नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस मुख्यालय में सोमवार को पार्टी नेता उदय भानू चिब और डॉ. चयनिका उनियाल ने प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर हमला बोला। उदय भानू चिब ने कहा कि आज देश में 'पेपर लीक' नक्सल को खत्म करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यूजीसी नेट हो जाने के दो महीने बाद एनटीए को अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने बताया कि तीन पेपर फिर से कराने पड़ेंगे। एनटीए को यह बताने में दो महीने लग गए। ऐसे में और भी न जाने कितनी गलतियां होंगी, जिनकी वजह से बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि शायद भाजपा सरकार इन गलतियों को किस्तों में सामने लाना चाहती है, ताकि जेन-ज़ी का गुस्सा मोदी, अमित शाह पर न फूटे। जब जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हो रहा था, तभी राहुल गांधी ने कहा था कि 'धर्मेंद्र प्रधान का हटना पहला कदम है, आखिरी नहीं', और आज वही हो रहा है। जब तक पूरे सिस्टम में जवाबदेही नहीं होगी, तब तक ऐसी चीजें होती रहेंगी।
उन्होंने कहा कि जब देश के युवा, नरेंद्र मोदी और अमित शाह से जवाबदेही मांग रहे थे, तो वे 20 दिनों तक सदन में ही नहीं आए। ऐसे में उनसे जवाबदेही की कोई उम्मीद नहीं की जा सकती। देश के एजुकेशन सिस्टम को दुरुस्त करना, इनके बस का नहीं है।
उन्होंने कहा कि जब अपने दोस्त अडाणी को देश की जमीनें देनी होती हैं, तब नरेंद्र मोदी से गलतियां नहीं होती, लेकिन छात्रों की बात आते ही मोदी सरकार का परफॉर्मेंस जीरो हो जाता है। हमारी मांग है कि छात्रों को सिर्फ एक रुपए में सभी परीक्षाओं के फॉर्म भरने की सुविधा दी जाए।