।
ओला ने बताया कि एनआईसीयू का एक हिस्सा जन्म के समय अस्पताल में ही मौजूद रहे बच्चों और बाहर जन्मे बच्चों के लिए और एक हिस्सा उन बच्चों की 'स्टेप-डाउन केयर' (डिस्चार्ज से पहले की देखभाल) के लिए है जो घर जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इन हिस्सों में कुल 39 नवजात शिशुओं को भर्ती किया गया था।
अधिकारी ने बताया कि आउटबॉर्न बच्चों के कंपार्टमेंट में रखे एक वेंटिलेटर में आग लग गई। वहां मौजूद तीन नवजात शिशुओं की मौत हो गई, जबकि छह अन्य बच्चों को बचा लिया गया।
एक और अधिकारी ने बताया कि छह नवजातों को एक सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।